Monday, May 4, 2026
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पर्यावरण संरक्षण को लेकर संसद में बृजमोहन की सक्रियता

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नई दिल्ली/ रायपुर 16 मार्च : स्वच्छ पर्यावरण, शुद्ध हवा और प्रकृति के संरक्षण को लेकर रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका मानना है कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने के लिए पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

इसी क्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सोमवार को लोकसभा में ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी) के अंतर्गत पर्यावरण को और बेहतर करने के लिए कार्बन को कम करने वाले पौधों को लगाने का मुद्दा उठाया।

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अग्रवाल के प्रश्न के जवाब में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और वन पुनर्स्थापन को बढ़ावा देने के लिए देश के विभिन्न राज्यों में अवक्रमित वन क्षेत्रों का चयन किया गया है।

ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी) में समूचे देश में 4391 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण किया जा रहा है। प्रोग्राम में छत्तीसगढ़ में 536 हेक्टेयर भूमि में वन उगाये जा रहे हैं। गुजरात में सबसे ज्यादा 975 हेक्टेयर भूमि में और मध्यप्रदेश में 640 हेक्टेयर क्षेत्र में कार्बन को कम करने वाले पौधों को लगाया जा रहा है।

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मंत्री ने बताया कि कार्बन को कम करने वाले पौधों की दीर्घकाल तक जीवित रहने की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे इलाके के 40% कैनोपी घनत्व पर बाकायदा ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी) के अंतर्गत स्थापित पारिस्थितिक लक्षण को प्राप्त करने के लिए विभिन्न क्रेडिट कार्ड भी
जारी किए जाते हैं।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है। ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम के माध्यम से वृक्षारोपण और वन पुनर्स्थापन के कार्यों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे वातावरण में हरियाली बढ़ेगी और लोगों को स्वच्छ व शुद्ध हवा मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से सरकारी और निजी संस्थाओं की भागीदारी से पर्यावरण के अनुकूल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यक्रम से न केवल वन क्षेत्रों का संरक्षण होगा बल्कि कार्बन फुटप्रिंट में कमी आएगी, जल स्रोतों का संरक्षण होगा और स्थानीय समुदायों को भी रोजगार व आजीविका के नए अवसर प्राप्त होंगे।

उन्होंने कहा कि उनका निरंतर प्रयास रहेगा कि रायपुर लोकसभा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनहित से जुड़े विषयों को संसद में मजबूती से उठाया जाए, ताकि प्रदेश को केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।

बता दें कि, केंद्र सरकार ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत 12 अक्टूबर 2023 को ग्रीन क्रेडिट नियम लागू किया था। जिसका उद्देश्य स्वैच्छिक आधार पर पर्यावरण के अनुकूल कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करना है।

ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण और अवक्रमित वन भूमि के पारिस्थितिक पुनर्स्थापना की प्रक्रिया का भी विकास किया जाता है। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद देहरादून ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम के तहत प्रशासक है और इन नियमों के तहत ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम के प्रबंधन, संचालन और जारी करने सहित इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अन्य उत्तरदायी

भी है। ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी) के लिए वन भूमियों पर किए जाने वृक्षारोपण कार्यों की उपयोगिता के आधार पर स्थानीय प्रजातियों के मिश्रण का उपयोग करना आवश्यक है। ताकि परिस्थितियों के अनुकूल वृक्षों के जरिए पर्यावरण का बेहतर संरक्षण किया जा सके। ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी) में आवेदक को ग्रीन क्रेडिट तभी प्राप्त हो सकते हैं जब कम से कम 5 वर्षों का पुनर्स्थापना कार्य पूरा हो चुका हो और कम से कम 40% का कैनोपी घनत्व प्राप्त हो गया हो मतलब सिर्फ 40 फ़ीसदी क्षेत्र में कार्बन को कम करने वाले पौधों का विकास किया गया हो। साथ ही आरोपित पौधों और प्राकृतिक रूप से उगने वाले पौधों को परिपक्व होने के लिए 5 वर्ष की स्थापना अवधि निर्धारित की गई।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ

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रायपुर, 16 मार्च 2026 : Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ ने सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक एकता और अंत्योदय की भावना का ऐसा प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी देशभर में सराहना हो रही है।

10 फरवरी को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में पूरे प्रदेश से कुल 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें से 1,316 जोड़ों का विवाह रायपुर में प्रत्यक्ष रूप से संपन्न हुआ, जबकि शेष जोड़े प्रदेश के विभिन्न जिलों से वर्चुअल माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़े। सभी विवाह धार्मिक परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुरूप संपन्न कराए गए, जिससे यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर सामाजिक समरसता और सामूहिक खुशियों का विराट उत्सव बन गया।

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इस ऐतिहासिक आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस समारोह की विशेषता यह भी रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, आपसी सद्भाव और सर्वधर्म समभाव की भावना का जीवंत प्रतीक बन गया।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान, विश्वास और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, लेकिन इस योजना ने उस चिंता को दूर कर हजारों परिवारों के जीवन में नई खुशियां और विश्वास का संचार किया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी और वर्तमान सरकार इसे और अधिक व्यापक स्वरूप देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और सामाजिक समरसता को और मजबूत बनाया जाए।

यह ऐतिहासिक आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता, जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग के साथ लागू होती हैं, तब वे केवल सरकारी योजनाएं नहीं रह जातीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बन जाती हैं। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करती है।

सामूहिक विवाह में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास, गोल्डन

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रायपुर। CG NEWS : छत्तीसगढ़ ने सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक एकता और अंत्योदय की भावना का ऐसा प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी देशभर में सराहना हो रही है।

10 फरवरी को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में पूरे प्रदेश से कुल 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें से 1,316 जोड़ों का विवाह रायपुर में प्रत्यक्ष रूप से संपन्न हुआ, जबकि शेष जोड़े प्रदेश के विभिन्न जिलों से वर्चुअल माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़े। सभी विवाह धार्मिक परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुरूप संपन्न कराए गए, जिससे यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर सामाजिक समरसता और सामूहिक खुशियों का विराट उत्सव बन गया।

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इस ऐतिहासिक आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस समारोह की विशेषता यह भी रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, आपसी सद्भाव और सर्वधर्म समभाव की भावना का जीवंत प्रतीक बन गया।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान, विश्वास और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, लेकिन इस योजना ने उस चिंता को दूर कर हजारों परिवारों के जीवन में नई खुशियां और विश्वास का संचार किया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी और वर्तमान सरकार इसे और अधिक व्यापक स्वरूप देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और सामाजिक समरसता को और मजबूत बनाया जाए।

यह ऐतिहासिक आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता, जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग के साथ लागू होती हैं, तब वे केवल सरकारी योजनाएं नहीं रह जातीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बन जाती हैं। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करती है।

नशे पर वार, पुलिस ने 560 किलो से अधिक गांजा

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गरियाबंद। CG NEWS : नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत गरियाबंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के 34 प्रकरणों में जब्त 560.680 किलो मादक पदार्थ गांजा तथा 2 प्रकरणों में बरामद 190 नग नशीली टेबलेट को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत नष्ट कर दिया।

जानकारी के अनुसार जब्त मादक पदार्थों का नष्टीकरण रायपुर स्थित जायसवाल निको स्टील पावर प्लांट के फर्नेस में किया गया, जहां जहरीले पदार्थों को जलाकर पूरी तरह खाक कर दिया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय, नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो और पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। साथ ही छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से विधिवत अनुमति भी ली गई थी।

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नष्टीकरण की इस प्रक्रिया के दौरान जिला औषधि निपटारा समिति गरियाबंद के अध्यक्ष एवं पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, सदस्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरेन्द्र पटेल तथा सदस्य जिला आबकारी अधिकारी गजेन्द्र सिंह मौजूद रहे।

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गरियाबंद पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और समाज में फैल रही नशे की लत को खत्म करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

जिले के 1.44 लाख हितग्राहियों

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रायपुर। CG Assembly Session 2026 : छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य दिलीप लहरिया ने राशन कार्ड का ई केवायसी नहीं होने के कारण बिलासपुर जिले में एक लाख 44 हजार हितग्राहियों को राशन नहीं मिलने का मामला उठाया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जान बूझकर ग़रीबों को परेशान करने पर तुली है। जवाब में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि कुछ कार्डधारक दुकान पर आ ही नहीं रहे हैं इसलिए उनका के वाय सी नहीं हो पा रहा है और उन्हें राशन नहीं मिल रहा है। मंत्री के इस जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर अपना विरोध जताया।

मंदिर हसौद नगर पालिका में भारी बवाल

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रायपुर। Raipur News : मंदिर हसौद स्थित नगर पालिका परिषद में सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। वार्डों की समस्याओं और अधिकारियों की कथित अनदेखी से नाराज लोगों ने नगर पालिका के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

जानकारी के अनुसार, रायपुर जिले की नगर पालिका परिषद मंदिर हसौद में ग्रामीण लंबे समय से वार्डों की मूलभूत समस्याओं को लेकर शिकायत कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार लिखित और मौखिक शिकायत देने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसी से नाराज होकर सोमवार को बड़ी संख्या में लोग नगर पालिका कार्यालय पहुंच गए और मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध दर्ज कराया।

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प्रदर्शन के दौरान महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करती नजर आईं। तालाबंदी के बाद ग्रामीण नगर पालिका परिसर के बाहर ही धरने पर बैठ गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और नगर पालिका का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जरूरत पड़ने पर वे चक्काजाम कर सड़क पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

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इसे भी देख लेना, CGBSE 12वीं हिंदी पेपर लीक

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रायपुर। CG NEWS : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी विषय का प्रश्नपत्र लीक होने के कथित आरोपों ने शिक्षा व्यवस्था में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुपों में परीक्षा से पहले कुछ सवाल वायरल होने का दावा किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पुलिस और साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करवा दी है।

बताया जा रहा है कि 14 मार्च को आयोजित 12वीं हिंदी विषय की परीक्षा से पहले ही 13 मार्च की देर रात सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र से जुड़े सवाल वायरल हो गए थे। इस घटना के सामने आने के बाद परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।

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जानकारी के मुताबिक 13 मार्च की रात करीब 2 बजकर 41 मिनट पर एक व्हाट्सऐप चैनल पर किसी अज्ञात महिला द्वारा दो पन्नों पर हाथ से लिखे हुए करीब 15 सवाल भेजे गए थे। इसके कुछ मिनट बाद उसी नंबर से एक और संदेश भेजा गया, जिसमें लिखा गया था – “इसे भी देख लेना।” इसके बाद इन सवालों की तस्वीरें व्हाट्सऐप ग्रुपों और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल होने लगीं।

अगले दिन यानी 14 मार्च को जब 12वीं कक्षा की हिंदी विषय की बोर्ड परीक्षा आयोजित की गई, तो दावा किया गया कि जो सवाल रात में वायरल हुए थे, वही प्रश्न लगभग उसी क्रम में परीक्षा के प्रश्नपत्र में देखने को मिले। वायरल संदेशों और परीक्षा के प्रश्नपत्र के बीच समानता होने के दावे ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

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शिक्षा से जुड़े कुछ संगठनों और छात्रों ने आरोप लगाया है कि यदि वायरल हुए सवाल और प्रश्नपत्र के प्रश्न वास्तव में एक जैसे हैं, तो यह स्पष्ट रूप से प्रश्नपत्र लीक होने का संकेत हो सकता है। ऐसे में परीक्षा की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। हालांकि अभी तक इस मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस और साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कराई है। मंडल के अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों और प्रश्नपत्र के बीच समानता के दावों की गंभीरता से जांच कराई जा रही है।जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि व्हाट्सऐप पर सवाल भेजने वाला नंबर किसका है और वह जानकारी कहां से आई। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कहीं परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र किसी स्तर पर लीक तो नहीं हुआ।

दोस्त ने दोस्त को उतारा मौत के घाट

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मनीष रवि, सरगुजा। CG Murder : जिले के उदयपुर क्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है,बताया जा रहा है जहां एक युवक ने अपने ही दोस्त की हत्या कर दी और शव को कीचड़ से भरी डभरी में फेंक दिया। घटना की सूचना मिलते ही उदयपुर पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है।

मिली जानकारी के अनुसार यह घटना बीती रात की बताई जा रही है। मृतक की पहचान शीतल निवासी हनुमानगढ़, थाना उदयपुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक ने अपने ही दोस्त शीतल की हत्या करने के बाद शव को पोतका गांव के पास स्थित कीचड़ से भरे डभरी में फेंक दिया। घटना की जानकारी मिलने पर उदयपुर पुलिस थाना प्रभारी शिशिर कांत सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालने के लिए डभरी का पानी खाली कराया जा रहा है।

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पुलिस ने हत्या के आरोपी दोस्त को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ के बाद ही हत्या के कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।

CG Crime : अप्राकृतिक संबंध और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर शिक्षक का मर्डर, नाबालिग ने किया गला रेतकर हत्या 

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CG News : दर्दनाक हादसा: फ्रिज में ब्लास्ट के बाद घर में लगी भीषण आग, जिंदा जल गई महिला

 

 

 

शादी के बंधन में बंधे RCB के यश दयाल

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नोएडा: Yash Dayal Marriage: आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के तेज गेंदबाज यश दयाल ने अपनी लेडी लक लोकप्रिय सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर श्वेता पुंडीर (Who is Shweta Pundir) के साथ शादी कर ली है।

यश दयाल और श्वेता की शादी नोएडा में संपन्न हुई। इस समारोह को काफी निजी रखा गया था, जिसमें केवल दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदार और चुनिंदा दोस्त ही शामिल हुए। हालांकि, अब शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसमें यह जोड़ा बेहद खूबसूरत नजर आ रहा है।

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कौन हैं यश दयाल की पत्नी श्वेता पुंडीर? (Who is Shweta Pundir) 

यश दयाल की पत्नी श्वेता पुंडीर दिल्ली की रहने वाली हैं और डिजिटल दुनिया का एक जाना-माना नाम हैं। इंस्टाग्राम पर श्वेता के लगभग 6 लाख फॉलोअर्स हैं। वह एक आर्टिस्ट, कंटेंट क्रिएटर और व्लॉगर हैं। उन्होंने इंटरकॉन्टिनेंटल लीजेंड्स लीग में ब्रॉडकास्टर्स के साथ भी काम किया है।

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IPL 2026 में RCB के रिटेन खिलाड़ी हैं यश

मैदान पर यश दयाल का प्रदर्शन शानदार रहा है, यही वजह है कि RCB ने उन पर भरोसा जताते हुए 5 करोड़ रुपये में रिटेन किया है। 2022 में गुजरात टाइटंस से करियर शुरू करने वाले यश, 2023 में रिंकू सिंह के पांच छक्कों के बाद काफी दबाव में थे। 2024 सीजन में उन्होंने RCB के लिए बेहतरीन गेंदबाजी कर अपनी काबिलियत साबित की, जिसके दम पर उन्हें टीम इंडिया के टेस्ट स्क्वाड  में भी जगह मिली थी।

 

RAIPUR NEWS : हाईटेंशन बिजली के टावर पर चढ़ा ग्रामीण, जमीन कब्जा करने का लगाया आरोप, लाउडस्पीकर लेकर पहुंचे प्रशासन के अधिकारी

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रायपुर। RAIPUR NEWS : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिलतरा औद्योगिक इलाके में सोमवार को एक ग्रामीण हाईटेंशन बिजली के टावर पर चढ़ गया। सोंडरा गांव के रहने वाले किशन लाल निषाद ने फॉर्चून मेटल प्राइवेट लिमिटेड पर जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया है। उसने अपनी जमीन को भू-माफिया और कंपनी के कब्जे से छुड़ाने की मांग की है।

किशन लाल निषाद का आरोप है कि, उसकी पुश्तैनी जमीन पिछले 12 साल से फॉर्चून मेटल प्राइवेट लिमिटेड के अवैध कब्जे में है। वह पिछले एक दशक से अधिक समय से शासन-प्रशासन के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला।

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सिस्टम की बेरुखी से तंग आकर आज सुबह उसने आत्मघाती कदम उठाते हुए सिलतरा चौकी इलाके में स्थित हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। ग्रामीणों ने किशन को टावर पर चढ़े देखा। सूचना मिलते ही SDM, तहसीलदार और धरसीवां थाना पुलिस का भारी बल मौके पर पहुंचा।

हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत पूरे इलाके की बिजली सप्लाई (लाइट) कटवा दी है। नीचे खड़े अधिकारी लाउडस्पीकर के जरिए किशन लाल को नीचे उतरने की अपील कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीण अपनी जमीन को तत्काल मुक्त करने की लिखित गारंटी की मांग पर अड़ा हुआ है।

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कंपनी पर जमीन कब्जा करने का लगाया आरोप

परिजनों का कहना है कि, किशन लाल ने पहले भी कई बार शिकायत दर्ज कराई थी कि सोंडरा स्थित उसकी जमीन पर कंपनी ने जबरन कब्जा कर रखा है। तहसीलदार और SDM मौके पर मौजूद हैं और कंपनी प्रबंधन से भी दस्तावेज तलब किए गए हैं। फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ग्रामीण को सुरक्षित उतारने के लिए रेस्क्यू टीम और जाल की व्यवस्था भी कर रहा है।