Saturday, August 8, 2026
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मैकाल सदन में विभागीय योजनाओं की अहम

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खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई। CG NEWS:  जिला पंचायत खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई के सभा कक्ष मैकाल सदन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जल शक्ति अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में प्रभारी परियोजना अधिकारी श्री प्रकाशचंद्र तारम, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा प्रेमचंद देवांगन, प्रभारी कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा खैरागढ़, अनुभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मनीष साहू, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा खैरागढ़ एवं छुईखदान, सभी तकनीकी सहायक, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के डीपीएम, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के डीपीएम एवं बीपीएम उपस्थित रहे।

बैठक मे यह बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति जिले को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 18,083 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ, जिसके विरुद्ध 16,253 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 14,839 आवासों हेतु प्रथम किस्त, 10,561 आवासों हेतु द्वितीय किस्त तथा 5,409 आवासों हेतु तृतीय किस्त जारी की जा चुकी है। अब तक 9,114 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 5,725 आवास अपूर्ण हैं। अपूर्ण आवासों में 1,721 प्रथम किस्त प्राप्त होने के बावजूद अप्रारंभ हैं तथा 4,004 आवास प्रगतिरत हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 4,838 आवासों का लक्ष्य मिला है, जिसके विरुद्ध 4,214 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 3,322 आवासों हेतु प्रथम किस्त जारी की गई है, जिनमें 1,879 आवास प्रगतिरत एवं 1,443 आवास अप्रारंभ हैं। सीईओ ने अप्रारंभ आवासों को शीघ्र प्रारंभ कर 140 से 150 दिनों के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

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मनरेगा अंतर्गत समीक्ष के तहत लक्षित मानव दिवस की प्राप्ति हेतु सभी कार्यक्रम अधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को आगामी एक माह में लक्ष्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। युक्तधारा पोर्टल में शत-प्रतिशत पंचायतों का प्लान अपलोड करने, सभी मनरेगा श्रमिकों का ई-केवाईसी एक सप्ताह में पूर्ण करने तथा जिन ग्राम पंचायतों में कार्य प्रगति न्यूनतम है, वहां के सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायकों को जनपद/जिला पंचायत में बुलाकर समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

मनरेगा अंतर्गत प्रति विकासखंड प्रतिदिन 20,000 मानव दिवस का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तकनीकी सहायकों को अपने प्रभार क्षेत्र में मानव दिवस बढ़ाने एवं अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए गए। जिले की 221 ग्राम पंचायतों में से कम से कम 180 पंचायतों में डबरी निर्माण कार्य तथा शेष 41 घाट-ऊपरी पंचायतों में जल परकोलेशन अथवा कुआं निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्र जुरलाकला, गर्रापार, मोहगांव एवं नर्मदा-चकनार में अप्रारंभ कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कर फोटोग्राफ साझा करने के निर्देश भी दिए गए।

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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत अपूर्ण शौचालयों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा पूर्ण हो चुके शौचालयों का जिओ-टैगिंग अनिवार्य रूप से करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
बैठक के अंत में सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने सभी अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने, गुणवत्ता बनाए रखने एवं समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए…………

‘तान्हाजी’ के 6 साल पूरे, अजय देवगन के

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मुंबई। ENTERTAINMENT NEWS: बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन की ऐतिहासिक सुपरहिट फिल्म ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ को आज रिलीज़ के छह साल पूरे हो गए हैं और इस खास मौके पर अजय देवगन ने सोशल मीडिया पर दमदार इलस्ट्रेटेड आर्टवर्क शेयर कर फैंस की उत्सुकता बढ़ा दी है; 10 जनवरी 2020 को रिलीज़ हुई इस फिल्म की सालगिरह पर अजय ने मराठा योद्धा तान्हाजी मालुसरे के रूप में युद्धभूमि में खड़े अपने शक्तिशाली अवतार, पारंपरिक पोशाक में तलवार और पगड़ी थामे लुक, और एक आर्टवर्क में काजोल को सावित्रीबाई के किरदार में दिखाया, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उनके मराठी कैप्शन को लेकर हो रही है, जिसका अर्थ है—“किला जीत लिया गया है, लेकिन शेर मर गया है… कहानी अभी खत्म नहीं हुई है”

, इसी एक लाइन ने ‘तान्हाजी’ के सीक्वल या अगले पार्ट को लेकर कयासों को हवा दे दी है; ओम राउत के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सैफ अली खान ने विलेन का दमदार रोल निभाया था और काजोल तान्हाजी की पत्नी के रूप में नजर आई थीं, फिल्म न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई बल्कि इसे बेस्ट पॉपुलर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड भी मिला; वहीं प्रोफेशनल फ्रंट पर अजय देवगन अब अपनी अगली फिल्म ‘धमाल 4’ की तैयारी में जुटे हैं, जो 2026 में रिलीज़ होगी और जिसमें रितेश देशमुख, अरशद वारसी, संजय मिश्रा, ईशा गुप्ता, संजीदा शेख, अंजलि आनंद, उपेंद्र लिमये, विजय पाटकर और रवि किशन जैसे कई कलाकार नजर आएंगे।

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Fake Baba:आस्था के नाम पर फरेब—बाबा के भेष में छिपी

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दुर्ग,जामुल। Fake Baba: जामुल थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई जब बाबा के भेष में घूम रहे एक व्यक्ति की पोल बजरंग दल की पूछताछ में खुल गई, जहां उसने अपना धर्म मुस्लिम बताते हुए अपना नाम हवलदार और पिता का नाम मुस्तफा बताया, जिसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तत्काल उसे जामुल थाना पुलिस के हवाले कर दिया;

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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी लंबे समय से साधु-संत का भेष धारण कर आम लोगों को गुमराह कर रहा था और उसकी गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों में पहले से ही संदेह था, पूछताछ के दौरान पहचान उजागर होने के बाद यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित न होकर एक संगठित गिरोह से जुड़ा होने की आशंका में बदल गया है;

पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में एक ग्रुप के और लोगों की संलिप्तता की संभावना है, जो अलग-अलग इलाकों में इसी तरह बाबा बनकर सक्रिय हो सकते हैं, इसी कड़ी में पुलिस की टीमें आरोपी के अन्य साथियों की तलाश में रवाना हो गई हैं और उसके संपर्कों, मोबाइल डेटा, आने-जाने की लोकेशन व पिछले गतिविधियों की बारीकी से जांच की जा रही है;

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पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी का उद्देश्य सिर्फ भेष बदलकर रहना था या इसके पीछे ठगी, अवैध चंदा वसूली या किसी और आपराधिक साजिश का ताना-बाना बुना गया था, वहीं इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं; फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और जामुल थाना पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह ढोंग अकेले किया जा रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

 

 

शाहिद कपूर का सबसे खतरनाक अवतार, खून,

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O Romeo teaser: शाहिद कपूर की अपकमिंग फिल्म ‘ओ रोमियो’ का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया है और फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है। 1 मिनट 35 सेकेंड के इस टीजर की शुरुआत शाहिद कपूर की भारी और रहस्यमयी आवाज से होती है, जहां वो यॉट पर किसी छोटू को आवाज लगाते नजर आते हैं, लेकिन अगले ही पल काउबॉय अवतार में गुस्सैल और जंगली शाहिद दिखाई देते हैं, जिनका किरदार पूरी तरह हिंसक, बेखौफ और खतरनाक है।

टीजर में खून-खराबा, गोलीबारी, थिएटर में मारपीट, डरावनी हंसी और टैटू से भरा शाहिद का लुक साफ करता है कि ये फिल्म थ्रिल और पागलपन से भरी होने वाली है। क्रूज पर बाथटब में बैठकर जुआ खेलता रोमियो, बिना डरे खोपड़ियां खोलता नजर आता है।

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दूसरी तरफ, तृप्ति डिमरी की मासूम, शांत और उदास झलक टीजर को भावनात्मक गहराई देती है, जहां बैकग्राउंड में अरिजीत सिंह की आवाज दिल छू जाती है। टीजर में दिशा पाटनी, नाना पाटेकर, विक्रांत मैसी और तमन्ना भाटिया की झलक भी दिखती है, लेकिन अविनाश तिवारी का बैल से मुकाबला करता सीन खास ध्यान खींचता है।

सीनियर एक्ट्रेस फरीदा जलाल की आवाज में फिल्म की टैगलाइन – “इश्क में आशिक तर जाए तो रोमियो, मर जाए तो…” कहानी के अंदाज को और गहरा बना देती है। कुल मिलाकर ‘ओ रोमियो’ का टीजर हर पल के साथ धड़कनें तेज करता है और ये साफ कर देता है कि डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ‘हैदर’ के बाद एक बार फिर शाहिद कपूर के साथ दर्शकों को कुछ अलग और धमाकेदार देने वाले हैं। यह फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

 

CG–MAHARASHTRA : नागपुर महानगरपालिका चुनाव

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धरसींवा,खरोरा,महाराष्ट्र | CG–MAHARASHTRA : महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव 2026 के लिए प्रचार अभियान अपने चरम पर है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्टार प्रचारक और छत्तीसगढ़ के धरसींवा से लोकप्रिय विधायक व सुपरस्टार अनुज शर्मा नागपुर पहुंचे। उन्होंने नागपुर के विशाल नगर, मिनीमाता चौक, डिप्टी सिग्नल, लक्ष्मी नगर, श्याम नगर, अम्बे नगर प्रभागों, में सघन जनसंपर्क और विशाल जनसभाओं के माध्यम से भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाया।
विधायक अनुज शर्मा ने कुल 6 बड़ी चुनावी सभाओं को संबोधित किया। अपनी चिरपरिचित शैली और संवाद कौशल से उन्होंने स्थानीय नागरिकों, विशेषकर युवा और प्रवासी छत्तीसगढ़ी समाज को भाजपा के पक्ष में एकजुट होने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विधायक अनुज नें राम-राम नागपुर ,अंबे नगर के मोर सियान मन ला, मोर दाई-बहिनी मन ला जय जोहार बोल कर अभिवादन करते हुए कहां कि आज मैं यहाँ छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू लेकर आया हूँ। लोग मुझसे पूछते हैं कि अनुज जी, आप छत्तीसगढ़ से नागपुर क्यों आए? मैं कहता हूँ कि नागपुर और छत्तीसगढ़ का रिश्ता केवल सीमा का नहीं, दिल का रिश्ता है। यहाँ मेरे छत्तीसगढ़ी भाई-बहन बड़ी संख्या में रहते हैं और आपकी सेवा करना मेरा सौभाग्य है।

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भाइयों और बहनों, चुनाव सिर्फ पार्षद चुनने का माध्यम नहीं है, यह अपने बच्चों का भविष्य चुनने का अवसर है। हमने छत्तीसगढ़ में बदलाव देखा है, और अब नागपुर की बारी है। विशाल नगर, मिनीमाता चौक, डिप्टी सिग्नल, लक्ष्मी नगर, श्याम नगर, अम्बे नगर को अब ‘स्मार्ट’ नहीं, ‘सुपर स्मार्ट’ प्रभाग बनाना है।

फिल्मी पर्दे पर तो मैंने बहुत से विलेन (खलनायकों) को धूल चटाई है, लेकिन असली विलेन वो हैं जो चुनाव के वक्त हाथ जोड़कर आते हैं और जीतने के बाद पाँच साल शक्ल नहीं दिखाते।इस बार ऐसे कलाकारों (जनप्रतिनिधि) कों पहचानिए। वोट की चोट ऐसे करें कि विकास का पहिया अंबे नगर की हर गली तक पहुँचे। आपका एक वोट यहां के हर प्रभागों की तस्वीर बदल सकता है।

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मेरी माताओं-बहनों, आपकी सुरक्षा और आपके सम्मान के लिए हमारी पार्टी प्रतिबद्ध है। और मेरे युवा साथियों, आपकी ताकत ही देश की असली पूंजी है। नागपुर का विकास केवल भाजपा की डबल इंजन सरकार और सशक्त नगर निगम के तालमेल से ही संभव है। जिस तरह छत्तीसगढ़ की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताया है, वही विश्वास नागपुर की जनता को भी दोहराना है|

नागपुर में रहने वाले छत्तीसगढ़ियों के बीच अनुज शर्मा की लोकप्रियता का लाभ भाजपा को मिलता दिख रहा है। सुपरस्टार विधायक को देखने और सुनने के लिए युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए भाजपा प्रत्याशियों को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।
इस अवसर पर स्थानीय भाजपा उम्मीदवार, चुनाव प्रभारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व नागरिक उपस्थित रहे।

पहले मंदिर में किया भगवान को प्रणाम

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दुर्ग। CG VIDEO : जिले से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां एक मंदिर में चोरी करते हुए वीडियो सामने आया है। अब तक आपने कई लाइव वीडियो देखे होंगे लेकिन आज हम आपको एक ऐसा लाइव वीडियो दिखाने जा रहे हैं जिसमें बाकायदा एक महिला भक्त ने पहले तो मंदिर में भगवान को प्रणाम किया और फिर भगवान के दरबार में ही चोरी करने लगी।

दरअसल यह वीडियो भिलाई के पास मछली मार्केट के पास गणेश मंदिर का है, जहां मंदिर के दरवाजे खुले है इस बीच एक पुरूष मन्दिर के बाहर खड़े है। और एक महिला मंदिर के अंदर आई पहले भगवान के दर्शन किए, उसके बाद भगवान के सामने और मंदिर में रखे जितने भी बर्तन और अन्य सामान थे वह एक-एक करके अपने झोले में डालते चली गई। भगवान के पास से सारे सामान अपने झोले में डालने कर बाद उसने बाकायदा भगवान की देहली में माथा टेककर प्रणाम किया और फिर वहां से रफू चक्कर हो गई और इस तरह ये पूरी घटना ऊपर वाले के दरबार मे लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

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मुख्यमंत्री साय ने किया ‘ADHYAY – The Women Who Lead’

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की महिला उद्यमिता, नेतृत्व और नवाचार की प्रेरक यात्राओं को समर्पित कॉफी टेबल बुक ‘ADHYAY – The Women Who Lead’ का रायपुर स्थित श्रीराम बिज़नेस पार्क में आयोजित कॉस्मो एक्सपो के दौरान विमोचन किया। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी राकेश चतुर्वेदी, कॉस्मो एवं रोटरी के पदाधिकारी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

यह विशेष प्रकाशन छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर तैयार किया गया है, जिसमें राज्य की प्रगति, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव में योगदान देने वाली 25 महिला उद्यमियों की जीवन यात्राओं को संजोया गया है। संपादक उचित शर्मा और उनकी टीम ने इसका संपादन किया है ।

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कार्यक्रम के दौरान पुस्तक में सम्मिलित सभी महिला उद्यमियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया। यह सम्मान उनके साहस, नेतृत्व, नवाचार और उद्यमशील योगदान के लिए प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर ADHYAY कॉफी टेबल बुक की सराहना करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ की महिला शक्ति, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व की जीवंत गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का दस्तावेज़ बनेगी। उन्होंने इस तरह के दस्तावेज़ीकरण को महिला उद्यमिता के लिए प्रेरणादायी और मार्गदर्शक बताया। इस पुस्तक का उद्देश्य उन महिलाओं को मंच देना है जिन्होंने व्यवसाय, उद्योग, सेवा, नवाचार और सामाजिक उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है और यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ की महिलाएँ आज केवल उद्यम नहीं चला रहीं, बल्कि समाज और सोच को नई दिशा दे रही हैं।

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युवती को प्रेम जाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग

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बिलासपुर। CG CRIME NEWS : जिले में युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। बीएससी और पीएससी की कोचिंग कर रहे एक युवक पर युवती के निजी फोटो और वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देने का आरोप है। युवती की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है।

जानकारी के अनुसार सरकंडा क्षेत्र में रहने वाला कृष्णा टेकाम, उम्र करीब 20 वर्ष, पीएससी की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसकी पहचान एक युवती से हुई, जो उसी कोचिंग संस्थान में पढ़ाई कर रही थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और युवक ने भरोसा जीतकर युवती के निजी फोटो और वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिए। आरोप है कि इसके बाद युवक का व्यवहार बदल गया और वह वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती पर गलत दबाव बनाने लगा।

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युवक की धमकियों से परेशान होकर युवती ने सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर अपनी आपबीती पुलिस को बताई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू की जिसके बाद आरोपी में अपना गुनाह कबूल किया पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

 

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गुड गवर्नेंस कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 10 जनवरी 2025/गुड गवर्नेंस कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 कार्यक्रम को सम्बोधित करतेभुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 में सुशासन एवं नवाचारों के लिए 5 विभागों एवं 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-प्रगति पोर्टल का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से अब छत्तीसगढ़ के सभी विभागों के 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की निगरानी की जाएगी। इस पोर्टल के माध्यम से निर्माण की मंजूरी से लेकर बजट, मजदूरी, भुगतान, एमआईएस, स्ट्रक्चर लेवल सहित सभी पहलुओं की मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुड गवर्नेंस का उद्देश्य यह है कि समाज के अंतिम व्यक्ति को बुनियादी सेवाओं के लिए भटकना न पड़े। पंचायतों में शुरू किए गए अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को आधार, पेंशन, बैंकिंग और बिल भुगतान जैसी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं। हमारी सरकार ने तकनीकी नवाचारों के माध्यम से नागरिकों तक सुशासन की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के लिए अनेक पहल की हैं। इसी क्रम में आज ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य की वृहद परियोजनाओं एवं योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। इस पोर्टल से योजनाओं की प्रगति का डेटा रियल-टाइम में उपलब्ध होगा। सभी विभागों, जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे राज्य में ई-गवर्नेंस को और मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर और सहज रूप से प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने सभी कलेक्टरों, सचिवों एवं संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद, श्रद्धेय अटल जी की अंत्योदय की अवधारणा और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व से हमने सुशासन को गहराई से समझा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने देश का पहला सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया है, जो सभी योजनाओं के समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन का केंद्र है। पिछले दो वर्षों में हमने 400 से अधिक नीतिगत सुधार किए, पुराने अनुपयोगी नियम-कानून समाप्त किए और कई में संशोधन किए। इन सुधारों से प्रदेशवासियों का जीवन सरल हुआ और प्रशासन अधिक कुशल बना। आज मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के माध्यम से 5 जिलों और 5 विभागों के नवाचारी प्रयासों को सम्मानित किया गया है। इससे अच्छा कार्य करने वाले अधिकारी प्रोत्साहित होंगे। आगामी वर्ष से 8 अलग-अलग क्षेत्रों में यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिनमें ई-गवर्नेंस, सेवा वितरण, ग्रामीण और शहरी विकास जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में नवाचार और सुशासन की एक सशक्त संस्कृति विकसित हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए “पहल” और “प्रेरणा” योजनाएँ प्रारंभ की जा रही हैं। “पहल” से नए विचारों को सहयोग मिलेगा और “प्रेरणा” से सफल योजनाओं का विस्तार होगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन भी प्रारंभ की जाएगी, जिससे शिकायत निवारण और जनभागीदारी मजबूत होगी। सेवाओं की उपलब्धता बेहतर बनाने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है और लोक सेवा गारंटी अधिनियम को LSG-2.0 के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बदलते दौर में तकनीक जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी है। इसलिए हमने डिजिटल संसाधनों की शक्ति को पहचानते हुए तकनीक को सुशासन का प्रमुख हथियार बनाया है। सभी नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ई-ऑफिस ने सरकारी कामकाज में गति और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित की हैं। अब फाइलें हफ्तों-महीनों नहीं, बल्कि एक क्लिक पर आगे बढ़ती हैं। इससे कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो रही है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है। ई-ऑफिस मंत्रालय से प्रारंभ हुआ था और अब विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी लागू हो चुका है। आगामी कुछ महीनों में इसे सभी संभागों और जिलों में भी लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्य सचिव श्री विकास शील द्वारा ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाना एक सराहनीय पहल है, जिससे कार्यसंस्कृति में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। बायोमेट्रिक उपस्थिति को भी चरणबद्ध तरीके से सभी कार्यालयों में लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है, जिसके पीछे सुशासन सबसे बड़ा कारक है। डिजिटल भुगतान में भारत का विश्व में अग्रणी स्थान भी गुड गवर्नेंस का ही परिणाम है।

उन्होंने कहा कि खनिज परिवहन की परमिट व्यवस्था को ऑनलाइन किया गया है, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी है और विकास कार्यों के लिए संसाधनों की सुरक्षा हुई है। इसी तरह शासकीय खरीदी को जेम पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को खरीदी प्रक्रियाओं में समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग में की गई 10 क्रांतिकारी पहल से अब नागरिक घर बैठे ही रजिस्ट्री कर पा रहे हैं। नई औद्योगिक नीति के तहत पिछले वर्ष 7.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों को तेजी से स्वीकृति और क्लियरेंस दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव जाकर 41 लाख आवेदनों का निराकरण किया गया। यह जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण है।उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों के पत्रों और आवेदनों का समय पर निराकरण होना चाहिए। अच्छे प्रशासन के लिए संवाद, समन्वय और फीडबैक आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। सरकार के निर्णयों और उपलब्धियों का सही संचार भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अंजोर विजन के अंतर्गत 2030 तक के लक्ष्यों की समीक्षा कर प्रदेश को समृद्ध और विकसित राज्य बनाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव श्री विकास शील ने पुरस्कार प्रक्रिया में भाग लेने वाली सभी टीमों को बधाई दी।

जिला श्रेणी के विजेता नवाचार

दंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया।

जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई।

मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है।

नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली।

विभागीय श्रेणी के विजेता नवाचार

इसी तरह विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा।

वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया।एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विभाग ने ₹5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की “FDS 2.0 – ई-कुबेर डिजिटल भुगतान प्रणाली” ने मैनुअल चेक आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूर्णतः कैशलेस, RBI एकीकृत भुगतान व्यवस्था लागू की। इसके माध्यम से ₹1,776 करोड़ से अधिक के 18 लाख लेन-देन पूर्ण हुए, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित वन क्षेत्रों में भी समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका सुरक्षा और पारदर्शी फंड प्रवाह सुनिश्चित हुआ।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा अंतर्गत लागू QR कोड आधारित सूचना स्वप्रकटीकरण व्यवस्था ने नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती दी। QR कोड के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक समय की योजना जानकारी उपलब्ध कराकर इस पहल ने मध्यस्थों पर निर्भरता कम की और 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता को सुदृढ़ किया।

कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने दिया तथा धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, एससीएस गृह श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संचालक श्री रजत बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इन सभी नवाचारों के माध्यम से यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में शासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि परिणामों, प्रभाव और नागरिक विश्वास पर केंद्रित एक नई प्रशासनिक संस्कृति विकसित हो रही है। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के अंतर्गत सम्मानित ये जिले और विभाग सुशासन, पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जनकल्याण के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। यह उपलब्धियाँ न केवल राज्य के प्रशासनिक तंत्र की क्षमता को दर्शाती हैं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता और भविष्य के लिए स्पष्ट दृष्टि को भी सुदृढ़ करती हैं।

गुजराती महिला मंडल द्वारा महिला वूमेन क्रिकेट

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रायपुर। RAIPUR NEWS : गुजराती महिला मंडल द्वारा शनिवार को मंडी चौक स्थित क्रिकेट ग्राउंड में महिला वूमेन क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। यह एक दिवसीय प्रतियोगिता थी, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से महिला खिलाड़ी भाग लेने पहुंचीं। इस आयोजन को लेकर खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

टूर्नामेंट में रायपुर, धमतरी, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा और कवर्धा सहित कई जिलों से गुजराती समाज की महिला खिलाड़ी शामिल हुईं। प्रतियोगिता को देखने के लिए बड़ी संख्या में गुजराती समाज के लोग भी मैदान में मौजूद रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

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प्रतियोगिता में भाग ले रहीं महिला खिलाड़ियों ने बताया कि यह टूर्नामेंट उन्हें बेहद पसंद है और वे हर वर्ष इसमें हिस्सा लेने के लिए आती हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि इस तरह के आयोजन से न सिर्फ खेल प्रतिभा को बढ़ावा मिलता है, बल्कि आपसी मेलजोल और सामाजिक एकता भी मजबूत होती है।

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गुजराती महिला मंडल की पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह क्रिकेट टूर्नामेंट हर वर्ष आयोजित किया जाता है। यदि किसी कारणवश क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित नहीं हो पाती है, तो मंडल द्वारा अन्य खेल या सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह मंडल की ओर से आयोजित लगभग 50वीं प्रतियोगिता है।

पदाधिकारियों ने कहा कि टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। मैदान में चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी खिलाड़ी के चोटिल होने पर तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ ही विजेता टीम के लिए भव्य ट्रॉफी रखी गई है। प्रतियोगिता को और अधिक रोचक बनाने के लिए प्रत्येक चौके पर ₹100 और प्रत्येक छक्के पर ₹500 का इनाम देने की घोषणा की गई है। इससे खिलाड़ियों का उत्साह और भी बढ़ गया।

आयोजकों ने बताया कि एक दिवसीय इस टूर्नामेंट में सभी मुकाबले खेले जाएंगे और रात तक फाइनल मुकाबला खेला जाएगा, जिसके बाद विजेता टीम का फैसला होगा। मैदान में खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों का उत्साह भी देखते ही बन रहा है।