Thursday, August 6, 2026
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168 साल बाद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा पर

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छत्तीसगढ़ भारत के प्रथम गदर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर नारायण सिँह की प्रतिमा पर “शहीद अमर जवान ज्योति ” राज्य आंदोलनकरियों ने प्रकाश कर अनावरण देश दुनिया को राज्य आंदोलन छसपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष अनिल दुबे के नेतृत्व में समर्पित किया-राज्य आंदोलनकारी

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रायपुर। CG NEWS: छत्तीसगढ़ का गौरव पुरुष एवं राष्ट्रीय स्तर में अग्रगणी शहीद वीर नारायण सिंह जी की 168 वीं शहादत दिवस पर 10 दिसंबर को शहादत स्थल जय स्तंभ चौक राजधानी रायपुर में स्थित प्रतिमा स्थल पर शहादत दिवस मनाया!इतिहास प्रमाणित कर्ता है छत्तीसगढ़ के वीर सपूत शहीद वीर नारायण सिँह को 10 दिसम्बर 1857 को जय स्तम्भ चौक राजधानी रायपुर में अंग्रेजी कमांडर इलीएट द्वारा फांसी की सजा राष्ट्र द्रोही के रूप में सुनाई और 10 दिसम्बर 1857 को फांसी देकर तोफ में बांध कर उड़ा दिया!राज्य आंदोलन कारी छसपा, छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा छत्तीसगढ़ के अस्मिता की लड़ाई के लिए संकल्प बद्ध है! जिस पर छत्तीसगढ़ महतारी तुमगांव थाने में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अजय त्रिपाठी, नायाब तहसीलदारपुर तुमगांव मोहित कुमार अमिला द्वारा जप्त कर लिया है!

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जिस पर राज्य आंदोलनकारी किसान मोर्चा के अध्यक्ष अनिल दुबे ने मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट न्यायालय महासमुंद से सुपुर्द नामा में मांगा है!इसी क्रम में वीर सपूत को सम्मान नहीं मिलने पर राज्य आंदोलनकारियों ने शहीद वीर नारायण सिंह के प्रतिमा जय स्तम्भ पर ” शहीद अमर जवान ज्योति ” आज 12:45 बजे समाज देश को प्रकाश कर विकास के नाम पर समर्पित किया!

यह छत्तीसगढ़ का एक ऐतिहासिक पल का 168 वर्ष से इंतजार था जो आज पूरा हुआ!” शहीद अमर जवान ज्योति ” की सुरक्षा प्रभारी शिवनारायण ताम्रकार,अंकित साहू,श्यामू राम सेन दिन में एवं रात्रि में साजिद भाई को सौंपी गई है! ज्योति के लिए अंकित साहू,श्यामूराम सेन प्रभारी बनाए गए हैं सभी का सुपरविजन राज्य आंदोलनकारी छसपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष अनिल दुबे करेंगे!

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राष्ट्रीय स्तर के कवि गीतकार मीर अली मीर, मिनेश साहू का कविता पाठ किये! राष्ट्रीय स्तर के पांडवानी कलाकार चेतन देवांगन का पंडवानी पंथी धुन में छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कलाकार राकेश तिवारी द्वारा आल्हा तर्ज में शहीद वीर नारायण सिंह जी की शौर्य गाथा पर कार्यक्रम पेश किया। अंतरराष्ट्रीय कलाकार सुश्री ममता आहार और उनकी टीम द्वारा नाटक पेश किया जाएगा।

साथ ही छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. रामेंद्र मिश्र एवं डॉ. दाऊ के.के. अग्रवाल द्वारा आलेख पठन किया गया!
कार्यक्रम के दौरान बीच-बीच में कार्यक्रम के आयोजक अनिल दुबे, दीनदयाल वर्मा, चेतन देवांगन, छन्नू साहू एवं सर्व छत्तीसगढ़िया समाज के प्रमुख ललित बघेल एवं तुकाराम साहू आदि संबोधित किया । कार्यक्रम का संचालन लोकतंत्र सेनानी छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण सेनानी जागेश्वर प्रसाद ने किया।संध्या 5: 30 बजे सैकड़ो कार्यकर्ता एवं महिलाओं द्वारा 168 दीप प्रज्वलित कर अपने पुरखा शहीद वीर नारायण सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किया!

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राज्य आंदोलनकारी छसपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे,दाऊ जी.पी.चंद्राकर,दीनदयाल वर्मा,जागेश्वर प्रसाद,चेतन देवांगन,लालाराम वर्मा,वेगेंद्र सोनवेर,छन्नू लाल साहू,महेंद्र कौशिक,शुभकरण साहू, जगदंबिका साहू,अशोक कश्यप,शिव प्रकाश मानिकपुरी,काजू दास महंत, गंगा प्रसाद कंवर,घनाराम साहू,ठाकुरराम सिन्हा, सुन्दर कौशिक,नाथूराम सिन्हा, उदय चंद्राकर,धर्मेंद्र यादव,लीलाधर पटेल, रामनाथ ढीढी,रघुनंदन साहू, अंकित साहू,भगत वर्मा, हेमा साहू,रितु महंत,श्याम बाई ध्रुव, खेमिन साहू,टूकेशवरी ध्रुव, रामशिला पटेल सहित सैकड़ों कार्यकर्त्ता शामिल थे!

नवीन जिंदल की बेटी यशस्विनी की शादी में शामिल हुए सांसद

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रायपुर/नई दिल्ली। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिल्ली में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं कुरुक्षेत्र (हरियाणा) के सांसद नवीन जिंदल की सुपुत्री यशस्विनी और शाश्वत के विवाह उपरांत आयोजित आशीर्वाद समारोह में शामिल होकर नवविवाहित दंपति को शुभकामनाएं और आशीर्वाद प्रदान किया।

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समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य अतिथियों ने भी दंपति के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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CG News : नाइट ड्यूटी के बाद यहां में मिली स्टाफ नर्स की लाश, पुलिस के भी उड़ गए होश 

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CG News : छत्तीसगढ़ में 124.88 करोड़ के 6 सड़कों व पुलों के लिए निविदा को मंजूरी, डिप्टी सीएम साव ने कहा- गुणवत्ता से न हो कोई समझौता

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CG News : रायपुर, 10 दिसम्बर 2025 : लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य में सड़क संपर्क के विस्तार और मजबूती के लिए प्रस्तावित कार्यों व निविदाओं को तेजी से स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़कों एवं पुलों के काम शीघ्र प्रारंभ करने के लिए 124 करोड़ 88 लाख रुपए के छह सड़कों और पुलों की निविदा को मंजूरी दी है। उन्होंने इन सड़कों और पुलों के काम जल्द प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों और निर्माण सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय में सभी कार्यों को पूर्ण करने को कहा है।

उप मुख्यमंत्री साव ने बीजापुर जिले में 18 करोड़ 18 लाख रुपए के पुल-पुलिया सहित 12.6 किमी लंबाई के कुटरू से फरसेगढ़ मार्ग, सरगुजा जिले में चैनपुर से खम्हरिया मार्ग पर रेहण्ड नदी पर 11 करोड़ 43 लाख रुपए के उच्च स्तरीय पुल, जशपुर जिले के सिसरिंगा में मछलंग होते हुए 6.5 किमी लंबाई के सहसपुर पहुंच मार्ग तथा 3.1 किमी लंबाई के गोढ़ी से पालीडीह पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए दस करोड़ 54 लाख रुपए की निविदा स्वीकृत की है। उन्होंने सक्ती जिले में 29 किमी लंबे मालखरौदा-छपोरा मार्ग के मजबूतीकरण एवं नवीनीकरण के लिए 53 करोड़ 15 लाख रुपए और बिलासपुर शहर में 10.7 किमी लंबाई के नेहरू चौक से दर्रीघाट मार्ग के लिए 31 करोड़ 58 लाख रुपए की निविदा को भी मंजूरी प्रदान की है।

लोक निर्माण विभाग के अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता तथा नवा रायपुर स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा इन कार्यों की सीधे मॉनिटरिंग की जाएगी। आम नागरिक भी इनके निर्माण के दौरान पारदर्शिता एवं गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

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डीएसपी पर ब्लैकमेलिंग और रिश्वत लेने का

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रायपुर। CG NEWS : एक कारोबारी ने छत्तीसगढ़ पुलिस की डीएसपी कल्पना वर्मा पर ‘लव ट्रैप’ का गंभीर आरोप लगाया है। कारोबारी का आरोप है कि महिला डीएसपी को उसने करीब दो करोड़ रुपए दिए हैं। इसके अलावा डायमंड रिंग, सोने की चेन और एक गाड़ी भी दिए हैं। उनका आरोप है कि उसने एक होटल की रजिस्ट्री भी कल्पना वर्मा के भाई के नाम पर किया है। व्यापारी दीपक टंडन और उनकी पत्नी ने इस संबंध में रायपुर के खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इधर, डीएसपी के भाई ने भी व्यापारी के खिलाफ खम्हारडीह थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस दोनों तरफ से की गई इस शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस महकमें में हड़कंप मचा हुआ है।

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व्यापारी टंडन ने डीएसपी पर प्यार का जाल बुनकर ब्लैकमेलिंग, रिश्वत और धमकी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात साल 2021 में डीएसपी से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों एक दूसरे के करीब आते गये। दंपत्ति का आरोप है कि इस रिश्ते के दौरान डीएसपी लगातार पैसों की मांग करती रहीं। उन्होंने दो करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम डीएसपी को दी। इतना ही नहीं कारोबारी ने डीएसपी के भाई के नाम पर वीआईपी रोड स्थित एटमॉस्फेरिया होटल को डीएसपी के भाई के नाम पर रजिस्टर करवा दिया। उनका आरोप है कि पैसों का दबाव इतना बढ़ गया कि इसके लिए उन्होंने काफी मोटी रकम भी चुकाई। बाद में डीएसपी वर्मा ने 30 लाख रुपए लगाकर उस होटल को अपने नाम करवा लिया।

डीएसपी को दिये दो करोड़ से अधिक रुपये

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कारोबारी दंपत्ति का आरोप है कि रिश्ते के दौरान उन्होंने दो करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम डीएसपी को दी। यह रकम अलग-अलग समय पर और अलग-अलग माध्यम से दी गई। कारोबारी की पत्नी बरखा टंडन का आरोप है कि उन्होंने दबाव में आकर 45 लाख रुपये का एक चेक भी छत्तीसगढ़ पुलिस की डीएसपी को दिया था, जिसे बाद में डीएसपी के पक्ष में आहरित कर लिया गया।

कार भी हड़पने का आरोप

बरखा के नाम पर 22 लाख रुपए की कार थी, जिसे डीएपी वर्मा ने हड़प लिया। जब दंपत्ति ने अपने पैसे को वापस मांगने लगे तो विवाद गहराने लगा। बता दें कि महिला डीएसपी कल्पना वर्मा वर्ष 2016-17 बैच की अधिकारी हैं। वर्तमान में वो दंतेवाड़ा में पदस्थ हैं।

कारोबारी ने शेयर किया स्क्रीनशॉट

इस संबंध में दंपत्ति ने चैट और बातचीत के स्क्रीनशॉट भी पुलिस को शेयर किए हैं। आरोप है कि कल्पना वर्मा ने दीपक टंडन पर अपनी पत्नी को तलाक देने और उनसे शादी करने का दबाव भी बनाया। बरखा टंडन ने मीडिया से बताया कि उनके पति देर रात तक कल्पना वर्मा से वीडियो कॉल पर बात करते थे। जब बरखा ने इस बात का विरोध किया, तो उनके रिश्ते में और भी ज्यादा दूरियां आ गईं और विवाद बढ़ गया।

डीएसपी ने आरोपों को किया खारिज

मामले में डीएसपी कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को बेबुनियाद और निराधार बताया है। उनका कहना है कि यह सब मामला उन्हें बदनाम करने के लिए रचा गया है। मेरी छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने किसी भी तरह के गलत संबंध या पैसों के लेन-देन से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वो इस मामले में हर तरह की जांच के लिये पूरी तरह से तैयार हैं।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा, जब सरकार कार्रवाई कर रही है तो आप अब क्या चाहते हैं? इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि पिछले चार दिनों में फ्लाइट रद्द होने की संख्या घटी है. वहीं, केंद्र सरकार की ओर से पेश एएसजी चेतन शर्मा ने कहा कि सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि स्थिति वाकई एक बड़ा संकट है.

CG News : छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने

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रायपुर, 10 दिसंबर 2025 : CG News : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों के मध्य “रक्षक पाठ्यक्रम” के लिए एमओयू संपन्न हुआ। बाल अधिकार एवं संरक्षण पर आधारित यह अनूठा पाठ्यक्रम देश में अपनी तरह का पहला शैक्षणिक नवाचार है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम छात्रों के सुरक्षित और जिम्मेदार भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में आवश्यक विशेषज्ञता भी विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे भूलवश या भ्रमित होकर गलत दिशा में चले जाते हैं क्योंकि वे अबोध होते हैं। ऐसे बच्चों को सही मार्ग पर लाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है। किसानों के बकाया बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना और सबके लिए आवास जैसे महत्वपूर्ण संकल्पों को साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि 350 से अधिक प्रशासनिक सुधार लागू कर छत्तीसगढ़ सुशासन के मार्ग पर तेजी से अग्रसर है और इसी उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना भी की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रक्षक पाठ्यक्रम को रिकॉर्ड समय में तैयार करने और विश्वविद्यालयों में इसे लागू करने के लिए आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।

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महिला एवं बाल विकास मंत्रीलक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है। बच्चों से भिक्षावृत्ति कराना, परित्यक्त बच्चों का पुनर्वास, और संवेदनशील मामलों का समाधान—ये सभी अत्यंत चुनौतीपूर्ण विषय हैं। उन्होंने कहा कि “यह पाठ्यक्रम संवेदनशील, सजग और सेवा-भावयुक्त युवा तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा।” उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्तर का नवाचार बताते हुए कहा कि भविष्य में छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने पाठ्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने आयोग और सभी छह विश्वविद्यालयों को पाठ्यक्रम लागू करने हेतु बधाई दी।

यह एक वर्षीय स्नातकोत्तर “पीजी डिप्लोमा इन चाइल्ड राइट्स एंड प्रोटेक्शन” 
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर, आंजनेय विश्वविद्यालय, रायपुर, एमिटी विश्वविद्यालय, रायपुर और शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई-दुर्ग में प्रारम्भ होगा।

क्या है रक्षक पाठ्यक्रम
प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय में अब तक ऐसा पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं था, जो युवाओं को बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में प्रशिक्षित करते हुए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। इस आवश्यकता को देखते हुए आयोग द्वारा “रक्षक – बाल अधिकार संरक्षण पर एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम” को विकसित किया गया है। इस पाठ्यक्रम से युवाओं को सैद्धांतिक एवं विधिक ज्ञान, विभागीय योजनाओं, संस्थाओं और प्रायोगिक प्रक्रियाओं की गहरी समझ, बाल संरक्षण इकाइयों आदि के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध होगी।संवेदनशीलता, जागरूकता और बाल-अधिकारों की आत्मिक समझ विकसित करने वाला यह पाठ्यक्रम युवाओं को इस क्षेत्र में कुशल, समर्पित और प्रभावी मानव संसाधन के रूप में तैयार करेगा। आयोग द्वारा पाठ्यक्रम के संचालन, प्रशिक्षण, परामर्श और मार्गदर्शन की संपूर्ण सुविधा विश्वविद्यालयों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, ,पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से कुलसचिव प्रो शैलेंद्र पटेल,प्रो ए के श्रीवास्तव,संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय सरगुजा कुलपति  प्रो राजेंद्र लाकपाले, कुलसचिव शारदा प्रसाद त्रिपाठी, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति एवं रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कावरे, कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा,आंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर कुलपति डॉ. टी.रामाराव कुलसचिव डॉ. रूपाली चौधरी, एमिटी विश्वविद्यालय रायपुर कुलपति डॉ. पीयूष कांत पाण्डेय, कुलसचिव डॉ. सुरेश ध्यानी, शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई दुर्ग चांसलर डॉ.आई.पी. मिश्रा, कुलपति डॉ ए. के झा एवं डॉ जया मिश्रा, आयोग के सचिव प्रतीक खरे सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

CG TRANSFER NEWS : 4 थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों के तबादले, एसएसपी ने जारी किया आदेश

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बिलासपुर। CG TRANSFER NEWS : जिले के चार थानों के प्रभारी समेत एसीसीयू के प्रभारियों के तबादले किए गए है, एसएसपी रजनेश सिंह ने इसका आदेश जारी किया है। जारी आदेश में 8 पुलिस अफसरों के नाम शामिल है।

देखें आदेश

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नाइट ड्यूटी के बाद इस हाल में मिली स्टाफ नर्स

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बलौदाबाजार। CG News : बलौदाबाजार जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की छत पर स्टाफ नर्स अभिलाषा जॉन की लाश मिली है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ये पूरा मामला कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है।

नाइट ड्यूटी के बाद लापता 

मिली जानकारी के अनुसार, कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स के रूप में काम करने वाली अभिलाषा जॉन से नाइट शिफ्ट खत्म होने के बाद से संपर्क नहीं हो पा रहा था। पूरे दिन उसे कॉल किया गया, लेकिन उसने रिसीव नहीं किया। इसके बाद थाने में सुचना दी गई।

पुलिस के भी उड़ें होश 

जिसके बाद हरकत में आई बाद पुलिस की टीम ने उसके मोबाइल ट्रेस किया, जिसमें उसकी लोकेशन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के छत पर मिली। पुलिस की टीम जब वहां पहुंची तो उसके भी होश उड़ गए।

पुलिस ने देखा की युवती छत पर मृत अवस्था में पड़ी है और उसका सामान पास में ही बिखरा पड़ा है। पुलिस ने आशंका जाहिर की है कि युवती ने जहर सेवन कर आत्महत्या की है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

केबिनेट मीटिंग

दिनांक – 10 दिसम्बर 2025 – मंत्रीपरिषद के निर्णय

  1. मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरणों के निराकरण/वापसी संबंधी प्रक्रिया को अनुमोदित किया है। मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की समीक्षा एवं परीक्षण के लिए, जिन्हें न्यायालय से वापस लिया जाना है, मंत्रिपरिषद उप समिति के गठन को स्वीकृति दी है। यह समिति परीक्षण उपरांत प्रकरणों को मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत करेगी। यह निर्णय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के प्रावधानों के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत आत्मसमर्पित नक्सलियों के अच्छे आचरण तथा नक्सलवाद उन्मूलन में दिए गए योगदान को ध्यान में रखकर उनके विरुद्ध दर्ज प्रकरणों के निराकरण पर विचार का प्रावधान है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के प्रकरण वापसी की प्रक्रिया के लिए जिला स्तरीय समिति के गठन का प्रावधान किया गया है। यह समिति आत्मसमर्पित नक्सली के अपराधिक प्रकरणों की वापसी के लिए रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को प्रस्तुत करेगी। पुलिस मुख्यालय अभिमत सहित प्रस्ताव भेजेगा। शासन द्वारा विधि विभाग का अभिमत प्राप्त कर मामलों को मंत्रिपरिषद उप समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उपसमिति द्वारा अनुशंसित प्रकरणों को अंतिम अनुमोदन हेतु मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जाएगा। केंद्रीय अधिनियम अथवा केंद्र सरकार से संबंधित प्रकरणों के लिए भारत सरकार से आवश्यक अनुज्ञा प्राप्त की जाएगी। अन्य प्रकरणों को न्यायालय में लोक अभियोजन अधिकारी के माध्यम से वापसी की प्रक्रिया हेतु जिला दण्डाधिकारी को प्रेषित किया जाएगा।
  2. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न कानूनों को समयानुकूल और नागरिकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 14 अधिनियमों में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। उल्लेखनीय है कि कई अधिनियमों में उल्लंघन पर जुर्माना या कारावास के प्रावधान होने से न्यायिक प्रक्रिया लंबी हो जाती है, जिससे आम नागरिक और व्यवसाय दोनों अनावश्यक रूप से प्रभावित होते हैं। ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए इन प्रावधानों का सरलीकरण आवश्यक है। इससे पहले, राज्य सरकार द्वारा 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन करते हुए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2025 अधिसूचित किया गया है। अब 11 विभागों के 14 अधिनियमों के 116 प्रावधानों को भी सरल और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह विधेयक लाया जाएगा। इस विधेयक में छोटे उल्लंघनों के लिए प्रशासकीय शास्ति का प्रावधान रखा गया है, जिससे मामलों का त्वरित निपटारा होगा, न्यायालयों का बोझ कम होगा और नागरिकों को तेजी से राहत मिल सकेगी। साथ ही, कई अधिनियमों में दंड राशि लंबे समय से अपरिवर्तित होने के कारण प्रभावी कार्यवाही बाधित होती थी, इस विधेयक से वह कमी भी दूर होगी। इन संशोधनों से सुशासन को बढ़ावा मिलेगा। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां जन विश्वास विधेयक का द्वितीय संस्करण लाया जा रहा है।
  3. मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2025-2026 का विधानसभा में उपस्थापन बावत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 का अनुमोदन किया गया।

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साय कैबिनेट की बैठक संपन्न,

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रायपुर।  CG CABINET BREAKING : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

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1. मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरणों के निराकरण/वापसी संबंधी प्रक्रिया को अनुमोदित किया है।

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मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की समीक्षा एवं परीक्षण के लिए, जिन्हें न्यायालय से वापस लिया जाना है, मंत्रिपरिषद उप समिति के गठन को स्वीकृति दी है। यह समिति परीक्षण उपरांत प्रकरणों को मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत करेगी। यह निर्णय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के प्रावधानों के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत आत्मसमर्पित नक्सलियों के अच्छे आचरण तथा नक्सलवाद उन्मूलन में दिए गए योगदान को ध्यान में रखकर उनके विरुद्ध दर्ज प्रकरणों के निराकरण पर विचार का प्रावधान है।

आत्मसमर्पित नक्सलियों के प्रकरण वापसी की प्रक्रिया के लिए जिला स्तरीय समिति के गठन का प्रावधान किया गया है। यह समिति आत्मसमर्पित नक्सली के अपराधिक प्रकरणों की वापसी के लिए रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को प्रस्तुत करेगी। पुलिस मुख्यालय अभिमत सहित प्रस्ताव भेजेगा। शासन द्वारा विधि विभाग का अभिमत प्राप्त कर मामलों को मंत्रिपरिषद उप समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उपसमिति द्वारा अनुशंसित प्रकरणों को अंतिम अनुमोदन हेतु मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जाएगा। केंद्रीय अधिनियम अथवा केंद्र सरकार से संबंधित प्रकरणों के लिए भारत सरकार से आवश्यक अनुज्ञा प्राप्त की जाएगी। अन्य प्रकरणों को न्यायालय में लोक अभियोजन अधिकारी के माध्यम से वापसी की प्रक्रिया हेतु जिला दण्डाधिकारी को प्रेषित किया जाएगा।

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2. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न कानूनों को समयानुकूल और नागरिकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 14 अधिनियमों में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

उल्लेखनीय है कि कई अधिनियमों में उल्लंघन पर जुर्माना या कारावास के प्रावधान होने से न्यायिक प्रक्रिया लंबी हो जाती है, जिससे आम नागरिक और व्यवसाय दोनों अनावश्यक रूप से प्रभावित होते हैं। ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए इन प्रावधानों का सरलीकरण आवश्यक है। इससे पहले, राज्य सरकार द्वारा 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन करते हुए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2025 अधिसूचित किया गया है। अब 11 विभागों के 14 अधिनियमों के 116 प्रावधानों को भी सरल और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह विधेयक लाया जाएगा।

इस विधेयक में छोटे उल्लंघनों के लिए प्रशासकीय शास्ति का प्रावधान रखा गया है, जिससे मामलों का त्वरित निपटारा होगा, न्यायालयों का बोझ कम होगा और नागरिकों को तेजी से राहत मिल सकेगी। साथ ही, कई अधिनियमों में दंड राशि लंबे समय से अपरिवर्तित होने के कारण प्रभावी कार्यवाही बाधित होती थी, इस विधेयक से वह कमी भी दूर होगी। इन संशोधनों से सुशासन को बढ़ावा मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां जन विश्वास विधेयक का द्वितीय संस्करण लाया जा रहा है।

3. मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2025-2026 का विधानसभा में उपस्थापन बावत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ में अब सांप-बिच्छू भगाएंगे शिक्षक

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गौरतलब है कि आवारा कुत्तों को स्कूल परिसर में प्रवेश से रोकने, उनकी पहचान कर नगर निगम, जनपद पंचायत को सूचित करने का आदेश डीपीआई ने 20 नवंबर को जारी किया था। स्कूल परिसर में खेल रहे बच्चे नदी या तालाब गए और कोई दुर्घटना हुई, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी प्राचार्य, प्रधान पाठक और शिक्षक की होगी।

 ⁠स्कूल का भवन जर्जर होने से बच्चों को चोट लगने पर भी प्राचार्य, प्रधान पाठक और शिक्षक जिम्मेदार होंगे। मध्यान्ह भोजन खराब मिलने पर भी यही लोग उत्तरदायी होंगे। बच्चों का आधार आईडी, जाति प्रमाण पत्र, एसआईआर और स्मार्ट कार्ड बनवाने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों की है।