Thursday, March 12, 2026
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CG NEWS: आदिवासी किसानों से मंडी प्रभारी की खुली लूट, कलेक्टर के आदेशों की उड़ाई धज्जियां

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जांजगीर चांम्पा। CG NEWS: जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां बलौदा ब्लॉक के ग्राम गतवा धान मंडी में आदिवासी और गरीब किसानों से खुलेआम लूट की जा रही है।

आरोप है कि मंडी प्रभारी कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी करते हुए किसानों से तय मात्रा 40 किलो 700 ग्राम की बजाय 41 किलो 200 ग्राम से लेकर 41 किलो 300 ग्राम तक धान वसूल रहा है, जिससे जंगलों में बसे भोले-भाले आदिवासी किसान लगातार शोषण का शिकार हो रहे हैं; इतना ही नहीं, सरकारी खरीदी का धान खुले मैदान में जमीन पर रखा गया है, जिससे धान खराब हो रहा है और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है।

जब इस गड़बड़ी को लेकर पत्रकारों ने मंडी प्रभारी से सवाल किए तो उसने बेखौफ होकर दावा किया कि वह इसी तरह की गड़बड़ियों के लिए अधिकारियों को पैसा देता है और उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता; अब सवाल यह उठ रहा है कि इस मामले के उजागर होने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कोई सख्त कार्रवाई करेंगे या फिर आदिवासी किसानों की यह लूट ऐसे ही चलती रहेगी।

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छत्तीसगढ़ ने धान खरीदी में रचा नया कीर्तिमान : 13 जनवरी तक 17.77 लाख किसानों के खातों में पहुंचा ₹23,448 करोड़

रायपुर 14 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे धान खरीदी महाअभियान ने इस वर्ष ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है।

दिनांक 13 जनवरी 2026 तक खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक 17,77,419 किसानों से 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसके एवज में किसानों को ₹23,448 करोड़ की रिकॉर्ड राशि का भुगतान किया गया है। यह अब तक के सभी वर्षों की तुलना में 13 जनवरी तक की सबसे अधिक खरीदी और सबसे अधिक भुगतान है।

यदि पिछले वर्षों के 13 जनवरी तक के आंकड़ों से तुलना की जाए तो सरकार की यह उपलब्धि और भी स्पष्ट रूप से सामने आती है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी तक 17,49,003 किसानों से 72.15 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹13,550 करोड़ का भुगतान हुआ था। वर्ष 2021-22 में इसी अवधि तक 17,09,834 किसानों से 68.77 LMT धान खरीदा गया था, जिसके बदले ₹13,410 करोड़ किसानों को दिए गए थे।

खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में 13 जनवरी तक 22,14,302 किसानों से 97.67 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹20,022 करोड़ का भुगतान हुआ था। इन सभी वर्षों की तुलना में वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की मात्रा और किसानों को वितरित की गई राशि – दोनों ही उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी हैं।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि जहां 2020-21 में 72.15 LMT, 2021-22 में 68.77 LMT और 2022-23 में 97.67 LMT धान खरीदा गया था, वहीं 2025-26 में मात्र 13 जनवरी तक ही 105.14 LMT धान खरीदा जा चुका है, जो अपने-आप में एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह किसानों को मिलने वाली राशि भी सीधे बढ़कर ₹23,448 करोड़ तक पहुँच गई है।

यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की पारदर्शी खरीदी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान प्रणाली और किसान-हितैषी नीतियों ने प्रदेश के किसानों का भरोसा मजबूत किया है। किसानों को उपज का उचित मूल्य समय पर मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हर पात्र किसान से हर दाना खरीदा जाएगा और हर रुपये का भुगतान समय पर किया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ का किसान और अधिक समृद्ध, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बन सके।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के भंडारण में सूखत एवं अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। जिन संग्रहण केन्द्रों में 0.5 प्रतिशत से अधिक एवं 1 प्रतिशत से कम कमी पाई गई, वहाँ केन्द्र प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 01 से 02 प्रतिशत तक कमी पाए जाने पर विभागीय जांच शुरू की गई, जबकि 02 प्रतिशत से अधिक कमी वाले केन्द्र प्रभारियों को निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित की गई तथा आपराधिक पाए जाने पर एफ.आई.आर. दर्ज की गई है।

विगत 02 वर्षों में धान खरीदी एवं भण्डारण में अनियमितता तथा लापरवाही पाए जाने पर कुल 33 खाद्य निरीक्षकों एवं खाद्य अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए, 02 मामलों में संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 01 संग्रहण केन्द्र प्रभारी को निलंबित किया गया है। यह स्पष्ट करता है कि सरकार भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति शून्य सहनशीलता नीति पर कार्य कर रही है।

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में आई सूखत के संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 06 जिला विपणन अधिकारियों एवं 06 संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोकने की दिशा में निर्णायक पहल है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018-19 में कुल 25.61 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 80.38 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में खरीदी का दायरा, मात्रा और किसानों को मिलने वाला प्रत्यक्ष लाभ ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ा है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल के अंतर्गत 78 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध लगभग 116 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण संभव हो पाया। शेष धान का निराकरण नीलामी के माध्यम से किया गया।केन्द्रीय लक्ष्य के अनुरूप प्राप्त चावल की मिलिंग में FCI के पास गोदाम क्षमता कम होने के कारण धान के अंतिम निराकरण में लगभग 12 से 15 माह का समय लग गया, जिससे संग्रहण केन्द्रों में ड्रायज (सूखत) होना संभावित रहा। वर्तमान में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत संग्रहण केन्द्रों में रखे धान का उठाव प्रगतिरत है तथा ऑक्शन एवं नीलामी से विक्रय किए गए धान का उठाव प्रक्रियाधीन है। संपूर्ण धान निराकरण के पश्चात ही कुल सूखत का वास्तविक आंकलन किया जा सकेगा।

राज्य सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि किसानों के धन, अनाज और विश्वास से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। धान खरीदी, भुगतान, भंडारण और निराकरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी निगरानी में रखा गया है ताकि हर किसान को समय पर भुगतान और सुरक्षित व्यवस्था का लाभ मिले।

सुकमा के गोण्डा क्षेत्र में 29 भटके युवाओं ने

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रायपुर।  CG NEWS: छत्तीसगढ़ में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। सुकमा जिले के गोण्डा क्षेत्र में सक्रिय रहे 29 भटके युवाओं ने हिंसा और भटकाव का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि उस भरोसे, सुरक्षा और स्थिरता का प्रमाण है जो अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लौट रहा है।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जहाँ कभी भय, दबाव और असुरक्षा का वातावरण था, वहाँ अब सुरक्षा शिविरों की सशक्त मौजूदगी, प्रशासन की सक्रियता और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुँच से हालात तेजी से बदल रहे हैं। सुकमा और उसके आसपास के इलाकों में विकास कार्य, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ आम लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि “जो हिंसा छोड़कर संविधान और विकास का रास्ता चुनेगा, उसके लिए सरकार सम्मानजनक जीवन, अवसर और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेगी।” सरकार का उद्देश्य केवल हिंसा को समाप्त करना नहीं, बल्कि उन युवाओं को समाज की मुख्यधारा में लौटाकर उन्हें एक नई पहचान और नया जीवन देना है।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 29 युवाओं का मुख्यधारा में लौटना यह साबित करता है कि अब छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में डर की जगह भरोसा और अंधेरे की जगह उम्मीद ने ले ली है। यह परिवर्तन केवल सुरक्षा अभियानों का परिणाम नहीं, बल्कि उस संवेदनशील शासन व्यवस्था का परिणाम है जो संवाद, विकास और पुनर्वास को प्राथमिकता देती है।

राज्य सरकार ने पुनर्वास, कौशल विकास, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि भटकाव छोड़ने वाले युवाओं को समाज में सम्मान, स्थिरता और आत्मनिर्भरता मिले। छत्तीसगढ़ आज स्पष्ट रूप से यह संदेश दे रहा है कि हिंसा नहीं, विकास ही भविष्य है।

 

बुर्का, नकाब, घूंघट और हेलमेट पहनकर सोने-चांदी की

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब किसी भी सोने-चांदी की दुकान में बुर्का, नकाब या घूंघट पहनकर जाने वालों को एंट्री पर रोक लगा दी गई है। बुधवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने मीटिंग के बाद यह फैसला लिया है। बैठक में यह भी तय किया गया है कि हेलमेट पहनकर आने वाले पुरुषों और महिलाओं को भी दुकान में एंट्री नहीं दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने यह फैसला लगातार हो रही लूट को देखते हुए लिया है। हाल ही में गरियाबंद जिले के नवापारा-राजिम में सर्राफा कारोबारी से करोड़ों रुपये की लूट की गई थी।

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क्यों लिया फैसला

बैठक में एसोसिएशन ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि जिस तरह से सोने-चांदी के कीमतों में वृद्धि हो रही है उसे देखकर लग रहा है कि आने वाले समय में चोरी और लूट की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। ऐसे में पहचान छिपाकर आने वालों को दुकानों में एंट्री नहीं दी जाएगी। एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह की लूट की घटनाओं में पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज देखती है लेकिन चेहरा छिपाकर रखने के कारण पहचान नहीं हो पाती है।

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प्रदेश अध्यक्ष ने दी जानकारी

छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने कहा कि सोने-चांदी की खरीदी करने दुकान में आने वाले कस्टमर अपनी पहचान नहीं छिपाएं। सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि यह फैसला लिया गया है कि कोई भी कस्टमर जो घूंघट, बुर्का या हेलमेट पहनकर दुकान में आता है उसे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन के इस फैसले को पूरे छत्तीसगढ़ के सोने-चांदी का कारोबार करने वाले व्यवसायी पालन करेंगे।

गरियाबंद में हुई थी लूट

गरियाबंद के नवापारा राजिम में सोने-चांदी की बड़ी लूट को अंजाम दिया गया था। यहां बदमाशों ने करीब एक करोड़ रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर चोरी कर फरार हो गए थे। इस घटना से प्रदेश भर के सोने-चांदी का कारोबार करने वाले व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल है। इसी घटना के बाद यह फैसला किया गया है।

 

CG BREAKING : सीएम के ऐलान के बाद महंगाई भत्ता बढ़ाने का आदेश जारी

बुर्का, नकाब, घूंघट और हेलमेट पहनकर सोने-चांदी की

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब किसी भी सोने-चांदी की दुकान में बुर्का, नकाब या घूंघट पहनकर जाने वालों को एंट्री पर रोक लगा दी गई है। बुधवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने मीटिंग के बाद यह फैसला लिया है। बैठक में यह भी तय किया गया है कि हेलमेट पहनकर आने वाले पुरुषों और महिलाओं को भी दुकान में एंट्री नहीं दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने यह फैसला लगातार हो रही लूट को देखते हुए लिया है। हाल ही में गरियाबंद जिले के नवापारा-राजिम में सर्राफा कारोबारी से करोड़ों रुपये की लूट की गई थी।

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क्यों लिया फैसला

बैठक में एसोसिएशन ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि जिस तरह से सोने-चांदी के कीमतों में वृद्धि हो रही है उसे देखकर लग रहा है कि आने वाले समय में चोरी और लूट की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। ऐसे में पहचान छिपाकर आने वालों को दुकानों में एंट्री नहीं दी जाएगी। एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह की लूट की घटनाओं में पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज देखती है लेकिन चेहरा छिपाकर रखने के कारण पहचान नहीं हो पाती है।

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प्रदेश अध्यक्ष ने दी जानकारी

छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने कहा कि सोने-चांदी की खरीदी करने दुकान में आने वाले कस्टमर अपनी पहचान नहीं छिपाएं। सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि यह फैसला लिया गया है कि कोई भी कस्टमर जो घूंघट, बुर्का या हेलमेट पहनकर दुकान में आता है उसे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन के इस फैसले को पूरे छत्तीसगढ़ के सोने-चांदी का कारोबार करने वाले व्यवसायी पालन करेंगे।

गरियाबंद में हुई थी लूट

गरियाबंद के नवापारा राजिम में सोने-चांदी की बड़ी लूट को अंजाम दिया गया था। यहां बदमाशों ने करीब एक करोड़ रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर चोरी कर फरार हो गए थे। इस घटना से प्रदेश भर के सोने-चांदी का कारोबार करने वाले व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल है। इसी घटना के बाद यह फैसला किया गया है।

 

CG BREAKING : सीएम के ऐलान के बाद महंगाई भत्ता बढ़ाने का आदेश जारी

CG NEWS:धान भंडारण में सूखत एवं कीट-जनित क्षय

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रायपुर। CG NEWS: धान खरीदी एवं भंडारण व्यवस्था में सूखत एवं चूहा आदि कीटों के द्वारा धान के नुकसान को लेकर कुछ स्थानों पर जो भ्रम फैलाया जा रहा है, वह तथ्यों से परे है। वस्तुस्थिति यह है कि धान भंडारण के दौरान नमी में कमी के कारण वजन में आंशिक गिरावट (सूखत) एक स्वाभाविक और तकनीकी प्रक्रिया है, जो वर्षों से चली आ रही है और देश के सभी धान उत्पादक राज्यों में देखी जाती है।

सरकारी अभिलेखों के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में 6.32 प्रतिशत और 2020-21 में 4.17 प्रतिशत सूखत दर्ज की गई थी। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि सूखत कोई नई या अचानक उत्पन्न हुई स्थिति नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली भौतिक-तकनीकी प्रक्रिया है।

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धान संग्रहण केंद्रों में नमी, तापमान, भंडारण अवधि, परिवहन और वातावरण के प्रभाव से धान में प्राकृतिक रूप से कुछ प्रतिशत वजन घटता है। इसे वैज्ञानिक रूप से “मॉइस्चर लॉस” या “ड्रायिंग लॉस” कहा जाता है। इस प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे नियंत्रित, मापा और पारदर्शी बनाया जा सकता है।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में लगभग 3.49 प्रतिशत सूखत की संभावना व्यक्त की गई है, जो पूर्व वर्षों के औसत के अनुरूप है और असामान्य नहीं है।

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वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था में संग्रहण केंद्रों पर डिजिटल स्टॉक एंट्री, वजन सत्यापन, गुणवत्ता परीक्षण, गोदाम ट्रैकिंग, परिवहन एवं उठाव की निगरानी जैसी व्यवस्थाएँ लागू की गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता को तुरंत पहचाना जा सके। अब सूखत केवल एक अनुमान नहीं, बल्कि डेटा-आधारित और ट्रैक-योग्य प्रक्रिया बन चुकी है। जहां यह प्राकृतिक सीमा में रहती है, उसे सामान्य माना जाता है, और जहां यह असामान्य रूप से अधिक पाई जाती है, वहां जांच और उत्तरदायित्व तय किया जाता है।

धान खरीदी व्यवस्था का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनके धान का पूरा और न्यायसंगत मूल्य मिले, भंडारण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और पूरी प्रणाली विश्वसनीय और पारदर्शी बनी रहे।

आज प्रदेश की धान खरीदी प्रणाली डिजिटल टोकन, ऑनलाइन भुगतान, स्टॉक ट्रैकिंग और शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं के माध्यम से देश की सबसे संगठित और निगरानी-आधारित व्यवस्थाओं में शामिल हो चुकी है। इससे किसानों का विश्वास मजबूत हुआ है और प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ी है।

इसलिए यह स्पष्ट किया जाता है कि सूखत भंडारण की एक वैज्ञानिक वास्तविकता है — जिसे अब पहली बार पूरी पारदर्शिता, निगरानी और नियंत्रण के साथ संचालित किया जा रहा है।

Virat Kohli के लिए फैन ने बनवाया 15 लाख रुपये का सोने

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डेस्क। भारत और न्यूजीलैंड की टीमें वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले के लिए राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले जा रहे हैं। बुधवार (14 जनवरी) को मुकाबले से पहले सोशल मीडिया पर एक चौंका देने वाला दावा सामने आया, जिसमें बताया गया कि एक फैन विराट कोहली (Virat Kohli) को 15 लाख रुपये की कीमत वाला iPhone का कवर गिफ्ट करना चाहता है।

सोशल मीडिया पर दावे के साथ एक तस्वीर भी वायरल हो रही है, जिसमें देखा जा सकता है कि फैन ने मोबाइल पर एक कवर लगा रखा है। कवर पर विराट कोहली की तस्वीर नजर आ रही है। तस्वीर के नीचे ‘विराट कोहली’ लिखा हुआ है।

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iPhone का सबसे महंगा मॉडल 2 लाख 30 हजार का
गौर करने वाली बात यह है कि मौजूदा वक्त में iPhone का सबसे महंगा मॉडल करीब 2 लाख 30 हजार रुपये का है। यह iPhone का 17 Pro max 2TB वाला वेरिएंट है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सबसे महंगा मोबाइल ही 2 लाख 30 हजार का है, तो फैन के मोबाइल की कीमत 15 लाख कैसे है?

हालांकि इस बारे में किसी भी तरह की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है कि कैसे फैन के iPhone की कीमत 15 लाख तक पहुंची। ये हो सकता है कि उसके मोबाइल में गोल्ड या डायमंड का इस्तेमाल हो सकता है।

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पिछले मैच में शतक से चूके थे विराट (Virat Kohli)

न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला वनडे 11 जनवरी को खेला गया था। इस मैच में किंग कोहली अपने शतक से चूक गए थे। वह 91 गेंदों पर 8 चौके और 1 छक्के की मदद से 93 रन बनाकर आउट हो गए थे। ऐसे में फैंस अब दूसरे वनडे में कोहली से शतक की उम्मीद करेंगे।

दूसरे वनडे में टीम इंडिया पहले बैटिंग पर (Virat Kohli)

गौरतलब है कि राजकोट में खेले जा रहे दूसरे वनडे में टीम इंडिया पहले बैटिंग के लिए मैदान पर उतरी है। मुकाबले में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाज करने का फैसला किया है।



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अंगूठा लगवाया, चावल नहीं मिला, PDS व्यवस्था

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साकेत श्रीवास्तव / खैरागढ़। CG NEWS : जिले के ग्राम पंचायत डोकराभाठा के आश्रित ग्राम खैरबना में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की गंभीर लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों को दिसंबर माह का चावल अब तक नहीं मिला है, जबकि जनवरी माह का वितरण भी नहीं किया गया। आरोप है कि दिसंबर में सभी राशन कार्डधारियों से अंगूठे के निशान ले लिए गए, इसके बावजूद चावल नहीं दिया गया।

ग्रामीणों के अनुसार, डोकराभाठा मुख्य ग्राम में जनवरी माह का राशन वितरित कर दिया गया, लेकिन खैरबना के नागरिक दिसंबर के राशन से भी वंचित हैं। इससे वितरण व्यवस्था में भेदभाव के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि चावल विक्रेता रामेश्वर जोशी द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है, जिससे गांव में रोष है।

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खैरबना के नागरिकों ने खाद्य विभाग से मांग की है कि गांव का राशन गांव में ही वितरित किया जाए, दिसंबर और जनवरी का लंबित राशन तत्काल दिया जाए तथा वितरण में अनियमितता व दुर्व्यवहार करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं होने पर वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, खाद्य विभाग द्वारा ग्रामीणों को जल्द चांवल वितरित होने का आश्वासन दिया है।

 

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CG NEWS : एक रूपये में एक्स-रे सुविधा का विधायक रिकेश सेन ने किया शुभारंभ, विधायक कार्यालय से मिलेगा टोकन

 

राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026

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  • दो दिनों तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन

रायपुर, 14 जनवरी 2026। Arang News : धर्म नगरी आरंग की गौरवशाली परंपरा और ऐतिहासिक वैभवशाली राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 का शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा व राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा एवं कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य जनप्रतिनिधि करेंगे। महोत्सव का शुभारंभ शाम 4:00 बजे बाबा बागेश्वर नाथ की पूजा अर्चना के साथ इंदौर स्टेडियम आरंग में किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से समृद्ध भूमि आरंग को भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की चरण-रज से पावन माना जाता है। मान्यता है कि त्रेता युग में भगवान श्रीराम के चरण आरंग की धरती पर पड़े, वहीं द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण का आगमन भी इस क्षेत्र में हुआ। आरंग स्थित कौशल्या धाम को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है, जिससे इस क्षेत्र का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

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राजा मोरध्वज की भूमि आरंग

इसी पावन अंचल से जुड़ी है छत्तीसगढ़ के रतनपुर के महान दानवीर और परम भक्त राजा मोरध्वज (मयूरध्वज) की अमर कथा। यह कथा महाभारत काल के पश्चात की मानी जाती है, जब अर्जुन को यह अभिमान हो गया था कि श्रीकृष्ण का उनसे बड़ा कोई भक्त नहीं है। अर्जुन के इस अहंकार को तोड़ने और सच्ची भक्ति का उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने लीला रची।

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श्रीकृष्ण ब्राह्मण वेश में अर्जुन के साथ राजा मोरध्वज के पास पहुंचे और बताया कि उनका साथ चल रहा शेर भूखा है तथा उसे भोजन चाहिए। जब राजा ने शेर के भोजन की व्यवस्था पूछी तो श्रीकृष्ण ने परीक्षा लेते हुए कहा कि शेर को राजा के इकलौते पुत्र ताम्रध्वज (धीरध्वज) का मांस चाहिए और शर्त यह रखी कि इस दौरान राजा या रानी की आंख से एक भी आंसू नहीं गिरना चाहिए।

राजा मोरध्वज और रानी ने अद्वितीय त्याग और भक्ति का परिचय देते हुए बिना किसी शोक या आंसू के अपने पुत्र का सिर आरी से काटकर शेर को अर्पित कर दिया। उनकी इस निष्काम भक्ति और दानशीलता से भगवान श्रीकृष्ण अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने अपने विराट रूप के दर्शन कराए और पुत्र ताम्रध्वज को पुनर्जीवित कर दिया। इस प्रकार न तो पुत्र की स्थायी मृत्यु हुई और न ही परिवार को शोक सहना पड़ा, बल्कि भगवान की कृपा से सभी को मोक्ष की प्राप्ति हुई।

यह कथा राजा मोरध्वज की अगाध भक्ति, अद्वितीय दानशीलता और निस्वार्थ सेवा-भाव का प्रतीक है। छत्तीसगढ़, विशेषकर रतनपुर और आरंग क्षेत्र में यह कथा आज भी लोकआस्था का केंद्र है। इससे जुड़े मेले, उत्सव और धार्मिक आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए हैं और नई पीढ़ी को त्याग, भक्ति और मानव मूल्यों की प्रेरणा देते हैं।

विधायक बालेश्वर साहू को जमानत

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भरत सिंह चौहान , जांजगीर–चांपा। MLA Baleshwar Sahu arrested : छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू को अदालत से जमानत मिल गई है, जिसके बाद उन्हें जिला जेल से रिहा कर दिया गया।

जेल के बाहर समर्थकों की भीड़

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जमानत की खबर मिलते ही जेल परिसर के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई। विधायक की रिहाई पर पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश, जिला अध्यक्ष राजेश अग्रवाल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता स्वागत के लिए पहुंचे।

ये भी पढ़ें : CG Politics : जेल में विधायक बालेश्वर साहू से मिले भूपेश बघेल, कार्रवाई को लेकर क्या कहा? जानिए

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गाजे-बाजे और आतिशबाजी के साथ स्वागत

विधायक के बाहर आते ही समर्थकों ने गाजे-बाजे, आतिशबाजी और नारेबाजी के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

संविधान और अंबेडकर की तस्वीर के साथ निकले

जेल से बाहर निकलते समय विधायक बालेश्वर साहू बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर हाथ में लिए नजर आए। इसके बाद वे कार में संविधान की पुस्तक के साथ रवाना हुए।

विधायक ने क्या कहा?

रिहाई के बाद विधायक बालेश्वर साहू ने कहा, सत्यमेव जयते। मुझे एक किसान बनकर फर्जी मामले में फंसाया गया। राज्य सरकार पर दबाव बनाकर किसान राजकुमार शर्मा ने साजिश रची। उन्होंने आगे कहा कि अब वे जेल से बाहर आकर जनता की सेवा और क्षेत्र के विकास पर ध्यान देंगे। जिसे जो करना था उसने कर लिया, अब मुझे अपना काम आगे बढ़ाना है।