Friday, August 7, 2026
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कावरगट्टा मुठभेड़ में दो कुख्यात

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बीजापुर। Naxal Operation: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पामेड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कावरगट्टा-गुंडराजगुडे़म जंगल पहाड़ी इलाके में 29 जनवरी 2026 को हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने पामेड़ एरिया कमेटी के दो कुख्यात सशस्त्र माओवादी कैडरों को मार गिराया है।

मारे गए माओवादियों की पहचान ACM प्रदीप उर्फ जोगा (इनाम ₹5 लाख) और PM भीमा वेको (इनाम ₹2 लाख) के रूप में हुई है, जो कावरगट्टा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच भीमा मड़कम की हत्या सहित कई हिंसक घटनाओं में संलिप्त थे।

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पुलिस के अनुसार 28 जनवरी की शाम विशिष्ट आसूचना के आधार पर DRG टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, जिसके दौरान 29 जनवरी की सुबह करीब 7 बजे माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच लगातार मुठभेड़ हुई। फायरिंग के बाद तलाशी में दोनों वर्दीधारी माओवादियों के शव, एक AK-47 रायफल, एक 9 एमएम पिस्टल, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सल सामग्री बरामद की गई।

पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि जिले में आसूचना-आधारित अभियानों से लगातार सफलता मिल रही है और शांति-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, जबकि बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने इसे नक्सल संगठन की कमजोरी का संकेत बताते हुए शेष कैडरों से आत्मसमर्पण की अपील की है।

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फिलहाल DRG, बस्तर फाइटर्स और CRPF की अतिरिक्त टीमें पूरे इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

BJP अल्पसंख्यक मोर्चा को नया नेतृत्व, 9

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Chhattisgarh BJP:  छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के संगठन विस्तार के तहत अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्षों की घोषणा कर दी गई है। भाजपा छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यालय से 29 जनवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति से अल्पसंख्यक मोर्चा के 9 जिलों में नए जिला अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं।

जारी सूची के मुताबिक बिलाई से अब्दुल समद कुरैशी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से अय्यूब सोलंकी, कोंडागांव से वसीम कच्छी, नारायणपुर से कमलजीत सिंह आहूजा, बस्तर से मो. अजीज खान, सुकमा से इंजारइल खान, बीजापुर से फारुख खान, मुंगेली से रितेश बाधवा और कोरबा से उत्तम सिंह रंधावा को जिला अध्यक्ष बनाया गया है।

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पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। संगठन का कहना है कि नए नेतृत्व से अल्पसंख्यक मोर्चा को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और पार्टी की नीतियों व योजनाओं को समुदाय तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।

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बहुचर्चित नकल और फर्जीवाड़ा मामले में

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रायपुर। CG NEWS : साल 2008 की छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा से जुड़े बहुचर्चित नकल और फर्जीवाड़ा मामले में जिला कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कथित टॉपर पोरा बाई समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत ने सभी दोषियों को पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतने के निर्देश दिए गए हैं।

अदालत ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 420/120 बी, 467/120 बी, 468/120 बी और 471/120 बी के तहत दोषी पाया। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि आरोपियों द्वारा किए गए अपराध संगठित साजिश का परिणाम थे, जिनका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को धोखे से प्रभावित करना था। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

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इस मामले में अदालत ने यह भी आदेश दिया कि विचारण के दौरान आरोपियों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 के तहत सजा में समायोजित किया जाएगा। रिकॉर्ड के अनुसार, अभियुक्ता पोरा बाई ने 25 अगस्त 2008 से 7 फरवरी 2009 तक कुल 167 दिन, फूलसाय ने 15 दिसंबर 2009 से 5 मार्च 2010 तक 81 दिन, शिवलाल जाटव ने 27 मार्च 2009 से 20 नवंबर 2009 तक 238 दिन तथा दीपक सिंह जाटव ने 27 मार्च 2009 से 26 सितंबर 2009 तक 184 दिन न्यायिक अभिरक्षा में बिताए थे। इन अवधियों के लिए पृथक प्रमाण पत्र तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रकरण से जुड़ी सभी जब्त सामग्री—जैसे केंद्राध्यक्ष की नियुक्ति आदेश, सील, विभिन्न रजिस्टर, परीक्षा से संबंधित दस्तावेज, उत्तरपुस्तिकाएं, उपस्थिति पत्रक, बैठक व्यवस्था विवरण, स्टॉक रजिस्टर और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख—को न्यायालय ने रिकॉर्ड के साथ सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। अपील की स्थिति में इन सामग्रियों का निपटारा माननीय अपीलीय न्यायालय के आदेशानुसार किया जाएगा।

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गौरतलब है कि यह मामला जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा परीक्षा केंद्र से जुड़ा है। वर्ष 2008 की 12वीं बोर्ड परीक्षा में एक छात्रा को 500 में से 484 अंक प्राप्त हुए थे और उसे प्रदेश की टॉपर घोषित किया गया था। हालांकि, बाद में जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उत्तरपुस्तिकाएं छात्रा की लिखावट की नहीं थीं। शिकायत मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल ने मामले की जांच शुरू की, जिसके पश्चात बम्हनीडीह थाने में अपराध दर्ज किया गया।

विवेचना पूरी होने पर चालान जेएमएफसी न्यायालय चांपा में प्रस्तुत किया गया था। वर्ष 2020 में निचली अदालत से आरोपियों को राहत मिली थी, लेकिन अभियोजन पक्ष ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की। अपील की सुनवाई द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गणेश राम पटेल की अदालत में हुई, जहां सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई गई।

 

 

ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो युवकों की दर्दनाक

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जांजगीर चांपा। CG NEWS: जांजगीर जिले के बलौदा थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है गुरुवार की दोपहर ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो युवक की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही बलौदा पुलिस पहुंचकर शव को अपने कब्जे पर लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है।

मिली जानकारी के अनुसार अविनाश यादव पिता बुधराम यादव दूसरा युवक अविनाश यादव पिता संतोष यादव दोनों निवासी ख़िसोरा गांव थाना बलौदा के रहने वाले थे। कुछ काम से दोनों युवक नवागांव (खिसोरा) गए हुए थे जहां गुरुवार की दोपहर उनकी बाइक सड़क पर अनियंत्रित हो गई जहां सामने से आ रही ट्रैक्टर की चपेट में आने से दोनों युवक की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई।

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घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे पर लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिरहाल घटना के बाद से गांव पर शोक की लहर दौड़ गई है। इस पूरे मामले में पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।

धान नहीं बिकने और मुआवजा नहीं मिलने से टूटा

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जांजगीर चांपा। CG VIDEO : जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सांकर में एक किसान द्वारा आत्महत्या के प्रयास का मामला सामने आया है। किसान ने धान नहीं बिकने और भारतमाला परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिलने से आहत होकर कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया। आत्मघाती कदम उठाने से पहले किसान ने करीब चार मिनट का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया, जो अब वायरल हो रहा है।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने रात में ही किसान को बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। किसान की हालत पर डॉक्टर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

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एक महीने से धान

बेचने के लिए लगा रहा था चक्कर

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जानकारी के अनुसार, ग्राम सांकर निवासी किसान अनुराग सिंह चंदेल पिछले एक माह से धान बेचने के लिए लगातार समिति और संबंधित कार्यालयों के चक्कर काट रहा था, लेकिन उसका टोकन नहीं कट पाया था। इससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान था।
वीडियो में किसान ने कहा है कि धान नहीं बिकने और भारतमाला परियोजना के तहत अधिग्रहित जमीन का मुआवजा पिछले चार वर्षों से नहीं मिलने के कारण वह आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उसने बढ़ते कर्ज और परिवार की जिम्मेदारियों का भी जिक्र किया।

कर्ज में डूबा था किसान

बताया जा रहा है कि किसान पर भारी कर्ज था। पूर्व में भी उसका धान नहीं बिक पाया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपनी जमीन भी बेची, इसके बावजूद वह आर्थिक तंगी से बाहर नहीं निकल सका। इन्हीं परिस्थितियों से टूटकर उसने आत्महत्या का प्रयास किया।

मामले पर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि किसान द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम का कारण धान का टोकन नहीं कटना नहीं, बल्कि भारतमाला परियोजना का मुआवजा नहीं मिलना बताया गया है। कलेक्टर ने दावा किया कि किसान का धान बिक्री का टोकन कट चुका है। पुलिस द्वारा किसान का बयान लिया गया है, जिसमें उसने मुआवजा नहीं मिलने को प्रमुख कारण बताया है। प्रशासन का कहना है कि किसान के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।

बता दें कि इससे पहले महासमुंद में टोकन नहीं मिलने पर एक किसान ने ब्लेड से खुद को काट लिया था। जबकि कोरबा में भी टोकन नहीं मिलने से परेशान किसान ने कीटनाशक सेवन कर लिया था।

CG VIDEO : धान खरीदी केंद्र में बड़ा फर्जीवाड़ा, 50 बोरी पर 51वीं बोरी वसूली का आरोप, वीडियो वायरल

 

CG NEWS: “संघर्ष से सफलता तक” – छत्तीसगढ़ में 18 लाख आवासों को मिली मंजूरी, डिप्टी सीएम विजय शर्मा 

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रायपुर। CG NEWS: मोर आवास, मोर अधिकार, रोक कर रखे हैं फलनवा सरकार” सिर्फ एक नारा नहीं बल्कि जन-जन का आंदोलन था, जो अब ठोस नतीजों में बदल चुका है—यह बात उप मुख्यमंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने नवा रायपुर के संवाद ऑडिटोरियम में मीडिया से बातचीत के दौरान कही।

उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे को बड़े जनआंदोलन के रूप में उठाया था और आज वही संघर्ष परिणाम का आंदोलन बन गया है।

विजय शर्मा ने बताया कि वर्षों तक गरीबों को आवास से वंचित रखा गया—2011 की प्रतीक्षा सूची के 6,99,438, आवास प्लस सूची के 8,19,999, मुख्यमंत्री आवास योजना के 47,090 और 2016 से 2023 के बीच एक किस्त के बाद अधूरे छोड़े गए 2,46,215 आवास शामिल थे। उन्होंने कहा कि अब 2011 और 2015 की सभी सूचियां पूरी तरह समाप्त हो चुकी हैं और कुल 18,12,742 आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जिन पर निर्माण कार्य भी तेज़ी से चल रहा है।

उन्होंने दावा किया कि आज पूरे देश में सबसे अधिक आवास छत्तीसगढ़ में बन रहे हैं, यहां तक कि उत्तरप्रदेश से भी राज्य आगे है। योजना में नवाचार करते हुए महिला समूहों को बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई से जोड़ा गया, 8 हजार से अधिक डीलर दीदियों ने सप्लाई की, हजारों लोगों को प्रशिक्षण मिला और नीयद नेल्लानार योजना के तहत 84 कैंप लगाकर 494 गांवों का विकास किया गया।

उप मुख्यमंत्री ने साफ किया कि आवास मामलों में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ी तो ACB व EOW से जांच भी कराई जाएगी।

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राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के अधिकारियों

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रायपुर। CG TRANSFER NEWS : राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान प्राप्त सेवा के सदस्यों की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उप सेनानी या समतुल्य रैंक के पदों पर नियुक्ति की गई है। यह नियुक्ति विभागीय पदोन्नति-छानबीन समिति की बैठक में की गई अनुशंसा के आधार पर की गई है।

देखें आदेश

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छत्तीसगढ़ में धान खरीदी पर बवाल

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CG News : छत्तीसगढ़ में धान खरीदी और मनरेगा योजनाओं को लेकर राजनीतिक गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। कई किसानों के टोकन कटने के बावजूद उनकी धान खरीदी नहीं हो पाई है, जबकि कई किसान अभी तक पंजीकृत भी नहीं हैं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पहले चरण में छत्तीसगढ़ के सभी 300 से अधिक ब्लॉकों में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही धान खरीदी की प्रक्रिया में आ रही समस्याओं और खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।

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बैज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान अपनी मेहनत की कमाई के लिए न्याय चाहते हैं और उनकी आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता।

Raipur Central Jail Video Viral: रायपुर सेंट्रल जेल में नियमों की धज्जियां, गर्लफ्रेंड ने बॉयफ्रेंड से मुलाकात का वीडियो किया वायरल, सुरक्षा पर उठे सवाल

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CG VIDEO : धान खरीदी केंद्र में बड़ा फर्जीवाड़ा, 50 बोरी पर 51वीं बोरी वसूली का आरोप, वीडियो वायरल

 

 

धान खरीदी केंद्र में बड़ा फर्जीवाड़ा, 50 बोरी

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बिलासपुर। CG VIDEO : जिले के घुटकू धान खरीदी केंद्र से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ प्रबंधन पर हर 50 बोरी धान के पीछे एक बोरी अतिरिक्त लेने का आरोप लग रहा है। कुछ किसानों ने इस कथित गड़बड़ी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। वीडियो में किसान खुलेआम यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि उनसे तय मात्रा से ज्यादा धान लिया जा रहा है, लेकिन उसकी न तो रसीद दी जा रही है और न ही वजन की पूरी जानकारी।

वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रशासन हरकत में आया है और मामले की जांच की बात कही जा रही है।वायरल वीडियो घुटकू धान खरीदी केंद्र का बताया जा रहा है, जहाँ किसान आरोप लगा रहे हैं कि 50 बोरी देने पर 51वीं बोरी जबरन ली जा रही है, किसानों का कहना है कि यह उनकी पहली बार धान बिक्री है, उन्हें टोकन, वजन और कटौती की सही जानकारी नहीं दी जा रही, विरोध करने पर कर्मचारियों द्वारा टालमटोल किया जाता है।

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भूविस्थापितों को रोजगार से वंचित नहीं

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बिलासपुर। Chhattisgarh : भूविस्थापितों को राहत देते हुए हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित भूमि स्वामियों को पुनर्वास व रोजगार से वंचित नहीं किया जा सकता। ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन है। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भूमि अधिग्रहण की तिथि पर लागू राज्य पुनर्वास नीति का पालन करने का निर्देश एसईसीएल को दिया है।

बिलासपुर हाई कोर्ट के सिंगल बेंच ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित व्यक्तियों को पुनर्वास और रोजगार का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 से स्वाभाविक रूप से जुड़ा हुआ है। इस अधिकार से मनमाने ढंग से वंचित किया जाना संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस रविंद्र कुमार वर्मा ने कहा, भूविस्थापितों को पुनर्वास नीति के तहत रोजगार दिया जाना महत्वपूर्ण अधिकार है। भूमि अधिग्रहण की तिथि से यह नीति लागू हो जाती है।

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इस नीति की भूमि अधिग्रहण करने वाली कंपनी या संस्था अनदेखी नहीं कर सकती। एसईसीएल के भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास को लेकर दायर याचिका पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा, पुनर्वास और रोजगार का अधिकार अनुच्छेद 21 का तार्किक परिणाम है और रोजगार से इनकार करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के साथ-साथ अनुच्छेद 21 का भी उल्लंघन करता है।

 

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