Dhurandhar2 Review: आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘धुरंधर 2’ की शुरुआत होते ही दर्शक उसी दुनिया में वापस पहुंच जाते हैं, जिसने पहली फिल्म में लोगों को करीब साढ़े तीन घंटे तक स्क्रीन से जोड़े रखा था। फिल्म का फर्स्ट हाफ बेहद दमदार और एनर्जी से भरपूर है, जिसमें रणवीर सिंह का किरदार जसकीरत सिंह रांगी पूरी तरह किलिंग मशीन बनकर उभरता है।
पहली फिल्म में जिन दर्शकों को रणवीर का बड़ा एक्शन धमाका आखिर में देखने को मिला था, इस बार उनकी शिकायत शुरुआत में ही दूर कर दी गई है। फिल्म जसकीरत के अतीत से शुरू होती है और यह दिखाती है कि उसकी जिंदगी में ऐसा क्या हुआ जिसने उसे इतना खतरनाक और बेखौफ बना दिया। बदले की भावना से भरी यह कहानी दर्शकों को भावनात्मक और एक्शन दोनों स्तर पर जोड़कर रखती है।

रणवीर सिंह ने इस किरदार के लिए जबरदस्त मेहनत की है, जो उनके एक्शन, गुस्से और इमोशन में साफ दिखाई देती है। फिल्म की कहानी सिर्फ एक बदले की दास्तान नहीं है, बल्कि इसमें पंजाब में ड्रग्स की समस्या, अलगाववादी आंदोलनों को मिलने वाली फंडिंग और नेपाल-यूपी के रास्ते देश में घुसती नकली करंसी जैसे गंभीर मुद्दों को भी जोड़ा गया है।
फिल्म इन सभी घटनाओं को पाकिस्तान की जमीन पर पनप रहे आतंकवाद से जोड़ते हुए एक सॉलिड और रोमांचक कहानी बनाती है। यही वजह है कि स्क्रीनप्ले लगातार दर्शकों को बांधे रखता है और हर सीन में सस्पेंस व थ्रिल का नया तड़का देखने को मिलता है। मजबूत विजुअल्स, तेज रफ्तार कहानी और दमदार एक्शन सीक्वेंस फिल्म को और भी प्रभावशाली बनाते हैं। कुल मिलाकर ‘धुरंधर 2’ का फर्स्ट हाफ इतना दमदार है कि थिएटर में बैठे दर्शकों को सांस लेने तक का मौका नहीं देता और आगे की कहानी जानने के लिए उत्सुकता बढ़ा देता है।




