Friday, May 15, 2026
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए


दिनांक – 04 फरवरी 2026

  1. मादक पदार्थाें की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं।
  2. मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है।
  3. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा।
  4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा।
  5. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी।

अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।

  1. मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके।
  2. मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है।

गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है।

  1. मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया।

छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे।

कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

  1. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा।

मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं डायल 112 जैसी योजनाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों के नागरिकों तक सुगमता से होगी।

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चूहा खा गए 7 करोड़ का धान, अब घोटाले में

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कवर्धा। CG NEWS : छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की मियाद दो दिनों के लिए बढ़ाई गई है. इस बीच कवर्धा में धान पर अजब गजब बयान देने वाले डीएमओ अभिषेक मिश्रा पर बड़ी कार्रवाई हुई है. उन्होंने कवर्धा में 7 करोड़ रुपये के धान शॉर्टेज केस में यह बयान दिया था. इस मामले में 3 फरवरी 2026 को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई प्रबंध संचालक, राज्य स्तर रायपुर द्वारा मीडिया में भ्रामक जानकारी देने के आरोप में की गई है. निलंबन के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है. आदेश की कॉपी बुधवार को जारी हुई है.

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7 करोड़ रुपये के धान की गड़बड़ी से जुड़ा केस

यह पूरा मामला 7 करोड़ रुपये के धान की गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है. जब मीडिया ने धान शॉर्टेज को लेकर डीएमओ अभिषेक मिश्रा से सवाल किए, तो उन्होंने इसका कारण मौसम की मार, चूहा और दीमक द्वारा धान खाये जाने को बताया. उन्होंने यह बयान 7 जनवरी 2026 को दिया. इस बयान के बाद मामला और तूल पकड़ लिया. सोशल मीडिया से लेकर प्रदेशभर में इस बयान की तीखी आलोचना हुई. कांग्रेस और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. इसके बाद प्रबंध संचालक रायपुर द्वारा यह मानते हुए कि डीएमओ ने मीडिया में भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है, अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

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चारभाठा धान संग्रहण केंद्र से जुड़ा है मामला

साल 2024–25 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर उसे चारभाठा स्थित धान संग्रहण केंद्र में संग्रहित किया गया था. वर्ष 2026 की धान खरीदी से पूर्व जब पुराने धान का भौतिक सत्यापन किया गया, तो करीब 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये आंकी गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन द्वारा एक जांच समिति गठित की गई. जांच में यह सामने आया कि तत्कालीन संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय की भूमिका संदेहास्पद रही है. साथ ही संग्रहण केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ के भी साक्ष्य मिले. इसके बाद प्रशासन ने प्रितेश पांडेय को पहले ही निलंबित कर दिया था. इसी मुद्दे पर मीडिया ने अभिषेक मिश्रा से सवाल पूछे थे, जिस पर उन्होंने चूहा और दीमक वाला बयान दिया था. इसी को लेकर यह कार्रवाई हुई है.

 

CRIME NEWS: राजिम कुंभ कल्प में गाली-गलौज का वीडियो वायरल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल

 

राजिम कुंभ कल्प में गाली-गलौज का वीडियो

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गरियाबंद /राजिम। CG NEWS: धार्मिक आस्था, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के प्रतीक राजिम कुंभ कल्प के दौरान शांति भंग करने की कोशिश करने वाले व्यक्ति के खिलाफ राजिम पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 01 फरवरी 2026 की रात्रि लगभग 11:30 बजे, राजिम कुंभ मेला क्षेत्र स्थित चौबेबंधा मैदान में नयापारा निवासी अजय तिवारी नशे की हालत में सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज, अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए श्रद्धालुओं से दुर्व्यवहार कर रहा था। इस दौरान आरोपी द्वारा माहौल बिगाड़ने की घटना का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

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वीडियो वायरल होने के बाद आमजन में आक्रोश फैल गया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग उठने लगी। इसी क्रम में ठाकुरपारा निवासी शुभम शर्मा द्वारा थाना राजिम में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।

शिकायत और वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए राजिम पुलिस ने आरोपी को तत्काल हिरासत में लिया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

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इस घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का कहना है कि राजिम जैसे पवित्र धार्मिक स्थल पर इस प्रकार की गाली-गलौज, नशाखोरी और सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचाने वाला आचरण कतई स्वीकार्य नहीं है। लोगों ने स्पष्ट रूप से कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए, चाहे आरोपी किसी भी पहचान या पृष्ठभूमि से जुड़ा हो।

वहीं राजिम पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि कुंभ कल्प के दौरान शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया के माध्यम से माहौल बिगाड़ने या सार्वजनिक स्थानों पर अराजकता फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और पुलिस ने कहा है कि तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इंसानियत शर्मसार! दो औरतों ने अपनी

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गरियाबंद। GARIABAND: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक ऐसी वारदात हुई है, जो सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। यहां दो महिलाओं ने अपनी ही सहेली के साथ इतनी बर्बरता की कि इंसानियत शर्मसार हो जाए।

मृतका की पहचान सुमित्रा नेताम (37 वर्ष) के रूप में हुई है। वह ग्राम गरीबा (मैनपुर ब्लॉक, शोभा थाना क्षेत्र) की रहने वाली थीं। आरोपी दोनों महिलाएं हैं—सुगतिन नेताम (36 वर्ष) और ईतवारिन बाई (46 वर्ष)। ये तीनों पहले अच्छी सहेलियां थीं, एक-दूसरे के घर आना-जाना था, लेकिन धीरे-धीरे रिश्ता जहर बन गया।

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कारण? चरित्र पर आरोप और बदनामी की रंजिश। सुमित्रा ने गांव में दोनों आरोपियों के चरित्र को लेकर बातें फैलाई थीं, जिससे उनकी सामाजिक इज्जत को ठेस पहुंची। यह पुरानी कटुता इतनी बढ़ गई कि दोनों महिलाओं ने ठान लिया—सुमित्रा को सबक सिखाना है, और वो भी ऐसा कि वो कभी मुंह न खोल सके।

जानकारी के मुताबिक घटना 2 फरवरी 2026 (मंगलवार) दोपहर के आसपास हुई। दोनों आरोपी सुमित्रा के घर पहुंचीं। आरोप है कि उन्होंने पहले सुमित्रा के प्राइवेट पार्ट में लाल मिर्च (और कुछ रिपोर्टों में अन्य ज्वलनशील पदार्थ) डालकर उसे बुरी तरह तड़पाया। इसके बाद सीने पर चढ़कर डंडों से पीटा, लात-घूंसे मारे, इतना कि उसकी मौत हो गई। यह क्रूरता इतनी भयानक थी कि पूरा इलाका सदमे में है।

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वारदात के बाद दोनों फरार होने की कोशिश में थीं, लेकिन पुलिस ने देर रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इलाका नक्सल प्रभावित होने के कारण पुलिस ने तुरंत मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर जांच की। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया और परिजनों को सौंप दिया गया।

शोभा थाना प्रभारी नकुल सिदार ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्राइवेट पार्ट में मिर्च डालने की बात की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही आधिकारिक रूप से होगी, लेकिन कई स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह डिटेल सामने आई है।

यह मामला सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि इंसानी क्रूरता की एक मिसाल है—जहां छोटी-सी रंजिश ने तीन जिंदगियों को तबाह कर दिया। समाज में ऐसी घटनाएं चेतावनी देती हैं कि छोटी-छोटी बातें कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं।

Crime News: पैसे दुगुने नहीं, झांसा दोगुना: तांत्रिक-गिरोह की ठगी उजागर, 5 आरोपी गिरफ्तार

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बिलासपुर। Bilaspur Crime News: बिलासपुर जिले में अंधविश्वास और ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को तांत्रिक बताने वाले विजय कुमार राज ने पैसों की बारिश कर 2.50 लाख रुपये को 2.50 करोड़ बनाने का झांसा देकर लोगों से ठगी की और पूरा खेल एक सुनियोजित नाटक निकला।

मामला बिल्हा थाना क्षेत्र के सबलपुरी गांव का है, जहां कथित तांत्रिक विजय कुमार राज ने सरपंच पति के घर अनुष्ठान रचाया, पैसों की गड्डी के सामने नारियल-अगरबत्ती रख पूजा कराई और वीडियो बनवाया, जिसके बाद ऊपर से नोटों की बारिश होती दिखाई गई।

इस वीडियो को दिखाकर कोरिया जिले के चार युवकों को झांसे में लिया गया और 30 जनवरी को उन्हें बिल्हा बुलाकर 2.50 लाख रुपये ठग लिए गए। जब पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ और वे अपना पैसा वापस मांगने पहुंचे, तब तक तांत्रिक और उसके साथी फरार हो चुके थे।

गुस्साए पीड़ितों ने 31 जनवरी की रात करीब 3:30 बजे रतनपुर इलाके में एक ढाबे के पास विजय कुमार राज को बीच सड़क रोक लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी, साथ ही उसकी कार, तीन मोबाइल और करीब 8 हजार रुपये नकद लूट लिए।

तांत्रिक विजय कुमार राज (48) कोरबा जिले के दीपका का रहने वाला है, जबकि इस पूरे ठगी गिरोह में बिल्हा के संबलपुर गांव का सरपंच पति रिखीराम नवरंग, तीन महिलाएं और अन्य सहयोगी शामिल थे, जो लोगों को झांसे में लेने का काम करते थे।

एएसपी मधुलिका सिंह ने बताया कि पुलिस ने ठगी और मारपीट-लूट, दोनों मामलों का खुलासा कर लिया है और दोनों पक्षों के आरोपियों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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29 साल बाद आमने-सामने सनी देओल

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Ikka Netflix: नेटफ्लिक्स ने अपनी अपकमिंग कोर्ट रूम ड्रामा फिल्म ‘इक्का’ का टीजर रिलीज कर दिया है, जिसमें बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार सनी देओल और अक्षय खन्ना करीब 29 साल बाद एक साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आ रहे हैं,

टीजर सामने आते ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है और फैंस दोनों की टक्कर देखकर काफी एक्साइटेड हैं। टीजर में सनी देओल अपने पुराने एंग्री अवतार में दिखाई दे रहे हैं, वहीं अक्षय खन्ना अपनी सधी हुई और दमदार एक्टिंग से छा गए हैं,

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खास तौर पर कोर्ट रूम का वो सीन जहां सनी गुस्से में अक्षय पर हाथ उठाते नजर आते हैं, जिसने दर्शकों को ‘दामिनी’ की याद दिला दी। आखिरी बार दोनों को 1997 की सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ में साथ देखा गया था और अब इतने सालों बाद इनकी वापसी ने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं।

फिल्म को सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ने डायरेक्ट किया है और इसमें दीया मिर्जा, तिलोत्तमा शोम, संजीदा शेख, शिशिर शर्मा और आकांक्षा रंजन भी अहम भूमिकाओं में हैं। नेटफ्लिक्स ने टीजर शेयर करते हुए लिखा, “कानून या खून का रिश्ता, किसके हाथ में है इस खेल का इक्का?” हालांकि फिल्म की रिलीज डेट का खुलासा अभी नहीं हुआ है, लेकिन टीजर देखकर साफ है कि ‘इक्का’ OTT पर बड़ा धमाका करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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ट्रेलर और ट्रक की जोरदार भिड़ंत, एक की मौत

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कोरबा। CG NEWS : राष्ट्रीय राजमार्ग 49बी पर ग्राम पंचायत पताढ़ी के पास हुई भीषण सडक़ दुर्घटना में एक वाहन चालक की मौत हो गई। कोरबा और चांपा की दिशा में आवाजाही कर रहे ट्रेलर और ट्रक यहां पर भिड़ गए। एक चालक केबिन में फंसकर दब गया। जब तक रेस्क्यू किया जाता, उसकी सांसें थम चुकी थी। उरगा पुलिस ने मर्ग कायम किया है। अगली कार्यवाही की जा रही है। आज सुबह लगभग 5 बजे के आसपास यह घटना हुई। वाहनों की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डाला बॉडी (ट्रक) का चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। सूचना मिलते ही उरगा पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। राहत दल ने गैस कटर की मदद से केबिन काटकर चालक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।

मृतक के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी है कि वह कौन था और उसका वास्ता कहां से था। वहीं ट्रेलर चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए चिकित्सालय भेजा गया है। हादसे के बाद कुछ समय तक मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। इससे पहले भी जिले के एनएच पर कई हादसे हो चुके हैं जिनमें कई चालक और लोगों की मौत हुई। दुर्घटनाओं के ग्राफ को कम करने के लिए तमाम कोश्शि करने की बात की जा रही है।

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छत्तीसगढ़ में शराब की ड्यूटी दरों में कोई

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रायपुर। CG BREAKING : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी अधिसूचना अनुसार वर्तमान में केवल देशी / विदेशी मदिरा एवं बियर पर ड्यूटी दरे निर्धारित की गई है, जिसमें से अधिकतर मदिरा की ड्यूटी दरे गतवर्ष अनुसार यथावत् रखी गई है। चीप रेंज एवं देशी मदिरा की ड्यूटी दरों में ही आंशिक परिवर्तन किया गया है। मदिरा के फुटकर विक्रय दरों का निर्धारण मदिरा की ड्यूटी दर, मदिरा की खरीदी दर, सी.व्ही.डी. दर, अधिभार दर एवं अधोसंरचना शुल्क आदि के आधार पर किया जाता है।

आबकारी विभाग के अधिकारियो ने बताया कि वर्तमान में वर्ष 2026-27 हेतु रेट ऑफर, मदिरा की खरीदी दर, सी.व्ही.डी. दर, अधिभार दर एवं अधोसंरचना शुल्क संबंधी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अतः अभी यह कहना सही नहीं होगा कि मदिरा की फुटकर विक्रय दरों में वृद्धि होगी।

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CG Breaking : मदिराप्रेमियों को झटका: छत्तीसगढ़ में शराब और बीयर की कीमतों में भारी उछाल, जानें क्या है नया रेट चार्ट?

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मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर धान खरीदी की

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रायपुर। CG BREAKING : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस – 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सकेंगे— ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात टोकन हेतु आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात आवेदन किया गया तथा सत्यापन उपरांत उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें दिनांक 28 जनवरी 2026, 29 जनवरी 2026 एवं 30 जनवरी 2026 को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे।

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किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बारदाना एवं हमालों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित एवं सुचारु विक्रय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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लोकसभा में गूंजा छत्तीसगढ़ का निर्यात स्वर, सांसद

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नई दिल्ली/रायपुर। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को लोकसभा में छत्तीसगढ़ के निर्यात सामर्थ्य, आदिवासी बहुल जिलों के आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों के वैश्वीकरण का मुद्दा उठाया।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल एवं नक्सल प्रभावित जिलों में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध पारंपरिक वन उत्पाद, हस्तशिल्प और स्थानीय कारीगरी को यदि सही नीतिगत समर्थन मिले, तो वे उच्च मूल्य वाले वैश्विक निर्यात उत्पाद बन सकते हैं।

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श्री अग्रवाल ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ‘जिलों को निर्यात केंद्र’ पहल के अंतर्गत इन क्षेत्रों के लिए ठोस हस्तक्षेप, वित्तीय सहायता और परिणाम-आधारित निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया।

जिसपर वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री श्री जितिन प्रसाद ने बताया कि ‘निर्यात केंद्र के रूप में जिले’ (DEH) विदेश व्यापार महानिदेशालय की एक क्षमता निर्माण योजना है, जिसका उद्देश्य जिला स्तर पर निर्यात को बढ़ावा देना, स्थानीय विनिर्माण को सुदृढ़ करना और रोजगार के अवसर पैदा करना है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल के दृष्टिकोण के अनुरूप राज्यों और जिलों को निर्यात प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाती है।

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वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक के लिए स्वीकृत निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के निर्यातक, एमएसएमई और संस्थान ‘निर्यात दिशा’ घटक के माध्यम से बाजार पहुंच, गुणवत्ता एवं अनुपालन, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और व्यापार सुविधा से संबंधित सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईपीएम योजना के तहत पहले से संचालित ब्याज समतुल्यकरण योजना और बाजार पहुंच पहल को एकीकृत डिजिटल प्रणाली में सम्मिलित किया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ के एमएसएमई को सहायता प्राप्त करने में प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी और समय की बचत होगी।

श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के वनवासी क्षेत्रों के उत्पाद और पारंपरिक हस्तशिल्प न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी बड़ी मांग है। केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से इन उत्पादों को वैश्विक मंच तक पहुंचाना छत्तीसगढ़ के युवाओं और कारीगरों के लिए स्थायी रोजगार का मार्ग प्रशस्त करेगा।

उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से योजना की परिणाम-आधारित निगरानी यह सुनिश्चित करेगी कि लाभ वास्तविक निर्यात, आय वृद्धि और रोजगार सृजन के रूप में छत्तीसगढ़ के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निर्यात को जिला स्तर से मजबूत करने की यह नीति छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।