Friday, August 7, 2026
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सायरन बजाती एंबुलेंस में मरीज नहीं, कुछ और ही सामान था

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भरत सिंह चौहान, जांजगीर चांपा। CG Crime : छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में ट्रांसफार्मर, कॉपर और एल्युमिनियम केबल चोरी करने वाले एक अंतरजिला संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ की तलाश जारी है।

खौफनाक रातों का कबाड़ किंग गिरफ्तार

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दरअसल, जनवरी माह में रोड दुरपा और लोहर्सी क्षेत्र में ट्रांसफार्मरों से सैकड़ों किलो कॉपर वायर चोरी की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद शिवरीनारायण थाना में मामला दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर तंत्र और लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अमर बाबू उर्फ कुंदन वानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया।

एंबुलेंस से करते थे तस्करी

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आरोपी पहले क्षेत्र में घूमकर ट्रांसफार्मरों और केबल की रेकी करते थे, मोबाइल से फोटो लेकर योजना बनाते थे और रात में पिकअप वाहन व एंबुलेंस के रूप में तैयार बोलेरो से चोरी का माल ले जाते थे ताकि किसी को संदेह न हो। चोरी किए गए कॉपर और एल्युमिनियम वायर को कबाड़ में खपाया जाता था।

17 लाख 30 हजार का माल जब्त 

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह ने मुलमुला, अकलतरा, बलौदा बाजार और बिलासपुर सहित कई क्षेत्रों में 10 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपियों के कब्जे से ट्रांसफार्मर, कॉपर-एल्युमिनियम वायर, चार मोबाइल, छोटा हाथी और बोलेरो एंबुलेंस सहित कटर मशीन व अन्य औजार जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 17 लाख 30 हजार रुपये बताई जा रही है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध की धारा 111 बीएनएस भी जोड़ी है और सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। शिवरीनारायण पुलिस की यह कार्रवाई मजबूत सूचना तंत्र और सतत निगरानी का परिणाम मानी जा रही है।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘बस्तर पंडुम

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बस्तर-जगदलपुर । Bastar Pandum-2026 : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासियों की संस्कृति में छत्तीसगढ़ की आत्मा बसती है। उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरूआत की। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जहाँ सरकार अपनी संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और प्राचीन विरासतों को संरक्षित करने के लिए बस्तर पंडुम जैसे आयोजन कर रही है। यह आयोजन आदिवासियों की गौरवशाली संस्कृति का जीवंत प्रतिबिंब है।

जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित इस शुभारंभ समारोह में बड़ी संख्या में आदिवासी कलाकार और विशाल जनसमूह मौजूद रहा। सभी को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय उत्थान के लिए निरंतर बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम जनमन, प्रधानमंत्री जनजातीय गौरव उत्कर्ष अभियान तथा नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं के जरिए जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

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राष्ट्रपति ने बस्तर क्षेत्र में आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनजातीय बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए शासन के साथ-साथ समाज और उनके माता-पिता को भी आगे आना होगा। उन्होंने बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राचीन परंपराओं की जड़ें आज भी मजबूत हैं। बस्तर पंडुम जनजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और समृद्ध परंपराओं को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। राष्ट्रपति ने बताया कि बस्तर पंडुम में 54 हजार से अधिक आदिवासी कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो अपनी सांस्कृतिक जड़ों से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।

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उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं, लोकतंत्र के प्रति उनकी आस्था बढ़ रही है। वर्षों से बंद विद्यालय पुनः खुल रहे हैं, दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सड़कें और पुल-पुलियों का निर्माण हो रहा है तथा ग्रामीणजन विकास से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की सुंदरता और संस्कृति सदैव लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है, किंतु दुर्भाग्यवश चार दशकों तक यह क्षेत्र माओवाद से ग्रस्त रहा, जिससे यहां के निवासियों को अनेक कष्ट झेलने पड़े।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत सरकार की माओवादी आतंक के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई के परिणामस्वरूप वर्षों से व्याप्त भय, असुरक्षा और अविश्वास का वातावरण अब समाप्त हो रहा है। माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं और नागरिकों के जीवन में शांति लौट रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों और स्थानीय लोगों के सहयोग से आज बस्तर में विकास का नया सूर्याेदय हो रहा है। गाँव-गाँव में बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच रही हैं। वर्षों से बंद विद्यालयों में अब बच्चों की कक्षाएँ फिर से संचालित हो रही हैं। राष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह से अपनी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को सहेजने का आह्वान करते हुए बस्तर की जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

बस्तर पंडुम जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव – राज्यपाल

राज्यपाल रमेन डेका शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर पंडुम कोई साधारण मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव है। यहाँ के लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक पहनावा, आभूषण, ढोल-नगाड़े और पारंपरिक व्यंजन मिलकर बस्तर की सुंदर तस्वीर दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि गौर नृत्य, परघौनी नृत्य तथा धुरवा, मुरिया, लेजा जैसे नृत्य बस्तर की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। इस प्रकार के आयोजन हमारी आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। राज्यपाल ने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, माड़िया, हल्बा, भतरा एवं परजा समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी मूल परंपराओं को सहेजते आए हैं। जल, जंगल और जमीन के साथ सामंजस्य बस्तर की सबसे बड़ी ताकत है। बस्तर पंडुम के माध्यम से कलाकारों को पहचान, सम्मान और आजीविका के अवसर मिलेंगे। लोककला तभी जीवित रहेगी जब कलाकार खुशहाल होंगे।

राज्यपाल डेका ने कहा कि ढोकरा कला छत्तीसगढ़ की शान है। बस्तर में निर्मित ढोकरा शिल्प की मूर्तियाँ देश-विदेश में लोकप्रिय हैं। यह कला जनजातीय शिल्पकारों की संस्कृति, मेहनत और कौशल का प्रमाण है। बस्तर की संस्कृति केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की लोक परंपराओं और विविधताओं का प्रतीक है।

बस्तर समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती – मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माँ दंतेश्वरी को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का बस्तर पंडुम में आना केवल औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि बस्तर के लिए आशीर्वाद, जनजातीय समाज के लिए सम्मान और माताओं-बहनों के लिए अपनत्व है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के जीवन, आस्था, बोली-भाषा, नृत्य-गीत, वेशभूषा, खान-पान और जीवन-दर्शन का जीवंत प्रतिबिंब है। बस्तर केवल जंगलों की धरती नहीं, बल्कि समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम के लिए इस वर्ष 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक कलाकारों ने पंजीयन कराया, जिनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वेशभूषा-आभूषण, शिल्प, चित्रकला, व्यंजन, पेय पदार्थ, आंचलिक साहित्य और वन-औषधियाँ शामिल हैं, जो बस्तर की संस्कृति की जीवंतता और समृद्धि को दर्शाती हैं।

अब नया बस्तर – डर की जगह भरोसा, हिंसा की जगह विकास

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय था जब बस्तर को नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाना जाता था, लेकिन आज डर की जगह भरोसे ने और हिंसा की जगह विकास ने ले ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ गूँजती थी, आज वहाँ स्कूलों की घंटी बजती है। जहाँ कभी तिरंगा नहीं लहरा पाता था, आज वहाँ राष्ट्रगान की गूंज सुनाई देती है। गणतंत्र दिवस पर बस्तर संभाग के अति-संवेदनशील गाँवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जो लोकतंत्र और संविधान की जीत है।

नियद नेल्ला नार, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा अभियान विकास के मील के पत्थर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आदिवासी क्षेत्रों में विकास के मील के पत्थर हैं। इन योजनाओं से दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाएँ पहुँची हैं। नई पुनर्वास नीति के से जो लोग कभी बंदूक के रास्ते पर थे, वे अब सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। चिल्कापल्ली, तेमेनार और हांदावाड़ा जैसे गाँवों में वर्षों बाद बिजली पहुँची है, यह केवल रोशनी नहीं, बल्कि आशा और भविष्य का उजाला है।

जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर और वैश्विक पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर की पहचान वनोपज से भी है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर बढ़ाई गई है, चरण-पादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा वन धन केंद्रों के माध्यम से वनोपज को उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गाँव को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गाँवों में शामिल किया गया है। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और कोटमसर गुफाएँ केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान हैं।

युवा अब हथियार नहीं, खेल और कला से बना रहे पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन यह सिद्ध करते हैं कि बस्तर के युवा अब हथियार नहीं, बल्कि खेल और कला के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं। लाखों युवाओं और महिलाओं की भागीदारी इस बदलाव का सबसे सशक्त प्रमाण है।

बस्तर की नई पहचान को मजबूत करने का आह्वान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बस्तर आगमन ऐतिहासिक है। इससे कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बेटियों के सपनों को उड़ान मिलेगी और बस्तर को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर बस्तर को शांति, समृद्धि और संस्कृति का केंद्र बनाएँगे, जिस पर पूरे देश को गर्व हो। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया।

कोंडागांव बस्तर पंडुम पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया तथा कोण्डागांव और बास्तानार के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक किरणदेव सिंह, सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पांडे, कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर की फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड,

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रायपुर। Raipur Breaking : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का औद्योगिक इलाका भनपुरी आज सुबह दहल उठा। यहाँ स्थित एक तार फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई है। आग इतनी भयावह है कि इसकी लपटें और धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से ही आसमान में साफ देखा जा सकता है। पूरा इलाका काले धुएं की चादर से ढंक गया है, जिससे लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है।

फैक्ट्री बनी आग का गोला

जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री के भीतर रखे ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। घटना के वक्त फैक्ट्री में काम चल रहा था या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है, लेकिन आग की तीव्रता को देखकर आसपास की फैक्ट्रियों और रिहायशी इलाकों में हड़कंप मच गया है। लोग डर के मारे अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए हैं।

दमकल की टीमें मोर्चे पर

आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके के लिए रवाना कर दी गई हैं। पुलिस की टीम ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और आवाजाही रोक दी गई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग इतनी भयंकर है कि दमकल कर्मियों को पास जाने में भी भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

तबाही का वीडियो वायरल

इस घटना के रोंगटे खड़े कर देने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में आग की लपटें फैक्ट्री की छतों को फाड़कर बाहर निकलती दिख रही हैं। फिलहाल आग लगने का सटीक कारण अज्ञात है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ होगा।

पढ़ाई की जगह बच्चों से फिकवाया जा रहा कचरा

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CG School Video : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है, जिसने विभाग के दावों की पोल खोल दी है। कोटा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले बानाबेल संकुल की शासकीय प्राथमिक शाला पंडरा पथरा में गुरुजी की बड़ी लापरवाही और संवेदनहीनता देखने को मिली।

नियमों की उड़ी धज्जियां

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जानकारी के अनुसार, स्कूल समय के दौरान सुबह करीब 11:15 बजे, जब बच्चों को कक्षाओं में पढ़ाई करनी चाहिए थी, तब उनसे स्कूल परिसर की सफाई कराई जा रही थी। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पांच मासूम बच्चे बाल्टियों में कचरा भरकर बाहर फेंक रहे हैं, वहीं दो अन्य बच्चे कमरों में झाड़ू लगा रहे हैं।​नियमों के मुताबिक, स्कूल परिसर में बच्चों से किसी भी प्रकार का शारीरिक श्रम या साफ-सफाई कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन यहाँ के शिक्षकों ने इन नियमों को ताक पर रख दिया।

‘शिक्षा का मंदिर’ कहे जाने वाले स्कूल में बच्चों के साथ हो रहे इस व्यवहार ने अब गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जैसे ही इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पूरे जिले में हड़कंप मच गया और अभिभावकों सहित ग्रामीणों ने शिक्षकों के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। अब सबकी नजरें शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि क्या इन लापरवाह शिक्षकों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

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देखें वीडियो –

 

 

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राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘बस्तर पंडुम

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जगदलपुर। Bastar Pandum-2026 Live : बस्तर के सांस्कृतिक इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने माई दन्तेश्वरी की पावन धरा पर कदम रखते ही तीन दिवसीय ‘बस्तर पंडुम-2026’ का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं के इस महाकुंभ के आगाज़ के साथ ही पूरा बस्तर उत्सव के रंग में सराबोर हो गया है।

उद्घाटन समारोह के दौरान मंच पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रेमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, गजेन्द्र यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व स्थानीय विधायक किरण सिंह देव सहित कई वरिष्ठ नेता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे बस्तर में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।

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Bastar Pandum-2026 का शुभारंभ करेंगी राष्ट्रपति मुर्मू

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रायपुर। Bastar Pandum-2026 : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ ‘बस्तर पण्डुम-2026‘ का 7 फरवरी 2026 को शुभारंभ करेंगी। संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 9 फरवरी तक आयोजित होगा। जनजातीय समाज के इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ जनजातीय जीवनशैली, मान्यताओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत सहेजने और प्रदर्शित करने का पर्व है। बस्तर पण्डुम लोककला और संस्कृति तथा स्थानीय परंपराओं से जुड़ा उत्सव है। यह उत्सव बस्तर जनजातीय बस्तर पण्डुम जानजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और उनकी समृद्ध परंपरा को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। इस उत्सव के माध्यम से बस्तर अंचल की सांस्कृतिक को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय एवं लोक संस्कृति महोत्सव “बस्तर पंडुम 2026” का शुभारंभ समारोह 7 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे जगदलपुर में होगा। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव और विजय शर्मा, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप विशेष रूप से शामिल होंगे।

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बस्तर अंचल में पण्डुम पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस उत्सव में जनजातीय समाज की जीवनशैली के दर्शन होते है। इस बार पण्डुम पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 12 विधाओं की प्रस्तुति दी जाएगी। युवा कलाकारों के माध्यम से बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा व आभूषण, पूजा पद्धति, बस्तर शिल्प, जनजातीय चित्रकला का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य एवं बस्तर वन औषधि पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम में सांसद द्वय भोजराज नाग और महेश कश्यप, विधायक किरण सिंहदेव, लता उसेण्डी, विक्रम उसेण्डी, नीलकण्ठ टेकाम, आशाराम नेताम, चैतराम अटामी, विनायक गोयल, सावित्री मनोज मंडावी, लखेश्वर बघेल, विक्रम मंडावी तथा महापौर संजय पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे।

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छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का

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रायपुर। CG WEATHER NEWS: छत्तीसगढ़ में फरवरी के पहले सप्ताह में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है, जहां दोपहर के समय बढ़ती गर्मी लोगों को पसीना छुड़ा रही है, वहीं सुबह कोहरा और रात में हल्की ठंड का असर बना हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में प्रदेश का मौसम शुष्क रहा, राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि उत्तर अफगानिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 7 फरवरी तक मौसम शुष्क रहेगा, जबकि अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी के आसार हैं।

8 फरवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। राजधानी रायपुर में आज सुबह धुंध छाए रहने की संभावना है और दिन का अधिकतम तापमान 31 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

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टोल प्लाजा पर गुंडागर्दी, टोल मांगने पर

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सोनीपत। CRIME NEWS: हरियाणा के सोनीपत में नेशनल हाईवे-44 स्थित भिगान टोल प्लाजा पर देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चार एसयूवी गाड़ियों में सवार 10 से 12 युवकों ने टोल शुल्क मांगने पर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौच करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया, इस हिंसक घटना में दो टोल कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए,

जिन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टोल प्लाजा मैनेजर आनंद के अनुसार, एक गाड़ी के टोल पर रुकने के बाद लाइन में खड़ी अन्य गाड़ियों से युवक उतर आए और जबरन बैरियर हटाकर निकलने की कोशिश करने लगे, कर्मचारियों ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

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पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। मुरथल थाना पुलिस को शिकायत दी गई है और पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है, हालांकि अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

U19 वर्ल्ड कप जीत पर छत्तीसगढ़ में जश्न, सीएम

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रायपुर। CG NEWS: भारत के छठी बार अंडर-19 विश्व कप जीतने पर छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर है, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भारतीय युवा टीम को ऐतिहासिक जीत पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अंडर-19 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम ने इंग्लैंड को हराकर देश को गौरवान्वित किया है, खासतौर पर वैभव सूर्यवंशी की 175 रनों की विस्फोटक पारी भारतीय क्रिकेट की नई ताकत को दर्शाती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

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वहीं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि फाइनल में इंग्लैंड को हराकर भारतीय युवाओं ने स्वर्णिम इतिहास रच दिया है और पूरी टीम ने देश को गर्व महसूस कराया है। उल्लेखनीय है कि हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल में भारत ने 50 ओवर में 411 रन का रिकॉर्ड स्कोर बनाया और इंग्लैंड को 100 रन से हराकर छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप पर कब्जा किया।

कांकेर के शासकीय कन्या आश्रम में शिक्षिका का

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कांकेर। CG NEWS: जिले के एक शासकीय कन्या आश्रम से चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शिक्षिका काकोली देवनाथ पर छात्राओं को भूत भगाने के नाम पर डराने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगा है।

शिकायत मिलने पर जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर आश्रम पहुंचीं और औचक निरीक्षण के दौरान पाया कि संबंधित शिक्षिका आश्रम में मौजूद थी, जबकि वहां उसकी कोई ड्यूटी नहीं थी।

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निरीक्षण के दौरान छात्राओं से मिली जानकारी और हालात को देखकर जिला पंचायत सदस्य ने शिक्षिका को जमकर फटकार लगाई। मामले के सामने आने के बाद आश्रम की व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं पूरे प्रकरण की जांच और आगे की कार्रवाई की मांग उठ रही है।