UAE में भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी, सतर्क रहने की अपील
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि UAE में मौजूद सभी भारतीय नागरिक सतर्क और शांत रहें तथा स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों और समय-समय पर दी जाने वाली आधिकारिक सलाह का पालन करें।
दूतावास के मुताबिक विशेष परिस्थितियों के कारण फिलहाल एयरस्पेस और नियमित शेड्यूल्ड फ्लाइट ऑपरेशन कुछ समय के लिए बंद रहेंगे। हालांकि भारतीय और UAE की एयरलाइंस ने स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर ऑपरेशनल और सुरक्षा मंजूरी के आधार पर भारत के कई शहरों के लिए सीमित नॉन-शेड्यूल फ्लाइट्स शुरू की हैं। फंसे हुए भारतीय नागरिक अपनी-अपनी एयरलाइंस से संपर्क कर इन फ्लाइट्स का लाभ उठा सकते हैं।
इसके अलावा 28 फरवरी के बाद UAE में फंसे ऐसे लोग जिनके वीज़ा की अवधि समाप्त हो गई है, उनके लिए UAE फेडरल अथॉरिटी फॉर आइडेंटिटी, सिटिज़नशिप, कस्टम एंड पोर्ट अथॉरिटी (ICP) ने ओवरस्टे फाइन में छूट देने की घोषणा की है। यह राहत विज़िटर्स (टूरिस्ट/विज़िट वीज़ा) और उन लोगों के लिए लागू होगी जो विशेष परिस्थितियों के कारण देश नहीं छोड़ पा रहे हैं।
दूतावास ने बताया कि अबू धाबी में भारतीय दूतावास और दुबई में भारतीय कॉन्सुलेट की पासपोर्ट, कॉन्सुलर और वीज़ा सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।
किसी भी समस्या या जानकारी के लिए UAE में मौजूद भारतीय नागरिक 24×7 हेल्पलाइन 800-46342 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा WhatsApp: +971 543090571 तथा [email protected] और [email protected] ईमेल के जरिए भी सहायता ली जा सकती है।
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में गणेश शंकर
CG News : रायपुर, 05 मार्च 2026 : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर स्थित नीति भवन में छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य नीति आयोग प्रदेश के दीर्घकालिक विकास विज़न, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा और गति देने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान है। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकास की योजनाएँ और रणनीतियाँ तैयार करने में आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी दृष्टि को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्युमेंट 2047 तैयार किया गया है, जिससे प्रदेश के समग्र और दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तय की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग के गठन का निर्णय दूरदर्शी सोच का परिणाम था। आज नीति आयोग द्वारा संचालित आकांक्षी जिलों का कार्यक्रम देश के पिछड़े क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिलों में भी देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नीति आयोग की विशेषता यह है कि यह क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीति और योजना निर्माण को बढ़ावा देता है। इसी सोच के साथ राज्यों में भी राज्य नीति आयोग का गठन किया गया है, जो विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ प्रदेश में विकास को नई गति देने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि गणेश शंकर मिश्रा के प्रशासनिक अनुभव से राज्य नीति आयोग को नई दिशा और गति मिलेगी। आयोग की ओर से प्राप्त अच्छे सुझावों को राज्य सरकार गंभीरता से लेकर प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास करेगी।
राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर और भविष्योन्मुखी नीतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को अधिक समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में सभी के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक लता उसेंडी, विधायक अमर अग्रवाल, महापौर धमतरी रामू रोहरा, राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रह्मण्यम, सदस्य सचिव आशीष भट्ट, सचिव भुवनेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
नीरज लोधी की हत्या से समाज में भारी आक्रोश
वीरेंद्र वर्मा, आरंग। Arang Murder Update : होली त्यौहार में आरंग के केवशी पारा में हुए युवक नीरज लोधी के चाकू मारकर हत्या के बाद लोधी समाज के लोगों में काफी आक्रोश है। घटना के दूसरे दिन समाज के पदाधिकारी और लोगों ने आरंग थाना पहुंचकर हत्यारों को गिरफ्तार कर फांसी देने की मांग की। इस दौरान लोधी समाज के लोगों ने नारे भी लगाए। इस दौरान समाज के पदाधिकारियों थाना ने उपस्थित सीएसपी और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा।

होली पर्व पर नगर में हुए इस जघन्य हत्याकांड से लोग स्तब्ध हैं। लोग नगर में आरोपियों की गिरफ्तारी के विषय में कयास लगा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक पुलिस घटना के चौबीस घंटे के अंदर 7-8 संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं लोधी समाज के युवक हत्या के बाद समाज के लोग बहुत आक्रोशित हैं। गुरुवार को बड़ी संख्या में लोधी समाज के पदाधिकारी और लोग घटना के विरोध और दोषियों को फांसी की सजा देने के मांग पर आरंग थाना पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पुलिस के आला अफसर के नाम सीएसपी लंबोदर पटेल और थाना प्रभारी हरीश साहू को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पदाधिकारियों ने नगर में अवैध नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने और सघन पुलिस पेट्रोलिंग की मांग की।
सीएसपी ने समाज के लोगों को मामले में उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड में कार्रवाई के लिए पुलिस चौबीस घंटे कार्य कर रही है। मामले में 7 से 8 संदेहियों को हिरासत में लेकर कार्यवाही की जा रही है। घटना के कारणों का पता लगा रही है। उन्होनें कहा कि घटना के सभी कड़ियों के जुड़ने के बाद खुलासा किया जाएगा।
आपको बता दे कि मृतक नीरज लोधी अपने माता-पिता की इकलौता चिराग था। जानकारी के अनुसार वह एक कुशल मूर्तिकार था, जो होली के हुड़दंग में असमाजिक तत्वों का शिकार हो गया। उसकी हत्या से लोग सदमे में हैं और उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
Arang Murder : आरंग में होली के हुड़दंग के बीच मर्डर: चाकूबाजी में युवक की मौत, लोधी समाज में भारी आक्रोश
होली के दिन लापता 9 साल के मासूम की
रिपोर्टर – रवि विदानी
महासमुंद। CG BREAKING : जिले के सरायपाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कनकेबा में होली के दिन लापता हुए 9 वर्षीय बच्चे का शव मिलने से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान पियूष निषाद (9 वर्ष) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार पियूष निषाद होली के दिन करीब सुबह 11 से 12 बजे के बीच घर से अचानक लापता हो गया था। परिजन और ग्रामीण देर रात तक उसकी तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया।
आज सुबह करीब 8 बजे गांव से लगभग 100 मीटर दूर खेत के पास बच्चे का शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही सरायपाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह मामला हत्या का है या आत्महत्या। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
Iran-Israel युद्ध से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा
पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव सलमान बशीर ने कहा, “(पाकिस्तान में) बहुत दुख और चिंता है। ऐसा लगता है कि युद्ध और तेज़ हो रहा है।”
बशीर ने कहा, “यह पूरे मिडिल ईस्ट को बदल सकता है, दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है, और लंबे समय तक चल सकता है। इसके जियोपॉलिटिकल नतीजे गंभीर हो सकते हैं।”
आर्टिकल में बताया गया है कि शनिवार को खामेनेई की हत्या के बाद पूरे पाकिस्तान में अमेरिका के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए, और पिछले कुछ दिनों में और तेज़ हो गए। इन प्रदर्शनों में कम से कम 25 मौतें हुई हैं और कई लोग घायल हुए हैं।
रविवार को पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में US कॉन्सुलेट जनरल में झड़पें हुईं, जब प्रदर्शनकारियों ने उस जगह पर धावा बोलने की कोशिश की। उसी दिन, प्रदर्शनकारियों ने लाहौर में US कॉन्सुलेट पर हमला किया, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनों को रोक दिया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने रविवार को ईरान में मारे गए लोगों के प्रति अपनी संवेदना जताई। शरीफ़ ने X पर लिखा, “पाकिस्तान की सरकार और लोग ईरान के लोगों के दुख और दुख की इस घड़ी में उनके साथ हैं और खामेनेई की शहादत पर अपनी गहरी संवेदनाएं जताते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तान इंटरनेशनल कानून के नियमों के उल्लंघन पर भी चिंता जताता है। यह एक पुरानी परंपरा है कि राष्ट्राध्यक्षों/सरकार को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।”
एनालिस्ट्स ने कहा कि खामेनेई की मौत के बाद लोगों के मन में अनिश्चितता के कारण विरोध प्रदर्शन हुए।
इस्लामाबाद में पाकिस्तान रिसर्च सेंटर फॉर ए कम्युनिटी विद शेयर्ड फ्यूचर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर खालिद तैमूर अकरम ने कहा कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है, तो इसका पाकिस्तान पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।
अकरम ने कहा कि हालांकि पाकिस्तान इन झगड़ों में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, फिर भी इसके आर्थिक और राजनीतिक असर बहुत गहरे हो सकते हैं। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, “इससे फ्यूल की कीमतें बढ़ेंगी, बिजली महंगी होगी, जिससे लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी और मुश्किल हो जाएगी।”
उन्होंने आगे कहा कि इसका असर वेस्ट एशिया में काम करने वाले कई पाकिस्तानियों पर भी पड़ेगा, जिनकी नौकरी जा सकती है या उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनके घर भेजे जाने वाले पैसे कम हो जाएंगे।
अकरम ने कहा कि पाकिस्तान खाड़ी देशों के सबसे बड़े ट्रेडिंग पार्टनर में से एक है। “अभी के हालात को देखते हुए, यह कहा जा सकता है कि अगर लड़ाई बढ़ती है, तो पूरी दुनिया को नुकसान होगा।”
पाकिस्तान में एक इंडिपेंडेंट इकोनॉमिक एनालिस्ट शुजात अहमद ने कहा कि खामेनेई की हत्या का शॉर्ट टर्म में इकोनॉमिक असर महंगाई पर पड़ेगा, लेकिन लॉन्ग टर्म असर लड़ाई के समय पर निर्भर करेगा।
US-Israel-Iran war: होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकर यातायात 90% गिरा
केप्लर के प्रिंसिपल फ्रेट एनालिस्ट मैट राइट ने कहा, “कई दूसरे जहाज़ों के हिस्सों के उलट, जहाँ मूवमेंट काफी हद तक बंद हो गया है, कुछ टैंकर अभी भी स्ट्रेट से पूरब और पश्चिम की ओर जा रहे हैं, और कई यात्राएँ AIS ब्लैकआउट के तहत हो रही हैं।”
शिपिंग कंपनियाँ झगड़े वाले इलाके में जहाज़ भेजने से हिचकिचा रही हैं, खासकर इसलिए क्योंकि इंश्योरेंस प्रीमियम तेज़ी से बढ़ गए हैं।
यहाँ ब्लॉकेड का असर चीन और पाकिस्तान जैसे देशों पर पड़ सकता है, जो इस 33 km के स्ट्रेट में होने वाले जहाज़ों के मूवमेंट पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। चीन का 40% तेल इंपोर्ट इसी होर्मुज स्ट्रेट से होकर जाता है, जबकि पाकिस्तान अपनी 90% तेल की ज़रूरत इसी स्ट्रेट से पूरी करता है।
होर्मुज स्ट्रेट में लगातार रुकावटों और युद्ध से पैदा हुए तनाव का असर जापान, भारत और दक्षिण कोरिया समेत दूसरी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ने की उम्मीद है, जिन्हें इस ज़रूरी पानी के रास्ते से तेल टैंकर के आने-जाने से सबसे ज़्यादा फ़ायदा होता है।
इस बीच, व्यापार से जुड़ी रुकावटों का असर, खासकर एनर्जी सेक्टर में, तब दिखा जब सऊदी अरामको की रास तनुरा फ़ैसिलिटी में आग लग गई, और जब क़तर ने अपनी फ़ैसिलिटी पर हमलों के बाद अपने लिक्विफ़ाइड नैचुरल गैस प्रोडक्शन को कुछ समय के लिए रोकने का फ़ैसला किया।
टैंकर ट्रैफ़िक में तेज़ गिरावट ने दुनिया भर में एनर्जी की कीमतों को तेज़ी से बढ़ा दिया है। लड़ाई शुरू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें लगभग 12% बढ़ गई हैं, जो लगभग $81 प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं। यूरोप और एशिया में भी नैचुरल गैस की कीमतें बढ़ गई हैं।
हालांकि, देश अपने एनर्जी रिज़र्व पर भरोसा कर रहे हैं जो उन्हें तुरंत रुकावट से बचा सकता है। दूसरी ओर, एक्सपर्ट्स ने ईरान पर इज़राइल-US के हमलों के बीच ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर दबाव को लेकर चिंता जताई है।
ऑयल टैंकरों के अलावा, इस स्ट्रेट का इस्तेमाल कई दूसरे बड़े जहाज़ भी करते हैं, जिनमें कंटेनर शिप और कार कैरियर शामिल हैं। नॉर्मल हालात में।



