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एमबीबीएस करते हुए गरीब, और पीजी करते करोड़पति!

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‘छत्तीसगढ़’ का संपादकीय : एमबीबीएस करते हुए गरीब, और पीजी करते करोड़पति!

सुनील कुमार ने लिखा है


26-Nov-2025 8:04 PM

पिछले कुछ दिनों से मध्यप्रदेश के एक ऐसे नौजवान के बारे में खबरें आ रही थीं जिसने अनारक्षित-आर्थिक-कमजोर की हैसियत से यूपीएससी का इम्तिहान दिया था, और आईएएस बनने के बाद जब उसका स्वागत हुआ, तो टीवी चैनलों के इंटरव्यू में ही पता लगा कि उसकी पत्नी बेंगलुरू में आईटी सेक्टर में काम करती है, जिसकी तनख्वाह इस नौजवान के कोचिंग सेंटर की कमाई से पांच गुना है, मां-बाप अलग कमाते हैं। ऐसे संपन्न परिवार का लडक़ा अपने को आर्थिक रूप से कमजोर बताकर आईएएस बन गया। वह खबर अभी चक्कर लगाना बंद कर भी नहीं पाई थी कि एक नई खबर आ गई कि आर्थिक रूप से कमजोर अनारक्षित तबके से मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले और ग्रेजुएट होने वाले लोगों ने चिकित्सा-पीजी के लिए एनआरआई, या मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर दाखिला लिया है जिसकी फीस आधा-एक करोड़ रूपए बताई जाती है। अपने आपको ईडब्ल्यूएस बताकर मेडिकल-दाखिला लिया, एमबीबीएस किसी तरह किया, पीजी दाखिले में फ्लॉप शो रहा, तो उसके बाद मैनेजमेंट सीट या एनआरआई कोटे से पीजी दाखिला ले लिया। ईडब्ल्यूएस बनने के लिए परिवार की आय 8 लाख रूपए साल से अधिक नहीं होनी चाहिए, दूसरी तरफ अब आधा-एक करोड़ देकर वे आगे दाखिला ले रहे हैं।

जब अनारक्षित वर्ग के लिए ईडब्ल्यूएस सीमा तय की गई थी, और उनके लिए आरक्षण रखा गया था, तब ही यह आशंका होने लगी थी कि इसका बेजा इस्तेमाल कैसे किया जाएगा। यह ठीक वैसा ही है जैसा कि आज ओबीसी तबकों के भीतर क्रीमीलेयर के ऊपर वाले लोग भी झूठा आय प्रमाणपत्र बनवाकर आरक्षण का फायदा ले लेते हैं। बहुत से लोग तो बैंक खातों में मिलने वाली तनख्वाह को भी छुपा लेते हैं, और धड़ल्ले से फर्जी सर्टिफिकेट बनवा लेते हैं। फिर इनकी आर्थिक क्षमता की वजह से इनके बच्चे अधिक सक्षम रहते हैं, इम्तिहान में बेहतर तैयारी कर पाते हैं, और वे ही आरक्षण का अधिकतम फायदा झपट लेते हैं। अभी भारत के मुख्य न्यायाधीश ने दलितों के बारे में कहा था कि उनके आरक्षण से क्रीमीलेयर को बाहर करना जरूरी है, वरना सच में कमजोर लोगों को आरक्षण का फायदा नहीं मिल पाएगा। हम भी दशकों से यही तर्क लिखते आ रहे हैं कि सभी आरक्षित वर्गों से क्रीमीलेयर को बाहर किया जाए। लेकिन अभी अनारक्षित वर्ग का ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट पाने के लिए सक्षम लोगों ने जैसी जालसाजी और धोखाधड़ी की है, उसका क्या किया जाए? जब कॉलेजों में दाखिला गलत तरीके से हो जाए, लोग डॉक्टर भी बन जाएं, तब अदालतें भी इस दुविधा में पड़ जाती हैं कि वे क्या करें? कैसे गलत दाखिले वाले इन लोगों की जिंदगी की घड़ी वापिस घुमाएं?

हमने कुछ दिन पहले ही मुख्य न्यायाधीश की बातों के संदर्भ में अपनी पुरानी बातें गिनाई थीं, लेकिन अब अनारक्षित ईडब्ल्यूएस के संदर्भ में इस पूरे मुद्दे पर एक बार और गौर करने की जरूरत है। जब कभी आरक्षण का लाभ पाने वालों में अपात्र लोग खड़े हो जाते हैं, तो उसका नुकसान बाकी तमाम लोगों को उठाना पड़ता है। एसटी, एससी, और ओबीसी तबकों के ताकतवर लोग जब आरक्षण पाकर समाज के अनारक्षित वर्गों के कमजोर लोगों से आगे निकल जाते हैं, तो सामाजिक न्याय के लिए स्थापित आरक्षण पर से लोगों का भरोसा उठने लगता है। वे देखते हैं कि उनके आसपास के बंगला-गाड़ी वाले, महंगी कोचिंग वाले एसटी-एससी, और ओबीसी बच्चे किस तरह आरक्षित वर्गों में आगे बढ़ते हैं। और अब तो अनारक्षित वर्ग के गरीब होने का झूठा सर्टिफिकेट जुटाकर संपन्न सवर्ण भी बाकी तमाम लोगों को पीछे छोडक़र आसमान पर पहुंच रहे हैं।

आरक्षण की व्यवस्था को लेकर समाज में जागरूकता की भी कोई कमी रहती है, और बहुत से लोग वैसे भी इस सामाजिक इतिहास से अपरिचित रहते हैं कि सदियों के अन्याय के मुआवजे के रूप में एसटी-एससी आरक्षण शुरू किया गया था। ऐसे लोग जब एसटी-एससी आरक्षण को क्रीमीलेयर मुक्त देखते हैं, तो उनका दिल और जलता है। अब अगर अनारक्षित ईडब्ल्यूएस के नाम पर बेइमानी और धांधली चलती रहेगी, तो आरक्षण की पूरी साख ही खत्म हो जाएगी। यह सिलसिला तुरंत खत्म होना चाहिए। चाहे यूपीएससी हो, चाहे मेडिकल या कोई और दाखिले, या फिर सरकारी नौकरी की बात हो, जहां-जहां यह धांधली हुई है, उसकी बहुत तेज रफ्तार जांच होनी चाहिए क्योंकि कुछ बरस नौकरी हो जाए, या कुछ बरस पढ़ाई हो जाए, तो उसके बाद अदालतें भी बहुत कड़वा फैसला लेना नहीं चाहतीं।

सरकार को बिना देर किए हुए एसटी-एससी से क्रीमीलेयर हटाने का कानून बनाना चाहिए। फिर सारे ही आरक्षित लोगों के प्रमाणपत्रों की खुली जांच करनी चाहिए, और जरूरत रहे तो ऐसे सारे नाम और उनके प्रमाणपत्र उसी तरह वेबसाइटों पर डालने चाहिए, जिस तरह चुनाव आयोग उम्मीदवारों की जानकारी पोस्ट करता है। न्याय की इस जरूरत को समझना चाहिए कि जब किसी व्यक्ति को आरक्षण का फायदा देकर दूसरों के ऊपर रखा जाता है, पढ़ाई की सीट या नौकरी दी जाती है, तो बाकी लोगों का भी हक रहना चाहिए कि वे ऐसे लोगों के प्रमाणपत्रों के नकली होने पर उस पर सवाल उठा सकें। ताजा मेडिकल घोटाला बहुत भयानक है, और इससे अदालत, सरकार, और संसद सबकी आंखें खुलनी चाहिए ताकि वे इस सिलसिले को आगे बढऩे से रोकें। आरक्षण का लाभ पाने वाले के हर प्रमाणपत्र वेबसाइट पर रहने चाहिए जिसे लोग चुनौती दे सकें, और सरकार एक निर्धारित समय के भीतर उसकी जांच कर सके। सोच-समझकर जालसाजी और धोखाधड़ी करने वाले कुछ लोगों को सजा भी होनी चाहिए, ताकि बाकी लोग यह जुर्म करना छोड़ें।

भारत की सामाजिक व्यवस्था में आरक्षण पहले से एक बदनाम शब्द चले आ रहा है, इसे और अधिक बदनाम नहीं होने देना चाहिए। 

(क्लिक करें : सुनील कुमार के ब्लॉग का हॉट लिंक)



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ड्यूटी में बार-बार शराब पीने वाले तीन

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कबीरधाम । CG NEWS : कबीरधाम एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने ड्यूटी के दौरान बार-बार शराब पीकर अनुशासनहीनता करने वाले तीन आरक्षक को बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में यह पाया गया कि तीनों आरक्षक का आचरण पुलिस विभाग की गरिमा, अनुशासन और जनता के प्रति जवाबदेही के विपरीत था। आरक्षक 52 अनिल मिरज द्वारा बार-बार बिना किसी सूचना के लंबे समय तक अनुपस्थित रहना, नोटिस तामील के दौरान लापरवाही, मोटर वारंट गुम करना, पूर्व में 22 दंड मिलना व कुल 334 दिवस की अनाधिकृत अनुपस्थित रहा है।

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आरक्षक 517 आदित्य तिवारी द्वारा बंदी पेशी जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण ड्यूटी के दौरान शराब सेवन कर न्यायालय परिसर के बाहर ही नशे में सो जाना, ड्यूटी छोड़कर फरार हो जाना व 91 दिवस अनुपस्थित रहना अत्यंत गंभीर कदाचार है। इसी प्रकार आरक्षक चालक 272 राजेश उपाध्याय द्वारा एसपी कार्यालय में आमद देते समय नशे में पहुंचना, गणवेश में अव्यवस्था, अनर्गल वार्तालाप व कार्यालयकर्मी के साथ वाद-विवाद कर पुलिस रेगुलेशन का उल्लंघन किया है। इस प्रकार तीनों पुलिसकर्मी के आचरण ने विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाया।

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ऐसे में तीनों को सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की गई। एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग में नशाखोरी, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कर्मचारी अपने आचरण में सुधार नहीं करेगा व पुलिस की साख को धूमिल करेगा, उसके खिलाफ इसी प्रकार की कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

 

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव से मिलीं कबड्डी विश्व

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साव ने विश्व कप जीतने और अपने उत्कृष्ट खेल से टूर्नामेंट की मोस्ट वेल्युबल प्लेयर बनने पर दी बधाई

संजू का खेल के प्रति समर्पण और अनुशासन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा – अरुण साव

रायपुर। CG NEWS: उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से आज महिला विश्व कप विजेता भारतीय कबड्डी टीम की सदस्य सुश्री संजू देवी ने मुलाकात की। साव ने अपने नवा रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में मुलाकात के दौरान संजू के खेल कौशल की सराहना करते हुए उनकी ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी।

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कोरबा जिले की रहने वाली संजू को उत्कृष्ट खेल कौशल और दमदार प्रदर्शन के आधार पर महिला विश्व कप कबड्डी टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। भारत को खिताबी जीत तक पहुंचाने में उनका विशेष योगदान रहा।

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ के गौरव संजू की पीठ थपथपाते हुए कहा कि उन्होंने न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। उनके खेल के प्रति समर्पण और अनुशासन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे खिलाड़ियों के सहयोग के लिए हरसंभव कदम उठाती रहेगी।

मां महालक्ष्मी पूजन में शामिल हुए सीएम

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राज्य सहित क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना

छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद, 26 नवम्बर।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बसना तहसील अंतर्गत ग्राम सलखण्ड के दौरे पर रहे। इस दौरान ग्राम वासियों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने यहां ग्रामीणों द्वारा आयोजित महालक्ष्मी देवी  पूजन कार्यक्रम में पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन किया तथा विशेष पूजा-अर्चना में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मां लक्ष्मी से प्रार्थना करते हुए राज्य सहित क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पूजन कार्यक्रम के दौरान पुजारियों द्वारा पारंपरिक मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर उनकी पत्नी कौशल्या साय मौजूद थी।

 इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर रायपुर के विधायक  पुरंदर मिश्रा ,बसना विधायक  सम्पत अग्रवाल, महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, जिला स्काउट एवं गाइड के जिलाध्यक्ष येतराम साहू,  स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

 उल्लेखनीय है कि अगहन मास अंचल में पवित्र एवं शुभ माना जाता है। इस मास में ग्रामीण परिवार मां महालक्ष्मी प्रतीक स्वरूप बिठाकर श्रद्धापूर्वक पूजन करते हैं। ऐसी मान्यता है कि अगहन मास कृषि सम्पन्नता, अन्न उत्पादन और परिवार की समृद्धि का प्रतीक है। इस अवसर पर की गई लक्ष्मी पूजा से घर-परिवार में धन-धान्य की वृद्धि, सुख-शांति और रोगों से रक्षा होती है। ग्राम सलखंड में पिछले 25 वर्षों से महालक्ष्मी समिति एवं समस्त ग्रामवासियों द्वारा निरंतर सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं का संरक्षण करते हुए महालक्ष्मी पूजन किया जा रहा है। गांव में प्रतिवर्ष 5 दिवसीय मेला भी आयोजित होता है, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आगंतुक शामिल होते हैं।

सीएएम विष्णुदेव साय ने उपस्थित जानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पवित्र अगहन मास के अवसर पर मां महालक्ष्मी की पूजा में शामिल होकर हृदय से अत्यंत आनंद और सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। बसना और सलखंड के ग्रामवासियों ने वर्षों से जिस भक्ति और परंपरा को जीवित रखा है, वह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण उदाहरण है।

अगहन मास हमारे अंचल के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह मास अन्न, धन और समृद्धि का प्रतीक है। इसी समय नई फसल खेतों में लहलहाती है, और घर-परिवार में सम्पन्नता के द्वार खुलते हैं। मां महालक्ष्मी जीवन में केवल धन ही नहीं, बल्कि सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सदभाव का आशीर्वाद भी प्रदान करती हैं। इसी भावना के साथ हम सभी इस पूजन में शामिल होते हैं।

मैं मां लक्ष्मी से राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं।

सलखंड गांव की यह 25 वर्षों से चल रही परंपरा न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सामुदायिक जागरूकता का भी उदाहरण है। यहां आयोजित मेला ग्रामीण संस्कृति, लोकाचार और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बन चुका है। मैं इस आयोजन समिति और सभी ग्रामवासियों को इस अनुकरणीय परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए हृदय से बधाई देता हूं।

आप सभी का यह स्नेह और विश्वास हमारी शक्ति है। आपके सहयोग से हम एक बेहतर, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री त्रिलोचन पटेल,हरिदास भारद्वाज, महालक्ष्मी समिति के अध्यक्ष प्राण नाथ साहू, सरपंच श्रीमती अंजू साहू एवं  बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।



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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल को नहीं मिली राहत, 10 दिसंबर तक फिर बढ़ाई गई न्यायिक रिमांड

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Chhattisgarh liquor scam: पिछले कुछ समय से छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले की जांच लगातार तेज़ी से आगे बढ़ रही है. इस मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम (CM) भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल पर कई संगीन आरोप लगाए गए हैं.

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शराब घोटाला मामला: चैतन्य बघेल को 14 दिनों की रिमांड पर भेजा गया

Chhattisgarh Liquor Scam Case: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. अदालत ने उन्हें एक बार फिर 10 दिसंबर 2025 तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है. उन पर घोटाले से जुड़े कई संगीन आरोप लगे हैं.

14 दिनों की रिमांड पर भेजे गए

छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले की जांच लगातार तेजी से आगे बढ़ रही है. घोटाले में आरोपी चैतन्य बघेल पर कई संगीन आरोप लगाए गए हैं. चैतन्य को पिछले कुछ दिनों से न्यायिक रिमांड पर रखा गया था. वहीं, एक बार फिर कोर्ट इस मामले पर सुनवाई करते हुए चैतन्य बघेल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है. अदालत के इस फैसले के बाद उन्हें 10 दिसंबर तक जेल में ही रखा जाएगा.

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3200 करोड़ से ज्यादा का घोटाला

चैतन्य बघेल को 3200 करोड़ के शराब घोटाले में गिरफ्तार किया गया है. राज्य में साल 2018 से 2023 के बीच जब कांग्रेस की सरकार थी. सीएम भूपेश बघेल थे तब प्रदेश में करीब 3200 करोड़ से अधिक का शराब घोटाला हुआ. इसे लेकर EOW ने चार्जशीट में जानकारी देते हुए बताया कि इस घोटाले के पैसे से 11 आरोपी अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों के नाम करोड़ों रुपये की जमीन और संपत्ति खरीदी है. सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि अभी तक ईओडब्ल्यू के मुताबिक पूरे शराब घोटाले में करीब 61 लाख अवैध पेटी शराब बिकवाकर 2174 करोड़ रुपए की चपत लगाई गई थी, लेकिन जब इन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई तो पता चला कि यह घोटाला 2174 नहीं बल्कि 3200 करोड़ रुपए से अधिक का है.

पंडित प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रम में आरक्षक की मौत

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भानुप्रतापपुर। CG News : छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर के ग्राम कच्चे में अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पं प्रदीप मिश्रा का शिव महापुराण कथा चल रही है, इसी बीच अचानक बुधवार को कथा कार्यक्रम में ड्यूटी पर लगे आरक्षक की मौत से हड़कंप मच गया। मृतक जवान का नाम त्रिनाथ भंडारी है, जो 2023 से बस्तर फाइटर में साल पदस्थ था।

जानकारी के मुताबिक, जवान भीरा गांव स्थित सीएएफ कैंप में मंगलवार रात ड्यूटी के बाद विश्राम कर रहा था। सुबह उसके साथियों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर तत्काल उसे भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक जवान नारायणपुर के सोनपुर का निवासी था। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेजवाकर मामले की जांच कर रही है।

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परिजनों के अनुसार जवान पहले से अस्वस्थ चल रहा था, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

शराब घोेटाला, 6500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, 6 लोगों की संलिप्तता रही

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शराब घोेटाला, 6500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, 6 लोगों की संलिप्तता रही


26-Nov-2025 4:15 PM

छत्तीसगढ़’ संवाददाता 

रायपुर, 26 नवंबर ।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासन काल में हुए  3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू ने आज एक और चार्जशीट दाखिल किया। एसीबी ईओडब्ल्यू  स्पेशल कोर्ट में कारोबारी नीतेश पुरोहित, यश पुरोहित, अतुल सिंह सहित कुल 6 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया है।

इनके ख़िलाफ़ 6500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें सभी आरोपियों की भूमिका, वित्तीय लेनदेन और कथित अनियमितताओं का विवरण शामिल है। इनमें से यश पुरोहित और नीतेश पुरोहित पिता पुत्र हैं और जेल रोड स्थित एक होटल के संचालक है। इस पूरे घोटाले में दोनों, अनवर ढेबर के सहयोगी के रूप में हिस्सेदारी निभाते रहे हैं।



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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित “हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान” कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर, 26 नवंबर 2025//मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज 75वें संविधान दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित टाउन हॉल में आयोजित “हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान” कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित जनसमूह के साथ संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया और संविधान के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संविधान दिवस पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने संविधान पर आधारित लघु फिल्म भी देखी और जनप्रतिनिधियों के साथ इस अवसर को यादगार बनाने के लिए सेल्फी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत सदैव संविधान में आस्था रखते हुए आगे बढ़ रहा है। संविधान प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता के साथ अपनी बात रखने का अधिकार देता है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद जैसे पदों पर आम नागरिकों का पहुँचना संविधान की ही उदार, समावेशी और लोकतांत्रिक व्यवस्था का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने संविधान निर्मात्री सभा में देश के सभी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के संविधान निर्माण अमूल्य योगदान दिया को स्मरण किया। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ से भारत के संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठजनों का स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक भागीदारी आज भी गर्व का विषय है और इन महान जनप्रतिनिधियों की विचारशीलता, लोकतांत्रिक मूल्य और राष्ट्रनिर्माण की दृष्टि सदैव प्रेरणा देती रहेगी।

इस अवसर पर विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री सुनील सोनी, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

नवा रायपुर में ठहरेंगे PM मोदी और अमित शाह, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तैयारी पूरी

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DGP-IG Conference: 28 से 30 नवंबर 2025 तक नया रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्था (IIM) में आयोजित होने वाली ‘DGP-IG कॉन्फ्रेंस’ के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.

DGP-IG Conference: 28 से 30 नवंबर 2025 तक नया रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्था (IIM) में आयोजित होने वाली ‘DGP-IG कॉन्फ्रेंस’ के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. इस कार्यक्रम में PM नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रायपुर प्रवास को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक प्लान तैयार किया गया है.

सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तैयारी पूरी

जानकारी सामने आई है कि 28 से 30 नवंबर 2025 तक प्रधानमंत्री का रायपुर प्रवास कार्यक्रम तय हैं. PM का माना एयरपोर्ट से नया रायपुर के स्पीकर हाउस और IIM तक आवागमन रहेगा. SSP रायपुर ने सुरक्षित व निर्बाध VVIP मूवमेंट के लिए विशेष रिपोर्ट भेजी. रिपोर्ट में नवा रायपुर क्षेत्र में भारी व मध्यम वाहनों पर रोक लगाने की अनुशंसा है.

कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी ने अनुशंसा से सहमति जताई है. मोटरयान नियम 1994 की धारा 215 के तहत प्रतिबंध आदेश जारी किया गया है. 28 से 30 नवंबर तक सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक वाहनों की एंट्री और मूवमेंट प्रतिबंधित रहेगी.

VVIP सुरक्षा के लिए शहर में कारकेड व्यवस्था

वहीं पीएम मोदी और कई VVIP 28–29 नवंबर को रायपुर पहुंचेंगे. जिसके चलते VVIP सुरक्षा के लिए शहर में कारकेड की व्यवस्था की गई है. अफसरों के लिए विशेष बस सेवा तैयार किया गया है. 27 नवंबर से एयरपोर्ट पर अफसरों और मेहमानों के स्वागत के खास इंतजाम होंगे. सुबह वीवीआईपी आगमन, शाम को वापसी, आम जनता की आवाजाही पर न्यूनतम असर रहेगा. रूट डायवर्जन, होटल व्यवस्था और उच्च स्तरीय सुरक्षा के लिए सभी विभाग अलर्ट पर है.

ये भी पढ़ें- CG Liquor Scam: शराब घोटाला मामले में EOW ने 6वां चालान किया पेश, पूर्व IAS निरंजन दास समेत 6 आरोपी नामजद

कॉन्फ्रेंस में जुटेंगे साढ़े पांच सौ अफसर

साथ ही रुकने वाले स्थानों की सुरक्षा के लिए जवानों की तैनाती की जाएगी. राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल की 5 कंपनी को ड्यूटी में उपलब्ध कराया जाएगा. 28 से 30 नवंबर तक होने वाले सम्मेलन स्थल पर सीआरपीएफ के जवानों के साथ ही आईबी की टीम तैनात रहेगी. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी के जिम्मे रहेगी. केंद्रीय फोर्स के जवान सहयोगी की भूमिका में रहेंगे.

शराब घोटाला मामले में EOW ने 6वां चालान किया पेश, पूर्व IAS निरंजन दास समेत 6 आरोपी नामजद

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CG News: आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने इस मामले में 6वां पूरक चालान कोर्ट में पेश किया है. यह चालान 6 आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया गया है.

CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित करीब 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है. आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने इस मामले में 6वां पूरक चालान कोर्ट में पेश किया है. यह चालान 6 आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया गया है. जिन आरोपियों के खिलाफ चालान पेश हुआ है, उनमें पूर्व IAS निरंजन दास, नितेश पुरोहित, यश पुरोहित, मुकेश मनचंदा, अतुल सिंह और दीपेन चावड़ा शामिल हैं. EOW द्वारा पेश किए गए इस पूरक चालान में करीब 6300 पन्ने शामिल हैं.

EOW की जांच में हुए थे चौंकाने वाले खुलासे

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में EOW की जांच ने चौंकाने वाले खुलासे किए थे. जांच टीम का दावा था कि पूर्व आयुक्त निरंजन दास ने कारोबारी अनवर ढेबर और कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर एक ऐसा प्रभावी नेटवर्क खड़ा किया था, जो हर महीने करीब 50 लाख रुपये अवैध तरीके से कमा रहा था. इसी नेटवर्क की बदौलत करीब 50 करोड़ रुपये की काली कमाई से संपत्तियां खड़ी की गईं. जांच में यह भी सामने आया कि नोएडा की प्रिज्म होलोग्राफिक सिक्योरिटी फिल्म्स को टेंडर दिलाने में निरंजन दास की मुख्य भूमिका रही. कंपनी योग्यता के मानकों पर खरी नहीं उतरती थी, फिर भी उसे काम दिया गया और प्रत्येक होलोग्राम पर 8 पैसे कमीशन तय कर दिया गया. इस खेल के कारण राज्य को लगभग 1200 करोड़ रुपये की भारी आर्थिक चोट लगी.

सिंडिकेट के सदस्‍यों तक पहुंचता था अवैध कमाई का पैसा

EOW के अनुसार, इस अवैध कमाई का पूरा पैसा सिंडिकेट के सदस्य अनवर ढेबर तक पहुंचता था. आयकर विभाग की जांच में पता चला कि जनवरी 2019 से फरवरी 2020 के बीच यह रकम रायपुर की जेल रोड स्थित गिरीराज होटल में छिपाकर रखी जाती थी, जो यश और नितेश पुरोहित के स्वामित्व में है. यहीं से पैसा अधिकारियों, नेताओं और पार्टी फंड तक पहुंचाया जाता था. इस गोपनीय लेन-देन की पूरी जिम्मेदारी अनवर का मैनेजर दीपेन चावड़ा संभालता था. आगे की जांच में यह भी स्थापित हुआ कि वही इस रकम को भिलाई तक पहुंचाने का काम करता था, जहां लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू और चैतन्य बघेल इसे मैनेज करते थे. इस घोटाले से मिलने वाली हिस्सेदारी निरंजन दास को भी दी जाती थी. इन्हीं आरोपों के आधार पर सभी संबंधित आरोपी गिरफ्त में आए.

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जांच एजेंसी ने दावा किया कि साल 2018 से 2023 के दौरान अवैध शराब की बिक्री के जरिए प्रदेश को करीब 2174 करोड़ रुपये का नुकसान बताया गया था, जबकि ताज़ा चार्जशीट में यह घोटाला 3200 करोड़ रुपये से भी अधिक का बताया गया है. इस रकम से संबंधित अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों के नाम पर करोड़ों की संपत्ति खरीदने के सबूत भी सामने आए हैं.