Friday, March 13, 2026
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पहले मंदिर में किया भगवान को प्रणाम

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दुर्ग। CG VIDEO : जिले से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां एक मंदिर में चोरी करते हुए वीडियो सामने आया है। अब तक आपने कई लाइव वीडियो देखे होंगे लेकिन आज हम आपको एक ऐसा लाइव वीडियो दिखाने जा रहे हैं जिसमें बाकायदा एक महिला भक्त ने पहले तो मंदिर में भगवान को प्रणाम किया और फिर भगवान के दरबार में ही चोरी करने लगी।

दरअसल यह वीडियो भिलाई के पास मछली मार्केट के पास गणेश मंदिर का है, जहां मंदिर के दरवाजे खुले है इस बीच एक पुरूष मन्दिर के बाहर खड़े है। और एक महिला मंदिर के अंदर आई पहले भगवान के दर्शन किए, उसके बाद भगवान के सामने और मंदिर में रखे जितने भी बर्तन और अन्य सामान थे वह एक-एक करके अपने झोले में डालते चली गई। भगवान के पास से सारे सामान अपने झोले में डालने कर बाद उसने बाकायदा भगवान की देहली में माथा टेककर प्रणाम किया और फिर वहां से रफू चक्कर हो गई और इस तरह ये पूरी घटना ऊपर वाले के दरबार मे लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

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मुख्यमंत्री साय ने किया ‘ADHYAY – The Women Who Lead’

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की महिला उद्यमिता, नेतृत्व और नवाचार की प्रेरक यात्राओं को समर्पित कॉफी टेबल बुक ‘ADHYAY – The Women Who Lead’ का रायपुर स्थित श्रीराम बिज़नेस पार्क में आयोजित कॉस्मो एक्सपो के दौरान विमोचन किया। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी राकेश चतुर्वेदी, कॉस्मो एवं रोटरी के पदाधिकारी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

यह विशेष प्रकाशन छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर तैयार किया गया है, जिसमें राज्य की प्रगति, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव में योगदान देने वाली 25 महिला उद्यमियों की जीवन यात्राओं को संजोया गया है। संपादक उचित शर्मा और उनकी टीम ने इसका संपादन किया है ।

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कार्यक्रम के दौरान पुस्तक में सम्मिलित सभी महिला उद्यमियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया। यह सम्मान उनके साहस, नेतृत्व, नवाचार और उद्यमशील योगदान के लिए प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर ADHYAY कॉफी टेबल बुक की सराहना करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ की महिला शक्ति, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व की जीवंत गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का दस्तावेज़ बनेगी। उन्होंने इस तरह के दस्तावेज़ीकरण को महिला उद्यमिता के लिए प्रेरणादायी और मार्गदर्शक बताया। इस पुस्तक का उद्देश्य उन महिलाओं को मंच देना है जिन्होंने व्यवसाय, उद्योग, सेवा, नवाचार और सामाजिक उद्यमिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है और यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ की महिलाएँ आज केवल उद्यम नहीं चला रहीं, बल्कि समाज और सोच को नई दिशा दे रही हैं।

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युवती को प्रेम जाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग

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बिलासपुर। CG CRIME NEWS : जिले में युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। बीएससी और पीएससी की कोचिंग कर रहे एक युवक पर युवती के निजी फोटो और वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देने का आरोप है। युवती की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है।

जानकारी के अनुसार सरकंडा क्षेत्र में रहने वाला कृष्णा टेकाम, उम्र करीब 20 वर्ष, पीएससी की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसकी पहचान एक युवती से हुई, जो उसी कोचिंग संस्थान में पढ़ाई कर रही थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और युवक ने भरोसा जीतकर युवती के निजी फोटो और वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिए। आरोप है कि इसके बाद युवक का व्यवहार बदल गया और वह वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती पर गलत दबाव बनाने लगा।

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युवक की धमकियों से परेशान होकर युवती ने सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर अपनी आपबीती पुलिस को बताई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू की जिसके बाद आरोपी में अपना गुनाह कबूल किया पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

 

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गुड गवर्नेंस कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 10 जनवरी 2025/गुड गवर्नेंस कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 कार्यक्रम को सम्बोधित करतेभुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 में सुशासन एवं नवाचारों के लिए 5 विभागों एवं 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-प्रगति पोर्टल का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से अब छत्तीसगढ़ के सभी विभागों के 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की निगरानी की जाएगी। इस पोर्टल के माध्यम से निर्माण की मंजूरी से लेकर बजट, मजदूरी, भुगतान, एमआईएस, स्ट्रक्चर लेवल सहित सभी पहलुओं की मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुड गवर्नेंस का उद्देश्य यह है कि समाज के अंतिम व्यक्ति को बुनियादी सेवाओं के लिए भटकना न पड़े। पंचायतों में शुरू किए गए अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को आधार, पेंशन, बैंकिंग और बिल भुगतान जैसी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं। हमारी सरकार ने तकनीकी नवाचारों के माध्यम से नागरिकों तक सुशासन की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के लिए अनेक पहल की हैं। इसी क्रम में आज ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य की वृहद परियोजनाओं एवं योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। इस पोर्टल से योजनाओं की प्रगति का डेटा रियल-टाइम में उपलब्ध होगा। सभी विभागों, जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे राज्य में ई-गवर्नेंस को और मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर और सहज रूप से प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने सभी कलेक्टरों, सचिवों एवं संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद, श्रद्धेय अटल जी की अंत्योदय की अवधारणा और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व से हमने सुशासन को गहराई से समझा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने देश का पहला सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया है, जो सभी योजनाओं के समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन का केंद्र है। पिछले दो वर्षों में हमने 400 से अधिक नीतिगत सुधार किए, पुराने अनुपयोगी नियम-कानून समाप्त किए और कई में संशोधन किए। इन सुधारों से प्रदेशवासियों का जीवन सरल हुआ और प्रशासन अधिक कुशल बना। आज मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के माध्यम से 5 जिलों और 5 विभागों के नवाचारी प्रयासों को सम्मानित किया गया है। इससे अच्छा कार्य करने वाले अधिकारी प्रोत्साहित होंगे। आगामी वर्ष से 8 अलग-अलग क्षेत्रों में यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिनमें ई-गवर्नेंस, सेवा वितरण, ग्रामीण और शहरी विकास जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में नवाचार और सुशासन की एक सशक्त संस्कृति विकसित हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए “पहल” और “प्रेरणा” योजनाएँ प्रारंभ की जा रही हैं। “पहल” से नए विचारों को सहयोग मिलेगा और “प्रेरणा” से सफल योजनाओं का विस्तार होगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन भी प्रारंभ की जाएगी, जिससे शिकायत निवारण और जनभागीदारी मजबूत होगी। सेवाओं की उपलब्धता बेहतर बनाने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है और लोक सेवा गारंटी अधिनियम को LSG-2.0 के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बदलते दौर में तकनीक जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी है। इसलिए हमने डिजिटल संसाधनों की शक्ति को पहचानते हुए तकनीक को सुशासन का प्रमुख हथियार बनाया है। सभी नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ई-ऑफिस ने सरकारी कामकाज में गति और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित की हैं। अब फाइलें हफ्तों-महीनों नहीं, बल्कि एक क्लिक पर आगे बढ़ती हैं। इससे कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो रही है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है। ई-ऑफिस मंत्रालय से प्रारंभ हुआ था और अब विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी लागू हो चुका है। आगामी कुछ महीनों में इसे सभी संभागों और जिलों में भी लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्य सचिव श्री विकास शील द्वारा ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाना एक सराहनीय पहल है, जिससे कार्यसंस्कृति में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। बायोमेट्रिक उपस्थिति को भी चरणबद्ध तरीके से सभी कार्यालयों में लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है, जिसके पीछे सुशासन सबसे बड़ा कारक है। डिजिटल भुगतान में भारत का विश्व में अग्रणी स्थान भी गुड गवर्नेंस का ही परिणाम है।

उन्होंने कहा कि खनिज परिवहन की परमिट व्यवस्था को ऑनलाइन किया गया है, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी है और विकास कार्यों के लिए संसाधनों की सुरक्षा हुई है। इसी तरह शासकीय खरीदी को जेम पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को खरीदी प्रक्रियाओं में समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग में की गई 10 क्रांतिकारी पहल से अब नागरिक घर बैठे ही रजिस्ट्री कर पा रहे हैं। नई औद्योगिक नीति के तहत पिछले वर्ष 7.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों को तेजी से स्वीकृति और क्लियरेंस दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव जाकर 41 लाख आवेदनों का निराकरण किया गया। यह जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण है।उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों के पत्रों और आवेदनों का समय पर निराकरण होना चाहिए। अच्छे प्रशासन के लिए संवाद, समन्वय और फीडबैक आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। सरकार के निर्णयों और उपलब्धियों का सही संचार भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अंजोर विजन के अंतर्गत 2030 तक के लक्ष्यों की समीक्षा कर प्रदेश को समृद्ध और विकसित राज्य बनाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव श्री विकास शील ने पुरस्कार प्रक्रिया में भाग लेने वाली सभी टीमों को बधाई दी।

जिला श्रेणी के विजेता नवाचार

दंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया।

जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई।

मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है।

नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली।

विभागीय श्रेणी के विजेता नवाचार

इसी तरह विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा।

वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया।एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विभाग ने ₹5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की “FDS 2.0 – ई-कुबेर डिजिटल भुगतान प्रणाली” ने मैनुअल चेक आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूर्णतः कैशलेस, RBI एकीकृत भुगतान व्यवस्था लागू की। इसके माध्यम से ₹1,776 करोड़ से अधिक के 18 लाख लेन-देन पूर्ण हुए, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित वन क्षेत्रों में भी समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका सुरक्षा और पारदर्शी फंड प्रवाह सुनिश्चित हुआ।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा अंतर्गत लागू QR कोड आधारित सूचना स्वप्रकटीकरण व्यवस्था ने नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती दी। QR कोड के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक समय की योजना जानकारी उपलब्ध कराकर इस पहल ने मध्यस्थों पर निर्भरता कम की और 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता को सुदृढ़ किया।

कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने दिया तथा धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, एससीएस गृह श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संचालक श्री रजत बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इन सभी नवाचारों के माध्यम से यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में शासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि परिणामों, प्रभाव और नागरिक विश्वास पर केंद्रित एक नई प्रशासनिक संस्कृति विकसित हो रही है। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के अंतर्गत सम्मानित ये जिले और विभाग सुशासन, पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जनकल्याण के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। यह उपलब्धियाँ न केवल राज्य के प्रशासनिक तंत्र की क्षमता को दर्शाती हैं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता और भविष्य के लिए स्पष्ट दृष्टि को भी सुदृढ़ करती हैं।

गुजराती महिला मंडल द्वारा महिला वूमेन क्रिकेट

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रायपुर। RAIPUR NEWS : गुजराती महिला मंडल द्वारा शनिवार को मंडी चौक स्थित क्रिकेट ग्राउंड में महिला वूमेन क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। यह एक दिवसीय प्रतियोगिता थी, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से महिला खिलाड़ी भाग लेने पहुंचीं। इस आयोजन को लेकर खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

टूर्नामेंट में रायपुर, धमतरी, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा और कवर्धा सहित कई जिलों से गुजराती समाज की महिला खिलाड़ी शामिल हुईं। प्रतियोगिता को देखने के लिए बड़ी संख्या में गुजराती समाज के लोग भी मैदान में मौजूद रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

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प्रतियोगिता में भाग ले रहीं महिला खिलाड़ियों ने बताया कि यह टूर्नामेंट उन्हें बेहद पसंद है और वे हर वर्ष इसमें हिस्सा लेने के लिए आती हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि इस तरह के आयोजन से न सिर्फ खेल प्रतिभा को बढ़ावा मिलता है, बल्कि आपसी मेलजोल और सामाजिक एकता भी मजबूत होती है।

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गुजराती महिला मंडल की पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह क्रिकेट टूर्नामेंट हर वर्ष आयोजित किया जाता है। यदि किसी कारणवश क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित नहीं हो पाती है, तो मंडल द्वारा अन्य खेल या सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह मंडल की ओर से आयोजित लगभग 50वीं प्रतियोगिता है।

पदाधिकारियों ने कहा कि टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। मैदान में चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी खिलाड़ी के चोटिल होने पर तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ ही विजेता टीम के लिए भव्य ट्रॉफी रखी गई है। प्रतियोगिता को और अधिक रोचक बनाने के लिए प्रत्येक चौके पर ₹100 और प्रत्येक छक्के पर ₹500 का इनाम देने की घोषणा की गई है। इससे खिलाड़ियों का उत्साह और भी बढ़ गया।

आयोजकों ने बताया कि एक दिवसीय इस टूर्नामेंट में सभी मुकाबले खेले जाएंगे और रात तक फाइनल मुकाबला खेला जाएगा, जिसके बाद विजेता टीम का फैसला होगा। मैदान में खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों का उत्साह भी देखते ही बन रहा है।

 

 

महिला एवं बाल विकास विभाग की भर्तियों पर गंभीर सवाल, बाल

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रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग, संचालनालय नया रायपुर द्वारा पिछले एक वर्ष के भीतर राज्य एवं जिला स्तर पर विभिन्न पदों के लिए जारी किए गए कई विज्ञापनों के तहत की गई भर्तियों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। प्राप्त जानकारी एवं सूत्रों के अनुसार, बाल संरक्षण से जुड़े अधिकारी स्तर के अनेक पदों पर नियुक्तियां नियमों को दरकिनार कर की गई हैं।

सूत्रों का दावा है कि जिला स्तर पर की गई अधिकांश नियुक्तियों में आर्थिक लेन–देन हुआ है। जिन पदों पर बाल संरक्षण एवं बाल संरक्षण प्रबंधन के क्षेत्र में अनिवार्य अनुभव की शर्त रखी गई थी, वहां नियुक्त अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत अनुभव प्रमाण पत्र उनके रिश्तेदारों अथवा परिचितों द्वारा जारी किए गए बताए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि वर्ष 2010 से लगातार बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे अनुभवी कर्मियों को भी इन नियुक्त व्यक्तियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

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सीमित अनुभव वाले अभ्यर्थियों को उच्च पद

जिला बाल संरक्षण अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर ऐसे व्यक्तियों की नियुक्ति की गई, जिनका बाल संरक्षण क्षेत्र में वास्तविक अनुभव संदिग्ध बताया जा रहा है। कई नियुक्त संविदा अधिकारियों को राज्य स्तर के बाल संरक्षण तंत्र और संगठनों द्वारा भी नहीं पहचाना जा रहा, जिससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

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शैक्षणिक योग्यता पर भी संदेह

भर्ती नियमों के अनुसार समाज कार्य, समाजशास्त्र अथवा मनोविज्ञान जैसी विषयों में मान्य शैक्षणिक योग्यता आवश्यक थी, परंतु आरोप है कि चयनित कुछ अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र राज्य के बाहर के मुक्त विश्वविद्यालयों या छत्तीसगढ़ के ऐसे विश्वविद्यालयों से हैं, जिनके नाम पर पहले भी फर्जी अंकसूची संबंधी शिकायतें आती रही हैं।
एक मामले में तो चयनित अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा वर्ष 2016 से 2020 तक पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया था।

चाइल्ड हेल्पलाइन भर्ती पर भी सवाल

हाल ही में राज्य स्तर की चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए की गई भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। राज्य की चाइल्ड हेल्पलाइन में एडमिनिस्ट्रेटर पद पर नियुक्त अभ्यर्थी को लेकर विभाग को कई शिकायतें प्राप्त हुईं, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग राजनांदगांव एवं राज्य बाल संरक्षण समिति की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

आरटीआई में भी सामने आई जानकारी

शिकायतकर्ता द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत संबंधित विश्वविद्यालय एवं जिला राजनांदगांव से जानकारी मांगी गई। विश्वविद्यालय चयनित अभ्यर्थी के प्रवेश एवं शैक्षणिक दस्तावेजों के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने में असफल रहा, जिसके बाद प्रथम अपील दायर की गई है। वहीं जिला राजनांदगांव से प्राप्त जानकारी में यह स्वीकार किया गया कि संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

फर्जी दस्तावेजों के बावजूद कार्रवाई नहीं

शिकायतकर्ता द्वारा फर्जी व कूट रचित प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज विभाग को उपलब्ध कराए जाने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की विभागीय जांच या कार्रवाई नहीं की गई है। यह पूरा मामला राज्य स्तर पर एक बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है।
अब देखना यह है कि महिला एवं बाल विकास विभाग इन गंभीर आरोपों पर कब तक चुप्पी तोड़ता है और क्या निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है या नहीं।

 

उपमुख्यमंत्री अरुण साव की जुबान फिसली!

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महासमुंद। CG NEWS : छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर हंगामा! केंद्र सरकार ने मनरेगा को पूरी तरह रिप्लेस कर दिया है – नया नाम है विकसित भारत – जी राम जी (VB-G RAM G) अधिनियम 2025! अब ग्रामीणों को 100 की जगह 125 दिन का रोजगार गारंटी, नए नियम, 60:40 फंडिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग… सब कुछ बदला!

लेकिन सवाल यह है – नाम बदलने के बावजूद मनरेगा का नाम नेताओं की जुबान से क्यों नहीं जा रहा?

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महासमुंद जिले में साहू समाज के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने खुद ही इसकी मिसाल दे दी! उन्होंने कहा – “मनरेगा से प्रदेश की आम जनता को अब 125 दिन का रोजगार मिलेगा…वीबी-जी राम जी के माध्यम से 125 दिन का काम दिया जा रहा है। ये विकसित भारत का रोडमैप है… जल संचयन से लेकर गांव को समृद्ध बनाने में बड़ी भूमिका!”

देखिए, नाम तो VB-G RAM G है, लेकिन बोलते हुए बार-बार *मनरेगा* ही निकल आया! क्या यह जुबान फिसलना है या पुरानी आदत? क्या नया नाम इतना आसानी से लोगों के दिमाग में नहीं बैठ रहा?

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और इसी पर कांग्रेस ने जमकर हमला बोला! विपक्षी नेता चरण दास महंत और अन्य ने कहा – “नाम बदलकर महात्मा गांधी का अपमान किया है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा – “कांग्रेस पूरी तरह फेल हो चुकी है… जनता और उसके लोग सब छोड़कर जा चुके हैं!”

असली सवाल यह है – क्या VB-G RAM G सिर्फ नाम का खेल है? नाम बदलने से ग्रामीण मजदूरों की जिंदगी बदलेगी या सिर्फ जुबान पर मनरेगा चिपका रहेगा? क्या यह 25 दिन का एक्स्ट्रा रोजगार वाकई गांवों तक पहुंचेगा, या फिर सिर्फ स्पीच में रहेगा?

CG WEATHER UPDATE : छत्तीसगढ़ में ठंड से बढ़ी ठिठुरन, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट, रायपुर में छाए बादल

 

छत्तीसगढ़ में ठंड से बढ़ी ठिठुरन, मौसम

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रायपुर। CG WEATHER UPDATE : छत्तीसगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। उत्तर भारत से लगातार आ रही सर्द और बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो से तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट संभव है, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ सकता है। वहीं राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बादल छाय हुए है।

जनवरी का दूसरा पखवाड़ा लगभग समाप्त होने को है और यह समय छत्तीसगढ़ में ठंड के चरम का माना जाता है। दिसंबर के बाद जनवरी सबसे ठंडा महीना होता है और इस वर्ष भी मौसम ने यही रुख अपनाया है। प्रदेश के कई जिलों में ठंड ने आम जनजीवन को खासा प्रभावित किया। सुबह और रात के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला और लोग जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकले।

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प्रदेश में सबसे अधिक ठंड अंबिकापुर में दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह तापमान सामान्य से करीब 4.3 डिग्री कम है। अंबिकापुर के आसपास के पहाड़ी इलाकों, विशेषकर सामरी और मैनपाट में स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है। इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान गिरकर लगभग 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में शीतलहर चलने की पुष्टि की है।

कड़ाके की ठंड के कारण इन क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोग अलाव जलाने, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सुबह के समय ठंडी हवाओं और सर्द वातावरण के कारण लोगों को दैनिक गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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मध्य छत्तीसगढ़ के दुर्ग और राजनांदगांव जिलों में भी ठंड का असर स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। इन जिलों में न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.5 से 4.7 डिग्री कम है। यहां भी शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है और लोग ठंड से बचाव के उपाय अपनाते नजर आ रहे हैं।

राजधानी रायपुर में ठंड का असर अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन यहां भी न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 1 डिग्री कम है। हालांकि दिन के समय धूप निकलने से कुछ राहत मिल रही है, लेकिन सुबह और रात में ठंड का एहसास बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक अभी 15 जनवरी तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश में ठंड का असर जारी रहेगा और कुछ स्थानों पर शीतलहर चल सकती है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से रात या सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि ठंड से होने वाली किसी भी परेशानी से समय रहते निपटा जा सके।

 

नई पदस्थापना पर न आने वाले 38 शिक्षक

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कांकेर। CG BREAKING : युक्तियुक्तकरण के तहत नई पदस्थापना पर न आने वाले अतिशेष शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्यवाही की है। जिले में 38 शिक्षक निलंबित कर दिए गए हैं। शिक्षकों ने अपने नए पदस्थापन पर ज्वाइनिंग नहीं की, जिससे शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आदेश जारी किया।

जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, अतिशेष घोषित होने के बावजूद कई शिक्षकों ने निर्धारित नई पदस्थापना पर रिपोर्ट नहीं किया। इसके कारण विभाग ने निलंबन की प्रक्रिया शुरू की और संबंधित आदेश सभी जिलाधिकारी और प्राचार्यों को भेज दिए हैं। इस निर्णय से जिले में शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।

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निलंबन की जानकारी

 

 

UPW-W vs GG-W का आज रोमांचक आग़ाज़ी भिड़ंत

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WPL : महिला प्रीमियर लीग (WPL 2026) के चौथे संस्करण की शुरुआत शानदार रही। पहले मैच में आखिरी गेंद तक चले रोमांचक मुकाबले में बेंगलुरू ने जीत हासिल की जिसे प्रशंसकों की उम्मीदो को और बढ़ा दीं है। अब, शनिवार को दूसरे मैच में यूपी वॉरियर्स वुमन का मुकाबला गुजरात जायंट्स वुमन से होगा।इस मैच में कौन बाज़ी मरेगा ये तो वक्त ही बतायेगा l

यह मैच दोपहर 3:30 बजे (भारतीय समयानुसार) डॉ. डी. वाई. पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी में शुरू होगा। दोनों टीमें इसी मैच से अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। जीजी-डब्ल्यू की कप्तानी एशले गार्डनर करेंगी और टीम में बेथ मूनी, सोफी डिवाइन, डेनियल व्याट, जॉर्जिया वेयरहम, रेणुका ठाकुर और अन्य खिलाड़ी शामिल हैं।

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