Dubai UAE ने तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका
Dubai दुबई, 5 मार्च: UAE के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया और 129 ड्रोन का पता लगाया, जिनमें से 121 को इंटरसेप्ट किया गया जबकि आठ देश के अंदर गिरे। मंत्रालय ने कहा कि ईरानी हमले की शुरुआत के बाद से, UAE की ओर लॉन्च की गई 189 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया गया है, जिनमें से 175 मिसाइलें नष्ट कर दी गईं, 13 समुद्र में गिर गईं और एक मिसाइल देश के इलाके में गिरी।
UAE के रक्षा मंत्रालय द्वारा X पर जारी बयान के अनुसार, 941 ईरानी ड्रोन का पता लगाया गया है, जिनमें से 876 को इंटरसेप्ट किया गया, जबकि 65 देश के अंदर गिरे। आठ क्रूज मिसाइलों का भी पता लगाया गया और उन्हें नष्ट कर दिया गया। बयान में, मिनिस्ट्री ने कहा, “हमलों से कुछ कोलेटरल डैमेज हुआ और पाकिस्तानी, नेपाली और बांग्लादेशी नागरिकों के तीन लोगों की मौत हो गई, साथ ही अमीराती, मिस्र, सूडानी, इथियोपियाई, फिलिपिनो, पाकिस्तानी, ईरानी, भारतीय, बांग्लादेशी, श्रीलंकाई, अज़रबैजानी, यमनी, युगांडा, इरिट्रिया, लेबनानी और अफ़गान राष्ट्रीयताओं के 78 लोग मामूली रूप से घायल हो गए।”
मिनिस्ट्री ने कहा कि UAE के कई हिस्सों में एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने और फाइटर एयरक्राफ्ट द्वारा ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की वजह से आवाज़ें सुनी गईं। इन ऑपरेशनों की वजह से कई सिविलियन सुविधाओं को मामूली से लेकर मीडियम मटीरियल डैमेज हुआ। मिनिस्ट्री ने इस मिलिट्री टारगेटिंग की निंदा करते हुए इसे “आक्रामकता का एक खुला काम और राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतर्राष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन” बताया। इसने कहा कि UAE इस बढ़ोतरी का जवाब देने और अपने क्षेत्र, अपने लोगों और अपने निवासियों की रक्षा के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार रखता है, ताकि उसकी संप्रभुता, सुरक्षा और उसके राष्ट्रीय हितों और क्षमताओं की रक्षा हो सके।
UAE में भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी, सतर्क रहने की अपील
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि UAE में मौजूद सभी भारतीय नागरिक सतर्क और शांत रहें तथा स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों और समय-समय पर दी जाने वाली आधिकारिक सलाह का पालन करें।
दूतावास के मुताबिक विशेष परिस्थितियों के कारण फिलहाल एयरस्पेस और नियमित शेड्यूल्ड फ्लाइट ऑपरेशन कुछ समय के लिए बंद रहेंगे। हालांकि भारतीय और UAE की एयरलाइंस ने स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर ऑपरेशनल और सुरक्षा मंजूरी के आधार पर भारत के कई शहरों के लिए सीमित नॉन-शेड्यूल फ्लाइट्स शुरू की हैं। फंसे हुए भारतीय नागरिक अपनी-अपनी एयरलाइंस से संपर्क कर इन फ्लाइट्स का लाभ उठा सकते हैं।
इसके अलावा 28 फरवरी के बाद UAE में फंसे ऐसे लोग जिनके वीज़ा की अवधि समाप्त हो गई है, उनके लिए UAE फेडरल अथॉरिटी फॉर आइडेंटिटी, सिटिज़नशिप, कस्टम एंड पोर्ट अथॉरिटी (ICP) ने ओवरस्टे फाइन में छूट देने की घोषणा की है। यह राहत विज़िटर्स (टूरिस्ट/विज़िट वीज़ा) और उन लोगों के लिए लागू होगी जो विशेष परिस्थितियों के कारण देश नहीं छोड़ पा रहे हैं।
दूतावास ने बताया कि अबू धाबी में भारतीय दूतावास और दुबई में भारतीय कॉन्सुलेट की पासपोर्ट, कॉन्सुलर और वीज़ा सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।
किसी भी समस्या या जानकारी के लिए UAE में मौजूद भारतीय नागरिक 24×7 हेल्पलाइन 800-46342 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा WhatsApp: +971 543090571 तथा [email protected] और [email protected] ईमेल के जरिए भी सहायता ली जा सकती है।
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में गणेश शंकर
CG News : रायपुर, 05 मार्च 2026 : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर स्थित नीति भवन में छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य नीति आयोग प्रदेश के दीर्घकालिक विकास विज़न, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा और गति देने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान है। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकास की योजनाएँ और रणनीतियाँ तैयार करने में आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी दृष्टि को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्युमेंट 2047 तैयार किया गया है, जिससे प्रदेश के समग्र और दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तय की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग के गठन का निर्णय दूरदर्शी सोच का परिणाम था। आज नीति आयोग द्वारा संचालित आकांक्षी जिलों का कार्यक्रम देश के पिछड़े क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिलों में भी देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नीति आयोग की विशेषता यह है कि यह क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीति और योजना निर्माण को बढ़ावा देता है। इसी सोच के साथ राज्यों में भी राज्य नीति आयोग का गठन किया गया है, जो विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ प्रदेश में विकास को नई गति देने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि गणेश शंकर मिश्रा के प्रशासनिक अनुभव से राज्य नीति आयोग को नई दिशा और गति मिलेगी। आयोग की ओर से प्राप्त अच्छे सुझावों को राज्य सरकार गंभीरता से लेकर प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास करेगी।
राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर और भविष्योन्मुखी नीतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को अधिक समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में सभी के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक लता उसेंडी, विधायक अमर अग्रवाल, महापौर धमतरी रामू रोहरा, राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रह्मण्यम, सदस्य सचिव आशीष भट्ट, सचिव भुवनेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।



