Friday, August 7, 2026
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पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि 15

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गरियाबंद। CG NEWS: जिले में संचालित समस्त शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, आई.टी.आई., पॉलिटेक्निक सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है।

शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए बैंक खाता एवं आधार सीडिंग से संबंधित संशोधन की कार्यवाही postmatric-scholarship.cg.nic.in वेबसाइट पर ऑनलाइन की जा रही है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार विद्यार्थियों द्वारा नवीन आवेदन, पंजीयन एवं नवीनीकरण की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।

संस्थाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा

इसी प्रकार शैक्षणिक संस्थाओं के लिए भी विभिन्न चरणों की अंतिम तिथियाँ निर्धारित की गई हैं—

•संस्थाओं द्वारा प्रपोजल लॉक कर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास को प्रेषित करने की अंतिम तिथि – 05 फरवरी 2026

•शासकीय संस्थाओं द्वारा सैंक्शन ऑर्डर लॉक करने की अंतिम तिथि – 08 फरवरी 2026

•जिला कार्यालय द्वारा भुगतान हेतु राज्य कार्यालय को प्रेषित करने की अंतिम तिथि – 10 फरवरी 2026

•छात्रवृत्ति भुगतान जारी करने की अंतिम तिथि – 15 फरवरी 2026

निर्धारित तिथि के बाद पोर्टल होगा बंद

विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथियों के पश्चात शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाइन पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्यवाही पूर्ण नहीं करने की स्थिति में यदि किसी विद्यार्थी को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाता है, तो इसके लिए संबंधित संस्था प्रमुख स्वयं जिम्मेदार होंगे।

छात्रवृत्ति योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए विद्यार्थियों एवं संस्था प्रमुखों से समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने की अपील की गई है।

साहित्य के शुक्लपक्ष का अंत  : ज्ञानपीठ से सम्मानित प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन, एम्स में ली अंतिम सांस

रायपुर। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल (89 वर्ष) का निधन आज रायपुर एम्स में हो गया। बता दें कि सांस लेने में कठिनाई के कारण श्री शुक्ल को दो दिसंबर को एम्स में भर्ती किया गया था। उन्हें वेंटिलेटर में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था, जहां मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। विनोद कुमार शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1937 में हुआ था। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में जन्मे शुक्ल ने प्राध्यापन को रोजगार के रूप में चुनकर अपना पूरा ध्यान साहित्य सृजन में लगाया। वे हिंदी भाषा के एक साहित्यकार रहे, जिन्हें हिंदी साहित्य में उनके अनूठे और सादगी भरे लेखन के लिए जाना जाता है। हिंदी साहित्य में अद्वितीय योगदान, सृजनात्मकता और विशिष्ट लेखन शैली के लिए प्रसिद्ध साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को वर्ष 2024 में 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किए गए। विनोद कुमार शुक्ल हिंदी के 12वें साहित्यकार हैं, जिन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया। शुक्ल छत्तीसगढ़ राज्य के ऐसे पहले लेखक हैं, जिन्हें इस सम्मान से नवाजा गया।

सरल भाषा, गहरी संवेदनशीलता के लिए फेमस है शुक्ल का लेखन

लेखक, कवि और उपन्यासकार विनोद कुमार शुक्ल ने उपन्यास एवं कविता विधाओं में साहित्य सृजन किया है। उनकी पहली कविता 1971 में ‘लगभग जयहिंद’ शीर्षक से प्रकाशित हुई थी। उनके मुख्य उपन्यासों में ‘नौकर की कमीज’, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ और ‘खिलेगा तो देखेंगे’ शामिल हैं। 1979 में नौकर की कमीज नाम से उनका उपन्यास आया, जिस पर फिल्मकार मणिकौल ने इसी नाम से फिल्म भी बनाई। शुक्ल के दूसरे उपन्यास दीवार में एक खिड़की रहती थी को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। उनका लेखन सरल भाषा, गहरी संवेदनशीलता और अद्वितीय शैली के लिए जाना जाता है। वह मुख्य रूप से हिंदी साहित्य में अपने प्रयोगधर्मी लेखन के लिए प्रसिद्ध रहे।

अपनी लेखन से भारतीय वैश्विक साहित्य को किया समृद्ध

विनोद कुमार शुक्ल कवि होने के साथ-साथ शीर्षस्थ कथाकार भी रहे। उनके उपन्यासों ने भी हिंदी में एक मौलिक भारतीय उपन्यास की संभावना को राह दी। उन्होंने एक साथ लोकआख्यान और आधुनिक मनुष्य की अस्तित्वमूलक जटिल आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति को समाविष्ट कर एक नये कथा-ढांचे का आविष्कार किया। अपने उपन्यासों के माध्यम से उन्होंने हमारे दैनंदिन जीवन की कथा-समृद्धि को अद्भुत कौशल के साथ उभारा। मध्यवर्गीय जीवन की बहुविध बारीकियों को समाये उनके विलक्षण चरित्रों का भारतीय कथा-सृष्टि में समृद्धिकारी योगदान है। वे अपनी पीढ़ी के ऐसे अकेले लेखक हैं, जिनके लेखन ने एक नयी तरह की आलोचना दृष्टि को आविष्कृत करने की प्रेरणा दी। अपनी विशिष्ट भाषिक बनावट, संवेदनात्मक गहराई, उत्कृष्ट सृजनशीलता से श्री शुक्ल ने भारतीय वैश्विक साहित्य को अद्वितीय रूप से समृद्ध किया।

विनोद कुमार शुक्ल को मिल चुके हैं ये पुरस्कार

  • ‘गजानन माधव मुक्तिबोध फेलोशिप ‘ (म.प्र. शासन)
  • ‘रज़ा पुरस्कार ‘ (मध्यप्रदेश कला परिषद)
  • ‘शिखर सम्मान ‘ (म.प्र. शासन)
  • ‘राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान ‘ (म.प्र. शासन)
  • ‘दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान’ (मोदी फाउंडेशन)
  • ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’, (भारत सरकार)
  • ‘हिन्दी गौरव सम्मान’ (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, उ.प्र. शासन)
  • ‘मातृभूमि’ पुरस्कार, वर्ष 2020 (अंग्रेजी कहानी संग्रह ‘Blue Is Like Blue’ के लिए)
  • साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सर्वोच्च सम्मान “महत्तर सदस्य” चुने गये, वर्ष 2021.
  • 2024 का 59वां ज्ञान पीठ पुरस्कार समग्र साहित्य पर दिया गया।

विनोद कुमार शुक्ल की प्रमुख कृतियां

कविता संग्रह

  • ‘लगभग जयहिंद ‘ वर्ष 1971
  • ‘वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहिनकर विचार की तरह’ वर्ष 1981.
  • ‘सब कुछ होना बचा रहेगा ‘ वर्ष 1992.
  • ‘अतिरिक्त नहीं ‘ वर्ष 2000.
  • ‘कविता से लंबी कविता ‘ वर्ष 2001.
  • ‘आकाश धरती को खटखटाता है ‘ वर्ष 2006.
  • ‘पचास कविताएँ’ वर्ष 2011
  • ‘कभी के बाद अभी ‘ वर्ष 2012.
  • ‘कवि ने कहा ‘ -चुनी हुई कविताएँ वर्ष 2012.
  • ‘प्रतिनिधि कविताएँ ‘ वर्ष 2013.

उपन्यास

  • ‘ नौकर की कमीज़ ‘ वर्ष 1979.
  • ‘ खिलेगा तो देखेंगे ‘ वर्ष 1996.
  • ‘ दीवार में एक खिड़की रहती थी ‘ वर्ष 1997.
  • ‘ हरी घास की छप्पर वाली झोपड़ी और बौना पहाड़ ‘ वर्ष 2011.
  • ‘ यासि रासा त ‘ वर्ष 2016
  • ‘ एक चुप्पी जगह’ वर्ष 2018.

कहानी संग्रह

  • पेड़ पर कमरा ‘ वर्ष 1988.
  • ‘महाविद्यालय ‘ वर्ष 1996.
  • ‘एक कहानी ‘ वर्ष 2021.
  • ‘घोड़ा और अन्य कहानियाँ ‘ वर्ष 2021.
  • कहानी/कविता पर पुस्तक
  • ‘गोदाम’, वर्ष 2020.
  • ‘गमले में जंगल’, वर्ष 2021.

डिप्टी सीएम अरुण साव का कड़ा

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रायपुर, 23 दिसम्बर 2025 : CG Three Engineers Suspended : जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति पर अमल करते हुए राज्य शासन ने भ्रष्टाचार में संलिप्तता और गिरफ्तारी पर लोक निर्माण विभाग के एक ईई और दो एसडीओ को निलंबित कर दिया है।

विभाग ने बीजापुर के नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार के संबंध में गंगालूर थाने में अपराध पंजीबद्ध होने के बाद विवेचना के दौरान प्रकरण में संलिप्तता पर लोक निर्माण विभाग के संभाग सुकमा के कार्यपालन अभियंता हरनारायण पात्र, उपसंभाग क्रमांक-1 बीजापुर के अनुविभागीय अधिकारी प्रमोद सिंह तंवर और सेतु उपसंभाग जगदलपुर के अनुविभागीय अधिकारी संतोष दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

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उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने आज मंत्रालय से तीनों अभियंताओं के तत्काल प्रभाव से निलंबन के आदेश जारी किए हैं। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय प्रमुख अभियंता कार्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

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पंडित सुंदर लाल शर्मा: छत्तीसगढ़ की अस्मिता के जागरण पुरुष

छत्तीसगढ़ की धरती ने अनेक महापुरुषों को जन्म दिया है, जिन्होंने अपने विचारों, कर्मों और संघर्षों से समाज को दिशा दी। ऐसे ही एक महान व्यक्तित्व थे पंडित सुंदर लाल शर्मा—स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, कवि, लेखक और छत्तीसगढ़ी जनचेतना के अग्रदूत। उनका जीवन और कृतित्व छत्तीसगढ़ के सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक इतिहास का अमूल्य अध्याय है।

पंडित सुंदर लाल शर्मा केवल स्वतंत्रता आंदोलन के सक्रिय सहभागी ही नहीं थे, बल्कि वे जनमानस को जाग्रत करने वाले विचारक भी थे। उन्होंने महसूस किया कि राजनीतिक स्वतंत्रता तभी सार्थक होगी, जब समाज सामाजिक कुरीतियों, अज्ञान और आत्महीनता से मुक्त होगा। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपने लेखन और सामाजिक कार्यों के माध्यम से जन-जागरण का बीड़ा उठाया।

पंडित सुंदर लाल शर्मा का सबसे बड़ा योगदान छत्तीसगढ़ी भाषा और लोक-संस्कृति को प्रतिष्ठा दिलाना रहा। उस समय जब स्थानीय भाषाओं को हीन दृष्टि से देखा जाता था, उन्होंने छत्तीसगढ़ी को अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बनाया। उनकी रचनाओं में छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सुगंध, लोकजीवन की सादगी और जनभावनाओं की सच्ची तस्वीर दिखाई देती है।

उन्होंने सिद्ध किया कि मातृभाषा में किया गया साहित्य सृजन जनमानस को अधिक गहराई से प्रभावित करता है। उनके साहित्य ने लोगों में अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं के प्रति गर्व की भावना जगाई।

समाज सुधारक के रूप में योगदान
पंडित सुंदर लाल शर्मा सामाजिक कुरीतियों के घोर विरोधी थे। उन्होंने जातिगत भेदभाव, अंधविश्वास, अशिक्षा और सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज़ उठाई। उनका मानना था कि समाज तभी प्रगति कर सकता है जब उसमें समरसता, समानता और मानवीय मूल्यों की स्थापना हो।

उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना और जनसामान्य को शिक्षित करने पर विशेष बल दिया। उनके विचार आज भी सामाजिक सुधार के मार्गदर्शक सिद्ध होते हैं।
स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रप्रेम
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पंडित सुंदर लाल शर्मा ने अपने लेखन और विचारों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की भावना को जन-जन तक पहुँचाया। वे मानते थे कि स्वतंत्रता केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सांस्कृतिक चेतना का जागरण है। उनके विचारों ने लोगों को विदेशी शासन के विरुद्ध मानसिक और वैचारिक रूप से तैयार किया।
आज के संदर्भ में प्रासंगिकता
पंडित सुंदर लाल शर्मा का जीवन आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके समय में था। वैश्वीकरण के इस दौर में, जब स्थानीय भाषाएँ और संस्कृतियाँ हाशिए पर जा रही हैं, उनके विचार हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं। मातृभाषा का सम्मान, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक स्वाभिमान—ये सभी मूल्य उनके जीवन दर्शन के केंद्र में थे।

पंडित सुंदर लाल शर्मा छत्तीसगढ़ की आत्मा के सच्चे प्रतिनिधि थे। उनका संपूर्ण जीवन समाज, संस्कृति और राष्ट्र के लिए समर्पित रहा। उनके आदर्शों पर चलना, उनकी रचनाओं और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

छत्तीसगढ़ के सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास में उनका योगदान सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।

CG Breaking : नक्सली संगठन को बड़ा झटका, हथियार छोड़ 22 नक्सलियों ने किया सरेंडर

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सुकमा। CG Breaking : छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर सक्रिय नक्सली संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। सीमा क्षेत्र में सक्रिय 22 नक्सलियों ने हथियार छोड़ सरेंडर किया है। सभी नक्सलियों ने उड़ीसा के पुलिस महानिदेशक के सामने आत्मसमर्पण किया। यह सामूहिक सरेंडर उड़ीसा के मल्कानगिरी जिला मुख्यालय में किया गया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली लंबे समय से छत्तीसगढ़ के सुकमा और उड़ीसा के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय थे और विभिन्न नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

Raipur News : हादसा, हत्या या फिर कुछ और…. कलिंगा यूनिवर्सिटी में नाइजीरियन छात्र की मौत, छात्रा और बॉयफ्रेंड हिरासत में

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रायपुर में फिर मर्डर, युवक की हत्या कर जलाई

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Raipur Murder : राजधानी रायपुर के छपोरा गांव में हत्या का मामला सामने आया है। अज्ञात बदमाशों ने एक युवक की निर्मम हत्या कर उसके शव को गांव के बाहर खेत में फेंक दिया। इतना ही नहीं, पहचान और सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की भी कोशिश की गई।

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सुबह खेत की ओर गए ग्रामीणों ने जली हुई हालत में शव देखा और तुरंत विधानसभा थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले में हर पहलू से छानबीन की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, मृतक की उम्र 30 से 32 वर्ष के बीच बताई जा रही है। शव बुरी तरह झुलसा होने के कारण उसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि हत्या कहीं और की गई और शव को बाद में खेत में लाकर जलाया गया।

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पुलिस आसपास के गांवों में लापता लोगों की जानकारी जुटा रही है और स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल सकेगा।

 

CG Breaking : छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता की दिनदहाड़े हत्या, वारदात ने फैलाई सनसनी

 

 

धान नहीं बेच पा रहे किसान

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रवि विदानी, महासमुंद। Mahasamund : महासमुंद जिले में समर्थन मूल्य की धान खरीदी के लगभग डेढ़ माह होने जा रहे है लेकिन किसानों की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। एक-एक, डेढ़ -डेढ़ माह से कलेक्टर जनदर्शन के चक्कर काट रहे हैं।  किसान लेकिन किसानों की समस्या वैसा का वैसा ही बना हुआ है।

ताजा मामला महासमुंद जिले के ग्राम कांपा, अमावस, बेलटुकरी और बागबाहरा ब्लॉक के कुछ किसान पहुंचे हैं। किसानों का कहना है कि सभी कागजी कार्रवाई पूर्ण होने के बावजूद धान उपार्जन केंद्र में किसी का खसरा नहीं दिखा रहा है तो किसी का नाम ही नहीं आ रहा हुआ। प्रशासनिक अधिकारी इसे सॉफ्ट वेयर की समस्या बता रहे हैं।

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वहीं किसानों का कहना है कि, महीनों से पटवारी तहसीलदार, SDM और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष जब हम धान इसे खसरे इसी रकबे से बेच चुके है धान फिर इस वर्ष यह समस्या समझ से परे हैं।

 

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CG Breaking : छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता की दिनदहाड़े हत्या, वारदात ने फैलाई सनसनी

 

Raipur Alert : रायपुर में बांग्लादेश हिंसा के बीच ‘ऑपरेशन समाधान’, 100 से ज्यादा संदिग्ध हिरासत में

CG Breaking : छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता की दिनदहाड़े हत्या, वारदात ने फैलाई सनसनी

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CG Breaking : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 23 दिसंबर 2025 की सुबह एक सनसनीखेज घटना हुई। पोड़ी–उपरोड़ा के पूर्व जनपद उपाध्यक्ष अक्षय गर्ग की हत्या कर दी गई। तीन लोगों ने अक्षय गर्ग पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अक्षय को अस्पताल लाया गया जहां उनकी मौत हो गई।

मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता व पूर्व जनपद उपाध्यक्ष अक्षय गर्ग मंगलवार की सुबह करीब 9 बजे केसलपुर गांव में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत किए गए सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन करने पहुंचे वह अभी अपने कर्मचारियों से चर्चा कर ही रहे थे तभी एक काली गाड़ी में तीन लोग आए। सभी के हाथ में धारदार हथियार थे उसे अक्षय गर्ग पर प्राण घातक हमला कर दिया गया।वहां मौजूद अक्षय गर्ग के लोग कुछ कह या कर पाते तब तक हमलावर वहां से भाग निकले।
अक्षय गर्ग को अस्पताल लाया गया जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि अक्षय गर्ग की मौत के पीछे पुराना व्यावसायिक विवाद भी हो सकता है,इस घटना से पूरा कोरबा क्षेत्र दहल गया है।

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छत्तीसगढ़ में डी-ग्रेड स्कूलों की बदलेगी सूरत

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भारतेन्दु कौशिक, बिलासपुर। CG News : प्रदेश के डी-ग्रेड सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए सरकार ने अब एक बड़ा और ठोस कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत अब डी-ग्रेड स्कूलों को जनप्रतिनिधि और अधिकारी गोद लेंगे और नियमित रूप से इनका निरीक्षण करेंगे। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।

प्रदेश में कुल 56 हजार 895 सरकारी स्कूलों का सोशल ऑडिट कराया गया था। इस सामाजिक अंकेक्षण में सामने आया कि 9 हजार 540 स्कूल डी-ग्रेड में हैं, जिन्हें सबसे कमजोर श्रेणी में रखा गया है। वहीं 16 हजार 785 स्कूल ए-ग्रेड में पाए गए। कुल मिलाकर 47 हजार 355 स्कूल ए, बी और सी ग्रेड में शामिल रहे।

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सोशल ऑडिट के दौरान यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कई डी-ग्रेड स्कूलों में कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को न तो गिनती आती है और न ही अक्षरों की पहचान है। इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर स्थिति माना गया है।

इसी स्थिति को सुधारने के लिए सरकार ने डी-ग्रेड स्कूलों को गोद देने की योजना शुरू की है। योजना के तहत जनप्रतिनिधि और अधिकारी स्कूलों का चयन करेंगे और साल में कम से कम दो बार स्कूल का दौरा करेंगे। निरीक्षण के दौरान पढ़ाई की गुणवत्ता, बच्चों की उपस्थिति, शिक्षण स्तर और बुनियादी सुविधाओं की जांच की जाएगी।

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प्रदेश स्तर पर डी-ग्रेड स्कूलों की सूची तैयार कर ली गई है। साथ ही निरीक्षण की निगरानी के लिए एक विशेष ऐप भी बनाया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी।

सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से डी-ग्रेड स्कूलों में तेजी से सुधार होगा और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। अब यह देखना होगा कि यह योजना कागजों तक सीमित रहती है या वाकई स्कूलों की सूरत बदल पाती है।

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CG News : आज राज्य युवा महोत्सव का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री साय, 14 विधाओं में 3000 युवा दिखाएंगे प्रतिभा

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  • छत्तीसगढ़ की मेजबानी में होने वाले पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की भी होगी लॉन्चिंग

रायपुर. 22 दिसम्बर 2025. CG News : राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 23 दिसम्बर से 25 दिसम्बर तक बिलासपुर के राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में राज्य युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 23 दिसम्बर को इसका शुभारंभ करेंगे। महोत्सव में 14 सांस्कृतिक और साहित्यिक विधाओं में प्रदेश के 3000 युवा अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। शुभारंभ समारोह में छत्तीसगढ़ की मेजबानी में होने वाले पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की लॉन्चिंग भी की जाएगी। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे। राज्यपाल रमेन डेका 25 दिसम्बर को समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

छत्तीसगढ़ के युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को निखारने तथा राष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच प्रदान करने राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2026 के तारतम्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 14 विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें आठ दलीय विधाएं औ छह 6 एकल विधाएं शामिल हैं। दलीय विधाओं में लोकनृत्य, पंथी नृत्य, राउत नाचा, सुआ नृत्य, करमा नृत्य, लोकगीत, रॉक बैंड और एकांकी की प्रतियोगिताएं होंगी। वहीं एकल विधाओं में वाद-विवाद, कहानी लेखन, चित्रकला, कविता लेखन, नवाचार (साइंस मेला) और पारंपरिक वेशभूषा शामिल हैं। सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं की पांच विधाओं लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला और कविता लेखन के विजेता प्रतिभागी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा उत्सव-2026 में छत्तीसगढ़ की ओर से भागीदारी करेंगे।

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राज्य युवा महोत्सव में दलीय विधाओं में प्रथम स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागियों को 20 हजार रुपए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को 15 हजार रुपए एवं तृतीय स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को 10 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। एकल विधाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 5 हजार रुपए, 3 हजार रुपए एवं 2 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। महोत्सव में भाग लेने वाले हर प्रतिभागी को एक-एक हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

राज्य युवा महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कलाकारों के गायन, बैण्ड परफॉर्मेंस, कवि सम्मेलन जैसे विविध आयोजन भी होंगे। 23 दिसम्बर को उद्घाटन समारोह के दिन राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक आरूग बैण्ड (श्री अनुज शर्मा) की प्रस्तुति तथा नारायणपुर के प्रसिद्ध मल्लखंब का प्रदर्शन किया जाएगा। 23 दिसम्बर को ही बिलासपुर पुलिस ग्राउंण्ड में रात साढ़े 8 बजे से कवि सम्मेलन होगा, जिसमें प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास एवं अन्य कवि कविता पाठ करेंगे। राज्य युवा महोत्सव के दूसरे दिन 24 दिसम्बर को राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में शाम 6 बजे से काफिला बैण्ड एवं स्वप्निल लाइव बैण्ड की प्रस्तुति होगी। अंतिम दिन 25 दिसम्बर को शाम 6 बजे से आरू साहू तथा दायरा (बस्तर) बैण्ड की प्रस्तुति होगी। समापन समारोह में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे।

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