रायपुर। CG NEWS: राजधानी के स्वर्ण भूमि स्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के निवास पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा भव्य आयोजन संपन्न हुआ। निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर परम पूजनीय डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी के आगमन से पूरा परिसर आध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित हो उठा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं निवास पहुंचकर स्वामी जी के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री शाम साढ़े सात बजे से रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे तक स्वामी जी के सानिध्य में रहे तथा विभिन्न सामाजिक, आध्यात्मिक और समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की।


यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि स्वामी कैलाशानंद गिरी का 50वां जन्मदिवस मनाया गया। साथ ही पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल और अंगूरी देवी अग्रवाल की 50वीं वैवाहिक वर्षगांठ (स्वर्ण जयंती) भी इसी दिन रही। मुख्यमंत्री सहित सभी उपस्थित अतिथियों ने स्वामी जी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं तथा अग्रवाल दंपत्ति को उनके दांपत्य जीवन की स्वर्णिम यात्रा पर बधाई प्रेषित की।

अपने आशीर्वचन में स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ वासियों का यह परम सौभाग्य है कि यह भूमि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरती है। उन्होंने कहा कि नितिन अग्रवाल के आग्रह पर इस पवित्र भूमि पर आने और प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिलना उनके लिए भी अत्यंत सौभाग्य की बात है। स्वामी जी के इस उल्लेख से नितिन अग्रवाल की भूमिका आयोजन में विशेष रूप से रेखांकित हुई।

इस गरिमामयी अवसर पर दूधाधारी मठ एवं शिवरीनारायण मठ के पीठाधीश्वर महंत डॉ. रामसुन्दर दास, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री तोखन साहू, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, लक्ष्मी राजवाड़े, क्षेत्रीय संघ चालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना, प्रांत संचालक टोपराम वर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन कुमार साय, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े सहित अनेक सांसद, विधायक, निगम-मंडल अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

आयोजन के दौरान सभी अतिथियों ने संत के श्रीचरणों में वंदन कर दिव्य आशीर्वाद प्राप्त किया। निवास स्थल आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण से सराबोर रहा। उपस्थित जनों ने इसे गौरव और सौभाग्य का क्षण बताया। अंत में सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया और कामना की गई कि गुरु देव की कृपा सभी पर बनी रहे।




