Friday, August 7, 2026
Google search engine
Home Blog Page 181

CG NEWS:अन्न से शुरू होता है साल, आज मनाया जा रहा छेरछेरा

0

CG NEWS: छत्तीसगढ़ में आज धान और अन्न के दान का सबसे बड़ा लोकपर्व छेरछेरा पुन्नी पूरे उत्साह और परंपरागत श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। पौष पूर्णिमा और शाकंभरी जयंती के नाम से भी प्रसिद्ध यह पर्व राज्य की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसमें रुपयों की नहीं बल्कि अन्न के दान की परंपरा निभाई जाती है।

वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में गांवों के बच्चे, युवा और महिलाएं “छेरछेरा, कोठी के धान ल हेरहेरा” कहते हुए घर-घर और खलिहानों में जाकर धान व भेंट स्वरूप अन्न एकत्र करते हैं, जिसे वर्षभर के सामूहिक कार्यों और जरूरतमंदों के लिए उपयोग किया जाता है।

– Advertisement –

छेरछेरा पर्व को महादान और फसल उत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो सामाजिक समरसता, उदारता और सेवा भाव को मजबूत करता है। इसी दिन मां शाकंभरी जयंती भी मनाई जाती है, जिनके बारे में मान्यता है कि उन्होंने अकाल और खाद्य संकट से मानवता को बचाने के लिए अवतार लिया था।

पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी दिन भगवान शिव ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी, इसलिए धान के साथ साग-भाजी, फल और अन्न का दान विशेष पुण्यदायी माना जाता है। सूर्य के उत्तरायण की पहली पूर्णिमा होने के कारण इस दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी अत्यंत विशेष माना गया है।

– Advertisement –

Ad image

इलाज के दौरान युवक की मौत, शव रखकर चक्का जाम

0

जांजगीर-चांपा। CG NEWS: जांजगीर-चांपा से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है, जहां जांजगीर के नेताजी चौक में परिजनों ने शव सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया है। मामला नेताजी फर्नीचर से जुड़ा है, जहां काम के दौरान सीढ़ी से फिसलने पर युवक हरिचरण प्रधान के पैर में फ्रैक्चर हो गया था।

घायल युवक को इलाज के लिए नायक नर्सिंग होम, चांपा में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और वे फर्नीचर संचालक से मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन पर उतर आए। चक्का जाम के चलते नेताजी चौक पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

– Advertisement –

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश देने का प्रयास कर रही है। मृतक युवक जांजगीर थाना क्षेत्र के खोखसा गांव का निवासी बताया जा रहा है। फिलहाल इलाके में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और पुलिस स्थिति को नियंत्रण में रखने में जुटी हुई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मांडविया से की भेंट, प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिलना समूचे राज्य के लिए गर्व और सम्मान का विषय

रायपुर 2 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया से सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित “प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स – 2026” के सफल आयोजन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व तथा भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मार्गदर्शन में खेलों को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिलना समूचे राज्य के लिए गर्व और सम्मान का विषय है, यह अवसर राज्य की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा।

चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने अवगत कराया कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत एथलेटिक्स, तीरंदाजी, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, हॉकी, फुटबॉल और तैराकी सहित कुल 07 मुख्य खेलों की स्पर्धाएँ आयोजित की जाएँगी, वहीं 2 खेल डेमो स्वरूप प्रस्तुत किए जाएंगे। प्रस्तावित आयोजन के अनुसार
सरगुजा संभाग में कुश्ती, तीरंदाजी एवं वेटलिफ्टिंग,रायपुर में हॉकी, फुटबॉल एवं तैराकी तथा बिलासपुर में एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026 का उद्घाटन समारोह 14 फरवरी 2026 को रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री मांडविया को उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया।

केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मांडविया ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं में खेल प्रतिभा प्रचुर मात्रा में है और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में इस प्रकार के आयोजन खेलों के प्रति नए उत्साह और अवसर पैदा करेंगे। उन्होंने आयोजन की सभी तैयारियों में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से आदिवासी अंचलों के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा तथा छत्तीसगढ़ खेल महाशक्ति के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर श्री मनसुख मांडविया को ईएसआईसी अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। उन्होंने राज्य में खेलों के आधारभूत ढाँचे के विकास, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण अवसरों के विस्तार तथा खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में खेल मंत्रालय के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने देश में कार्यान्वित ऐतिहासिक लेबर कोड के लिए भी केंद्रीय मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि इससे श्रमिक हितों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा कवरेज और श्रम क्षेत्र में पारदर्शिता एवं सरलता को नई दिशा मिली है।

‘बॉर्डर 2’ का इमोशनल गाना

0

Ghar Kab Aaoge Video Song: फिल्म ‘बॉर्डर 2’ के आइकॉनिक गाने ‘घर कब आओगे’ का वीडियो रिलीज होते ही दर्शकों के दिलों को छू गया है। इस गाने का वीडियो जैसलमेर में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान बीएसएफ जवानों और सेना की मौजूदगी में लॉन्च किया गया, जिसने इस पल को राष्ट्रीय गौरव और भावनाओं से भर दिया।

वीडियो में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी अलग-अलग सैन्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं, जबकि गाने को रूपकुमार राठौड़, सोनू निगम, अरिजीत सिंह, विशाल मिश्रा और दिलजीत दोसांझ ने अपनी आवाज़ दी है। वरुण धवन सैनिकों के बीच गाने की शुरुआत करते हैं,

दिलजीत एयरफोर्स पायलट और अहान शेट्टी नेवी अफसर के रूप में दिखाई देते हैं, वहीं सनी देओल की एंट्री गाने को गहरे भावनात्मक मोड़ पर ले जाती है, जहां उनकी आंखों में पुराने जख्मों और फौजी साथियों की यादों का दर्द साफ झलकता है। वीडियो में मोना सिंह, सोनम बाजवा, आन्या शर्मा और मेधा राणा की झलक भी देखने को मिलती है।

‘संदेसे आते हैं’ की याद दिलाने वाला यह गीत दर्शकों को भावुक कर रहा है। ‘बॉर्डर 2’ को भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जे.पी. दत्ता और निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है, जबकि फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है। देशभक्ति और साहस की यह भव्य फिल्म 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

नए साल पर पुलिस विभाग

0

महासमुंद। CG Police Transfer : नए साल के दूसरे दिन महासमुंद जिले में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। कानून व्यवस्था में कसावट लाने के उद्देश्य से महासमुंद एसपी ने जिले के कई थाना प्रभारियों को इधर से उधर किया है।

इस फेरबदल को बेहतर पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक मजबूती की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पुलिस विभाग का मानना है कि इस बदलाव से जिले में कानून व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।

– Advertisement –

 

देखें लिस्ट –

– Advertisement –

Ad image

रायपुर – प्रेस क्लब कार्यकारिणी चुनाव, इस दिन

0

रायपुर। CG NEWS: रायपुर प्रेस क्लब की कार्यकारिणी का निर्वाचन कराए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। उक्त आदेशों के परिपालन में प्रेस क्लब रायपुर के पदाधिकारियों के निर्वाचन की समय-सारणी घोषित कर दी गई है।

इस निर्वाचन के अंतर्गत अध्यक्ष (01), उपाध्यक्ष (01), महासचिव (01), संयुक्त सचिव (02) एवं कोषाध्यक्ष (01) पदों के लिए चुनाव कराया जाएगा।

– Advertisement –

घोषित कार्यक्रम के अनुसार नाम निर्देशन पत्रों की प्राप्ति एवं जमा करने की प्रक्रिया 06 जनवरी 2026 से 08 जनवरी 2026 तक प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक कलेक्टरेट परिसर रायपुर के कक्ष क्रमांक क-09 में होगी।

नाम निर्देशन पत्रों की जांच (संवीक्षा) एवं वैध नामांकन पत्रों की सूची का प्रकाशन 09 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे से कलेक्टरेट परिसर के कक्ष क-09 में किया जाएगा।

– Advertisement –

Ad image

नाम निर्देशन पत्रों की वापसी 10 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक कलेक्टरेट परिसर में होगी। इसी दिन अंतिम रूप से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची का प्रकाशन दोपहर 3 बजे के बाद कक्ष क-09, कलेक्टरेट परिसर में किया जाएगा।

मतदान 13 जनवरी 2026 को प्रातः 8 बजे से शाम 4 बजे तक प्रेस क्लब रायपुर में संपन्न होगा। मतदान समाप्ति के तत्काल पश्चात् उसी दिन मतगणना भी प्रेस क्लब रायपुर में की जाएगी।

नाम निर्देशन पत्र कलेक्टरेट परिसर रायपुर के कक्ष क्रमांक क-09 से प्राप्त किए जा सकते हैं। मतदाता सूची का शुल्क 300 रुपये, अध्यक्ष पद के लिए नाम निर्देशन शुल्क 5000 रुपये तथा अन्य पदों के लिए 2000 रुपये निर्धारित किया गया है।

स्कूल परिसर में पागल कुत्ते का आतंक, छात्र और

0

बिलासपुरCG NEWS: बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत खमतराई स्थित PM श्री स्कूल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक पागल कुत्ते ने स्कूल परिसर में घुसकर हमला कर दिया।

इस हमले में पहली कक्षा का एक मासूम बच्चा और एक शिक्षिका घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि इलाके में यही कुत्ता अब तक करीब 10 लोगों को काट चुका है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।

– Advertisement –

हैरानी की बात यह है कि लगातार शिकायतों के बावजूद नगर निगम की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सरकार ने स्कूलों में कुत्तों की निगरानी की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपी थी, लेकिन हालात ऐसे बन गए हैं कि शिक्षक खुद ही आवारा और पागल कुत्तों का शिकार हो रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर कब जागेगा निगम और कब मिलेगी बच्चों व शिक्षकों को सुरक्षा

72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैम्पियनशिप,

0

रायपुर,बनारस। CG NEWS: 72वीं सीनियर नेशनल महिला एवं पुरूष वॉलीबाल चैम्पियनशिप का आयोजन दिनांक 04 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2026 तक बनारस उत्तरप्रदेश में आयोजित है। उक्त चैम्पियनिशप में छत्तीसगढ़ राज्य महिला एवं पुरूष दोनों ही वर्गो की टीमें भाग ले रही है। उक्त चैम्पियनशिप के पुर्व छत्तीसगढ़ राज्य के पुरूष एवं महिला वर्ग के 20-20 खिलाडियों का प्रशिक्षण शिविर पुरूष वर्ग का रायपुर में तथा महिला खिलाडियों का राजनांदगांव में शिविर लगाया गया था दोनों ही शिविर में राज्य के अलग-अलग जिलों तथा इकाईयों के खिलाडियों ने भाग लिया था जिन्हे तकनीकि, शारिरिक एवं मानसिक रूप से प्रतियोगिता हेतु तैयार किया गया।
प्रशिक्षण शिविर के उपरान्त अंतिम रूप से 14-14 खिलाडियों का चयन किया गया जा इस प्रकार हैः-

पुरूष वर्ग:-

– Advertisement –

1. विकास यादव(कप्तान)
2. विश्वा आर
3. विनायक मूर्ती जी
4. दिक्षीत डी (सभी रेल्वे)
5. टी जगदीश राव
6. हेम शिखर
7. कौशल वर्मा
8. राजेश सिंह
9. अनुराग शर्मा (लिबरो) (सभी रायपुर)
10. गौरव साहू (कोरबा)
11. यशवंत गुप्ता
12. युवराज सिंह (रायगढ)
13. तुषार पालित (भिलाई)
14. देवेश यादव (लिबरो)
हेड कोच:-1 नितिन पाण्डेय (रायपुर)
सहाकय केाच:-2 डी.सी.एच. सुरी बाबु (रेल्वे, रायपुर)
सहायक कोच:-3 रमेश सिंह, सुरजपुर
मेनेजर:- 3 श्रीमती ज्योति,पांडे (रायपुर)
मुख्य प्रबंधक पुरूष वर्ग:- दीपेश सिन्हा (रायपुर)

महिला वर्ग:-
1. आस्था यादव (कप्तान) रायपुर
2. श्रेया मरावी
3. लक्की कुमारी
4. कोमल मोर्या
5. भावना वर्मा ( साईं रायपुर)
6. ममता वर्मा
7. पीहू यादव (लिबरो) रायपुर
8. खुशी पाण्डेय (लिबरो) रायपुर
9. शायना अंजुम
10. शाहिबा अंजुम (बी.एस.पी. भिलाई)
11. चन्द्रावती रजवाड़े, (सुरजपुर)
12. आफरीन नाज़ (कर्वधा)
13. विघा नायर ( दुर्ग
14. रूचि जायसवाल दुर्ग

– Advertisement –

Ad image

मुख्य कोच:-1.संध्या धुरवे (राजनांदगांव)
सहायक कोच:- 2. l वी.एन. सोनी (दुर्ग)
सहायक कोच:-3. मेघा कैार (भिलाई)
मेनजर:-4. l विनोद नायर (भिलाई)
महिला मुख्य प्रबंधक:- सुश्री रेखा पदम
प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ स्टेट वॉलीबाल एशोसिएशन महेश गागडा जी, मैट्स यूनिवसिटी रायपुर के कुलाधिपति एवं छत्तीसगढ़ ओलपिंक संघ के उपाध्यक्ष गजराज पगारिया जी, सुश्री गरिमा चौधरी, डिप्टी डायरेक्टर, साई टेªनिंग सेन्टर, रायपुर, l मो. अकरम खान, उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट वॉलीबाल एशोसिएशन, सचिव हेमप्रकाश नायक जी के साथ ही अन्य गणमान्य नगारिक के साथ कोचस एवं छत्तीसगढ़ स्टेट वॉलीबाल एशोसिएशन के सदस्यों सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

अतिथियों द्वारा खिलाडियों का उत्साहवर्धन करते हए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गइ तथा बनारस रवाना होने के पूर्व खिलाडीयों, प्रशिक्षकों एवं टीम प्रबंधन को प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रर्दशन हेतु शुभकामनाएॅ दी गई।टीम को किट एवं ट्रैक शूट (Spartan) कंपनी के द्वारा प्रदान किया गया एवं यात्रा का सम्पूर्ण व्यय माननीय अध्यक्ष महेश गागड़ा जी के द्वारा प्रदान किया गया ।

हिंदू संगठन से जुड़े युवक की आत्महत्या,

0

बिलासपुर,बामपारा। CG NEWS: बिलासपुर मुंगेली जिले के बामपारा क्षेत्र में हिंदू संगठन से जुड़े युवक नरेश साहू की आत्महत्या के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। परिजनों के अनुसार नरेश हाल ही में बांग्लादेशी हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में हुए पुतला दहन और प्रदर्शन में शामिल था, जिसके बाद से उसे लगातार प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में नरेश ने एक मुस्लिम युवक पर मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है।

घटना के बाद हिंदू संगठनों में आक्रोश और बढ़ गया है, जिसके चलते बिलासपुर के कोतवाली थाने में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। संगठनों ने चेतावनी देते हुए अल्टीमेटम दिया है कि यदि कुछ घंटों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो वे सड़क जाम और उग्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है और पूरे मामले की जांच जारी है।

– Advertisement –

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर की कला,

0

  • बस्तर पंडुम 2026 बनेगा विश्व–स्तरीय सांस्कृतिक आयोजन

रायपुर, 2 जनवरी 2026: CG News : बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, लोकपरंपराओं और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन वर्ष 2026 में भी गत वर्ष की भांति भव्य एवं आकर्षक रूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा में माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में बस्तर पंडुम का लोगो एवं थीम गीत का विमोचन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि बस्तर पंडुम बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि आज माँ दंतेश्वरी के इस पावन प्रांगण से बस्तर पंडुम 2026 का शुभारंभ हो रहा है। यहाँ बस्तर पंडुम 2026 का लोगो और थीम गीत का विमोचन किया गया है। बस्तर पंडुम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा है। यह हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं, कला और विरासत का जीवंत मंच है।

– Advertisement –

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली पहचान हमारी आदिवासी परंपराओं में है। हम नृत्य, गीत, शिल्प, व्यंजन, वन-औषधि और देवगुडि़यों के माध्यम से इन परंपराओं और संस्कृति को जीते हैं। पिछले वर्ष हमने बस्तर पंडुम की शुरुआत की थी। समापन अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी हम सबके बीच आए थे। इस वर्ष हम राष्ट्रपति , केंद्रीय गृहमंत्री, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री तथा भारत में नियुक्त विभिन्न देशों के राजदूतों को भी आमंत्रित कर रहे हैं। पिछली बार बस्तर पंडुम को लेकर बस्तरवासियों का जो उत्साह और जोश देखने को मिला, वह अभूतपूर्व था। इस बार हम इसे और अधिक भव्य बना रहे हैं, ताकि यहाँ की धरोहर राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष बस्तर पंडुम की प्रतिस्पर्धाओं में विधाओं की संख्या सात से बढ़ाकर बारह कर दी गई है। इनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, पूजा-पद्धति के साथ ही शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक व्यंजन-पेय, आंचलिक साहित्य और वन-औषधि को भी शामिल किया गया है। इस बार बस्तर पंडुम प्रतियोगिता का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा।

– Advertisement –

Ad image

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर की संस्कृति को सहेजते हुए नई पीढ़ी तक पहुँचाया जाए। बस्तर अब केवल संस्कृति का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि शांति, समृद्धि और पर्यटन के माध्यम से विकास का भी प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार बस्तर को नई ऊँचाइयों पर ले जा रही है। यह उत्सव बताता है कि बस्तर अब संघर्ष से नहीं, बल्कि सृजन और उत्सव से पहचाना जाएगा।

उन्होंने बस्तरवासियों एवं सभी कलाकार भाई-बहनों से आग्रह किया कि वे अपनी कला के माध्यम से बस्तर का गौरव बढ़ाएँ और अधिक से अधिक संख्या में बस्तर पंडुम के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लें।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ‘पंडुम’ का अर्थ पर्व होता है। बस्तर में खुशियों को बढ़ाने के लिए समय-समय पर विभिन्न पर्व (पंडुम) मनाए जाते हैं। किसी भी पर्व की शुरुआत माता के आशीर्वाद से करने की परंपरा रही है। इसी तारतम्य में बस्तर पंडुम की शुरुआत माँ दंतेश्वरी के मंदिर परिसर से की जा रही है। बस्तर समृद्ध संस्कृति से परिपूर्ण है। यहाँ निवास करने वाली जनजातियों की कला, शिल्प, नृत्य, संगीत और खानपान को समाहित कर बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति स्थापना के प्रयास सफल हो रहे हैं। मार्च 2026 तक लाल आतंक समाप्त होकर रहेगा।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर की कला, संस्कृति और परंपरा गर्व का विषय है। इस समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का प्रयास बस्तर पंडुम के माध्यम से किया जा रहा है। पौराणिक काल में भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान दंडकारण्य क्षेत्र में समय व्यतीत किया था। ऐसे पावन क्षेत्र में सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करने की पहल सरकार ने की है।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध बस्तर क्षेत्र की विभिन्न विधाओं को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए सरकार लगातार दूसरे वर्ष बस्तर पंडुम का आयोजन कर रही है। इस वर्ष बारह विधाओं में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने मंदिर प्रांगण में ही संभाग के वरिष्ठ मांझी, चालकी, गायता, पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजनों तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकारों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम को बस्तर सांसद महेश कश्यप एवं दंतेवाड़ा विधायक चैतराम आटमी ने भी संबोधित किया। इस दौरान बस्तर के पारंपरिक नेतृत्वकर्ता मांझियों और समाज प्रमुखों ने भी बस्तर पंडुम के आयोजन के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत बस्तर संभाग में 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 29 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 2 से 6 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएँ होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं।इस बार के बस्तर पंडुम में विशेष रूप से भारत में विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके। साथ ही बस्तर संभाग के निवासी उच्च पदस्थ अधिकारी, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारी, चिकित्सक, अभियंता, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया है।

प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिकाधिक कलाकारों एवं समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खानपान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य-गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुडि़यों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इसके तहत बस्तर संभाग के सात जिलों की 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगरपालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग के रूप में नामित किया गया है।

इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, बस्तर आईजी सुंदरराज पी., संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक गौरव राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।