Tuesday, August 4, 2026
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सोने-चांदी के दामों में आई गिरावट, खरीदारी से पहले देखें क्या है ताजा भाव

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Today Gold Silver Price : सोने-चांदी के दामों में बीते कई दिनों से उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। वहीं आज यानी सोमवार 17 नवंबर को 10 ग्राम सोना 2,080 रुपए गिरकर 1,22,714 रुपए पर आ गया है। इससे पहले सोने की कीमत 1,24,794 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं अक्टूबर माह में सोने ने 1,30,874 रुपए और 14 अक्टूबर को चांदी ने 1,78,100 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था।

बता दें कि, चांदी 5,237 रुपए गिरकर 1,54,130 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई है। इससे पहले इसकी कीमत 1,59,367 प्रति किलोग्राम थी। वहीं इस साल अब तक सोने की कीमत 46,552 रुपए बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब 1,22,714 रुपए हो गया है। चांदी का भाव भी 68,113 रुपए बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब 1,54,130 रुपए प्रति किलो हो गई है।

Today Gold Silver Price : वहीं कहा जा रहा है कि, आने वाले दिनों में सोने के दामों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि शादियों का सीजन चालू हो चुका है और ऐसे में आने वाले दिनों में इसकी कीमत फिर एक बार 1.25 लाख रुपए तक जा सकती है।

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पोल पर चढ़े बिजली कर्मचारी की करंट लगने से मौत

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दुर्ग। CG NEWS : जिले में कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गयी। बिजली मरम्मत कार्य करते समय कर्मचारी तेज करंट की चपेट में आ गया। जिससे वह बुरी तरह झुलस गया और उसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी।

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मामला जिले के जेवरा-सिरसा पुलिस चौकी क्षेत्र के भटगांव का है। भटगांव में रविवार को करंट लगने से बिजली कर्मचारी की मौत हो गई। मृतक की पहचान लाइनमैन संतोष ठाकुर के रूप में हुई है। वह बिजली कंपनी के कर्मचारियों के साथ डेली वेजेस पर लम्बे समय से लाइनमैन का काम करता था। लाइनमैन संतोष ठाकुर बिजली मरम्मत कार्य के दौरान करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गयी।

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जानकारी के मुताबिक़, भटगांव के नजदीक लगे ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ गई थी। बिजली विभाग का एक नियमित कर्मचारी और निजी कर्मचारी संतोष ठाकुर मरम्मत के लिए मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान पावर हाउस बिजली स्टेशन से सप्लाई बंद कर दी गई थी। पोल पर चढ़कर संतोष ठाकुर मरम्मत कार्य कर रहा था। इसी बीच अचानक पोल में तेज करंट आ गया। अचानक आये करंट की चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गया।

घटना के बाद हड़कंप मच गया। संतोष को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना पुलिस को दी गयी, सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गयी। कर्मचारी के मौत को लेकर ग्रामीणों ने खूब हंगामा किया। उनका आरोप है आरोप लगाया कि बिना लाइन शटडाउन किए और बिना सुरक्षा उपकरण, जैसे सेफ्टी किट और दस्ताने के काम कराया जा रहा था। जिस वजह से यह घटना हुई।

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प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश

इसे लेकर उन्होंने बिजली आफिस का घेराव किया साथ ही मुआवजे की मांग की। जिसके बाद 25 हजार रुपए की सहायता राशि दी गयी। दूसरी तरफ प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। तकनीकी कारणों, सुरक्षा मानकों और पावर हाउस की सप्लाई प्रक्रिया की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।

 

एमएमसी जोन नक्सल संगठन ने मांगा समर्पण के लिए तीन माह का वक्त


एमएमसी जोन नक्सल संगठन ने मांगा समर्पण के लिए तीन माह का वक्त


24-Nov-2025 1:12 PM

 आईजी ने कहा- समर्पण करने पर होगा स्वागत, लेकिन लंबी मियाद देना संभव नहीं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 24 नवंबर। महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (एमएमसी) जोन के नक्सलियों ने तीनों राज्य के सरकार से पुलिस के सशस्त्र अभियान को तत्काल बंद करने तथा सरेंडर एवं अन्य विषयों पर विचार-विमर्श करने के लिए तीन माह का वक्त मांगा है।

महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के नाम एमएमसी जोन के प्रवक्ता अनंत की ओर से एक पत्र लिखकर तत्काल नक्सल आपरेशन, मुखबिरों  की गतिविधियों को रोकने, इनपुट या सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों को सक्रिय नहीं होने की मांग की है। इसके अलावा संगठन ने आगामी पीएलजीए सप्ताह के दरम्यान कोई भी अभियान नहीं चलाने का भी पत्र में उल्लेख किया है। नक्सलियों ने पत्र के माध्यम से इस साल पीएलजीए सप्ताह नहीं मनाने का भी ऐलान किया है।

 

नक्सल प्रवक्ता अनंत ने अगले वर्ष 15 फरवरी 2026 तक समय भी मांगा है। एमएमसी जोन के सक्रिय नक्सलियों से पत्र को एक संदेश के रूप में जन-जन तक पहुंचाने की अपील की गई है। पत्र में यह लिखा है कि तीनों राज्यों की सरकारों से नक्सलियों ने कुछ जनप्रतिनिधियों और कुछ पत्रकारों से मुलाकात करने के लिए मौका देने की भी मांग की है, ताकि नक्सल ऑपरेशन के नाम पर हत्या के अनवरत सिलसिले को बंद किया जा सके। इसके अलावा एमएमसी जोन के प्रवक्ता ने केंद्रीय कमेटी के सदस्य  व पोलिथ ब्यूरो के मेम्बर सोनू दादा और सीसीएम कामरेड चंद्रन्ना से भी इस मामले में दखल देने की मांग की है।

 इस संबंध में राजनांदगांव आईजी अभिषेक शांडिल्य ने ‘छत्तीसगढ़’  से चर्चा में कहा कि समर्पण करने वाले नक्सलियों का राज्य सरकार की ओर से हम स्वागत करेंगे, लेकिन उनकी समय की मांग पर विचार करना  संभव नहीं है, क्योंकि मार्च 2026 तक नक्सल समस्या के सफाए का एक डेट लाईन है। उन्होंने नक्सलियों से तत्काल हथियार छोडक़र मुख्यधारा में वापसी की अपील की है।

इस बीच एमएमसी जोन के नक्सल संगठन की ओर से जारी पत्र की पुलिस जांच पड़ताल भी कर रही है। बताया जा रहा है कि हाल ही में बोरतलाव क्षेत्र में हुए मुठभेड़ में एक निरीक्षक की शहादत की घटना से तीनों राज्य की पुलिस ने आक्रामक रूख अख्तियार कर लिया है। सूत्रों का कहना है कि संयुक्त रूप से तीनों राज्य के सुरक्षा बल एक बड़े नक्सल अभियान के लिए जंगल में तैनात है। माना जा रहा है कि पुलिस के आक्रामक कदम के कारण नक्सलियों ने पत्र जारी किया है।



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रायगढ़–कोतरलिया सेक्शन में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य पूरा


रायगढ़–कोतरलिया सेक्शन में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य पूरा


24-Nov-2025 1:22 PM

चक्रधर नगर स्टेशन भी हुआ चालू, रेल संचालन होगा और सुरक्षित

छत्तीसगढ़’ संवाददाता 

बिलासपुर, 24 नवंबर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रायगढ़–कोतरलिया रेलखंड पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसके साथ ही चक्रधर नगर स्टेशन का कमीशनिंग कार्य भी पूरा हो गया है, जिससे इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही और अधिक सुरक्षित व सुचारु हो जाएगी।

रायगढ़–कोतरलिया सेक्शन में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाने के लिए रविवार को निर्धारित चार घंटे का नॉन-इंटरलॉकिंग ऑपरेशन किया गया। इस दौरान दोनों स्टेशनों के इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम में आवश्यक तकनीकी बदलाव किए गए।

रायगढ़ स्टेशन पर कार्य सुबह 11:15 बजे और कोतरलिया स्टेशन में 11:25 बजे शुरू हुआ। निर्धारित समय में कार्य पूर्ण होने के बाद रायगढ़ स्टेशन का संचालन दोबारा 14:25 बजे और कोतरलिया स्टेशन का 14:20 बजे सुरक्षित रूप से बहाल कर दिया गया।

इस तकनीकी सुधार के साथ नए चक्रधर नगर स्टेशन को भी औपचारिक रूप से चालू कर दिया गया है। इससे इस सेक्शन की क्षमता, सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

रेलवे के अनुसार सभी कार्य समय पर, सुरक्षित और कुशलतापूर्वक पूरे किए गए, जिससे इस मार्ग पर ट्रेनों का संचालन और व्यवस्थित होगा। इसका लाभ यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों को भी मिलेगा।

 



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मरवाही में अनूपपुर से हाथी की एंट्री, फसलों को नुकसान पहुंचाया


मरवाही में अनूपपुर से हाथी की एंट्री, फसलों को नुकसान पहुंचाया


24-Nov-2025 1:24 PM

छत्तीसगढ़’ संवाददाता 

बिलासपुर, 24 नवंबर। मरवाही वनमंडल के मरवाही परिक्षेत्र अंतर्गत घुसरिया बीट में रविवार सुबह एक जंगली हाथी के दिखाई देने से क्षेत्र में हल्की दहशत फैल गई। हाथी घुसरिया परिसर के कक्ष क्रमांक 2051 में घूम रहा है। वन विभाग के अनुसार फिलहाल उसकी गतिविधि सामान्य है और कोई आक्रामक व्यवहार दर्ज नहीं हुआ है।

सूत्रों के मुताबिक यह हाथी जैतहरी परिक्षेत्र, वनमंडल अनूपपुर (मध्य प्रदेश) से मरवाही क्षेत्र में दाखिल हुआ है। मानव जीवन को किसी तरह की हानि नहीं हुई है और न ही किसी मकान को क्षति पहुंची है। हालांकि घुसरिया और कुम्हारी इलाके में किसानों के कुछ खेतों को नुकसान होने की पुष्टि हुई है।

वनकर्मी हाथी की लोकेशन पर लगातार नजर रखे हुए हैं और सुरक्षित दूरी से उसकी मूवमेंट मॉनिटर कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि हाथी आगे मरवाही परिसर, गुल्लीडांड, सचराटोला, पंडरी और सेमरदरी की दिशा में बढ़ सकता है, लेकिन अभी वही आसपास मौजूद है।

वन विभाग ने प्रभावित और संभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को सतर्क रहने, जंगल की तरफ अनावश्यक रूप से न जाने और रात में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। वनकर्मी गांवों में पहुंचकर लोगों से हाथी के पास भीड़ न लगाने और दूरी बनाए रखने को कह रहे हैं।

 



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7 दिसंबर को रायपुर में करणी सेना की महापंचायत


7 दिसंबर को रायपुर में करणी सेना की महापंचायत


24-Nov-2025 2:08 PM

पुलिस पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखावत ने

छत्तीसगढ़’ संवाददाता 

बिलासपुर, 24 नवंबर। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने कहा कि उनका आंदोलन किसी आरोपी के समर्थन में नहीं, बल्कि पुलिस की कथित बर्बर कार्रवाई के खिलाफ है। तिलक नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में हुई प्रेस वार्ता में उन्होंने रायपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर के साथ गलत तरीके से पेश आया गया।

डॉ. शेखावत ने आरोप लगाया कि पुलिस ने तोमर को फटेहाल कपड़ों में बाजार में घुमाया, नंगे पांव चलाया और पानी मांगने पर पानी तक नहीं दिया। उनका कहना है कि यह सिर्फ क्रूरता नहीं, बल्कि मानवाधिकार और संविधान दोनों का उल्लंघन है। उन्होंने दावा किया कि कस्टडी में तोमर के भाई की पत्नी के साथ भी अभद्र व्यवहार हुआ और थाने में उनके कपड़े उतरवाए गए।

शेखावत ने कहा कि तोमर के खिलाफ अवैध वसूली व मारपीट जैसे मामले दर्ज हैं, लेकिन आरोप अपनी जगह हैं, पुलिस की कथित हिंसा अलग मुद्दा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका जो भी निर्णय देगी, वह उन्हें स्वीकार है, लेकिन आरोप साबित होने से पहले किसी के साथ अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राज शेखावत ने घोषणा की कि 7 दिसंबर को रायपुर में बड़ी महापंचायत आयोजित की जाएगी, जहां पुलिस, प्रशासन और शासन से जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि आरोपित पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई नहीं की गई, तो करणी सेना राष्ट्रव्यापी आंदोलन तेज करेगी। उनका दावा है कि इस महापंचायत में देशभर से लाखों लोग शामिल होंगे।

शेखावत ने थाने के प्रभारी योगेश कश्यप पर भी एकतरफा कार्रवाई के आरोप लगाए और कहा कि हमसे जिस भाषा में बात की जाएगी, उसी भाषा में जवाब देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि 7 दिसंबर करणी सेना के लिए आर-पार की तारीख होगी।

 



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चाय के फूलों से ऐसे सुधरेगी सेहत और अर्थव्यवस्था

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हरी पत्तियों से बनने वाली चाय के गुणों के बारे में तो सब जानते ही हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि चाय के फूलों में भी कम गुण नहीं होते? यह सेहत भी सुधार सकते हैं और अर्थव्यवस्था भी.

 

 डॉयचे वैले पर प्रभाकर मणि तिवारी की रिपोर्ट – 

 

पूर्वोत्तर भारत स्थित नागालैंड विश्वविद्यालय के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की एक टीम ने लंबे अध्ययन के बाद कहा है कि अब तक कृषि अपशिष्ट या कचरा समझ कर फेंक दिए जाने वाले चाय के फूलों में काफी मात्रा में ताकतवर शक्तिशाली जैव-सक्रिय यौगिक होते हैं. इनके इस्तेमाल से सेहत सुधारने वाले कई पेय तैयार किए जा सकते हैं.

इसके साथ ही इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी काफी मदद मिलेगी. शोधकर्ताओं का कहना है कि अब तक दुनिया में तमाम शोध चाय की पत्तियों पर ही होते रहे हैं. इनका ही सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन अब तक इन फूलों को बेकार समझ कर नजरअंदाज किया जाता रहा है.

यह दुनिया के सबसे बड़े चाय उत्पादक क्षेत्रों में शामिल असम में अपनी किस्म का पहला अध्ययन है. इसमें पारंपरिक तौर पर चाय की हरी पत्तियों की बजाय चाय के फूलों के जैव-रासायनिक गुणों पर ध्यान केंद्रित किया गया है. यह अध्ययन रिपोर्ट फूड रिसर्च जर्नल के ताजा अंक में छपी है.

अध्ययन रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सेक्टर में सक्रिय न्यूट्रास्युटिकल कंपनियां चाय के फूलों के अर्क का इस्तेमाल सेहत सुधारने के प्राकृतिक स्रोत के तौर पर कर सकती हैं. न्यूट्रास्युटिकल कंपनियां फूड सप्लीमेंट, फंक्शनल फूड, विटामिन और हर्बल अर्क बनाती हैं जिनका इस्तेमाल सेहत को मजबूत करने, बीमारियों के लक्षणों को नियंत्रित करने और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को रोकने में मदद के लिए किया जाता रहा है.

अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि सेहत संबंधी फायदों के अलावा इस नई जानकारी के तहत फूलों के संग्रहण और प्रसंस्करण के जरिए लघु चाय उत्पादकों और किसानों के लिए आय के नए रास्ते खुल सकते हैं. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी मजबूती आएगी.

अध्ययन रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सेक्टर में सक्रिय न्यूट्रास्युटिकल कंपनियां चाय के फूलों के अर्क का इस्तेमाल सेहत सुधारने के प्राकृतिक स्रोत के तौर पर कर सकती हैं. न्यूट्रास्युटिकल कंपनियां फूड सप्लीमेंट, फंक्शनल फूड, विटामिन और हर्बल अर्क बनाती हैं जिनका इस्तेमाल सेहत को मजबूत करने, बीमारियों के लक्षणों को नियंत्रित करने और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को रोकने में मदद के लिए किया जाता रहा है.

अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि सेहत संबंधी फायदों के अलावा इस नई जानकारी के तहत फूलों के संग्रहण और प्रसंस्करण के जरिए लघु चाय उत्पादकों और किसानों के लिए आय के नए रास्ते खुल सकते हैं. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी मजबूती आएगी.

नागालैंड विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर प्रोफेसर जगदीश के. पटनायक ने डीडब्ल्यू से कहा, “हमारा मुख्य फोकस ऐसे शोध पर है जिससे स्थानीय समुदायों को फायदा मिले. ताजा अध्ययन से सेहत और अर्थव्यवस्था सुधारने में काफी मदद मिल सकती है.”

डा. सागरिका दास डीडब्ल्यू को बताती हैं, “चाय के फूलों में भरपूर मात्रा में स्वास्थ्यवर्धक यौगिक होते हैं. इनमें पॉलीफेनोल, कैटेचिन, टरपेनोइड्स और एल-थीनाइन की सांद्रता की उल्लेखनीय मौजूदगी होती है. इसके साथ ही पारंपरिक चाय की पत्तियों की तुलना में इसमें कैफीन का स्तर भी कम होता है. चाय के फूलों के इस्तेमाल के जरिए कृषि अपशिष्ट को कम करने, ग्रामीण आय बढ़ाने और सेहत संबंधी उत्पादों के निर्माण से चाय उद्योग में विविधता पैदा करने में मदद मिल सकती है. यह आगे चल कर पूरे चाय उद्योग को मजबूत बना सकता है.”

पर्यावरण को ज्यादा क्या भाता है: चाय या कॉफी?

सेहत भी, आय भी

इस टीम के एक अन्य सदस्य प्रोफेसर तन्मय कारक बताते हैं कि इस अध्ययन से साबित होता है कि चाय के फूलों का इस्तेमाल हर्बल चाय के अलावा कई अन्य उत्पाद बनाने में किया जा सकता है. इससे मधुमेह और हृदय रोग जैसी दीर्घकालिक बीमारियों की रोकथाम में भी काफी मदद मिल सकती है. इन फूलों को सिर्फ कृषि अपशिष्ट नहीं मानना चाहिए. इनके समुचित इस्तेमाल से किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि यह नई खोज देश की समृद्ध जैव विविधता और स्थायी स्वास्थ्य समाधानों के प्रति हमारे संकल्प को भी साबित करती है.

क्या आपने लिया है बांस की पत्ती की चाय का स्वाद?

चाय उद्योग इस शोध को उम्मीद की नई किरण के तौर पर देख रहा है. अपनी बेहतर गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में मशहूर दार्जिलिंग चाय उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यह उद्योग लंबे समय से तमाम दिक्कतों से जूझ रहा है. दार्जिलिंग टी एसोसिएशन के सदस्य प्रणय गोस्वामी डीडब्ल्यू से कहते हैं, “चाय उद्योग के लिए ऐसे शोध संजीवनी की तरह है. चाय की पौधों और फूलो को लेकर आगे ऐसे और बी नए शोध की जरूरत है. उद्योग में विविधता पैदा कर ही इसे मुश्किलों से उबारा जा सकता है.”



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अज्ञात वाहन की ठोकर से बाइक सवार एक की मौत, एक जख्मी

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अज्ञात वाहन की ठोकर से बाइक सवार एक की मौत, एक जख्मी


24-Nov-2025 2:49 PM

सगाई कार्यक्रम में शामिल होने पर जा रहे थे युवक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजिम, 24 नवंबर।  नवापारा पुल पर रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ है। एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, वहीं उसके साथी को गंभीर अवस्था में रायपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद पुल पर गाडिय़ों की लंबी कतारे लग गई। घटना राजिम थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार कुरूद थाना क्षेत्र के ग्राम भोथली निवासी गैंद सिंह ठाकुर अपने दोस्त ड्रोन ध्रुव के साथ राजिम थाना क्षेत्र के ग्राम कोमा में एक सगाई कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। जैसे ही वे नवापारा पार कर राजिम की ओर पुल पर आगे बढ़े, तभी सामने से आए अज्ञात वाहन ने तेजी से बाइक को ठोकर मार दी और फरार हो गया। टक्कर लगते ही बाइक सवार दोनों युवक सडक़ पर गिर गए। दोनों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरी चोट लगी।

 

हादसे के तुरंत बाद पुल पर गाडिय़ों की लंबी कतार लग गई। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत राजिम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण गैंद सिंह ठाकुर को बचाया नहीं जा सका। वहीं ड्रोन ध्रुव की हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही राजिम पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पुल पर ट्रैफिक को सुचारु कराया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सोमवार सुबह परिजनों की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम किया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात वाहन की पहचान और चालक की तलाश में जुट गई है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।



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औपचारिक हैंडओवर के बिना खत्म हुआ जी20

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दक्षिण अफ्रीका में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन अमेरिका के बहिष्कार के बीच समाप्त हुआ. उद्घाटन के दिन ही अमेरिकी विरोध के बावजूद घोषणा पत्र जारी करना इस ऐतिहासिक बैठक की खास बात रही.

 

 डॉयचे वैले पर विवेक कुमार की रिपोर्ट – 

 

दक्षिण अफ्रीका में आयोजित दो दिवसीय जी20 शिखर सम्मेलन रविवार (23 नवंबर) को पूरा हुआ. लेकिन इस सम्मेलन में अमेरिका की गैर-हाजिरी की चर्चा लगातार होती रही. दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और समूह की अगली अध्यक्षता संभालने वाला देश अमेरिका पूरी तरह से सम्मेलन से अनुपस्थित रहा. ट्रंप प्रशासन के बहिष्कार के कारण ना तो राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और ना ही कोई औपचारिक अमेरिकी प्रतिनिधि शिखर सम्मेलन में शामिल हुआ. यही वजह रही कि दक्षिण अफ्रीका ने अध्यक्षता के औपचारिक हैंडओवर से भी इनकार कर दिया.

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने परंपरा के अनुरूप लकड़ी के गैवेल से मेज पर प्रहार कर जोहान्सबर्ग में आयोजित इस बैठक की समाप्ति की घोषणा की. आमतौर पर यह गैवेल अगले साल की अध्यक्षता संभालने वाले राष्ट्र को सौंपा जाता है, लेकिन हॉल में कोई अमेरिकी नेता मौजूद नहीं था जिसे यह सौंपा जा सके.

अमेरिका ने उस सम्मेलन का बहिष्कार किया जिसका उद्देश्य धनी और विकासशील राष्ट्रों को एक मंच पर लाना है. ट्रंप प्रशासन ने यह आरोप लगाया था कि दक्षिण अफ्रीका की सरकार अफ्रीकी श्वेत अल्पसंख्यक पर हिंसक दमन कर रही है.

वाइट हाउस ने अंतिम क्षण में यह कहा था कि वह दक्षिण अफ्रीका में अपने दूतावास के एक अधिकारी को जी20 अध्यक्षता हस्तांतरण के लिए भेजना चाहता है. लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया. दक्षिण अफ्रीका ने कहा कि राष्ट्रपति रामाफोसा के लिए यह “अपमान” होगा कि वह गैवेल किसी जूनियर अधिकारी को सौंपें. आखिरकार दक्षिण अफ्रीकी विदेश मंत्रालय के अनुसार सम्मेलन के लिए कोई अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल मान्य नहीं किया गया.

दक्षिण अफ्रीका ने कहा कि जी20 अध्यक्षता का औपचारिक हस्तांतरण बाद में, संभवतः विदेश मंत्रालय में किया जाएगा. ट्रंप ने पहले घोषणा की थी कि अगले वर्ष का जी20 शिखर सम्मेलन अमेरिका के डोरल, फ्लोरिडा स्थित उनके गोल्फ क्लब में आयोजित किया जाएगा.

राष्ट्रपति रामाफोसा ने कहा, “इस जी20 शिखर सम्मेलन का यह गैवेल औपचारिक रूप से इस बैठक को समाप्त करता है और अब यह जी20 की अगली अध्यक्षता, अमेरिका को हस्तांतरित होता है, जहां हम अगले वर्ष फिर मिलेंगे.” उन्होंने अपने भाषण में अमेरिकी अनुपस्थिति का कोई उल्लेख नहीं किया.

उद्घाटन दिन ही घोषणा जारी

अफ्रीकी महाद्वीप पर आयोजित पहला जी20 शिखर सम्मेलन शनिवार को परंपरा से अलग रहा जब नेताओं ने उद्घाटन दिवस पर ही घोषणा पत्र जारी किया. आमतौर पर घोषणा पत्र शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन जारी किया जाता है.

घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि यह अमेरिका के विरोध के बावजूद जारी की गई. ट्रंप प्रशासन कई महीनों से दक्षिण अफ्रीका द्वारा जी20 एजेंडा में जलवायु परिवर्तन और वैश्विक आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की आलोचना कर रहा था. अर्जेंटीना ने भी घोषणा का विरोध किया. ट्रंप के करीबी माने जाने वाले अर्जेंटीना के राष्ट्रपति खावियर मिलेई शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए.

चीन, रूस, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान और कनाडा सहित अन्य जी20 देशों ने घोषणा पत्र का समर्थन किया. घोषणा में गरीब देशों से जुड़े उन मुद्दों पर वैश्विक ध्यान देने की अपील की गई, जिनमें जलवायु आपदाओं के बाद पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता की जरूरत, कर्ज बोझ कम करने के उपाय और हरित ऊर्जा की ओर बढ़ने का समर्थन शामिल है.

रामाफोसा ने कहा, “दक्षिण अफ्रीका ने अपनी अध्यक्षता के माध्यम से अफ्रीका और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को जी20 एजेंडे के केंद्र में रखा है.” अपने भाषण के बाद, रामाफोसा को अन्य नेताओं ने गले लगाकर बधाई दी. अमेरिकी बहिष्कार के कारण छाए तनाव की स्थिति के बीच उन्होंने एक माइक्रोफोन में अनजाने में कहा, “यह आसान नहीं था,” जो प्रसारण में सुनाई दे गया.

जी20 के प्रभाव पर सवाल

दक्षिण अफ्रीका ने अपने घोषणा पत्र को अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जीत बताया, जो खासकर ट्रंप प्रशासन की “अमेरिका फर्स्ट” नीति के उलट है. हालांकि जी20 घोषणाएं बाध्यकारी नहीं होतीं, और उनकी दीर्घकालिक प्रभावशीलता को लेकर सवाल बने रहते हैं.

घोषणा में दक्षिण अफ्रीका की कई प्राथमिकताओं को शामिल किया गया, लेकिन कुछ ठोस प्रस्ताव अंतिम दस्तावेज में जगह नहीं बना सके. उदाहरण के लिए, वैश्विक आर्थिक असमानता पर एक नया अंतरराष्ट्रीय पैनल बनाने का प्रस्ताव शामिल नहीं हुआ. यह पैनल संयुक्त राष्ट्र द्वारा गठित जलवायु परिवर्तन पैनल की तरह कार्य कर सकता था.

1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद गठित जी20 में 19 राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ शामिल हैं. दुनिया में रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के बीच इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठते रहे हैं.

122 बिंदुओं वाले जोहान्सबर्ग घोषणा पत्र में यूक्रेन का केवल एक बार उल्लेख किया गया, जिसमें विश्व संघर्षों को समाप्त करने की अपील की गई. इस शिखर सम्मेलन का रूस-यूक्रेन युद्ध पर कोई स्पष्ट प्रभाव नहीं दिखा, जबकि यूरोपीय देशों, यूरोपीय संघ और रूस के प्रतिनिधि एक ही कमरे में मौजूद थे.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने कहा कि अफ्रीका में आयोजित पहली बैठक “मील का महत्वपूर्ण पत्थर” है, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह समूह “भू-राजनीतिक संकटों पर साझा मानक खोजने में संघर्ष कर रहा है.”

कुछ विश्लेषकों ने इस शिखर सम्मेलन को गरीब देशों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक उपलब्धि बताया. अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन ऑक्सफैम के मैक्स लॉसन ने कहा, “यह इतिहास में पहली बार है जब विश्व नेताओं की बैठक में असमानता के संकट को एजेंडे के केंद्र में रखा गया.”

नामीबिया के राष्ट्रपति नेटुम्बो नांडी-नदैतवाह ने कहा, “अफ्रीकी दृष्टिकोण से विकास प्राथमिकताओं पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है.” नामीबिया उन 20 से अधिक छोटे देशों में शामिल था जिन्हें जी20 सदस्यों के साथ अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था.



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लड़ाकू विमान तेजस की दुर्घटना पर एचएएल ने दिया आधिकारिक स्पष्टीकरण

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लड़ाकू विमान तेजस की दुर्घटना पर एचएएल ने दिया आधिकारिक स्पष्टीकरण


24-Nov-2025 2:39 PM

 नई दिल्ली, 24 नवंबर । दुबई एयर शो 2025 में भारतीय लड़ाकू विमान तेजस एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में क्रैश हो गया था। इस हादसे के बाद अब तेजस का निर्माण करने वाली भारतीय कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण पत्र जारी किया है। एचएएल ने बाजार नियामक एनएसई और बीएसई को यह पत्र लिखा है, जिसमें स्पष्ट किया है कि यह घटना पूरी तरह से असाधारण परिस्थितियों में हुई एक एकाकी घटना है व इसका कंपनी के संचालन, वित्तीय स्थिति या भविष्य की आपूर्ति कार्यक्रमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। गौरतलब है कि वायुसेना का अत्याधुनिक स्वदेशी लड़ाकू विमान एलसीए तेजस दुबई में एक प्रदर्शन उड़ान के दौरान बीते शुक्रवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

इस हादसे में पायलट की मृत्यु हो गई। वायुसेना ने दुर्घटना की गहन जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ऑर्डर की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब तेजस निर्धारित एरोबेटिक अभ्यास के लिए उड़ान भर रहा था। दुर्घटना के कारणों का फिलहाल स्पष्ट आकलन नहीं हो सका है। दुबई एयर शो के दौरान हुई घटना को लेकर निवेशकों और हितधारकों में अनावश्यक भ्रम या चिंता न रहे, इस उद्देश्य से यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है। एचएएल ने अपने पत्र में भरोसा दिलाया कि एचएएल के समस्त प्रोजेक्ट, उत्पादन कार्यक्रम और डिलीवरी शेड्यूल पूर्ववत जारी हैं और दुर्घटना से कंपनी के किसी भी व्यवसायिक पहलू पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। दुबई एयर शो 2025 में तेजस विमान हादसे में शहीद हुए फाइटर पायलट नमांश स्याल थे। रविवार को उनका पार्थिव शरीर को स्वदेश लाया गया था। भारतीय वायुसेना के सी-130 विमान के माध्यम से लाए गए पार्थिव शरीर को दक्षिणी वायु कमान के एयरबेस पर पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ प्राप्त किया गया। शहीद नमांश स्याल मूलत हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के निवासी थे, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

कंपनी ने बताया कि वह विमान दुर्घटना की जांच कर रही संबंधित एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग कर रही है। जांच के दौरान कंपनी सभी तकनीकी सूचनाएं उपलब्ध करा रही है, ताकि घटना के कारणों का सही-सही पता लगाया जा सके। एचएएल ने कहा है कि जैसे-जैसे कोई महत्वपूर्ण अद्यतन उपलब्ध होगा, कंपनी उसे तुरंत शेयर बाजार नियामकों और हितधारकों के साथ साझा करेगी। यह पत्र एचएएल के कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी शैलेश बंसल ने जारी किया है। गौरतलब है कि एलसीए तेजस के लिए अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) भारत के हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को इंजन की सप्लाई कर रही है। अमेरिकन कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक व एचएएल के बीच यह समझौता भारत के इस स्वदेशी लड़ाकू विमान के इंजन को लेकर है। समझौते के तहत भारत को 113 जेट इंजन सप्लाई किए जाएंगे। जेट इंजन की ये सप्लाई वर्ष 2032 तक पूरी होने की संभावना है। –(आईएएनएस)



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