Wednesday, March 18, 2026
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छत्तीसगढ़ में खत्म हुई गार्ड ऑफ ऑनर की परंपरा,

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रायपुर। CG NEWS: छत्तीसगढ़ राज्य के मंत्रीगणों और पुलिस के आला अधिकारियों को सामान्य दौरे, निरीक्षण, भ्रमण के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने की औपनिवेशिक परंपरा को समाप्त कर दिया गया है। गृह विभाग द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर के नियमों में संशोधन किए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है, जो  तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर गृह विभाग ने गार्ड ऑफ ऑनर की औपनिवेशिक काल से चली आ रही परंपरा की समीक्षा करने के उपरांत इसमें संशोधन का आदेश जारी किया है। इसका उद्देश्य पुलिस बल की कार्यक्षमता का उपयोग कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने और औपनिवेशिक सोच से जुड़ी परंपराओं को समाप्त करना है।

     गौरतलब है कि गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्वयं विभाग के अधिकारियों को गार्ड ऑफ ऑनर की वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा कर इसमें वर्तमान स्थिति में आवश्यकतानुसार बदलाव करने के निर्देश दिए थे। जिसके परिपालन में गृह विभाग ने पुलिस बल को अनावश्यक औपचारिकताओं से मुक्त कर उनकी कार्यक्षमता का उपयोग उनके मूल दायित्वों के पालन के लिए यह संशोधन किया है।

सामान्य दौरों में सलामी गारद समाप्त

जारी आदेश के तहत राज्य के भीतर सामान्य दौरों, आगमन-प्रस्थान एवं निरीक्षण के दौरान अब गृहमंत्री, समस्त मंत्रीगण, पुलिस महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सलामी गारद (गार्ड ऑफ ऑनर) नहीं दिया जाएगा। जिला भ्रमण, दौरे या निरीक्षण के समय पूर्व में प्रचलित सलामी व्यवस्था को पूर्णतः समाप्त कर दिया गया है। इससे पुलिस बल का समय और ऊर्जा का प्रभावी उपयोग सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा जनसेवा के कार्यों में हो सकेगा।

राष्ट्रीय एवं राजकीय आयोजनों में यथावत व्यवस्था

       यह प्रतिबंध राष्ट्रीय और राजकीय समारोहों पर लागू नहीं होगा। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त), शहीद पुलिस स्मृति दिवस (21 अक्टूबर), राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर), राजकीय समारोहों तथा पुलिस दीक्षांत परेड जैसे अवसरों पर औपचारिक सलामी गारद की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी।

संवैधानिक पदों के लिए प्रोटोकॉल जारी

        आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रोटोकॉल के अनुसार संवैधानिक पदों पर आसीन महानुभावों एवं विशिष्ट अतिथियों के लिए सलामी गारद की व्यवस्था पहले की तरह यथावत रहेगी। यह निर्णय शासन की प्रशासनिक सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता और आधुनिक, जनोन्मुखी व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पुलिस बल की कार्यक्षमता में सकारात्मक सुधार होगा।

छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का

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महिला विकास की नई इबारत लिख रही है साय सरकार

रायपुर।  CG NEWS: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार नित-नये फैसले ले रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के लिए छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 तैयार किया गया है। विकसित छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सशक्त भागीदारी को देखते हुए राज्य में आगामी वर्ष को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘महतारी गौरव वर्ष’ में महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक गरिमा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का सशक्त संकल्प सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह वर्ष छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के नेतृत्व, सहभागिता और सम्मान का एक नया अध्याय लिखेगा, जो विकसित, समरस और सशक्त छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार को सबसे बड़ा आशीर्वाद माताओं और बहनों से प्राप्त होता है। उनके विश्वास, समर्थन और आशीष से ही जनसेवा के कार्यों को नई ऊर्जा और दिशा मिलती है। इसी भावनात्मक और सामाजिक दायित्वबोध से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का पहला वर्ष ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में समर्पित रहा, जिसमें शासन और जनता के बीच भरोसे की पुनर्स्थापना हुई। दूसरा वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को समर्पित ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाया गया, जिसके दौरान आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, सामाजिक विकास और जनकल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरे हुए। अब सेवा का आगामी वर्ष मातृशक्ति को समर्पित ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें राज्य की सभी प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों का केंद्रबिंदु माताएँ और बहनें होंगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर किए गए कार्यों ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पटल पर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया है। सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और निर्णय क्षमता को अपनी नीतियों का मूल आधार बनाते हुए सामाजिक-आर्थिक बदलाव की एक नई दिशा तय की है।

महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूती देने वाली महतारी वंदन योजना के अंतर्गत राज्य की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 22 किश्तों में 14,306 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। महिला कल्याण के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य की विकास यात्रा के केंद्र में महिलाएँ हैं।

महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दिलाने के उद्देश्य से रजिस्ट्री शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट, 368 महतारी सदनों का निर्माण, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय का ऑनलाइन भुगतान जैसे निर्णयों ने सुशासन और पारदर्शिता को और सुदृढ़ किया है। स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 42,878 महिला समूहों को 12,946.65 लाख रुपये का रियायती ऋण प्रदान किया गया है। वहीं, बस्तर सहित छह जिलों में रेडी-टू-ईट का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है।

महिला आजीविका के नए अवसर सृजित करने के लिए मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नवाबिहान योजना, डिजिटल सखी, दीदी ई-रिक्शा योजना, सिलाई मशीन सहायता, तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना जैसी पहलें लागू की गई हैं। कन्याओं के विवाह में सहयोग हेतु मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सहायता राशि का बड़ा हिस्सा सीधे कन्या के बैंक खाते में जमा किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता दोनों को बल मिला है।

महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक पहल की है। वन-स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन और डायल 112 के एकीकृत संचालन ने संकट की घड़ी में त्वरित और प्रभावी सहायता सुनिश्चित की है। सुखद सहारा योजना के अंतर्गत 2 लाख 18 हजार से अधिक विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है।

किशोरियों के स्वास्थ्य और शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए शुचिता योजना, साइकिल वितरण योजना, तथा नवा रायपुर में यूनिटी मॉल का निर्माण महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित ‘जशप्योर’ ब्रांड को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास भी महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के साथ-साथ उनके लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण तैयार करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना, नवाबिहान, लखपति दीदी, शुचिता और महतारी सदन जैसी पहलें महिलाओं के समग्र विकास का मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।

वर्ष 2025-26 में महिला एवं बाल विकास विभाग को 8,245 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिला कल्याण, सुरक्षा और सशक्तिकरण उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई दिशा, नई उम्मीद और नए परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर को दी ऐतिहासिक

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रायपुर। CG NEWS: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने सुशासन के दो वर्षों के दौरान जशपुर जिले के कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। जिले में किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 11 महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल 199 करोड़ 49 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय को स्थायी मजबूती मिलेगी।

प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जशपुर जिले में बैराज, एनीकट, तालाब एवं व्यपवर्तन योजनाओं के निर्माण, मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से जिले के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और वर्षा पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आएगी।

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जशपुर जिले को स्वीकृत प्रमुख सिंचाई योजनाओं में मैनी नदी, बगिया स्थित बैराज उद्वहन सिंचाई योजना के लिए 79 करोड़ 37 लाख रुपये, कुनकुरी ईब व्यपवर्तन योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य हेतु 37 करोड़ 9 लाख रुपये, सहसपुर तालाब योजना के लिए 4 करोड़ 27 लाख रुपये तथा डुमरजोर (डुमरिया) व्यपवर्तन योजना हेतु 10 करोड़ 36 लाख रुपये की स्वीकृति शामिल है।

इसी क्रम में तुबा एनीकट योजना के लिए 2 करोड़ 67 लाख रुपये, बारो एनीकट योजना हेतु 7 करोड़ 6 लाख रुपये, मेडरबहार तालाब योजना के लिए 5 करोड़ रुपये, पमशाला एनीकट योजना हेतु 28 करोड़ 2 लाख रुपये, कोनपारा तालाब (दलटोली डेम) के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 3 करोड़ 47 लाख रुपये, अंकिरा तालाब योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार हेतु 3 करोड़ 47 लाख रुपये तथा कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए 16 करोड़ 17 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

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इन सिंचाई परियोजनाओं के पूर्ण होने से जिले के अनेक ग्रामों में खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे किसानों को खेती के लिए नियमित पानी मिलेगा, फसल उत्पादन बढ़ेगा और कृषि को स्थायी आजीविका का मजबूत आधार प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सिंचाई, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। जशपुर जिले को मिली ये सिंचाई सौगातें सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनकल्याणकारी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। इन योजनाओं से जिले के किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

सांसद मनोज तिवारी और बृजमोहन के हाथों छग

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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देशभर के युवाओं को नई दिशा देने और उनके उज्ज्वल भविष्य गढ़ने के उद्देश्य से देशभर में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया गया है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित नेताजी सुभाष स्टेडियम में चल रहे सांसद खेल महोत्सव ( रायपुर ) के तीन दिवसीय मेगा फाइनल एवं समापन समारोह के दूसरे दिन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि भाजपा सांसद मनोज तिवारी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।

छग टेनिस एसोसिएशन के महासचिव होरा का सम्मान

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इस अवसर पर विभिन्न खेलों के विजेताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही खेल जगत में राजधानी रायपुर का नाम प्रदेश और देश स्तर पर रोशन करने वाले खेल पदाधिकारियों, वरिष्ठ खिलाड़ियों एवं कोचों का भी सम्मान किया गया। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में खेल को नई पहचान दिलाने वाले, खेलों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले, जिन्होंने ब्रिक्स गेम्स में पुरे भारत में से चुनकर टीम इंडिया का मैनेजर बनकर छत्तीसगढ़ का नाम बढ़ाया, साथ ही हाल ही में डेविस कप में भारतीय टीम के समन्वयक के रूप में भारतीय टीम का नेतृत्व कर स्वीट्ज़रलैंड के खिलाफ 3 – 1 से भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले छग टेनिस एसोसिएशन के महासचिव व ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा का सांसद मनोज तिवारी और सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा मोमेंटो भेंट कर और साल पहनाकर सम्मानित किया गया। वहीं विजयी खिलाड़ियों को पुरस्कृत भी किया गया। जहां खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

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श्री होरा ने जताया आभार 

श्री होरा ने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए सांसद खेल महोत्सव आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इस तरह के आयोजन किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़कर उनकी प्रतिभा को निखारना, उन्हें सकारात्मक दिशा देना तथा एक सशक्त और स्वस्थ भारत का निर्माण करना है। वहीं छत्तीसगढ़ में सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों से यह आयोजन संभव हो पाया हैं। इस प्रकार के खेल महोत्सव खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं तथा देश और प्रदेश में खेल संस्कृति को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सुनिए –

मुख्य अतिथि सांसद अग्रवाल ने इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए खेल संघों, नगर निगम, जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग, खेल विभाग, पुलिस प्रशासन, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों, व्यायाम शिक्षकों, खेल अधिकारियों, अभिभावकों एवं खेलप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में कौन कौन उपस्थित

समारोह में विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष जितेंद्र धुरंधर, कबड्डी संघ के अध्यक्ष विजय अग्रवाल, सभी जोन अध्यक्ष, पार्षदगण, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

बता दे सांसद खेल महोत्सव के तहत विभिन्न आयु वर्ग के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। आयोजन में कुश्ती, खो-खो, शतरंज सहित कुल 13 अलग-अलग खेल विधाओं की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में खिलाड़ी भाग लिए हुये है। सांसद खेल महोत्सव का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है। इस आयोजन से न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि राजधानी रायपुर में खेल संस्कृति को भी नई ऊर्जा मिली है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के हाथ विजयी खिलाड़ियों को पुरस्कृत भी किया गया।

खेल महोत्सव का समापन समारोह कल

खेल महोत्सव का समापन समारोह कल DDU ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। समापन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जुड़कर खिलाड़ियों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल होंगे।

 

 

 

45वीं NTPC जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता

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रायपुर। CG NEWS: 22 से 30 दिसंबर 2025 तक राजधानी रायपुर में आयोजित 45वीं NTPC जूनियर (रिकर्व, कंपाउंड एवं इंडियन राउंड) राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में देशभर से आए जूनियर तीरंदाजों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पुरुष एवं महिला वर्ग की रिकर्व स्पर्धा में कड़े मुकाबलों के बीच मेडल टैली घोषित की गई।

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70+70 मीटर दूरी – पुरुष वर्ग (रिकर्व) में महाराष्ट्र के सैराज दिनेश हनमे ने 684 अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता। उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल धामा ने 674 अंकों के साथ रजत तथा राजस्थान के अथर्व शर्मा ने 673 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

पुरुष व्यक्तिगत एलिमिनेशन राउंड में हरियाणा के अगस्त्य सिंह ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। राजस्थान के आदित्य जावा दूसरे तथा पश्चिम बंगाल के जुएल सरकार तीसरे स्थान पर रहे।

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70+70 मीटर दूरी – महिला वर्ग (रिकर्व) में मध्यप्रदेश की क्रातिका बिचपुरिया ने 659 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। उत्तर प्रदेश की माधवी चौहान (657 अंक) को रजत और हरियाणा की तमन्ना देशवाल (647 अंक) को कांस्य पदक मिला।

महिला व्यक्तिगत एलिमिनेशन राउंड में राजस्थान की प्रांजल ठोलिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। हरियाणा की तमन्ना देशवाल दूसरे तथा ओडिशा की मानसवरी हसदक तीसरे स्थान पर रहीं।

मिक्स्ड टीम रिकर्व स्पर्धा में उत्तर प्रदेश की जोड़ी उज्ज्वल धामा एवं माधवी चौहान ने स्वर्ण पदक जीता। महाराष्ट्र की टीम सैराज दिनेश हनमे एवं कुमकुम अनिल मोहोड़ को रजत, जबकि तमिलनाडु की टीम स्मरण सर्वेश एवं जे. थौफीना बेगम को कांस्य पदक प्राप्त हुआ।

प्रतियोगिता के सफल आयोजन से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिली है। संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मुरारका ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होते हैं।

नए साल से बदल जाएगा ट्रेनों का समय, 1 जनवरी से लागू

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रायपुर। CG NEWS:  1 जनवरी से ट्रेनों के समय में बदलाव होने जा रहा है। रेलवे ने हर साल की तरह इस बार भी आधारभूत संरचना के विकास को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे की समय सारिणी में आंशिक परिवर्तन किया है। इसके तहत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन में कुल 55 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले नई समय सारिणी की जानकारी जरूर ले लें, ताकि किसी तरह की असुविधा न हो।

नीचे देखें नई समय सारिणी –

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सर्व समाज के छत्तीसगढ़ बंद का मसीह

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दुर्ग। CG NEWS : कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुए साम्प्रदायिक हिंसा के विरोध में सर्व समाज के आज छत्तीसगढ़ बंद के आह्वाहन के विरोध में मसीह समाज के लोग दुर्ग रेंज आई जी और दुर्ग संभाग कमिश्नर को ज्ञापन सौपकर कल क्रिसमस पर्व के लिए सुरक्षा की मांग रखी।

यूनाइटेड क्रिस्चियन कॉउंसिल के अध्यक्ष एम जोनाथन जॉन ने सर्व समाज से सवाल पूछते हुए कहा कि इतने वर्षों से मसीह समाज के लोगों के ऊपर अत्याचार हो रहा था तब वे कहा थे हम भी सर्व समाज के ही एक अभिन्न अंग है, उन्होंने बड़े तेवड़ा गाव के सरपंच की पिता के कब्र को उखाड़ने को अमानवीय कृत्य और राजनैतिक द्वेष बताया।

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बता दे कि कांकेर जिले के गाव बड़े तेवड़ा में बीते 18 दिसम्बर को कब्र कफ़न दफन विवाद को लेकर बड़ी साम्प्रदायिक हिंसा हुई जिसमें भीड़ ने 3 चर्च और कई लोगों के घरों को आग के हवाले कर दिया था।

 

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Pradhan Mantri Ujjwala Yojana : पहले आओ–पहले पाओ

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भारतेन्दु कौशिक, बिलासपुर। Pradhan Mantri Ujjwala Yojana : भारत सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 25 लाख अतिरिक्त निःशुल्क एलपीजी गैस कनेक्शन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और किफायती रसोई ईंधन उपलब्ध कराने का सरकार का संकल्प और मजबूत हुआ है।

लक्ष्य पूरा होते ही योजना बंद 

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प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी। इस योजना का मकसद उन परिवारों तक गैस कनेक्शन पहुंचाना था, जो आज भी धुएं वाले चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर थे। अब तक इस योजना के तहत 10 करोड़ 33 लाख से अधिक एलपीजी कनेक्शन देशभर में दिए जा चुके हैं। सरकार ने साफ किया है कि यह 25 लाख अतिरिक्त कनेक्शन पूरे देश में दिए जाएंगे। जैसे ही यह लक्ष्य पूरा होगा, योजना बंद हो जाएगी। इसी कारण छत्तीसगढ़ प्रदेश और बिलासपुर जिले में भी तेजी से आवेदन भरवाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही इस योजना से वंचित न रह जाए।

जानिए कैसे करें अप्लाई 

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इस योजना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) के लिए पात्रता की कुछ शर्तें तय की गई हैं। आवेदक महिला या उसका परिवार सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए। परिवार के पास थ्री व्हीलर या फोर व्हीलर वाहन नहीं होना चाहिए। इस तरह कुल 13 बिंदुओं के आधार पर पात्रता तय की जाती है। नए विस्तार के तहत उन गरीब परिवारों की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं, जिनके घर में पहले से कोई एलपीजी कनेक्शन नहीं है। पात्रता का निर्धारण वंचना घोषणा पत्र के आधार पर होगा, जिसका सत्यापन जिला उज्ज्वला समिति करेगी। आवेदन की प्रक्रिया बेहद आसान है। महिलाएं नजदीकी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप, कॉमन सर्विस सेंटर या फिर ऑनलाइन pmuy.gov.in वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। योजना के तहत लाभार्थियों को जमा-रहित सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, सुरक्षा होज, डोमेस्टिक गैस उपभोक्ता कार्ड, प्रशासनिक शुल्क में छूट के साथ निःशुल्क गैस चूल्हा और पहला रिफिल भी दिया जाएगा।

CG Fake Ration Card Holder : गरीबों की थाली पर डाका, छत्तीसगढ़ में 64 हजार फर्जी राशन कार्डधारी बेनकाब

आंकड़े बताते हैं कि उज्ज्वला लाभार्थियों में गैस उपयोग लगातार बढ़ा है। जहां वर्ष 2019-20 में औसतन 3 रिफिल होते थे, वहीं अब यह बढ़कर 4.47 रिफिल प्रति वर्ष हो गया है।यह योजना महिलाओं को धुएं से मुक्ति, बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।

CG News : अपोलो अस्पताल की लापरवाही, गर्भ में ही बच्चे की मौत

गरियाबंद में महाबंद का जोरदार असर

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गरियाबंद। CG NEWS: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आज महाबंद का व्यापक और शांतिपूर्ण असर देखने को मिला। यह बंद कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में कथित धर्मांतरण (ईसाई मिशनरियों द्वारा हिंदू समाज पर कथित हमला) और प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई के विरोध में बुलाया गया था। हिंदू समाज, सर्व समाज और स्थानीय व्यापारियों ने एकजुट होकर इस बंद को सफल बनाया।

बंद का व्यापक प्रभाव
• साप्ताहिक बाजार सहित लगभग सभी दुकानें, बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
• आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग गरियाबंद पहुंचे और बंद को सफल बनाने में योगदान दिया।
• रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर जैसे अन्य जिलों में भी बंद का असर दिखा, जहां दुकानें और स्कूल प्रभावित रहे।
जनसभा और नेताओं की हुंकार
जनसभा में सर्व समाज के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों ने गरियाबंद में बड़ी सभा की। उन्होंने हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचार को बर्दाश्त न करने की कड़ी चेतावनी दी। मुख्य मांगें:
• राज्य में धर्मांतरण पर तत्काल रोक लगाई जाए।
• आमाबेड़ा घटना की निष्पक्ष जांच हो।
• प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई बंद हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
• हिंदू समाज की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

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एक प्रमुख वक्ता ने कहा:
“हिंदू समाज के खिलाफ हो रहे अत्याचार को अब और नहीं सहा जाएगा। प्रशासन को निष्पक्ष होकर कार्रवाई करनी होगी।”
सुरक्षा व्यवस्था और शांति
बंद के दौरान पुलिस ने भारी बल तैनात किया, लेकिन कहीं से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।
आगे क्या?
यह महाबंद छत्तीसगढ़ भर में धर्मांतरण के मुद्दे पर बढ़ते आक्रोश का प्रतीक है। अब देखना यह है कि राज्य सरकार और प्रशासन इस विरोध को कितनी गंभीरता से लेते हैं और मांगों पर क्या कार्रवाई करते हैं। हिंदू समाज ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब चुप्पी नहीं सहेगा।

छत्तीसगढ़ महाबंद के बीच कांकेर के आमंबेडा

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कांकेर। CG BIG NEWS : छत्तीसगढ़ महाबंद के बीच कांकेर के आमंबेडा में फिर विवाद हो गया है। आमाबेड़ा के उसेली गांव की धर्मांतरित महिला राम बाई तारम का घर तोड़ दिया है। राम बाई तारम का कहना है कि हिंदू धर्म में वापस आने को तैयार नहीं है, इसी बात को लेकर गांव वालों ने तोड़फोड़ की। 5-6 साल से ईसाई धर्म को मान रहे हैं। बीमारी के इलाज के लिए हिंदू धर्म छोड़े हैं।

बताया जा रहा है कि महिला हिंदू धर्म में वापस आने को तैयार नहीं है। इसी बात को लेकर गांव वालों में आक्रोश फैल गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने महिला का विरोध किया, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया है। प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।

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