Wednesday, May 13, 2026
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सरहद की शान बनी गरियाबंद जिले की बिटिया : ITBP

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छुरा (गरियाबंद)। विकासखंड छुरा के ग्राम खरखरा की बेटी जानकी हरपाल ने आईटीबीपी की ट्रेनिंग पूर्ण कर पहली बार गृह ग्राम पहुंचकर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। उनके आगमन पर छुरा थाना परिसर एवं गृह ग्राम खरखरा में भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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जानकारी के अनुसार, Indo-Tibetan Border Police में चयनित महिला जवान जानकी हरपाल का छुरा पहुंचने पर सर्वप्रथम थाना स्टाफ द्वारा पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया। इस दौरान थाना प्रभारी सहित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

थाना में सम्मान के उपरांत वे अपने गृह ग्राम खरखरा पहुंचीं, जहां ग्रामीणों ने आतिशबाजी एवं जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। गांव में उत्सव जैसा माहौल रहा। विशेष कार्यक्रम उस शासकीय विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जहां से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी।

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कार्यक्रम के दौरान जानकी हरपाल ने कहा कि इसी विद्यालय से उन्होंने अपने सपनों की शुरुआत की थी और आज उसी स्थान पर सम्मानित होना उनके लिए गौरव का विषय है।

उल्लेखनीय है कि जानकी हरपाल की बहन यशोदा हरपाल भी नगर सेना में पदस्थ हैं। एक ही परिवार की दो बेटियों का सुरक्षा बलों में चयन क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने जानकी हरपाल को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

भैंसाझार परियोजना मामले में सत्ता पक्ष के

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रायपुर। CG VIDHANSABHA : छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज अरपा भैंसाझार परियोजना में अनियमितता का मामला गूंजा। सत्ता पक्ष के विधायक ने ही इसके मुआवजा वितरण में करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दोषी लोगों पर सरकार द्वारा किए गए कार्रवाई की जानकारी मांगी। विभागीय मंत्री ने सदन में बताया कि दोषी अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा गलत तरीके से जो अधिक मुआवजा राशि बांटी गई है उसे वसूलने की प्रक्रिया जारी है।

प्रश्नकाल के दौरान आज विधानसभा में भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने यह मामला उठाते हुए अपने सवालों से राज्स्व मंत्री टंकराम वर्मा को घेरा। उन्होंने पूछा कि बिलासपुर के अरपा भैंसाझार परियोजना में प्रभावित 10 लोगों को 46 करोड़ का मुआवजा बांटा गया था जिसमे 26 करोड़ से अधिक की अनियमितता पाई गई थी । इसमें अधिकारियों ने नहर से बाहर की जमीन का भी मुआवजा बांट दिया गया । इसमें से 23.46 करोड़ की वसूली आज तक नहीं हो पाई है। इस अनियमितता के लिए दोषियों पर क्या कार्रवाई की गई और जिन्होंने अधिक मुआवजा लिया उनसे वसूली की वर्तमान स्थिति क्या है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में स्वीकार किया कि कम जमीन को अधिक बताकर मुआवजा बांटा गया था, जांच के बाद दोषी अफसरों को निलंबित किया गया है। जिसने अधिक मुआवजा लिया है उनसे वसूली की प्रक्रिया जारी है इसमें से कुछ लोगों ने हाईकोर्ट से स्थगन ले लिया है। विभागीय मंत्री ने सदन को आश्वस्त कराया कि अधिक मुआवजा लेने वालों से पूरी वसूली की जाएगी।

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वित्त मंत्री पेश कर रहे हैं

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  रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश कर रहे हैं। सदन में बजट भाषण के दौरान राज्य की आर्थिक स्थिति, आय-व्यय का ब्यौरा और विभिन्न विभागों के लिए प्रस्तावित प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है।

माना जा रहा है कि इस बजट में अधोसंरचना विकास, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल गवर्नेंस और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया जा सकता है। साथ ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की संभावना है।

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देखें लाइव

12:25

आज बजट से पूर्व विष्णु देव साय से  विधानसभा परिसर स्थित उनके कक्ष में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करने से पूर्व शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने वित्त मंत्री को आगामी बजट के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला तथा छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को नई दिशा देने वाला सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की जनकल्याणकारी प्राथमिकताओं, सुशासन और समावेशी विकास के संकल्प को यह बजट और अधिक सशक्त आधार प्रदान करेगा।

बैठक के दौरान बजट के प्रमुख बिंदुओं और राज्य के विकास संबंधी प्राथमिकताओं पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहित मंत्रिपरिषद के सभी मंत्रीगण एवं वित्त सचिव मुकेश बंसल उपस्थित थे।

इधर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा परिसर स्थित सभाकक्ष में मंत्रिपरिषद की बैठक भी शुरू हुई। बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों और नीतिगत फैसलों पर चर्चा की जा रही है।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब राज्य में विकास योजनाओं, प्रशासनिक निर्णयों और आगामी बजट प्रावधानों को लेकर महत्वपूर्ण रणनीति तय की जानी है। माना जा रहा है कि बैठक में जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ नए प्रस्तावों को भी मंजूरी दी जा सकती है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा, वित्तीय मामलों और राज्य हित से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। बैठक के बाद लिए गए निर्णयों की आधिकारिक जानकारी जारी की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ का आम बजट कुछ देर में, नए

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रायपुर। CG Budget : छत्तीसगढ़ का आम बजट आज विधानसभा में पेश किया जाएगा। बजट को लेकर प्रदेश के व्यापारी वर्ग में खास उत्साह देखा जा रहा है। व्यापार संगठनों ने इस बार सरकार से नई तकनीक और व्यापारिक सरलीकरण पर विशेष ध्यान देने की मांग की है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा पेश किए जाने वाले इस बार के बजट में प्रशासनिक सुधार, डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर फोकस किया जा सकता है। इसके साथ ही ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई घोषणाएं हो सकती हैं।

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बजट से पहले क्या बोले सीएम विष्णुदेव साय

सीएम ने कहा- आज हमारी सरकार का तीसरा बजट नवीन विधानसभा में प्रस्तुत होने जा रहा है। यह बजट हमारी सरकार के समावेशी विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को केंद्रित करते हुए हमारी सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को हमने प्राथमिकता दी है। हमारा पूरा विश्वास है इस बजट से हमारे ‘सुशासन से समृद्धि’ के मॉडल को एक मजबूत आधार मिलेगा।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का यह बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा। उन्होंने उम्मीद जताया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।वित्त मंत्री ने क्या कहा

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा- छत्तीसगढ़ के 25 गौरवशाली वर्ष की ऐतिहासिक यात्रा में एक नया अध्याय। नवा रायपुर स्थित नवीन विधानसभा भवन में पहली बार बजट प्रस्तुत करूंगा।

नई विधानसभा में पहला बजट

छत्तीसगढ़ की नई विधानसभा में यह पहला बजट होगा। नई विधानसभा का शुभारंभ पीएम मोदी ने 1 नवंबर 2025 को राज्योत्सव के मौके पर किया था। विधानसभा का बजट सत्र भी नई विधानसभा में शुरू हुई है।

राज्य घरेलू उत्पाद में वृद्धि

आर्थिक समीक्षा के अनुसार, 2025-26 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद (बाजार मूल्य) वर्ष 2024-25 के 3,31,402 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,58,293 करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है, जो 2024—25 की तुलना में 8.11 प्रतिशत की वृद्धि है। समीक्षा के अनुसार, कृषि और संबद्ध क्षेत्र के वर्ष 2024-25 के 53,928 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 57,969 करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है, जो 7.49 प्रतिशत की वृद्धि है।

आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट पेश

छत्तीसगढ़ में वित्त वर्ष 2025-26 में स्थिर मूल्य पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 8.11 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है तथा प्रति व्यक्ति आय 1,79,244 रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। विधानसभा में सोमवार को राज्य के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी तथा बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग के मंत्री ओ पी चौधरी ने राज्य की आर्थिक समीक्षा 2025-26 को पटल पर रखा।

छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने कहा कि राज्य में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक सुविधाओं की आवश्यकता है। उन्होंने नया रायपुर में एआई लैब स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं और स्टार्टअप्स को नई दिशा मिलेगी।

व्यापार प्रक्रियाओं का हो सरलीकरण : अजय भसीन

चैंबर के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों को देखते हुए छत्तीसगढ़ को भी तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। उन्होंने व्यापार प्रक्रियाओं के सरलीकरण, लाइसेंस और कर व्यवस्था को आसान बनाने एवं छोटे व्यापारियों को राहत देने की मांग की।

महिलाओं को उत्पादन से बाजार तक मिले सहयोग : सुमन कन्नौजे

महिला उद्यमियों ने भी बजट से बड़ी उम्मीदें जताई है। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज महिला चैंबर की प्रदेश अध्यक्ष सुमन कन्नौजे ने कहा कि इस बार के बजट में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष प्रावधान किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि सरकार महिला स्व-सहायता समूहों और छोटे उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराए और जब उत्पाद तैयार हो जाए तो उसके विपणन और परिवहन की व्यवस्था भी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को उत्पादन से लेकर बाजार तक संपूर्ण सहयोग मिलेगा तो वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

आर्म्स एक्ट मामले में नाबालिग समेत 3 आरोपी गिरफ्तार

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केनापारा बांध इलाके में घेराबंदी कर दबोचा, देशी कट्टा और जिंदा कारतूस जब्त

अंबिकापुर। CG NEWS: अंबिकापुर में अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने विधि से संघर्षरत बालक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

डीआईजी और एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने केनापारा बांध इलाके में घेराबंदी कर आरोपियों को दबोचा। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 1 देशी कट्टा, 1 जिंदा कारतूस और एक स्कूटी बरामद की गई।

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प्रारंभिक पूछताछ में अवैध हथियार की खरीद-बिक्री से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है और अवैध हथियार नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

संगठित गिरोह बनाकर कोयला चोरी

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लखनपुर पुलिस की कार्रवाई, 2.5 टन चोरी का कोयला और बाइक जब्त; अन्य आरोपी फरार

सरगुजा। CG NEWS: सरगुजा जिले में डीआईजी और एसएसपी के निर्देश पर थाना लखनपुर पुलिस ने संगठित गिरोह बनाकर कोयला चोरी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 2.5 टन चोरी का कोयला और एक मोटरसाइकिल बरामद की है, जिसकी कुल कीमत लगभग 1 लाख रुपये बताई जा रही है।

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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से कोयला चोरी की वारदात को अंजाम देता था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का माओवादियों के नाम

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रायपुर। CG NEWS: माओवादियों की ओडिसा राज्य कमेटी के पश्चिम सब जोनल ब्यूरो सचिव विकास द्वारा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के लिए जारी किए पत्र के संबंध में ऑडियो संदेश जारी किया है। अपने संदेश में विकास द्वारा बलांगीर बरगढ़ महासमुंद डिवीजन के पुनर्वास के निर्णय का उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कल मुझे पत्र प्राप्त हुआ है आप सभी 15 साथी मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं आप शीघ्र निर्णय लीजिए आप 02-03 मार्च तक आना चाहते हैं बिना किसी चिंता के आएं।

उनके द्वारा पत्र में कुछ चिंताएं व्यक्त की गयीं थी जिनका उन्होंने समाधान अपने सन्देश में किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण शब्द के स्थान पर हम सम्मानपूर्वक पुनर्वास प्रयोग करते हैं।

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मुख्यधारा में आते ही घर भेजने में अभी परिस्थितियां पूर्ण ठीक नहीं हुई हैं, घर पर जान का खतरा हो सकता है और लंबे समय तक जंगल में रहने के कारण आपके विभिन्न प्रकार के दस्तावेज, बैंक खाता नहीं होता है इन प्रक्रियाओं को भी पूर्ण करना आवश्यक है, मुख्यधारा में शामिल होने से पहले आपको विविध आजीविकामूलक कौशल सिखाने का भी एक प्रोग्राम सरकार द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें किसी को ड्राइवर तो किसी को मोबाइल रिपेयरिंग या मोबाइल ऑपरेट का कार्य सिखाया जा रहा है ताकि वे सम्मानपूर्वक आजीविका अर्जित कर सकें। कुछ लोगों को अक्षर ज्ञान की भी आवश्यकता है वह भी दिलाया जा रहा है।

उन्होंने पुनर्वास केंद्र के सम्बंध में उनके संशयों का जवाब देते हुए कहा कि पुनर्वास केंद्र के अंदर कोई बंद जेल के जैसी व्यवस्था नहीं है यह एक खुला पुनर्वास केंद्र है जिसमें लोग आना-जाना सब कुछ करते हैं, इस पुनर्वास केंद्र से लोग रायपुर भी घूमने आते हैं।

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केंद्र में सुबह से शाम तक की प्रक्रिया बनी है, जिसमें खेलकूद, स्वास्थ्य परीक्षण सभी समाहित हैं। इसमें तीन-चार महीने का वक्त दिया गया है। वह पूरा करके गांव की स्थितियां सामान्य होते ही लौट सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट भेजने और कार्रवाई करने के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि शासन द्वारा पुनर्वासित लोगों पर चल रहे मुकदमों के समाधान के लिए मंत्रियों की एक उप समिति का गठन भी किया है, जिसमें सभी प्रकरणों में से संविधान और विधि के दायरे में किन-किन प्रकरणों को वापस लिया जा सकता है इसके लिए विचार किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ की सरकार ने जंगल से पुनर्वास के साथ जेल से भी पुनर्वास का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए कानूनी प्रक्रिया क्या होगी इस पर भी चिंतन जारी है। जेल से पुनर्वास का अर्थ है कि जेल से जमानत करवाकर के बाहर लाकर उन्हें पुनर्वास केंद्र में लाया जाएगा, उसके बाद उनकी सहमति से उनका पुर्नवास कराया जाएगा। उन्हें निश्चित समय के बाद अपने घर भेजा जाएगा।

उन्होंने पत्र में मीडिया के माध्यम से पुनर्वास की घोषणा के बाद भी एमएमसी के साथ मुठभेड़ पर स्पष्ट किया कि सर्चिंग दल अपने कार्य पर डंप सर्च ऑपरेशन पर निकली थी, जहां अकस्मात गलतफहमी के कारण फायरिंग की स्थिति बनी परन्तु इससे पहले तो अनेक मामलों में सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।

उत्तर डिवीजन के सचिव रहे सतीश अपने साथ 210 लोगों को ले कर आये थे, कांकेर में 21 लोगों ने भी पुनर्वास किया, अभी केंद्रीय कमेटी सदस्य रामधेर मज्जी ने भी जब पुनर्वास किया तब भी सुरक्षा सुनिश्चित की गई थी। कोई भी चिंता ना करें चाहे उड़ीसा पुलिस का अभियान हो या छत्तीसगढ़ का पुलिस का अभियान हो सभी को सूचना देकर आपकी अपेक्षा के अनुरूप ही सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि हिंसा का मार्ग छोड़ कर आप किस विचारधारा पर काम करते हैं आप संविधान के दायरे में रहते हुए कैसे काम करते हैं इसमें आप स्वतंत्र हैं। समाज के विकास के लिए आप अपनी विचारधारा के साथ कार्य कर सकते हैं।

बस हथियार हाथ में होगा तो वह गैर कानूनी माना जाएगा, समाज की भलाई के लिए लोगों की भलाई के लिए संविधान सम्मत कार्य करते हैं तो उसमें किसी को कोई समस्या नहीं है। अगर आपके हाथ में हथियार है तब तक आप समाज से भी अलग है, संविधान से भी अलग है और तब तक आप शासन प्रशासन से भी अलग हैं।

उन्होंने पुनर्वास के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार आपका लाल कालीन बिछाकर स्वागत करने को तैयार है। उन्होंने मोबाइल नंबर 7646935894 जारी करते हुए कहा कि आप इस नम्बर पर कॉल कर सकते हैं, सूचना पर परिवहन के लिए बस की व्यवस्था भी की जा सकती है।

आप संपर्क के लिए पत्रकार साथी, पुनर्वासित आपके साथी सागर, आईजी, महासमुंद पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर सकते हैं आपको सुरक्षित वापस लाया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बड़ी स्पष्टता से इस बात को कहा है कि सारे ऐसे साथी जो पुनर्वास करना चाहते हैं मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं उनका लाल कालीन बिछाकर स्वागत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं भी आदिवासी समाज से हैं और उन्होंने भी बड़ी स्पष्टता से इस बात के लिए कहा है मैं स्वयं इस बात की पूरी चिंता करूंगा कि आप सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें और आने के लिए आपकी सुविधा अनुसार उचित वाहन उपलब्ध हो जाए आने वाले समय में आप पूर्ण रूप से पुनर्वासित हो आपके गांव में आपकी खेती बाड़ी की उचित व्यवस्था हो, आपका सम्मान हो आने वाले समय में आप जनता के लिए अच्छा काम कर सकें।

उन्होंने पश्चिम सब जोनल ब्यूरो सचिव विकास का धन्यवाद करते हुए कहा कि आपने सभी को मुख्यधारा में लाने के लिए जो प्रयास किया वह सराहनीय है। सारे आपके डीवीसी सदस्य, तीनों एरिया कमेटी सदस्य, अन्य पार्टी सदस्य, जिसमें 14 लोग बस्तर एवं एक तेलंगाना के हैं सभी का स्वागत है आप अपने हथियार भी अवश्य लेकर आएं।

ऊर्जा विभाग के 112 से ज्यादा टेंडरों में गड़बड़ी का आरोप

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रायपुर। CG: पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में फिर मुख्यमंत्री के ऊर्जा विभाग के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है। उपाध्याय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर विद्युत टेंडर घोटाला सामने आ रहा है, कई घोटाले की जाँच में आरोप सिद्ध भी पाये गये हैं फिर भी संबंधित अधिकारी अभी तक अपनी कुर्सी पर बैठे हुये हैं। उपाध्याय ने बताया कि ऊर्जा विभाग के 112 से ज्यादा टेंडरों में गड़बड़ी पाई गई है, जिसमें पूरी तरीके से जाँच भी नहीं हो रही है और कुछ गड़बड़ टेंडरों के जाँच में आरोप सिद्ध भी हो गये हैं तो किसी पर भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के नगर वृत्त वन कार्यालय में कुल 112 टेंडर में गड़बड़ी बताई गई है, जिसमें विद्युत विभाग को करोड़ों से ज्यादा का नुकसान होना पाया गया है, लेकिन अफसरों ने सिर्फ 12 टेंडर की जाँच की है, यानी यदि सभी टेंडरों की जाँच की जायेगी तो और भी ज्यादा नुकसान बिजली विभाग में पाया जायेगा। अब ऐसे में सरकार बिल्कुल मौन रूप धारण करे बैठी है और किसी भी दोषी अधिकारी पर अब तक कोई प्रकार की कार्यवाही नहीं की है। टेंडर चहेते ठेकेदारों से लगवाए जा रहे हैं और उदाहरण के तौर पर मात्र ट्रांसफार्मर 10 लाख का काम 12 लाख में करवाया गया तो सोचिये फिर पूरे विद्युतीय उपकरणों की हेरा-फेरी में कितने करोड़ों-अरबों का नुकसान हुआ होगा, खैर ये तो जाँच के पश्चात् ही पता चल पायेगा। लेकिन विद्युत विभाग को मिले फण्ड में जो बड़े भ्रष्टाचार का खेल छत्तीसगढ़ में चल रहा है, उसमें भ्रष्ट अधिकारियों के साथ सत्ताधारी भाजपा नेता भी शामिल हैं, तभी तो किसी भी भ्रष्ट अधिकारी के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हो रही।

विकास ने बताया कि भ्रष्टाचार मामले की जानकारी के अनुसार चार ठेकेदार व अफसर बैठ कर ये तय करते थे कि कौन से टेंडर में किसको कितनी बिड भरना है। इसी के आधार पर मनमाने तरीके से सबको अलग-अलग महीने का टेंडर दिया जाता था और ये सभी प्रक्रियाओं को पूरे तरीके से सिंडिकेट बनाकर काम करवाये जा रहा थे।

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उपाध्याय ने कुछ दिन पहले और ऊर्जा विभाग में मिले गड़बड़ी की जानकारी जनता के सामने रखी थी जिसमें निविदा क्रमांक-1 उच्चदाब लाइन, ट्रांसफार्मर व निम्न दाब लाइन विस्तार के लिए परसुराम चौक, विप्र नगर, वार्ड 69 रायपुरा में निविदा क्र. टीआर नंबर 2025-20, जारी दिनांक 4 मई 2025 की जांच में पाया गया कि ऑनलाइन प्रक्रिया में प्राप्त तीन बिड में से एक ठेकेदार की तकनीकी बिड बिना पर्याप्त कारण निरस्त कर दी गई। इससे प्रतिस्पर्धा कम हो गई। बाद में मेसर्स रूद्रा इंटरप्राइजेस कबीर नगर को 3.5 प्रतिशत अधिक लाभ दर पर कार्यादेश जारी किया गया, इसे ठेकेदार को अवांछित लाभ पहुंचाना माना गया है। निविदा क्र. 2 में मुस्कान प्रोविजन स्टोर के सामने, नयापारा में 315 केवीए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर का स्थानांतरण करने के लिए निविदा क्र. टीआर 2025-17, दिनांक 4 मई 2025 को जारी की गई। इसमें चार बिड प्राप्त हुई, जिसमें भी जांच पश्चात् इसे नियम विरूद्ध और कंपनी के हितों के विपरीत बताया गया। निविदा क्र.3 में मेसर्स समर्थ फूड एंड बेवरेज, रावणभाटा जोन रायपुर में निम्न दाब विद्युत कनेक्शन की भार वृद्धि (25 एचपी से 110 एचपी) के लिए निविदा क्र. टीआर 2025-18 दिनांक 4 मई 2025 को जारी की गई, यहाँ भी जांच रिपोर्ट में इसे अधिकारों का दुरूपयोग माना गया है और निविदा क्र.4 में अवंति विहार, कविता नगर, निरंकारी फर्निचर, अशोका विहार में 11 केवी फीडरों का इंटरकनेक्शन के लिए निविदा क्र. टीआर 2025-19, दिनांक 4 मई 2025 को जारी की गई, इसके जांच में भी इसे वित्तीय अनुशासन के विपरीत माना गया है। आरडीएस योजना में 35 करोड़ का भ्रष्टाचार उजागर हुआ है जिसकी शिकायत स्वयं भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री से की है। भाजपा विधायक द्वारा आरोप लगाया गया है कि फर्जी बिलिंग कर घटिया सामग्री सप्लाई कर 35 करोड़ की अधिक की गड़बड़ी की गई थी और इन सब में प्रक्रियाओं का उल्लंघन भी किया गया था।

विकास ने कहा कि चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए निविदा शर्तों में बदलाव किये जा रहे हैं। बगैर टेंडर निकाले चहेते ठेकेदारों को ही काम दे दिये जा रहे हैं, इन सब में बड़ा कमिशन का खेल हो रहा है। शिकायत के आधार पर 15 निविदाओं की जांच में पाया गया कि तत्कालीन अधीक्षण यंत्री द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुए नोटशीट में बिड की संख्या की गलत जानकारी देते हुए स्वीकृत राशि से अधिक दर पर चहेते ठेकेदारों को वर्कऑर्डर जारी कर दिया गया। ई बिडिंग पोर्टल बिड में निविदा शुल्क जमा नहीं किए जाने का उल्लेख करते हुए टेक्निकल बिड को निरस्त किया गया, जबकि इससे संबंधित कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा सुरक्षा निधि एवं ईएमडी राशि की वापसी की कार्यवाही ठेकेदारों द्वारा आवेदन जमा करने के पश्चात् भी नहीं की गई। बगैर तर्कसंगत कारणों के अनावश्यक रूप से लंबित रखकर कंपनी की छवि धूमिल की। डीओपी में प्रदत्त सामग्री क्रय की, जिसके जाँच में सीमा से अधिक राशि का क्रय किया जाना पाया गया था।

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उपाध्याय ने वर्ष 2024 गुढ़ियारी इलाके में हुए विद्युत कंपनी में आगजनी के बारे में बताया कि गुढ़ियारी स्थित बिजली कंपनी सीएसपीडीसीएल के मुख्य गोडाउन में आग लगने से चार हजार ट्रांसफार्मर, मीटर, कंडक्टर, वायर और ऑयल जलकर खाक हो गये थे और विभाग द्वारा बताया गया कि इस घटना में 400 करोड़ रूपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है, जिसकी जाँच रिपोर्ट में किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया, जबकि शासन को इतना बड़ा राजस्व हानि हुआ है जिस पर जवाबदारी तय नहीं हुई। इसमें भी दोषी अधिकारियों को सत्ताधारी लोगों द्वारा ही बचाया जा रहा है और कमीशन के रूप में बंदरबांट जारी है।

तेज रफ्तार मैजिक ने दो बाइकों को रौंदा

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खैरागढ़,राजनांदगांव । CG NEWS: राजनांदगांव निर्माणाधीन मार्ग पर ग्राम पेंड्रिकला के पास शाम करीब 6 बजे तेज रफ्तार मैजिक वाहन ने दो बाइकों को टक्कर मार दी, जिससे चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मैजिक ने पहले पीछे से एक बाइक को जोरदार टक्कर मारी और फिर सामने से आ रही दूसरी बाइक को भी अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे।

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हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस को सूचना दी और घायलों को जिला अस्पताल खैरागढ़ पहुंचाया गया, जहां सभी का इलाज जारी है।

डॉक्टरों ने फिलहाल सभी घायलों की स्थिति स्थिर बताई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार मैजिक वाहन और चालक की तलाश शुरू कर दी है।

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इलाज बना सौदा? मरीज की मौत के बाद

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रायपुर। CG NEWS: रायपुर के भाटागांव स्थित उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल में एक मरीज की मौत के बाद मंगलवार को जमकर हंगामा हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और इलाज के नाम पर भारी रकम वसूलने का आरोप लगाया।

जानकारी के अनुसार मृतक लगभग ढाई महीने पहले पेट दर्द की शिकायत लेकर खुद बाइक से अस्पताल पहुंचा था, जहां शुरुआत में करीब डेढ़ लाख रुपये में इलाज का अनुमान बताया गया, लेकिन परिजनों का दावा है कि बाद में खर्च लगातार बढ़ता गया और कुल 17 लाख रुपये नकद, 3 लाख रुपये आयुष्मान कार्ड से तथा लगभग 5 लाख रुपये मेडिकल बैलेंस के रूप में लिए गए।

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इसके बावजूद मरीज की जान नहीं बच सकी। मौत की खबर फैलते ही परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल परिसर में जुट गए, वहीं क्रांति सेना और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी पहुंचकर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अतिरिक्त बल तैनात किया और स्थिति को नियंत्रित किया।

परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही बरती गई और लगातार अतिरिक्त शुल्क लिया गया, जबकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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परिवार 25 लाख रुपये से अधिक मुआवजे की मांग कर रहा है और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़ा है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।