रायपुर। Chhattisgarh Assembly : राजधानी के भाजपा विधायक सुनील सोनी ने आज सदन में छातीम वृक्षों से पड़ने वाले मानव स्वास्थ्य के दुष्प्रभाव का मामला उठाया। उन्होंने अन्य राज्यों में इस पर लगे प्रतिबंध का हवाला देते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की। सरकार की ओर से विभागीय मंत्री ने तकनीकी विशेषज्ञों की टीम से जांच के बाद इन वृक्षों पर प्रदेश में प्रतिबंध लगाने का भरोसा सदन को दिलाया है।
प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्य सुनील सोनी ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने इसी साल 9 जनवरी को छातीम पेड़ों को हटाने का आदेश जारी कर उसके स्थान पर पीपल, नीम या अन्य पेड़ लगाने का आदेश जारी किया है। छातीम के पेड़ से श्वसन संबंधी गंभीर बीमारी होने की पूरी संभावना रहती है। इसके अलावा यह पेड़ जल श्रोत को भी प्रदूषित कर रहा है। मानव स्वास्थ्य को देखते हुए इन वृक्षों को हटाकर उसकी जगह अन्य पेड़ लगाने क्या सरकार की कोई योजना है।
इसके जवाब में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि अन्य राज्य का आदेश देखा है। वन एवं स्वास्थ्य विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम से चर्चा कर उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर छातीम वृक्षों की जगह अन्य वृक्ष लगाने का निर्णय लेंगे। रिसर्च के बाद जरूरत पड़ने पर इन पेड़ों को हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी। चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसके लिए सुनील सोनी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाकर इसका अध्ययन कर अगले सत्र में रिपोर्ट प्रस्तुत कर निर्णय लेने की सलाह विभागीय मंत्री को दी परंतु इसके लिए ओपी चौधरी तैयार नहीं हुए।
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