Thursday, March 12, 2026
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मुख्यमंत्री साय के स्वस्थ्य, मंगलमय, दीर्घायु जीवन के लिए काली मंदिर में हुआ यज्ञ, हवन, पूजन

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गरीब-आदिवासियों के मसीहा है मुख्यमंत्री श्री साय – सावित्री

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय विष्णु देव साय जी के जन्मदिन (21 फरवरी 2026) के पावन अवसर पर उनके स्वस्थ, मंगलमय एवं दीर्घायु जीवन तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर सामाजिक संस्था उत्कल महिला महामंच की प्रदेश अध्यक्ष सावित्री जगत के नेतृत्व में राजधानी रायपुर स्थित काली मंदिर में हवन-पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम दोपहर 12:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रारंभ हुआ, जिसमें प्रदेश की उन्नति, शांति और समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की गई। इस अवसर पर रायपुर की महापौर मीनल चौबे, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर, पार्षद अमर गिदवानी सहित भारतीय जनता पार्टी से जुड़े अनेक जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर सावित्री जगत ने कहा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी का जीवन आदिवासी समाज के उत्थान, महिला सशक्तिकरण एवं प्रदेश के समग्र विकास के लिए समर्पित रहा है। मुख्यमंत्री साय जी गरीब आदिवासियों के मसीहा है, उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज के इस शुभ अवसर पर हम सबने उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए प्रदेश की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की है।

महापौर मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री जी को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनका नेतृत्व प्रदेश को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री का सरल, सहज एवं जनहितैषी व्यक्तित्व उन्हें जनता के बीच विशेष स्थान दिलाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।

पार्षद अमर गिदवानी ने कहा कि मुख्यमंत्री का नेतृत्व युवाओं, महिलाओं और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम में प्रमुखरूप से उत्कल महिला महामंच की अध्यक्ष सावित्री जगत सहित महापौर मीनल चौबे, भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, पार्षद अमर गिदवानी, भाजपा मण्डल अध्यक्ष सुनील कुकरेजा, पार्षद अंबर अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति बसंत बाग,चंदू बघेल, साजन ठाकुर, भाजपा नेता राजकुमार राठी, किशोर नायक, हेमा सागर, मेनका बघेल, संगीता मुदलियार, रेखा सोनी, सुधा, किरण बघेल, माला सोनी, तनुजा महानंद सहित बड़ी संख्या में धर्म प्रेमी उपस्थित रहे।

चंद्रखुरी में स्थापित होगी 51 फीट की दिव्य

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रायपुर। CG NEWS : भगवान श्रीराम के ननिहाल के रूप में प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर स्थित माता कौशल्या धाम, चंद्रखुरी में शीघ्र ही 51 फीट ऊँची वनवासी स्वरूप की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह विशाल प्रतिमा मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर से विधिवत रूप से रवाना हो चुकी है। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा द्वारा इस प्रतिमा का निर्माण किया गया है। ग्वालियर स्थित सेंड स्टोन आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर में महीनों की कठिन साधना और उत्कृष्ट शिल्प कौशल से तैयार यह प्रतिमा भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है।

वनवासी स्वरूप में प्रभु श्रीराम की दिव्य छवि

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यह प्रतिमा भगवान श्रीराम के वनवासी स्वरूप को दर्शाती है, जिसमें वे धनुष-बाण धारण किए, संयम, त्याग और मर्यादा के प्रतीक रूप में दिखाई देंगे। प्रतिमा को विशेष रूप से मजबूत और टिकाऊ ‘सेंड मिंट स्टोन’ से निर्मित किया गया है, जो अपनी मजबूती और दीर्घायु के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे श्रीराम वनगमन पथ परियोजना के अंतर्गत पूर्व में भी दो भव्य प्रतिमाएं स्थापित कराई जा चुकी हैं। इनमें शिवरीनारायण मंदिर तथा सीता रसोई प्रमुख हैं। इन स्थलों पर स्थापित प्रतिमाओं की कलात्मकता और आकर्षण को देखते हुए ही 51 फीट ऊँची इस प्रतिमा का निर्माण कार्य दीपक विश्वकर्मा को सौंपा गया था।

रामवनगमन पथ को मिलेगा नया आयाम

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चंद्रखुरी को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है, जहाँ माता कौशल्या का मायका स्थित है। यहां पहले से स्थापित श्रीराम प्रतिमा के स्थान पर अब यह नई विराट प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिससे यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी नई ऊँचाइयों को छुएगा।
राज्य सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे श्रीराम वनगमन पथ परियोजना के तहत ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों का संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इस भव्य प्रतिमा की स्थापना से छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से उभरेगा।

आस्था, कला और विकास का संगम

51 फीट ऊँची यह प्रतिमा केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक आस्था और शिल्प परंपरा का प्रतीक है। इसके स्थापित होते ही चंद्रखुरी देशभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बन जाएगा। प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

 

90 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ाया

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बिलासपुर। CG NEWS : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बिलासपुर में बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने मस्तूरी क्षेत्र के एक फूड इंस्पेक्टर को 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी फूड इंस्पेक्टर पर शासकीय उचित मूल्य की दुकान स्व सहायता समूह को आबंटित कराने के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

यह मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम विद्याडीह से जुड़ा है। ग्राम विद्याडीह निवासी महेंद्र पटेल ने तीन फरवरी को एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में महेंद्र पटेल ने बताया कि गांव की शासकीय उचित मूल्य की दुकान वर्तमान में पंचायत के माध्यम से संचालित हो रही है। उक्त दुकान को शैल स्व सहायता समूह विद्याडीह को आबंटित कराने के लिए लगभग तीन महीने पहले एसडीएम कार्यालय मस्तूरी में आवेदन प्रस्तुत किया गया था।

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शिकायत के अनुसार, स्व सहायता समूह के पदाधिकारियों ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए महेंद्र पटेल को संबंधित फूड इंस्पेक्टर श्याम वस्त्रकार से संपर्क करने की सलाह दी। जब महेंद्र पटेल ने फूड इंस्पेक्टर से मुलाकात की, तो आरोप है कि उन्होंने एसडीएम के समक्ष जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने और दुकान आबंटन का आदेश जारी करवाने के बदले एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की।

महेंद्र पटेल रिश्वत देना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने मामले की शिकायत एसीबी से की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की।

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तय रणनीति के तहत 21 फरवरी को शिकायतकर्ता महेंद्र पटेल को आरोपित अधिकारी को रिश्वत की रकम देने भेजा गया। योजना के अनुसार महेंद्र पटेल ने 90 हजार रुपये आरोपी फूड इंस्पेक्टर को सौंपे। जैसे ही आरोपी ने रकम स्वीकार की, एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तिफरा स्थित महावीर सिटी में आरोपी के आवास पर दबिश दी और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की पूरी रकम जब्त कर ली।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार आरोपी फूड इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही उसके आवास की तलाशी भी ली जा रही है, ताकि आय से अधिक संपत्ति या अन्य साक्ष्य मिलने की संभावना की जांच की जा सके।

 

मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के साथ केक काटकर मनाया अपना 62वां जन्मदिन, स्नेह और आत्मीयता से भरा खास पल

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने 62वें जन्मदिवस को जशपुर के बगिया स्थित बालक आश्रम के बच्चों के बीच जिस आत्मीयता और स्नेह के साथ मनाया, उसने इस दिन को बच्चों के जीवन की एक अविस्मरणीय स्मृति बना दिया। जैसे ही मुख्यमंत्री आश्रम परिसर पहुँचे, बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक दौड़ गई। वे दौड़कर उनके पास आए और कुछ ही क्षणों में पूरा वातावरण एक पारिवारिक मिलन जैसा हो गया। उस पल मुख्यमंत्री किसी पद पर आसीन व्यक्ति नहीं, बल्कि बच्चों के अपने स्नेही अभिभावक की तरह उनके बीच दिखाई दे रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों के साथ केक काटा और उनके साथ बैठकर बातें कीं। उन्होंने बच्चों के नाम पूछे, पढ़ाई के बारे में जाना, उनके सपनों को सुना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। जब मुख्यमंत्री बच्चों से बात कर रहे थे, तब उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और अपनत्व बच्चों के मन में गहरा विश्वास जगा रहा था। बच्चे भी पूरी सहजता से उनसे बातें करते हुए खुशी से चहकते रहे।

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आश्रम परिसर में उस समय जो दृश्य था, वह एक परिवार के बीच मनाए जा रहे उत्सव जैसा महसूस हो रहा था। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट खिलाया। उन्होंने बच्चों के सिर पर हाथ फेरते हुए आशीर्वाद दिया और कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, बड़े सपने देखें और जीवन में आगे बढ़कर अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि आप सब बच्चों की मुस्कान मेरे जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार है। उनके इन स्नेहपूर्ण शब्दों ने बच्चों के मन को छू लिया। बच्चों की आँखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि यह पल उनके लिए कितना खास बन गया है। मुख्यमंत्री के रूप में स्नेही अभिभावक को अपने बीच पाकर बच्चों ने जिस खुशी और अपनत्व का अनुभव किया, वह लंबे समय तक उनकी स्मृतियों में रहेगा।

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उल्लेखनीय है कि बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पाँचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री का उनके बीच पहुँचकर जन्मदिन मनाना बच्चों के लिए गर्व और प्रेरणा का विशेष क्षण बन गया।

इस अवसर पर विधायक गोमती साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण तथा आश्रम के शिक्षक एवं स्टाफ उपस्थित थे।

 

 

24 फरवरी को पेश होगा छत्तीसगढ़ का

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रायपुर। CG budget session : छत्तीसगढ़ का बजट 24 फरवरी को पेश किया जाएगा। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति भी दे दी है। विधानसभा अध्यक्ष सिंह ने सुकमा जिले के कोन्टा विधानसभा के विधायक कवासी लखमा को कई शर्तों के साथ विधानसभा के बजट सत्र में शामिल होने की इजाजत दी है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर उक्त मामले की जानकारी दी।

इन शर्तों में उन्हें मोबाइल जमा करना होगा, गिरफ्तारी के मामले में और आबकारी घोटाले के मामले में विधानसभा में कोई चर्चा नहीं करेंगे। पत्रकारों के साथ इस संबंध में कोई चर्चा नहीं करेंगे। आने-जाने की जानकारी विधानसभा सचिव को देनी होगी। वे अपने विधानसभा क्षेत्र का दौरा नहीं करेंगे। साथ ही नो स्पीच का पालन करेंगे। उनकी उपस्थिति केवल सत्र में ही रहेगी। यदि उन्होंने इन नियमों का पालन नहीं किया, तो उनकी अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी।

लखमा बजट सत्र के अन्य विषयों की चर्चा में वे भाग ले सकते हैं, लेकिन अपने ऊपर चल रहे केस के संबंध में कोई चर्चा नहीं करेंगे। सदस्यों को इसकी जानकारी है और यह मामला न्यायालय में होने के कारण कोई भी इस पर चर्चा नहीं करेगा।

बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो रहा है जो 20 मार्च तक चलेगा। उन्होंने बताया कि 23 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत होगी। इसके बाद 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी बजट पेश करेंगे फिर 25 फरवरी को अभिभाषण पर चर्चा की जाएगी।

सगाई के बाद फोन पर बात नहीं कर सकेंगे मंगेतर,

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बालोद: CG NEWS : छत्तीसगढ़ में सेन समाज ने सगाई के बाद टूटते रिश्तों पर चिंता व्यक्त करते हुए मंगेतरों को फोन कॉल पर अकेले में बात करने पर पाबंदी लगा दी है। सेन समाज ने यह भी फैसला लिया कि दुल्हन की बहनें अब शादी के दौरान दूल्हे का जूता भी नहीं छिपा पाएंगी। राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग में आने वाले सेन समाज की आबादी लगभग सवा दो लाख है। इस समाज के लगभग 70 फीसदी लोग सैलून का कार्य करते हैं।

मंगेतर अकेले में नहीं करेंगे बात

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सेन समाज के बालोद जिले के अध्यक्ष संतोष कौशिक ने बताया कि मंगलवार को समुदाय की जिला स्तरीय बैठक में कई नए नियम बनाए गए। फैसला लिया गया कि अब मंगेतर सगाई के बाद फोन कॉल पर एक-दूसरे से अकेले में बात नहीं कर सकेंगे। कौशिक ने बताया कि सेन समाज में पुरानी नियमावली थी, उस नियमावली में ऐसा कोई नियम नहीं बनाया गया था। जो रिश्ते टूट जाते हैं उसके बारे में सोचा नहीं जाता था कि आखिर वह रिश्ता क्यों टूटा है। जब हमने जांच पड़ताल की तब पता चला कि शादी से पहले लड़का-लड़की के बीच मोबाइल फोन के माध्यम से जो बातचीत होती है वह उसका कारण है। इसलिए हम लोगों ने ऐसा नियम बनाया है कि सगाई के बाद और शादी से पहले लड़का-लड़की में बातचीत न हो और जरूरी हो तब माता-पिता के सामने बातचीत हो।

साली जूता नहीं छिपाएंगी

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अन्य फैसले के बारे में बालोद जिले में सेन समाज के प्रवक्ता उमेश कुमार सेन ने बताया कि समाज की बैठक के दौरान यह फैसला किया गया कि अब दुल्हन की बहनें दूल्हे का जूता नहीं छिपा पाएंगी क्योंकि इससे दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति निर्मित होती है। साथ ही यह भी फैसला किया गया कि यदि समाज से कोई भी व्यक्ति अन्य धर्म अपनाता है तब समाज उसके साथ रोटी-बेटी का संबंध तोड़ लिया जाएगा।

ये भी फैसले लिए

उन्होंने बताया कि इसके अलावा सगाई के दौरान केवल 15 से 20 लोगों को ले जाने, विवाह के दौरान मुहूर्त का ध्यान रखने और विवाह के दौरान प्लास्टिक के बजाए पत्तल में भोजन परोसने का फैसला भी शामिल है। सेन समाज के प्रदेश संगठन मंत्री गौरी शंकर श्रीवास ने बताया कि उन्हें बालोद के फैसले की जानकारी है और वह चाहते हैं कि इसे प्रदेश स्तर पर लागू किया जाए।

सगाई टूटने की बढ़ी घटनाएं

श्रीवास कहते हैं कि पिछले कुछ समय से समाज में सगाई टूटने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। पड़ताल में यह जानकारी मिली कि मंगेतर अक्सर फोन कॉल पर बात करते थे और इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसी बात कह दी जिससे दूसरा पक्ष नाराज हो गया और नौबत रिश्ता टूटने तक आ गई।

जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू होगा

उन्होंने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है, और अभी इसे बालोद जिले में लागू किया गया है तथा जल्द ही इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। सेन समाज के इस फैसले पर नयी पीढ़ी की राय बंटी हुई है। बालोद निवासी 20 वर्षीय साक्षी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यदि मोबाइल फोन के कारण सगाई टूट रही है तब मंगेतरों का शादी से पहले घंटों बात करना ठीक नहीं है। यह फैसला परिवार और समाज दोनों के लिए अच्छा है।

फैसले पर विचार करने का अनुरोध

वहीं, वहीं समाज से जुड़े कुछ लोगों ने समाज को एक बार फिर से विचार करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात तो है ही, साथ ही यह जीवन साथी के चुनाव की भी बात है। यदि किसी के साथ पूरा जीवन बिताना है तब उसे समझना आवश्यक है। इसलिए जब मंगेतर आपस में बात करेंगे तब उन्हें एक-दूसरे को समझने का मौका मिलेगा।

 

PM Kisan 22nd Installment Date: कब आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त? तारीख का हुआ खुलासा !

 

 

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर

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बिलासपुर। Bilasa Devi Kevat Airport : जिले को हवाई सेवाओं के नए युग में प्रवेश दिला दिया है। नाइट लैंडिंग परीक्षण पूरी तरह सफल रहा। ट्रायल के दौरान रनवे लाइटिंग सिस्टम, एप्रोच लाइट्स, एयर ट्रैफिक समन्वय एवं सभी तकनीकी मानक संतोषजनक पाए गए। इस अवसर पर एयरपोर्ट डायरेक्टर एन. बिरेन सिंह, क्षेत्रीय निदेशक नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो, रायपुर सहित एयरपोर्ट के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने इसे बिलासपुर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने से यात्रियों को अधिक उड़ान विकल्प मिलेंगे और क्षेत्र के औद्योगिक,व्यावसायिक एवं पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि आवश्यक औपचारिकताओं एवं अंतिम स्वीकृतियों के बाद नियमित नाइट फ्लाइट संचालन प्रारंभ किया जाएगा। यह सफल ट्रायल बिलासपुर शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

CG Rajya Sabha election 2026 : छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की

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रायपुर। CG Rajya Sabha election 2026 : छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो रिक्त सीटों को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। 26 फरवरी को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि उम्मीदवार 5 मार्च तक अपने नामांकन दाखिल कर सकेंगे। विधानसभा में वर्तमान संख्या बल को देखते हुए एक सीट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि दोनों दल अंतिम निर्णय से पहले संभावित नामों का पैनल अपने केंद्रीय नेतृत्व को भेजेंगे।

कांग्रेस में कई नामों पर मंथन

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कांग्रेस खेमे में संभावित उम्मीदवारों को लेकर गहन विचार-विमर्श जारी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रदेश संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। पार्टी सामाजिक संतुलन, आदिवासी नेतृत्व और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर निर्णय ले सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार प्रदेश नेतृत्व को प्राथमिकता दी जा सकती है।

भाजपा भी स्थानीय चेहरे पर दांव लगा सकती है

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भाजपा परंपरागत रूप से राज्यसभा चुनाव में प्रदेश के स्थानीय नेतृत्व को तरजीह देती रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस बार भी ऐसा ही रुख देखने को मिल सकता है। किसान पृष्ठभूमि या क्षेत्रीय मुद्दों से जुड़े किसी प्रभावशाली चेहरे को आगे लाने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही यह भी चर्चा है कि भाजपा अंतिम समय में कोई चौंकाने वाला नाम सामने रख सकती है।

क्षेत्रीय समीकरणों पर खास नजर

सूत्रों के अनुसार सरगुजा और बस्तर संभाग के सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। प्रदेश स्तर पर संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी, जहां अंतिम मुहर लगेगी।

पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने भी राज्यसभा चुनाव से पहले क्षेत्रीय संतुलन की अहमियत पर जोर दिया है। उनका कहना है कि प्रदेश की राजनीति में सरगुजा और बस्तर की भूमिका निर्णायक रही है। हालांकि उन्होंने स्वयं को दावेदार के रूप में पेश नहीं किया।

विधानसभा का गणित साफ

छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं। वर्तमान में भाजपा के 54, कांग्रेस के 35 और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के एक विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव के तय फार्मूले के अनुसार किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम 31 प्रथम वरीयता मतों की जरूरत होगी। मौजूदा आंकड़ों के आधार पर दोनों प्रमुख दल एक-एक सीट जीतने की स्थिति में नजर आ रहे हैं।

वर्तमान राज्यसभा सदस्य

छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में फिलहाल पांच सदस्य हैं। इनमें से दो सदस्यों – फूलोदेवी नेताम और केटीएस तुलसी – का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। कांग्रेस के राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन का कार्यकाल 2028 तक है, जबकि भाजपा के देवेन्द्र प्रताप सिंह 2030 तक सदस्य बने रहेंगे।

संख्या के लिहाज से मुकाबला भले स्पष्ट दिख रहा हो, लेकिन उम्मीदवार चयन को लेकर दोनों दलों में रणनीतिक मंथन जारी है। सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के साथ आगामी राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए आने वाले दिनों में तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।

 

Toll plaza rules India : भारत में एक अप्रैल से नकद टोल लेनदेन को पूरी तरह से बंद, इस वजह से लिया गया फैसला

 

भेल खाने के दौरान कांग्रेस नेता के बेटे पर चाकू से

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बिलासपुर। CG NEWS : जिले के न्यायधानी के पॉश इलाके सिविल लाइन थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब रसूखदार परिवारों के सदस्य भी सुरक्षित नहीं हैं। शुक्रवार को शहर के प्रतिष्ठित लखीराम ऑडिटोरियम के पास बिलासपुर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास के बेटे पर जानलेवा हमले की वारदात सामने आई है।

जानकारी के मुताबिक, त्रिलोक श्रीवास के पुत्र अपने कुछ साथियों के साथ ऑडिटोरियम के पास भेल खा रहे थे, तभी वहां पहुंचे युग मिश्रा, वेदांत गुप्ता और उनके अन्य साथियों के साथ किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में लहूलुहान होकर कांग्रेस नेता के पुत्र मौके पर ही गिर पड़े, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। आनन-फानन में घायल को उपचार के लिए शहर के किम्स (KIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल अस्पताल और घटना स्थल पर पहुँच गया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन सार्वजनिक स्थल पर हुई इस चाकूबाजी ने शहर की कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

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सराफा लूट कांड में बड़ी कामयाबी

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बिलासपुर। Bilaspur Robbery Case: बिलासपुर में सराफा व्यवसायी पर जानलेवा हमला कर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों को छत्तीसगढ़ लाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है।

मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) की अदालत ने शुक्रवार शाम आरोपियों का प्रोडक्शन रिमांड मंजूर कर लिया। इसके बाद बिलासपुर पुलिस टीम आरोपियों को लेकर रवाना हो चुकी है और शनिवार देर शाम या रात तक उनके बिलासपुर पहुंचने की संभावना है।

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गौरतलब है कि गिरफ्तारी के दौरान मिर्जापुर के अहरौर क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ हुई थी, जिसमें दो आरोपियों के पैर में गोली लगी थी। इस शॉर्ट एनकाउंटर के बाद मिर्जापुर पुलिस ने हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और लूट का माल रखने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया था। इसी वजह से आरोपियों को छत्तीसगढ़ लाने के लिए अदालत से प्रोडक्शन रिमांड लेना अनिवार्य हो गया था।

सीएसपी निमितेश सिंह अपनी टीम के साथ यूपी में डटे रहे और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कराई। बिलासपुर से विवेचक और आवश्यक कागजात मंगवाए गए, जिसके बाद अदालत से रिमांड स्वीकृत हो सका।

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इस सनसनीखेज लूट की घटना के बाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल की थी। आईजी रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में रेंज स्तर पर नाकेबंदी कराई गई और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आरोपियों को ट्रेस किया गया। उरतुम गांव से लूटी गई गाड़ी बरामद की गई और पूरा माल भी रिकवर कर लिया गया।

अब आरोपियों को बिलासपुर लाकर स्थानीय रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली, अन्य राज्यों से जुड़े नेटवर्क और क्षेत्र में हुई अन्य वारदातों को लेकर महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।