Saturday, August 8, 2026
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Ind vs nz raipur tickets price: “छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ

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रायपुर। Ind vs nz raipur tickets price : राजधानी रायपुर में 23 जनवरी को होने वाले भारत बनाम न्यूज़ीलैंड टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले को लेकर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने टिकटों की जानकारी साझा की है। इस संबंध में CSCS के डायरेक्टर विजय शाह और बलदेव सिंह भाटिया ने प्रेस वार्ता कर मैच से जुड़ी अहम जानकारियां दीं।

स्टूडेंट्स के लिए 800 में

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प्रेस वार्ता में बताया गया कि छात्रों के लिए विशेष टिकट की व्यवस्था की गई है। स्टूडेंट टिकट की कीमत 800 रुपये रखी गई है, जो केवल इंडोर स्टेडियम से उपलब्ध होगी। एक छात्र को केवल एक ही टिकट दी जाएगी।

टिकट दर

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अन्य दर्शकों के लिए स्टैंड्स की टिकट कीमतें 2000, 2500, 3000 और 3500 रुपये तय की गई हैं। वहीं प्रीमियम कैटेगरी में सिल्वर टिकट 7,500 रुपये, गोल्ड टिकट 10,000 रुपये और प्लैटिनम टिकट 12,500 रुपये में उपलब्ध होंगे। इसके अलावा कॉर्पोरेट बॉक्स की टिकट की कीमत 25,000 रुपये रखी गई है। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने बताया कि भारत बनाम न्यूज़ीलैंड के इस बहुप्रतीक्षित टी20 मुकाबले के लिए टिकटों की बिक्री आज रात से शुरू हो जाएगी। मैच को लेकर रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

⁠23 को मुकाबला

भारत के प्रमुख स्टेडियमों में शुमार रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के लिए तैयार है। इसी महीने 23 तारीख को भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा अंतरराष्ट्रीय मुकाबला रायपुर में खेला जाएगा। इससे पहले 3 दिसंबर को भी यहां भारत और साउथ अफ्रीका के बीच एकदिवसीय मुकाबला आयोजित हुआ था। 23 जनवरी को होने वाले इस मैच को लेकर छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रशंसकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। यह सीरीज पांच मैचों का होगा। रायपुर के अलावा मुकाबले नागपुर, गुवाहाटी, विशाखपट्नम और तिरुवनंतपुरम में खेले जायेंगे।

आईपीएल के दो मुकाबले

दुनिया की सबसे बड़ी घरेलू क्रिकेट लीग आईपीएल की शुरुआत इस साल मार्च से होगी। आईपीएल 2025 की चैंपियन टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के होम ग्राउंड को लेकर हाल ही में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में हालिया घटनाक्रम के बाद फ्रेंचाइजी ने होम ग्राउंड बदलने पर विचार किया था। अब यह तय हो गया है कि RCB के दो मुकाबले रायपुर में आयोजित किए जाएंगे। यानी इस सीजन में बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में RCB का कोई भी मैच नहीं होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दो मैच रायपुर में होंगे। उन्होंने बताया कि RCB के सीईओ से बातचीत के बाद रायपुर में मैच आयोजन पर सहमति बनी है। यह खबर छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी सौगात मानी जा रही है।

 

CG NEWS : पहली शादी खत्म बिना दूसरी शादी अवैध, पत्नी-बेटियों को दर्जा देने की याचिका छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने की खारिज”

 

 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संविदा भर्ती में वर्गवार सूची तैयार, योग्यता व अनुभव के आधार पर होगा चयन स्क्रीनिंग, लिखित, कौशल व साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों को किया जाएगा आमंत्रित

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गरियाबंद। जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) अंतर्गत विभिन्न रिक्त संविदा पदों की भर्ती के लिए 8 जुलाई 2025 को जारी विज्ञापन के तहत चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मानव संसाधन नीति 2018 के प्रावधानों के अनुसार पात्र अभ्यर्थियों की वर्गवार सूची तैयार की जाएगी।

यह सूची न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में प्राप्त अंकों, संबंधित कार्य अनुभव एवं निर्धारित बोनस अंकों के योग के आधार पर बनाई जाएगी। तय मापदंडों को पूर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को स्क्रीनिंग, लिखित परीक्षा, कौशल परीक्षा अथवा साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

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विज्ञप्ति के अनुसार, चयन प्रक्रिया के अगले चरण में बुलाए जाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या विज्ञापित पदों के आधार पर निर्धारित होगी। 0 से 10 पदों के लिए 10 गुना, 11 से 50 पदों के लिए 5 गुना तथा 50 से अधिक पदों के लिए 3 गुना अभ्यर्थियों को अगले चरण में शामिल किया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी तरह से निर्धारित नियमों एवं पारदर्शी मापदंडों के अनुरूप की जाएगी।

 

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मुंबई का किंग कौन ?

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BMC Election 2026 : आखिरकार 4 साल की प्रतीक्षा के बाद मुंबईकर गुरुवार यानी आज अपना नगरसेवक चुनने के लिए मतदान करने जा रहे हैं। बीएमसी की 227 सीटों के लिए कुल 1700 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनाव में 1.03 करोड़ मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। बीएमसी के पिछले चुनाव 2017 में हुए थे। इसका कार्यकाल 7 मार्च 2022 को समाप्त हुआ था। मुंबई सहित राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव नतीजे 16 जनवरी को घोषित कर दिए जाएंगे ।

मुंबई में बीएमसी चुनाव के साथ मंबई एमएमआर की ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, वसई-विरार, पनवेल, नवी मुंबई, उल्हासनगर, भिवंडी और मीरा-भाईदर महानगर पालिकाओं के चुनाव आज हो रहे हैं। सभी मनपाओं में मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5: 30 बजे तक होगा। इन चुनावों में जहां सीएम देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है, वहीं ठाकरे बंधुओं उद्धव और राज की पार्टियों का गठबंधन बीएमसी की सत्ता में वापसी की कोशिश में है। सुरक्षित और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए मुंबई में 28 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मुंबई में 227 सीटों पर सुचारु रूप से चुनाव संपन्न कराने के लिए 64,375 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। मुंबई सहित महाराष्ट्र की 29 मनपाओं में कुल 2,869 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। इनमें कुल 3.48 करोड़ वोटर हैं, जिसमें 1.81 करोड़ पुरुष और 1.66 महिला और 4 हज़ार 596 अन्य वोटर्स शामिल है।

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2890 क्विंटल धान गायब, हरिकिशन फूड्स राइस मिल सील

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भारतेन्दु कौशिक, बिलासपुर। CG News : धान की कस्टम मिलिंग में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। कोटा विकासखंड स्थित हरिकिशन फूड्स राइस मिल में भारी अनियमितता पाए जाने पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में मिल में 2890.80 क्विंटल धान की कमी पाई गई, जिसके बाद करीब 7 करोड़ 47 लाख रुपये मूल्य का 24,109.20 क्विंटल धान जब्त कर लिया गया और राइस मिल को सील कर दिया गया।

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समितियों से धान उठाव और कस्टम मिलिंग की प्रक्रिया जारी है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शासन द्वारा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से धान परिवहन की जीपीएस ट्रैकिंग की जा रही है। इसी निगरानी के दौरान संदेहजनक गतिविधियां सामने आने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर 13 जनवरी को हरिकिशन फूड्स राइस मिल की जांच की गई।

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जांच में सामने आया कि मिलर ने इस खरीफ वर्ष में 27 हजार क्विंटल धान का उठाव किया था, लेकिन मिल परिसर में अपेक्षित मात्रा से कम धान पाया गया। धान की रिसाइक्लिंग की आशंका को देखते हुए पूरे स्टॉक को जब्त कर लिया गया।

प्रशासन ने साफ किया है कि छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें और व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।

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Gariaband obscene dance case : एक वायरल वीडियो और 14 गिरफ्तारियां; गरियाबंद अश्लील डांस मामले में डांसर गिरफ्तार, SDM पर गिरी गाज

 

CG NEWS: आदिवासी किसानों से मंडी प्रभारी की खुली लूट, कलेक्टर के आदेशों की उड़ाई धज्जियां

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जांजगीर चांम्पा। CG NEWS: जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां बलौदा ब्लॉक के ग्राम गतवा धान मंडी में आदिवासी और गरीब किसानों से खुलेआम लूट की जा रही है।

आरोप है कि मंडी प्रभारी कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी करते हुए किसानों से तय मात्रा 40 किलो 700 ग्राम की बजाय 41 किलो 200 ग्राम से लेकर 41 किलो 300 ग्राम तक धान वसूल रहा है, जिससे जंगलों में बसे भोले-भाले आदिवासी किसान लगातार शोषण का शिकार हो रहे हैं; इतना ही नहीं, सरकारी खरीदी का धान खुले मैदान में जमीन पर रखा गया है, जिससे धान खराब हो रहा है और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है।

जब इस गड़बड़ी को लेकर पत्रकारों ने मंडी प्रभारी से सवाल किए तो उसने बेखौफ होकर दावा किया कि वह इसी तरह की गड़बड़ियों के लिए अधिकारियों को पैसा देता है और उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता; अब सवाल यह उठ रहा है कि इस मामले के उजागर होने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कोई सख्त कार्रवाई करेंगे या फिर आदिवासी किसानों की यह लूट ऐसे ही चलती रहेगी।

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छत्तीसगढ़ ने धान खरीदी में रचा नया कीर्तिमान : 13 जनवरी तक 17.77 लाख किसानों के खातों में पहुंचा ₹23,448 करोड़

रायपुर 14 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे धान खरीदी महाअभियान ने इस वर्ष ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है।

दिनांक 13 जनवरी 2026 तक खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक 17,77,419 किसानों से 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसके एवज में किसानों को ₹23,448 करोड़ की रिकॉर्ड राशि का भुगतान किया गया है। यह अब तक के सभी वर्षों की तुलना में 13 जनवरी तक की सबसे अधिक खरीदी और सबसे अधिक भुगतान है।

यदि पिछले वर्षों के 13 जनवरी तक के आंकड़ों से तुलना की जाए तो सरकार की यह उपलब्धि और भी स्पष्ट रूप से सामने आती है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी तक 17,49,003 किसानों से 72.15 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹13,550 करोड़ का भुगतान हुआ था। वर्ष 2021-22 में इसी अवधि तक 17,09,834 किसानों से 68.77 LMT धान खरीदा गया था, जिसके बदले ₹13,410 करोड़ किसानों को दिए गए थे।

खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में 13 जनवरी तक 22,14,302 किसानों से 97.67 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹20,022 करोड़ का भुगतान हुआ था। इन सभी वर्षों की तुलना में वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की मात्रा और किसानों को वितरित की गई राशि – दोनों ही उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी हैं।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि जहां 2020-21 में 72.15 LMT, 2021-22 में 68.77 LMT और 2022-23 में 97.67 LMT धान खरीदा गया था, वहीं 2025-26 में मात्र 13 जनवरी तक ही 105.14 LMT धान खरीदा जा चुका है, जो अपने-आप में एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह किसानों को मिलने वाली राशि भी सीधे बढ़कर ₹23,448 करोड़ तक पहुँच गई है।

यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की पारदर्शी खरीदी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान प्रणाली और किसान-हितैषी नीतियों ने प्रदेश के किसानों का भरोसा मजबूत किया है। किसानों को उपज का उचित मूल्य समय पर मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हर पात्र किसान से हर दाना खरीदा जाएगा और हर रुपये का भुगतान समय पर किया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ का किसान और अधिक समृद्ध, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बन सके।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के भंडारण में सूखत एवं अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। जिन संग्रहण केन्द्रों में 0.5 प्रतिशत से अधिक एवं 1 प्रतिशत से कम कमी पाई गई, वहाँ केन्द्र प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 01 से 02 प्रतिशत तक कमी पाए जाने पर विभागीय जांच शुरू की गई, जबकि 02 प्रतिशत से अधिक कमी वाले केन्द्र प्रभारियों को निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित की गई तथा आपराधिक पाए जाने पर एफ.आई.आर. दर्ज की गई है।

विगत 02 वर्षों में धान खरीदी एवं भण्डारण में अनियमितता तथा लापरवाही पाए जाने पर कुल 33 खाद्य निरीक्षकों एवं खाद्य अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए, 02 मामलों में संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 01 संग्रहण केन्द्र प्रभारी को निलंबित किया गया है। यह स्पष्ट करता है कि सरकार भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति शून्य सहनशीलता नीति पर कार्य कर रही है।

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में आई सूखत के संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 06 जिला विपणन अधिकारियों एवं 06 संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोकने की दिशा में निर्णायक पहल है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018-19 में कुल 25.61 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 80.38 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में खरीदी का दायरा, मात्रा और किसानों को मिलने वाला प्रत्यक्ष लाभ ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ा है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल के अंतर्गत 78 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध लगभग 116 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण संभव हो पाया। शेष धान का निराकरण नीलामी के माध्यम से किया गया।केन्द्रीय लक्ष्य के अनुरूप प्राप्त चावल की मिलिंग में FCI के पास गोदाम क्षमता कम होने के कारण धान के अंतिम निराकरण में लगभग 12 से 15 माह का समय लग गया, जिससे संग्रहण केन्द्रों में ड्रायज (सूखत) होना संभावित रहा। वर्तमान में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत संग्रहण केन्द्रों में रखे धान का उठाव प्रगतिरत है तथा ऑक्शन एवं नीलामी से विक्रय किए गए धान का उठाव प्रक्रियाधीन है। संपूर्ण धान निराकरण के पश्चात ही कुल सूखत का वास्तविक आंकलन किया जा सकेगा।

राज्य सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि किसानों के धन, अनाज और विश्वास से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। धान खरीदी, भुगतान, भंडारण और निराकरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी निगरानी में रखा गया है ताकि हर किसान को समय पर भुगतान और सुरक्षित व्यवस्था का लाभ मिले।

सुकमा के गोण्डा क्षेत्र में 29 भटके युवाओं ने

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रायपुर।  CG NEWS: छत्तीसगढ़ में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। सुकमा जिले के गोण्डा क्षेत्र में सक्रिय रहे 29 भटके युवाओं ने हिंसा और भटकाव का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि उस भरोसे, सुरक्षा और स्थिरता का प्रमाण है जो अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लौट रहा है।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जहाँ कभी भय, दबाव और असुरक्षा का वातावरण था, वहाँ अब सुरक्षा शिविरों की सशक्त मौजूदगी, प्रशासन की सक्रियता और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुँच से हालात तेजी से बदल रहे हैं। सुकमा और उसके आसपास के इलाकों में विकास कार्य, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ आम लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि “जो हिंसा छोड़कर संविधान और विकास का रास्ता चुनेगा, उसके लिए सरकार सम्मानजनक जीवन, अवसर और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेगी।” सरकार का उद्देश्य केवल हिंसा को समाप्त करना नहीं, बल्कि उन युवाओं को समाज की मुख्यधारा में लौटाकर उन्हें एक नई पहचान और नया जीवन देना है।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 29 युवाओं का मुख्यधारा में लौटना यह साबित करता है कि अब छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में डर की जगह भरोसा और अंधेरे की जगह उम्मीद ने ले ली है। यह परिवर्तन केवल सुरक्षा अभियानों का परिणाम नहीं, बल्कि उस संवेदनशील शासन व्यवस्था का परिणाम है जो संवाद, विकास और पुनर्वास को प्राथमिकता देती है।

राज्य सरकार ने पुनर्वास, कौशल विकास, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि भटकाव छोड़ने वाले युवाओं को समाज में सम्मान, स्थिरता और आत्मनिर्भरता मिले। छत्तीसगढ़ आज स्पष्ट रूप से यह संदेश दे रहा है कि हिंसा नहीं, विकास ही भविष्य है।

 

बुर्का, नकाब, घूंघट और हेलमेट पहनकर सोने-चांदी की

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब किसी भी सोने-चांदी की दुकान में बुर्का, नकाब या घूंघट पहनकर जाने वालों को एंट्री पर रोक लगा दी गई है। बुधवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने मीटिंग के बाद यह फैसला लिया है। बैठक में यह भी तय किया गया है कि हेलमेट पहनकर आने वाले पुरुषों और महिलाओं को भी दुकान में एंट्री नहीं दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने यह फैसला लगातार हो रही लूट को देखते हुए लिया है। हाल ही में गरियाबंद जिले के नवापारा-राजिम में सर्राफा कारोबारी से करोड़ों रुपये की लूट की गई थी।

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क्यों लिया फैसला

बैठक में एसोसिएशन ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि जिस तरह से सोने-चांदी के कीमतों में वृद्धि हो रही है उसे देखकर लग रहा है कि आने वाले समय में चोरी और लूट की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। ऐसे में पहचान छिपाकर आने वालों को दुकानों में एंट्री नहीं दी जाएगी। एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह की लूट की घटनाओं में पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज देखती है लेकिन चेहरा छिपाकर रखने के कारण पहचान नहीं हो पाती है।

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प्रदेश अध्यक्ष ने दी जानकारी

छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने कहा कि सोने-चांदी की खरीदी करने दुकान में आने वाले कस्टमर अपनी पहचान नहीं छिपाएं। सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि यह फैसला लिया गया है कि कोई भी कस्टमर जो घूंघट, बुर्का या हेलमेट पहनकर दुकान में आता है उसे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन के इस फैसले को पूरे छत्तीसगढ़ के सोने-चांदी का कारोबार करने वाले व्यवसायी पालन करेंगे।

गरियाबंद में हुई थी लूट

गरियाबंद के नवापारा राजिम में सोने-चांदी की बड़ी लूट को अंजाम दिया गया था। यहां बदमाशों ने करीब एक करोड़ रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर चोरी कर फरार हो गए थे। इस घटना से प्रदेश भर के सोने-चांदी का कारोबार करने वाले व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल है। इसी घटना के बाद यह फैसला किया गया है।

 

CG BREAKING : सीएम के ऐलान के बाद महंगाई भत्ता बढ़ाने का आदेश जारी

बुर्का, नकाब, घूंघट और हेलमेट पहनकर सोने-चांदी की

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब किसी भी सोने-चांदी की दुकान में बुर्का, नकाब या घूंघट पहनकर जाने वालों को एंट्री पर रोक लगा दी गई है। बुधवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने मीटिंग के बाद यह फैसला लिया है। बैठक में यह भी तय किया गया है कि हेलमेट पहनकर आने वाले पुरुषों और महिलाओं को भी दुकान में एंट्री नहीं दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने यह फैसला लगातार हो रही लूट को देखते हुए लिया है। हाल ही में गरियाबंद जिले के नवापारा-राजिम में सर्राफा कारोबारी से करोड़ों रुपये की लूट की गई थी।

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क्यों लिया फैसला

बैठक में एसोसिएशन ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि जिस तरह से सोने-चांदी के कीमतों में वृद्धि हो रही है उसे देखकर लग रहा है कि आने वाले समय में चोरी और लूट की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। ऐसे में पहचान छिपाकर आने वालों को दुकानों में एंट्री नहीं दी जाएगी। एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह की लूट की घटनाओं में पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज देखती है लेकिन चेहरा छिपाकर रखने के कारण पहचान नहीं हो पाती है।

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प्रदेश अध्यक्ष ने दी जानकारी

छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने कहा कि सोने-चांदी की खरीदी करने दुकान में आने वाले कस्टमर अपनी पहचान नहीं छिपाएं। सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि यह फैसला लिया गया है कि कोई भी कस्टमर जो घूंघट, बुर्का या हेलमेट पहनकर दुकान में आता है उसे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन के इस फैसले को पूरे छत्तीसगढ़ के सोने-चांदी का कारोबार करने वाले व्यवसायी पालन करेंगे।

गरियाबंद में हुई थी लूट

गरियाबंद के नवापारा राजिम में सोने-चांदी की बड़ी लूट को अंजाम दिया गया था। यहां बदमाशों ने करीब एक करोड़ रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर चोरी कर फरार हो गए थे। इस घटना से प्रदेश भर के सोने-चांदी का कारोबार करने वाले व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल है। इसी घटना के बाद यह फैसला किया गया है।

 

CG BREAKING : सीएम के ऐलान के बाद महंगाई भत्ता बढ़ाने का आदेश जारी

CG NEWS:धान भंडारण में सूखत एवं कीट-जनित क्षय

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रायपुर। CG NEWS: धान खरीदी एवं भंडारण व्यवस्था में सूखत एवं चूहा आदि कीटों के द्वारा धान के नुकसान को लेकर कुछ स्थानों पर जो भ्रम फैलाया जा रहा है, वह तथ्यों से परे है। वस्तुस्थिति यह है कि धान भंडारण के दौरान नमी में कमी के कारण वजन में आंशिक गिरावट (सूखत) एक स्वाभाविक और तकनीकी प्रक्रिया है, जो वर्षों से चली आ रही है और देश के सभी धान उत्पादक राज्यों में देखी जाती है।

सरकारी अभिलेखों के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में 6.32 प्रतिशत और 2020-21 में 4.17 प्रतिशत सूखत दर्ज की गई थी। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि सूखत कोई नई या अचानक उत्पन्न हुई स्थिति नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली भौतिक-तकनीकी प्रक्रिया है।

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धान संग्रहण केंद्रों में नमी, तापमान, भंडारण अवधि, परिवहन और वातावरण के प्रभाव से धान में प्राकृतिक रूप से कुछ प्रतिशत वजन घटता है। इसे वैज्ञानिक रूप से “मॉइस्चर लॉस” या “ड्रायिंग लॉस” कहा जाता है। इस प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे नियंत्रित, मापा और पारदर्शी बनाया जा सकता है।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में लगभग 3.49 प्रतिशत सूखत की संभावना व्यक्त की गई है, जो पूर्व वर्षों के औसत के अनुरूप है और असामान्य नहीं है।

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वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था में संग्रहण केंद्रों पर डिजिटल स्टॉक एंट्री, वजन सत्यापन, गुणवत्ता परीक्षण, गोदाम ट्रैकिंग, परिवहन एवं उठाव की निगरानी जैसी व्यवस्थाएँ लागू की गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता को तुरंत पहचाना जा सके। अब सूखत केवल एक अनुमान नहीं, बल्कि डेटा-आधारित और ट्रैक-योग्य प्रक्रिया बन चुकी है। जहां यह प्राकृतिक सीमा में रहती है, उसे सामान्य माना जाता है, और जहां यह असामान्य रूप से अधिक पाई जाती है, वहां जांच और उत्तरदायित्व तय किया जाता है।

धान खरीदी व्यवस्था का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनके धान का पूरा और न्यायसंगत मूल्य मिले, भंडारण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और पूरी प्रणाली विश्वसनीय और पारदर्शी बनी रहे।

आज प्रदेश की धान खरीदी प्रणाली डिजिटल टोकन, ऑनलाइन भुगतान, स्टॉक ट्रैकिंग और शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं के माध्यम से देश की सबसे संगठित और निगरानी-आधारित व्यवस्थाओं में शामिल हो चुकी है। इससे किसानों का विश्वास मजबूत हुआ है और प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ी है।

इसलिए यह स्पष्ट किया जाता है कि सूखत भंडारण की एक वैज्ञानिक वास्तविकता है — जिसे अब पहली बार पूरी पारदर्शिता, निगरानी और नियंत्रण के साथ संचालित किया जा रहा है।