Wednesday, March 11, 2026
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मुख्यमंत्री साय ने हेलमेट पहनकर चलाई स्कूटी

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रायपुर। CG NEWS : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जन जागरूकता से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। यातायात नियमों के प्रति सजगता ही हमें जनहानि से बचा सकती है।

मुख्यमंत्री साय ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए स्वयं हेलमेट पहनकर बाइक चालकों के दल के साथ स्कूटी चलाई।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने राजधानी रायपुर के पंडरी में आधुनिक लाइसेंस सेंटर कार्यालय भवन पंडरी का भूमिपूजन और प्रदेश भर में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 12 नवीन मार्गों में 12 नवीन बसों का शुभारंभ किया।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है। उन्होंने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए यातायात नियमों के पालन की अपील आम नागरिकों से की जिससे वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। आज इस कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे राहगीरों, पुलिस मितान, चिकित्सकों, यातायात पुलिस कर्मियों सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया गया है। ये सभी लोग इस कार्य में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में किसी माता की कोख सूनी हो जाती है, कई भाई अपनी बहन से हमेशा के लिए बिछड़ जाते हैं और कई बच्चे अनाथ हो जाते हैं।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए रायपुर पुलिस ने अभिनव पहल करते हुए 4500 पुलिस मितान बनाए हैं। ये पुलिस मितान गांवों में सड़क सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगें। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम ज्यादा होता है। ऐसे में पुलिस मितान की बड़ी भूमिका होगी। हमने इन पुलिस मितान साथियों को हेलमेट और फर्स्ट ऐड किट भी वितरित किया है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलमेट पहनना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अक्सर सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी ही ज्यादा होती है। इसकी वजह से लोगों की जान जाती है। अतः हमें दुपहिया वाहनों में अनिवार्यतः हेलमेट पहनना चाहिए और चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट अवश्य लगाना चाहिए। वाहन चालक हमेशा ध्यान रखें कि वे वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात ना करें और ट्रैफिक सिग्नल ना तोड़े।

कार्यक्रम में परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि आज का कार्यक्रम मात्र एक औपचारिकता ना रहे बल्कि सड़क सुरक्षा का जनांदोलन बने। सड़क दुर्घटना में तत्काल सहायता करने वाले राहगीरों को 25 हजार की राशि का प्रावधान किया गया है। सड़क दुर्घटना प्रभावितों के इलाज के लिए डेढ़ लाख के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ये महीना कई माताओं की गोद सूनी होने से बचाने का महीना है। हेलमेट पहनना अब अनिवार्य किया जाना चाहिए। एक्सीडेंट से कई परिवार उजड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ बहुत तेजी से विकसित हो रहा है। सड़क दुर्घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है। हेलमेट को अनिवार्य करने से वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात करना भी बंद होगा और लोगों की जान बचेगी।

कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा मितान साथियों को 25 हजार व 5 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई और सड़क सुरक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले चिकित्सा अधिकारियों, यातायात सिपाहियों, वाहनचालकों, भारत स्काउट गाइड के सदस्यों, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, एनएचएआई के अधिकारी तथा एनएसएस व एनसीसी कैडेट्स को भी सम्मानित किया गया ।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित की गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में सड़क सुरक्षा पर स्कूल व कॉलेज के बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग और साइंस मॉडल की सराहना की।

इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी और पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल, परिवहन सचिव एस प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी रविशंकर सहित बड़ी संख्या में स्काउट गाइड व एनसीसी कैडेट्स और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

छत्तीसगढ़ में एड्स के बदलते ट्रेंड ने

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बिलासपुर। AIDS Cases in CG : छत्तीसगढ़ में एड्स को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। हर साल बढ़ते आंकड़े अब खतरे की घंटी बन चुके हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि एड्स का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है और इसके नए कारण सामने आ रहे हैं। अकेले बिलासपुर जिले में 9 हजार से ज्यादा एड्स पीड़ितों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। आंकड़े साफ बता रहे हैं कि यह बीमारी अब सिर्फ एक वर्ग तक सीमित नहीं रही। एड्स के बढ़ते खतरे और बदलते ट्रेंड पर देखिए हमारी ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।

जैसे-जैसे शहर का दायरा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे एड्स का खतरा भी तेजी से फैलता जा रहा है। बिलासपुर संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सिम्स के एआरटी सेंटर के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। वर्ष 2010 से 2025 तक यहां कुल 9 हजार 423 एड्स पीड़ित रजिस्टर्ड किए जा चुके हैं। इनमें 5 हजार 492 पुरुष, 3 हजार 295 महिलाएं, 74 ट्रांसजेंडर, 302 पुरुष बच्चे और 260 बालिकाएं शामिल हैं।इनमें से 4 हजार 472 मरीज फिलहाल एक्टिव हैं, जो एआरटी सेंटर की निगरानी में नियमित इलाज और दवाइयां ले रहे हैं। कई मरीज इलाज के लिए दूसरे जिलों में ट्रांसफर हो चुके हैं, जबकि कुछ फॉलोअप से बाहर हैं, जिनकी स्थिति को लेकर आशंका बनी हुई है। ये आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि एड्स का खतरा लगातार बढ़ रहा है।अब तक आम धारणा यही थी कि एड्स सिर्फ महिला और पुरुष के असुरक्षित यौन संबंधों से फैलता है, लेकिन बदलते ट्रेंड ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है।

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MSM यानी मैन सेक्स विद मैन अब एड्स फैलने का एक बड़ा कारण बनकर सामने आ रहा है। इसके साथ ही इंजेक्शन से नशा करने वाले लोग भी तेजी से एचआईवी की चपेट में आ रहे हैं।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 12 साल से लेकर 65 साल तक के लोग, जिनमें मजदूर, ड्राइवर, दुकानदार से लेकर व्हाइट कॉलर प्रोफेशनल्स तक शामिल हैं, MSM के कारण संक्रमित हो रहे हैं। यह ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है।एड्स नियंत्रण और जागरूकता के लिए सामाजिक संस्थाएं भी लगातार काम कर रही हैं। उनके आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। बिलासपुर में 4 हजार 462 फीमेल सेक्स वर्कर्स रजिस्टर्ड हैं, जिनमें 1 हजार 585 एक्टिव और 104 एचआईवीपॉजिटिव हैं। इनमें ज्यादातर की उम्र 25 से 35 साल के बीच है। MSM में भी 1300 से ज्यादा लोग चिन्हांकित हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

नशीले इंजेक्शन के कारण फैलता संक्रमण भी एक बड़ी वजह बन रहा है। आर्थिक मजबूरी के चलते एक ही इंजेक्शन को कई लोग इस्तेमाल करते हैं, जिससे संक्रमण तेजी से फैलता है।तमाम प्रयासों के बावजूद एड्स को लेकर स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। बढ़ते आंकड़े और बदलता ट्रेंड छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ा अलार्म है। अब जरूरत है सतर्कता जागरूकता और सुरक्षित व्यवहार की, ताकि इस खतरनाक बीमारी की रफ्तार को रोका जा सके।

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HIV News CG : नशेड़ियों में बढ़ा एड्स का खतरा, पुरुषों का पुरुषों से संबंध भी बन रही बड़ी वजह

 

 

 

फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को

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रायपुर। CG Film City : छत्तीसगढ़ का बरसों पुराना सपना आज साकार हो गया है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा, बल्कि यह परियोजना राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा, निवेश के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं, कलाकारों और पर्यटन क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के ग्राम माना-तूता में चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की आधारशिला रखी। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों, फिल्म कलाकारों, निर्माता-निर्देशकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के अभिनय और कला जगत से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी के माध्यम से प्रदेश के हजारों हुनरमंद कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। स्थानीय फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी तकनीकी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश की कला और कलाकारों को उचित सम्मान मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने भूमिपूजन के साथ ही फिल्म निर्माण और कन्वेंशन सेंटर से संबंधित विभाग को चार प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में फिल्म निर्माण गतिविधियों को नई गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को बड़े पर्दे पर स्थान मिलेगा।

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संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज का यह अवसर छत्तीसगढ़ पर्यटन एवं फिल्म विकास उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह केवल एक निर्माण परियोजना की शुरुआत नहीं है, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक, आर्थिक और रचनात्मक भविष्य की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से परिपूर्ण राज्य है और इस पहल से पर्यटन के साथ-साथ फिल्म उद्योग को भी नया आयाम मिलेगा। पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ फिल्म निर्माताओं के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। हमारी स्पष्ट योजना है कि आगामी दो वर्षों के भीतर इन परियोजनाओं को पूर्ण कर राज्य को समर्पित किया जाएगा।

इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल तथा पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने फिल्म सिटी के प्रस्तावित मास्टर प्लान का किया अवलोकन

चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परियोजना के प्रस्तावित मास्टर प्लान का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं तथा परियोजना पर आधारित एक लघु फिल्म भी देखी।

चित्रोत्पला फिल्म सिटी के भूमिपूजन अवसर पर पर्यटन विभाग को मिले 4 प्रस्ताव

चित्रोत्पला फिल्म सिटी के भूमिपूजन के साथ ही पर्यटन विभाग को फिल्म निर्माण एवं कन्वेंशन सेंटर में इकाइयों की स्थापना हेतु चार प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। समारोह के दौरान ये प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपे गए।

गदर फिल्म के निर्माता अनिल शर्मा ने अपनी आगामी फिल्म का निर्माण चित्रोत्पला फिल्म सिटी में करने का प्रस्ताव दिया। इंडिया एक्सपोजीशन मार्ट लिमिटेड के चेयरमेन राकेश कुमार ने ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में इंटरनेशनल एक्जीबिशन सेंटर एवं ट्रेड मार्ट के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के चेयरमेन नीरज खन्ना ने यहां वर्ल्ड क्लास हैंडीक्राफ्ट्स एंड गिफ्ट फेयर आयोजित करने का प्रस्ताव दिया। वहीं एटी फिल्म्स हॉलीवुड से आशुतोष वाजपेयी ने हॉलीवुड फिल्मों एवं स्ट्रीमिंग वीडियो कंटेंट को चित्रोत्पला फिल्म सिटी में लाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपा।

उल्लेखनीय है कि राज्य में फिल्म टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की “कैपिटल इन्वेस्टमेंट हेतु राज्यों को विशेष सहायता – ग्लोबल स्तर के आइकॉनिक पर्यटन केंद्रों का विकास” योजना के अंतर्गत इन दोनों परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के तहत चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण हेतु 95.79 करोड़ रुपये तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण हेतु 52.03 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन दोनों परियोजनाओं का क्रियान्वयन पीपीपी (पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के अंतर्गत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र से लगभग 300 करोड़ रुपये के निवेश की भी संभावना है। परियोजनाओं को दो वर्षों की समयावधि में पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जाएंगे। फिल्म सिटी के निर्माण से छत्तीसगढ़ में स्थानीय एवं अन्य वाणिज्यिक फिल्मों और वेब सीरीज़ के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य के प्राकृतिक दृश्य, पर्यटन स्थल एवं समृद्ध संस्कृति फिल्म शूटिंग के लिए अत्यंत अनुकूल हैं।

फिल्म सिटी में गांव, शहर एवं गलियों के सेट, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, जेल एवं पुलिस चौकी, स्कूल-कॉलेज, मंदिर एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों के सेट, स्कल्प्चर गार्डन, शॉपिंग स्ट्रीट, प्रोडक्शन ऑफिस, स्टूडियो, प्रशासनिक भवन एवं पार्किंग विकसित की जाएगी। साथ ही पर्यटकों के लिए टॉय म्यूजियम, स्नो वर्ल्ड, होटल, रेस्टोरेंट, मल्टीप्लेक्स एवं एक्सपीरियंस सेंटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में लगभग 1500 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक कन्वेंशन हॉल विकसित किया जाएगा, जिसमें मीटिंग, कॉन्फ्रेंस, बैंक्वेट, रेस्टोरेंट, अतिथि कक्ष, जिम, लाइब्रेरी, स्वीमिंग पूल एवं प्रशासनिक ब्लॉक जैसी सुविधाएं होंगी।

फिल्म शूटिंग, फेस्टिवल और रोजगार के नए अवसर

उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ में न्यूटन, जहानाबाद, कौन प्रवीण तांबे, द ग्रेट इंडियन मर्डर, ग्राम चिकित्सालय जैसी फिल्मों एवं वेब सीरीज़ की शूटिंग हो चुकी है, जिससे राज्य में वाणिज्यिक फिल्म निर्माण की व्यापक संभावनाएं स्पष्ट होती हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय कलाकारों एवं तकनीशियनों को नए अवसर प्राप्त होंगे। फिल्म फेस्टिवल, अवॉर्ड शो एवं अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों के आयोजन की संभावनाएं भी सुदृढ़ होंगी। इसके साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार होगा तथा फिल्म टूरिज्म के साथ सामान्य पर्यटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

 

कैसी है फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ? देखने जाने का

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Movie Review बॉर्डर 2

कलाकार – सनी देओल , वरुण धवन , दिलजीत दोसांझ , अहान शेट्टी , मोना सिंह , मेधा राणा , सोनम बाजवा और अन्या सिंह

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लेखक – अनुराग सिंह, निखिल नटराजन

निर्देशक – अनुराग सिंह

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निर्माता – भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जे.पी. दत्ता और निधि दत्ता (टी-सीरीज फिल्म्स और जे.पी. फिल्म्स के बैनर तले)

रिलीज: 23 जनवरी 2026

रेटिंग – 3/5

‘बॉर्डर 2’ एक बड़ी और इमोशंस से भरी वॉर फिल्म है, जिसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी जैसे एक्टर्स नजर आते हैं। यह 1971 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित है और पहली बॉर्डर की तरह इस फिल्म से भी लोगों को बहुत उम्मीदें थीं।

फिल्म बड़े पर्दे पर भव्य दिखाई देती है और इसकी कहानी ऑडियंस को धीरे-धीरे अपने साथ जोड़ लेती है। फिल्म के क्रेडिट्स में सनी देओल के नाम के साथ लिखकर आता है- ‘धर्मेंद्र जी का बेटा’। यह लाइन पढ़ते ही आप भावुक हो जाते हैं। नवंबर 2025 में पिता के गुजरने के बाद यह सनी देओल की पहली फिल्म है।

कहानी
फिल्म की कहानी 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौर की है, जहां लड़ाई तीन मोर्चों जमीन, आसमान और समंदर पर एक साथ चल रही है। होशियार सिंह (वरुण धवन) आर्मी में है, निर्मलजीत सिंह (दिलजीत दोसांझ) एयरफोर्स का पायलट है और महेंद्र रावत (अहान शेट्टी) ने नौसेना की कमान संभालता है।
ये तीनों दोस्त हैं और एक ही अकादमी से ट्रेनिंग ले चुके हैं। इनके मेंटर फतेह सिंह (सनी देओल) इस समय बॉर्डर पर अपनी बटालियन का नेतृत्व कर रहे हैं।
फिल्म की शुरुआत सैनिकों और उनके परिवारों की शांत जिंदगी से होती है..लेकिन सीमा पर बढ़ते तनाव के साथ माहौल धीरे-धीरे गंभीर हो जाता है। अचानक हमलों के बाद जवानों की असली परीक्षा शुरू होती है।

जब दुश्मन भारत पर तीन दिशाओं से हमला करता है, तो हालात काफी मुश्किल हो जाते हैं और ऐसे समय में ये चारों अपने-अपने मोर्चों पर डटकर देश की रक्षा में जुट जाते हैं। कहानी इमोशंस से भरी है और ऑडियंस आखिर तक यही जानना चाहती है कि क्या ये सभी मिलकर देश को बचा पाएंगे?

अभिनय

फिल्म की सबसे मजबूत बात इसका अभिनय है। सनी देओल जैसे ही स्क्रीन पर आते हैं, उनका गुस्सा, बोलने का अंदाज और एक्शन सब प्रभावी लगता है। उनकी उम्र ज्यादा होने के बावजूद भी उनका प्रदर्शन बेहद मजबूत दिखता है और ऑडियंस उससे तुरंत कनेक्ट कर लेती है।
फिल्म का ट्रेलर आते ही वरुण धवन को उनके एक्सप्रेशन्स को लेकर काफी ट्रोल किया गया था.. लेकिन फिल्म में उन्होंने खुद को पूरी तरह साबित कर दिया। उनका अभिनय काफी अच्छा है और इमोशन्स इस बार बहुत साफ, सच्चे और मासूम लगते हैं।

दिलजीत दोसांझ जब फाइटर जेट उड़ाते दिखते हैं, तो स्क्रीन पर अलग ही मजा आता है। उनके सीन्स बहुत ही स्टाइलिश बने हैं। अहान शेट्टी भी अच्छा असर छोड़ते हैं, खासकर वो सीन जहां वो अपने पापा सुनील शेट्टी वाले आइकॉनिक अंदाज की झलक दिखाते हैं।
फीमेल कलाकार जैसे मोना सिंह, मेधा राणा, सोनम बाजवा और अन्या सिंह…कम दिखाई देती हैं लेकिन हर सीन में असर छोड़ती हैं। बाकी सपोर्टिंग कास्ट ने भी ईमानदारी से अपना काम किया है।

निर्देशन

निर्देशन उतना मजबूत नहीं लगता जितनी उम्मीद थी। फिल्म बड़े स्केल पर बनी है उसके बाद भी देशभक्ति व स्टार पावर पर ज्यादा निर्भर दिखती है। कहानी को पेश करने में वह बारीकी और पकड़ नहीं दिखती, जो एक बेहतरीन वॉर फिल्म में होनी चाहिए।

कई सीन अच्छे बने हैं, लेकिन पूरी फिल्म में निर्देशन की क्वालिटी एक जैसी नहीं रहती। निर्देशन से ज्यादा यह फिल्म इमोशंस और स्टार पावर के दम पर चलेगी।

म्यूजिक

फिल्म का म्यूजिक कहानी के साथ काफी अच्छा चलता है। ‘घर कब आओगे’ दिल को छू जाता है और ‘मिट्टी के बेटे’ सुनकर आंखें भर आती हैं। ‘जाते हुए लम्हों’ कम देर के लिए है लेकिन फिल्म पर उसका असर साफ दिखता है। बैकग्राउंड म्यूजिक, खासकर ‘हिंदुस्तान मेरी जान…’ आते ही पूरा माहौल जोश से भर देता है।

निगेटिव प्वाइंट

तकनीकी रूप ये यह फिल्म उतनी असरदार नहीं लगी। ट्रेलर के वक्त वीएफएक्स को लेकर जो शिकायतें थीं, उनमें से कुछ फिल्म में भी महसूस होती हैं। कहीं-कहीं विजुअल्स उतने शार्प नहीं लगते। टेक्निकल लेवल पर फिल्म बहुत नया या कुछ इनोवेटिव नहीं करती।

देखें या नहीं
अगर आप ऐसी फिल्म ढूंढ रहे हैं, जिसमें कहानी बहुत बारीकी से बनी हो, स्क्रीनप्ले एकदम स्मूद हो और हर सीन तकनीकी तौर पर मजबूत लगे, तो ‘बॉर्डर 2’ आपको पूरी तरह खुश नहीं करेगी। लेकिन अगर आप इमोशन, स्टार्स के मजबूत पल और बड़े पैमाने पर बने युद्ध वाले सीन देखने के लिए जाते हैं, तो यह फिल्म आपको अच्छी लगेगी। नीयत साफ है, बस हर जगह उसका एक्जीक्यूशन उतना शानदार नहीं है।

 

 

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विधायक ब्यास कश्यप के प्रयास से सामुदायिक भवन निर्माण

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर विधायक ब्यास कश्यप का सतत प्रयास एक बार फिर रंग लाया है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण मद अंतर्गत ग्राम पंचायत अमोरा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रू. ग्राम पंचायत सेमरा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रू. ग्राम पंचायत कुथुर में छतदार चबूतरा निर्माण के लिए 10 लाख रू. राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस स्वीकृति से संबंधित ग्रामों के नागरिकों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए स्थायी सुविधा उपलब्ध होगी। सामुदायिक भवन के निर्माण से लोगों को बैठक, प्रशिक्षण, सामाजिक कार्यक्रम, विवाह एवं अन्य आयोजनों के लिए उपयुक्त स्थान मिलेगा।

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विधायक ब्यास कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि ’’ सामुदायिक भवन केवल एक संरचना नही, बल्कि सामाजिक एकता और विकास का केन्द्र होता है। समाज के सर्वांगीण विकास के लिए बुनियादी सुविधाओं का सशक्त होना आवश्यक है। क्षेत्र की जन-आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह स्वीकृति दिलाई गई है।’’
स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने सामुदायिक भवन निर्माण की स्वीकृति पर विधायक ब्यास कश्यप के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात बताया है।

उल्लेखनीय है कि विधायक ब्यास कश्यप द्वारा विधानसभा क्षेत्र में निरंतर विकास कार्यो की स्वीकृति दिलाने के साथ-साथ सामाजिक अधोसंरचना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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रातों-रात गायब हुआ 40 साला पुराना 80 फीट

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कोरबा। CG NEWS : जिले में 40 साल पुराना लोहे का पुल काटकर चुराने वाले 5 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है लेकिन कबाड़ी सहित 10 आरोपियों की अभी भी तलाश की जा रही है। बता दें कि 15 आरोपियों ने मिलकर ढोढ़ीपारा इलाके में बने पुल में लगी लोहे की 15 टन रेलिंग की चोरी की थी। मामला रामपुर सिविल लाइन थाने के सीएसईबी चौकी का है।

17 जनवरी की रात आरोपी अपने साथ गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और एलपीजी सिलेंडर लेकर आए थे। अगले दिन सुबह जब आधा पुल गायब मिला तो चोरी का खुलासा हुआ। उन्होंने पूरी रात मशक्कत कर पुल के 80 फीट लंबी रेलिंग के एक-एक हिस्से को काटा। फिर लोहे को काट-काटकर टुकड़े किए और गाड़ी में भरकर अपने साथ ले गए थे। बता दें कि इस पुल से नगर निगम के वार्ड नंबर 17 के लोग शहर तक आते-जाते थे, पुल चोरी होने के बाद से आवाजाही बंद है।

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40 साल से नहीं था कोई नुकसान

वार्ड नंबर 17 ढोढ़ीपारा के पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने बताया कि नहर किनारे लोगों की आवाजाही के लिए लगाई गई 70 से 80 फीट लंबी लोहे की रेलिंग रातों-रात गायब हो गई। चोरों ने गैस कटर का इस्तेमाल कर इसे काटा, जिसके कुछ हिस्से नहर में भी गिरे मिले। यह चोरी तब सामने आई जब सुबह लोग वहां से गुजरे।

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जानकारी के मुताबिक, पुल 40 साल पुराना था। इसमें लगी मोटे मोट लोहे की प्लेट इतनी मजबूत थी कि 40 साल से इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा था।

लोहे के स्ट्रक्चर को भी पार

पार्षद श्रीवास ने यह भी बताया कि चोरों ने केवल इस पुल की ही चोरी नहीं की, बल्कि इसी क्षेत्र में ढेंगुरनाला के ऊपर नगर पालिका निगम की जल आवर्धन योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन को सहारा देने के लिए बनाए गए लोहे के स्ट्रक्चर को भी पार कर दिए।

इसमें लगे लोहे के एंगल को लगभग 15 फीट तक काट कर ले गए। इससे पाइपलाइन की सुरक्षा भी चरमरा गई है। जल्द ही पाइपलाइन को सपोर्ट नहीं किया जाता है तो पाइपलाइन भी गिर सकती है। पाइपलाइन गिरती तो पानी की समस्या हो जाती।

पार्षद ने आशंका जताई कि यदि रेलिंग के निचले हिस्से और सपोर्टिंग एंगल्स को भी काट दिया जाता है, तो पाइपलाइन का एक बड़ा हिस्सा गिर सकता है, जिससे कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

5 आरोपी गिरफ्तार

शिकायत पर चौकी सीएसईबी में अपराध क्रमांक 53/2026, धारा 303(2), 112(2), 317(2)(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस टीम ने साइबर सेल कोरबा और चौकी सीएसईबी पुलिस को पतासाजी में लगाया। तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर सूचना और लगातार जांच के आधार पर कुल 15 आरोपियों की पहचान की गई।

इनमें असलम खान, मुकेश साहू उर्फ बरबटी, शिवा, सोनू मेमन, सुमित साहू, आदित्य यादव उर्फ आदि और केशवपुरी गोस्वामी उर्फ पिक्चर जैसे नाम शामिल हैं। इनमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपियों ने रशियन हॉस्टल के पास नहर पुल से लोहे की रेलिंग/पुल को गैस कटर से काटकर चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उनके कब्जे से कटी हुई लोहे की रेलिंग बरामद की है।

गिरफ्तारी के बाद, इस मामले में फरार चल रहे 10 अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। बताया जा रहा है कि इस चोरी में शामिल अधिकांश आरोपी कबाड़ व्यवसाय से जुड़े हैं और लंबे समय से इस तरह के काम करते आ रहे हैं।

न्यायिक रिमांड पर आरोपी

गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों को थाना सिविल लाइन रामपुर द्वारा विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। इस कार्रवाई में साइबर सेल कोरबा और चौकी सीएसईबी पुलिस की भूमिका सराहनीय रही।

अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या चोरी से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

 

 

 

 

 

छत्तीसगढ़ के इस जिले में छुट्टी की घोषणा,

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बिलासपुर। CG NEWS : साल 2026 की शुरुआत के साथ ही नई छुट्टियों का कैलेंडर जारी कर दिया गया है। वहीं बिलासपुर जिले के लिए स्थानीय अवकाश का आदेश जारी किया गया है।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार 2 सितंबर 2026 को हरछठ पर्व के अवसर पर बुधवार को अवकाश रहेगा। वहीं 19 अक्टूबर 2026 को दशहरा के महाअष्टमी पर्व पर सोमवार को छुट्टी घोषित की गई है। इसके अलावा 11 नवंबर 2026 को भाई दूज पर्व के दिन बुधवार को जिले में स्थानीय अवकाश रहेगा।

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CG NEWS : इस जिले में छुट्टी का ऐलान, जानिए किन-किन तारीखों को रहेगा अवकाश

 

मां दंतेश्वरी मंदिर में चोरी, राज परिवार

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जगदलपुर। CG BREAKING : बीती रात बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर में एक चोर ने सेंध लगा दी जिसमें चोर ने मंदिर के अंदर माता काली के विग्रह से स्वर्ण हार और माता दंतेश्वरी के विग्रह से रजत हार में जड़ित लॉकेट को चोरी कर लिया है । सारी चोरी के घटना मंदिर के सीसीटीवी में कैद हो गई।

मंदिर के पुजारी उदय पाणिग्राही सुबह जब मंदिर खोलने पहुंचे तो उन्हें दरवाजा टूटा हुआ मिला जिसके बाद पुलिस को चोरी की सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस की टीम माता मंदिर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। बस्तर में पूजा का मुख्य केंद्र और आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर में चोरी की घटना से नगरवासियों में रोष देखने को मिला।

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मंदिर प्रबंधन के अनुसार मंदिर से राजपरिवार द्वारा वर्ष 2024 में अपनी कुलदेवी माता काली को समर्पित किया गया स्वर्ण हार जिसकी वर्तमान अनुमानित कीमत 7 से 8 लाख बताई जा रही है , तथा माता दंतेश्वरी का चांदी के हार जिसमें स्वर्ण लॉकेट लगा हुआ था और देवी देवताओं की 3 पीतल की मूर्तियां चोरी ने चोरी कर ली है।

घटना देर रात लगभग 1 बजे की बताई जा रही है, सीसीटीवी फुटेज में एक नकाबपोश चोर रॉड लेकर मंदिर के अंदर दिखाई दे रहा है जिसमें वह मंदिर के विग्रहों से आभूषण चोरी करता दिखाई दे रहा है।

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मामले तहसीलदार राहुल कुमार गुप्ता ने कहा कि उन्हें चोरी की सूचना मिली थी जिसके बाद वह यहां पहुंचे हैं ,उन्होंने बताया कि मंदिर की सुरक्षा में दो गार्ड तैनात रहते हैं । उन्होंने कहा मिली जानकारी के अनुसार चोर पिछले दरवाजे से अंदर घुसा था।मामले की जांच की जा रही है।

बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने इस विषय में कहा कि माता दंतेश्वरी मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है जिसमें पुलिस घटना की जांच कर रही है । उन्होंने बताया अबतक मिली जानकारी अनुसार के काली माता का सोने का एक हार और दंतेश्वरी माता से चांदी का हार जिसमें सोने का लॉकेट लगा हुआ था चोरी हुआ है। पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने कहा पुलिस मामले की जांच कर रही है ।

जिले के सबसे बड़े और प्रमुख मंदिर में चोरी की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण इस तरह की घटना संभव हो पाई।

उर्वरक क्षेत्र के सशक्तिकरण पर मुंबई में मंथन

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मुंबई, रायपुर। CG NEWS: रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को संसद की रसायन एवं उर्वरक संबंधी स्थायी समिति के अध्ययन दौरे पर मुंबई पहुंचे। यहां उर्वरक क्षेत्र के सशक्तिकरण को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए।

इस अवसर पर उर्वरक विभाग, राष्ट्रीय उर्वरक लिमिटेड (NFL), राष्ट्रीय रसायन एवं उर्वरक लिमिटेड (RCF), रामागुंडम उर्वरक निगम लिमिटेड (RCFL), हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL), इफको (IFFCO) एवं कृभको (KRIBHCO) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया।

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चर्चा के दौरान सार्वजनिक, निजी, सहकारी, संयुक्त उद्यम (JV) तथा सार्वजनिक–निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से नई उर्वरक इकाइयों की स्थापना पर विस्तार से मंथन किया गया। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता, कच्चे माल की उपलब्धता, बेहतर लॉजिस्टिक्स तथा कृषि प्रधान स्वरूप की ओर विशेष ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि राज्य उर्वरक एवं रसायन क्षेत्र में निवेश के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे कृषि बहुल राज्य में उर्वरक इकाइयों की स्थापना से न केवल किसानों को समय पर एवं सुलभ उर्वरक उपलब्ध होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोज़गार सृजन, औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।

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इसके साथ ही पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्रों में हो रही प्रगति पर रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग (DCPC) तथा ओएनजीसी पेट्रो एडिशन्स लिमिटेड (OPaL) के प्रतिनिधियों के साथ भी सार्थक विचार-विमर्श किया गया। इस चर्चा में पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योगों के विस्तार से छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को होने वाले दीर्घकालिक लाभों पर भी चर्चा हुई।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह संवाद देश की उर्वरक आत्मनिर्भरता, किसानों के हित संरक्षण, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिसका सकारात्मक प्रभाव छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश पर पड़ेगा।

47 लाख के इनामी 9 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियारों

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धमतरी। NAXAL NEWS: जिले के लिए इन दिनों नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ। शासन द्वारा प्रतिबंधित माओवादी संगठन उड़ीसा राज्य कमेटी के अंतर्गत धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन की नगरी एरिया कमेटी, सीतानदी एरिया कमेटी, मैनपुर एलजीएस एवं गोबरा एलओएस से जुड़े कुल 09 हार्डकोर नक्सलियों ने अपने धारित हथियारों के साथ धमतरी एसपी कार्यालय में आत्मसमर्पण किया।

आत्मसमर्पण की यह कार्रवाई आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा के निर्देशन एवं एसपी धमतरी सूरज सिंह परिहार के नेतृत्व में संपन्न हुई। आत्मसमर्पित नक्सलियों पर कुल 47 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इस दौरान इंसास, एसएलआर, कार्बाइन, भरमार सहित 5 स्वचालित हथियार, मैगजीन, राउंड एवं अन्य सामग्री भी जमा कराई गई।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य बल एवं केंद्रीय बलों द्वारा चलाए जा रहे लगातार नक्सल विरोधी अभियानों, अंदरूनी इलाकों में सिविक एक्शन कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताओं, पोस्टर-पाम्पलेट और आत्मसमर्पित नक्सलियों के माध्यम से दिए गए संदेशों का यह प्रत्यक्ष परिणाम है।

जंगलों में अमानवीय जीवन, माओवादी विचारधारा की खोखलापन, लगातार बढ़ता दबाव और शासन की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया।

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एसपी सूरज सिंह परिहार ने बताया कि जिले में सक्रिय शेष माओवादी कैडरों से भी शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर समाज की मुख्यधारा में लौटने की निरंतर अपील की जा रही है। आने वाले समय में और भी बड़े आत्मसमर्पण की संभावना है।