Friday, August 7, 2026
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नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता

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नारायणपुर। CG NEWS: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला नारायणपुर में नक्सल विरोधी अभियान के तहत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) की 53वीं वाहिनी को बड़ी सफलता मिली है।

Naxal Operation: नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता

7 फरवरी 2026 को 53वीं वाहिनी के सेनानी संजय कुमार के मार्गदर्शन और उप सेनानी तेजवीर सिंह के नेतृत्व में सीओबी गांव मंडाड़ा से मटवाड़ा की ओर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें ITBP और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने घने नक्सल इलाके में छिपाकर रखा गया नक्सल डंप बरामद किया।

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सघन घेराबंदी और तलाशी के दौरान पुराने स्टेशनरी सामान, प्रिंटिंग सामग्री, की-बोर्ड सहित अन्य नक्सली उपयोग की वस्तुएं जब्त की गईं। ऑपरेशन के दौरान जवानों को तीन आईईडी भी मिलीं, जिन्हें मौके पर ही ITBP की बीडीडीएस टीम द्वारा विस्फोट कर सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया गया।

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पूरे अभियान में किसी भी प्रकार की जनहानि या जवानों को क्षति नहीं हुई और सभी जवान सुरक्षित कैंप लौटे। क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से 53वीं वाहिनी द्वारा आगे भी सघन सर्च ऑपरेशन जारी रखने की योजना है।

माजदा की टक्कर से दर्दनाक हादसा: बाइक

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राजनांदगांव। RAJNANDGAON राजनांदगांव जिले के सोमनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फुलझर के समीप एक भीषण सड़क हादसे में माजदा वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।

बताया गया कि एक ही बाइक पर पांच लोग सवार थे, तभी तेज रफ्तार माजदा ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मामले की जांच जारी है।

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छत्तीसगढ़ के रसायन उद्योग और एसएमई को

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नई दिल्ली,रायपुर। CG NEWS: रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में रसायन क्षेत्र में लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) को सशक्त बनाने, पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक विकास को संतुलित करने तथा छत्तीसगढ़ जैसे औद्योगिक राज्यों की विशेष चुनौतियों को लेकर गंभीरता से मुद्दा उठाया।

सांसद अग्रवाल ने रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय से प्रश्न करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 60 प्रतिशत लघु उद्योग ‘लाल श्रेणी’ में आते हैं, जहां नदी प्रदूषण और खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि खतरनाक अपशिष्ट नियम, 2016 के अंतर्गत चक्रीय अर्थव्यवस्था मानकों को पूरा करने के लिए एसएमई को किस प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और राज्यवार कार्यान्वयन की स्थिति क्या है।

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उन्होंने एमएसई-स्पाइस और पीएलआई जैसी योजनाओं के एकीकरण, बढ़ती अनुपालन लागत, सीमित अनुसंधान एवं विकास व्यय तथा वर्ष 2030 तक रसायन क्षेत्र को 400-450 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के रोडमैप पर भी सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।

रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा खतरनाक एवं अन्य अपशिष्ट (प्रबंधन एवं सीमा पार संचलन) नियम, 2016 लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य की रक्षा करते हुए सुरक्षित अपशिष्ट प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। इन नियमों के तहत अपशिष्ट की रोकथाम, न्यूनीकरण, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण और सह-प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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सांसद बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि, छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 587 खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाली इकाइयां, 36 पुनर्चक्रणकर्ता, 40 अधिकृत उपयोगकर्ता और 175 आंतरिक उपयोगकर्ता कार्यरत हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य में लगभग 2.12 लाख मीट्रिक टन खतरनाक अपशिष्ट का पुनर्चक्रण या उपयोग किया गया, जो राज्य में सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी बताया कि देशभर में 127 मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) विकसित की गई हैं, जिससे अंतर-उद्योग अपशिष्ट पुनः उपयोग को सुरक्षित और पारदर्शी बनाया गया है।

एमएसई-स्पाइस योजना से छत्तीसगढ़ के उद्योगों को मिलेगा लाभ

सरकार ने एमएसई-स्पाइस (सर्कुलर इकोनॉमी में प्रोत्साहन एवं निवेश) योजना के तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को संयंत्र और मशीनरी लागत पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी (अधिकतम 12.5 लाख रुपये प्रति इकाई) देने की जानकारी दी। यह योजना प्लास्टिक, रबर और ई-कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ के एमएसएमई को नई तकनीक अपनाने और लागत घटाने में मदद करेगी।

छत्तीसगढ़ के लिए दूरदर्शी पहल

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं से छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, स्थानीय समुदायों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और राज्य का रसायन क्षेत्र राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र-राज्य समन्वय और उद्योग-हितैषी नीतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ सर्कुलर इकोनॉमी का मजबूत मॉडल बनकर उभरेगा।

CG NEWS: मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वास: दक्षिण बस्तर

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रायपुर। CG NEWS: छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता सामने आई है। जिला बीजापुर में 30 और सुकमा में 21 माओवादी कैडरों ने राज्य सरकार की पुनर्वास आधारित पहल “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” के अंतर्गत आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल 1.61 करोड़ का इनाम घोषित था।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हथियारों का परित्याग कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में आस्था व्यक्त करना यह स्पष्ट संकेत देता है कि सुरक्षा, सुशासन और समावेशी प्रगति ही किसी भी क्षेत्र के दीर्घकालिक भविष्य की सुदृढ़ नींव होते हैं। यह घटनाक्रम बस्तर में शांति स्थापना के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का सकारात्मक और ठोस परिणाम है।

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बीते दो वर्षों में बस्तर के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इस विकासात्मक पहल ने भटके युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक जीवन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार की सुशासन आधारित नीति का केंद्र बिंदु सुरक्षा के साथ-साथ विश्वास, पुनर्वास और भविष्य की संभावनाओं का निर्माण है। आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं के पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विज़न, माननीय अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा राज्य सरकार के सतत प्रयासों से बस्तर आज भय और हिंसा से निकलकर विश्वास, विकास और नए अवसरों की ओर तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में बस्तर एक विकसित, शांत और समृद्ध क्षेत्र के रूप में देश के सामने नई पहचान स्थापित करेगा।

ऑनलाइन लोन के नाम पर लाखों की साइबर

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रायपुर। CRIME NEWS:ऑनलाइन फाइनेंस और प्री-अप्रूव्ड लोन दिलाने के नाम पर ठेले लगाने वाले और छोटे कारोबारियों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एमजी रोड चौपाटी और आसपास के इलाकों में सक्रिय इस ठग को मौदहापारा पुलिस ने ट्रेन से फरार होने से ठीक पहले गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुदित पाठे उर्फ कृष पवार (उम्र 19 वर्ष), पिता विजय कुमार पाठे के रूप में हुई है, जो मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा का रहने वाला है। आरोपी दसवीं पास है और पढ़ाई छोड़ने के बाद फाइनेंस सेक्टर में काम करने की चाह लेकर रायपुर आया था।

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ऐसे जीतता था भरोसा, फिर करता था ठगी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पहले ठेले वालों और छोटे व्यापारियों से दोस्ताना संबंध बनाता था। इसके बाद वह विभिन्न ऑनलाइन फाइनेंस, कैशबैक और इन्वेस्टमेंट ऐप्स की मदद से पीड़ितों को शुरुआती तौर पर वास्तविक लाभ दिलवाता था। इससे लोगों का भरोसा आसानी से जीत लेता था।

भरोसा कायम होते ही आरोपी पीड़ितों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लेता था। लोन दिलाने, प्रोसेसिंग फीस माफ कराने और तुरंत रकम मिलने जैसे बहानों से वह किसी भी तरह का शक नहीं होने देता था।

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प्री-अप्रूव्ड लोन लेकर रकम की हेराफेरी
इसके बाद आरोपी अलग-अलग फाइनेंस ऐप्स के जरिए पीड़ितों के नाम पर प्री-अप्रूव्ड लोन स्वीकृत कराता और लोन की राशि को अपने ऑनलाइन वॉलेट और अन्य खातों में ट्रांसफर कर लेता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह एक दर्जन से अधिक फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट ऐप्स का इस्तेमाल कर रहा था।

कोरोना के बाद बिगड़ी हालत, ठगी को बनाया जरिया
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पिता पहले इंश्योरेंस सेक्टर में कार्यरत थे, लेकिन कोरोना काल के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। इसी कारण उसने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी और ऑनलाइन फाइनेंस से जुड़ी जानकारी जुटाकर ठगी का रास्ता अपनाया। आरोपी का दावा है कि वह इस रकम से अपने गृह नगर में मोबाइल की दुकान खोलना चाहता था।

फरार होने से पहले दबोचा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश प्रसाद गुप्ता और एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने स्वयं साक्ष्यों का परीक्षण कर तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षक मुकेश शर्मा के नेतृत्व में मौदहापारा पुलिस ने ट्रेन से फरार होने से पहले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

दर्जनभर बैंक कार्ड और मोबाइल बरामद
एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा के सुपरविजन में पुलिस ने आरोपी के पास से दर्जनभर बैंक कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ठगी की रकम को अलग-अलग ऑनलाइन वॉलेट्स में ट्रांसफर किए जाने के सबूत भी मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपी अन्य मामलों में भी शामिल हो सकता है।

पुलिस ने आम नागरिकों, खासकर छोटे व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन लोन या फाइनेंस ऑफर में अपने दस्तावेज, ओटीपी या मोबाइल किसी अनजान व्यक्ति को न दें और पूरी सतर्कता बरतें।

दमाखेड़ा को मिला नया नाम

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बलौदाबाजार-भाटापारा। CG NEWS: छत्तीसगढ़ में गांव का नाम बदला—दमाखेड़ा अब आधिकारिक रूप से ‘कबीर धर्म नगर दमाखेड़ा’ घोषित,छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य राजपत्र में अधिसूचना जारी कर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील स्थित गांव दमाखेड़ा का नाम बदलकर ‘कबीर धर्म नगर दमाखेड़ा’ कर दिया है।

यह निर्णय मंत्रिपरिषद की बैठक (04 जून 2025) में लिए गए फैसले और भारत सरकार के गृह मंत्रालय की सहमति के बाद लागू किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी राजपत्र के अनुसार नाम परिवर्तन हिंदी और अंग्रेज़ी—दोनों में प्रभावी होगा, जिसमें देवनागरी में कबीर धर्म नगर, दमाखेड़ा और रोमन में KABIR DHARM NAGAR DAMAKHERA दर्ज किया गया है। अधिसूचना 5 फरवरी 2026 से लागू मानी जाएगी, जिसके बाद सभी शासकीय अभिलेखों, दस्तावेज़ों और प्रशासनिक कार्यों में नया नाम उपयोग में लाया जाएगा।

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छत्तीसगढ़ सरकार का फैसला: दमाखेड़ा को मिला नया नाम

21 लाख के आवास घोटाले में ठेकेदार गिरफ्तार

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कबीरधाम।CG News : न्यायधानी के पड़ोसी जिले कबीरधाम से भ्रष्टाचार की एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष पिछड़ी जनजाति बैगाओं के उत्थान के नाम पर आए 21 लाख 50 हजार रुपये को अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत ने ‘हजम’ कर लिया। कवर्धा पुलिस ने इस सनसनीखेज घोटाले में पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए ठेकेदार को सलाखों के पीछे भेज दिया है, जबकि एक ‘सरकारी प्यादा’ अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

फाइलों में बन गए मकान, जमीन पर एक ईंट भी नहीं

पूरा मामला तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुकरापानी का है। साल 2024 में ट्राइबल एवं बैगा आवास योजना के तहत सरकार ने गरीब परिवारों के लिए 21 लाख 50 हजार रुपये जारी किए थे। यह राशि इसलिए थी ताकि उन बैगा परिवारों को पक्की छत मिल सके जो बरसों से झोपड़ियों में रह रहे हैं। लेकिन अफसोस! मकान बनने से पहले ही पूरी रकम तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी और ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी की जेबों में चली गई।

कैसे हुआ खुलासा? एय्याशी में उड़ाए पैसे!

जब बैगा परिवारों ने मकान न बनने की शिकायत की, तब पुलिस की जांच में जो सच सामने आया वो चौंकाने वाला था। गिरफ्तार ठेकेदार छोटूराम ने कबूल किया कि उसने आवास के लिए आए पैसों से निर्माण सामग्री खरीदी और उसे अपने दूसरे प्राइवेट ठेकेदारी कार्यों में खपा दिया। पुलिस ने मौके से अहम दस्तावेज और मोबाइल जब्त किए हैं, जिनमें भ्रष्टाचार के गहरे राज दफन हैं।

फरार आरोपी की तलाश जारी

इस घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा पंचायत का तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी गिरफ्तारी के डर से फरार हो गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही है।

भारत में घटिया क्वालिटी बेचने का आरोप: सांसद

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नई दिल्ली,रायपुर । CG NEWS:  लोकसभा में नियम 377 के तहत एक बहुत ही अहम मुद्दा उठाते हुए, रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भारत में काम कर रही कई विदेशी कंपनियों की “दोहरी मानसिकता” की कड़ी आलोचना की। उन्होंने बताया कि ये कंपनियाँ ऐसे प्रोडक्ट बेचती हैं जिनकी क्वालिटी पश्चिमी बाजारों में बेचे जाने वाले प्रोडक्ट की तुलना में काफी कम होती है।

बृजमोहन ने इन दोहरे मापदंडों के पक्के उदाहरण भी दिए। उन्होंने बताया कि जो बेबी फूड यूरोप के बाजारों में बिकता है. उसमें अलग से कोई चीनी नहीं होती। लेकिन हैरानी की बात है कि वहीं ब्रांड जब भारतीय माताओं को अपना सामान बेचते हैं, तो वह चीनी से भरा होता है। उन्होंने आगे बताया कि भारतीय उत्पादों में कोको बटर जैसी प्रीमियम चीजों को अक्सर सस्ते वनस्पति तेल से बदल दिया जाता है।

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सांसद ने जोर देकर कहा कि ऐसी हरकतें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत’ के सपने को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि भारत को खराब सामान खपाने के लिए “डंपिंग ग्राउंड” नहीं बनाया जा सकता और देश के नागरिकों की सेहत देश के भविष्य के लिए सबसे ज्यादा जरनी है।

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, “हमारे नागरिकों की सेहत ही देश का भविष्य है। हम यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे कि ग्लोबल ब्रांड्स भारत में तो ज्यादा चीनी वाला बेबी फूड या सस्ते तेल का इस्तेमाल करें, लेकिन विदेशों में अच्छी क्वालिटी बनाए रखें। अब समय आ गया है कि FSSAI पूरी दुनिया में ‘एक ब्रांड, एक क्वालिटी का नियम सख्ती से लागू करे। भारत दुनिया का एक लीडर है, न कि घटिया उत्पादों का डंपिंग ग्राउंड।”

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अग्रवाल ने केंद्र सरकार से तुरंत ये कदम उठाने की अपील कीः

1. FSSAI नियमों में बदलावः खाने की सुरक्षा और क्वालिटी के मौजूदा नियमों को और सख्त किया जाए।

2. वैश्विक समानता (Global Parity) लागू हो: यह सुनिश्चित किया जाए कि भारत में काम करने वाला कोई भी ग्लोबल ब्रांड ठीक उसी क्यालिटी का पालन करे जो वह अपने मूल देश (country of origin) में करता है।

3. कड़ी निगरानीः ऐसे कम पोषण वाले उत्पादों की बिक्री रोकी जाए जो लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करते

07 Feb 2026 – PRESS RELEASE

बहुराष्ट्रीय कंपनियां यूरोप और दुनिया के बाकी

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नई दिल्ली, 07 फरवरी 2026 : MP Brijmohan : लोकसभा में नियम 377 के तहत एक बहुत ही अहम मुद्दा उठाते हुए, रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भारत में काम कर रही कई विदेशी कंपनियों की “दोहरी मानसिकता” की कड़ी आलोचना की। उन्होंने बताया कि ये कंपनियाँ ऐसे प्रोडक्ट बेचती हैं जिनकी क्वालिटी पश्चिमी बाजारों में बेचे जाने वाले प्रोडक्ट की तुलना में काफी कम होती है।

बृजमोहन ने इन दोहरे मापदंडों के पक्के उदाहरण भी दिए। उन्होंने बताया कि जो बेबी फूड यूरोप के बाजारों में बिकता है. उसमें अलग से कोई चीनी नहीं होती। लेकिन हैरानी की बात है कि वहीं ब्रांड जब भारतीय माताओं को अपना सामान बेचते हैं, तो वह चीनी से भरा होता है। उन्होंने आगे बताया कि भारतीय उत्पादों में कोको बटर जैसी प्रीमियम चीजों को अक्सर सस्ते वनस्पति तेल से बदल दिया जाता है।

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सांसद ने जोर देकर कहा कि ऐसी हरकतें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत’ के सपने को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि भारत को खराब सामान खपाने के लिए “डंपिंग ग्राउंड” नहीं बनाया जा सकता और देश के नागरिकों की सेहत देश के भविष्य के लिए सबसे ज्यादा जरनी है।

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, “हमारे नागरिकों की सेहत ही देश का भविष्य है। हम यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे कि ग्लोबल ब्रांड्स भारत में तो ज्यादा चीनी वाला बेबी फूड या सस्ते तेल का इस्तेमाल करें, लेकिन विदेशों में अच्छी क्वालिटी बनाए रखें। अब समय आ गया है कि FSSAI पूरी दुनिया में ‘एक ब्रांड, एक क्वालिटी का नियम सख्ती से लागू करे। भारत दुनिया का एक लीडर है, न कि घटिया उत्पादों का डंपिंग ग्राउंड।”

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अग्रवाल ने केंद्र सरकार से तुरंत ये कदम उठाने की अपील की –

1. FSSAI नियमों में बदलावः खाने की सुरक्षा और क्वालिटी के मौजूदा नियमों को और सख्त किया जाए।

2. वैश्विक समानता (Global Parity) लागू हो: यह सुनिश्चित किया जाए कि भारत में काम करने वाला कोई भी ग्लोबल ब्रांड ठीक उसी क्यालिटी का पालन करे जो वह अपने मूल देश (country of origin) में करता है।

3. कड़ी निगरानीः ऐसे कम पोषण वाले उत्पादों की बिक्री रोकी जाए जो लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करते

बहुराष्ट्रीय कंपनियां यूरोप और दुनिया के बाकी देशों के

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नई दिल्ली, 07 फरवरी 2026 : लोकसभा में नियम 377 के तहत एक बहुत ही अहम मुद्दा उठाते हुए, रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भारत में काम कर रही कई विदेशी कंपनियों की “दोहरी मानसिकता” की कड़ी आलोचना की। उन्होंने बताया कि ये कंपनियाँ ऐसे प्रोडक्ट बेचती हैं जिनकी क्वालिटी पश्चिमी बाजारों में बेचे जाने वाले प्रोडक्ट की तुलना में काफी कम होती है।

बृजमोहन ने इन दोहरे मापदंडों के पक्के उदाहरण भी दिए। उन्होंने बताया कि जो बेबी फूड यूरोप के बाजारों में बिकता है. उसमें अलग से कोई चीनी नहीं होती। लेकिन हैरानी की बात है कि वहीं ब्रांड जब भारतीय माताओं को अपना सामान बेचते हैं, तो वह चीनी से भरा होता है। उन्होंने आगे बताया कि भारतीय उत्पादों में कोको बटर जैसी प्रीमियम चीजों को अक्सर सस्ते वनस्पति तेल से बदल दिया जाता है।

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सांसद ने जोर देकर कहा कि ऐसी हरकतें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत’ के सपने को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि भारत को खराब सामान खपाने के लिए “डंपिंग ग्राउंड” नहीं बनाया जा सकता और देश के नागरिकों की सेहत देश के भविष्य के लिए सबसे ज्यादा जरनी है।

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, “हमारे नागरिकों की सेहत ही देश का भविष्य है। हम यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे कि ग्लोबल ब्रांड्स भारत में तो ज्यादा चीनी वाला बेबी फूड या सस्ते तेल का इस्तेमाल करें, लेकिन विदेशों में अच्छी क्वालिटी बनाए रखें। अब समय आ गया है कि FSSAI पूरी दुनिया में ‘एक ब्रांड, एक क्वालिटी का नियम सख्ती से लागू करे। भारत दुनिया का एक लीडर है, न कि घटिया उत्पादों का डंपिंग ग्राउंड।”

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अग्रवाल ने केंद्र सरकार से तुरंत ये कदम उठाने की अपील की –

1. FSSAI नियमों में बदलावः खाने की सुरक्षा और क्वालिटी के मौजूदा नियमों को और सख्त किया जाए।

2. वैश्विक समानता (Global Parity) लागू हो: यह सुनिश्चित किया जाए कि भारत में काम करने वाला कोई भी ग्लोबल ब्रांड ठीक उसी क्यालिटी का पालन करे जो वह अपने मूल देश (country of origin) में करता है।

3. कड़ी निगरानीः ऐसे कम पोषण वाले उत्पादों की बिक्री रोकी जाए जो लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करते