पुलिस के अनुसार, ओमेगा टोप्पो पर अपने निवास पर लोगों को एकत्र कर हिंदू धर्म के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने और ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने का आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 270, 299 तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 5(क) के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
शिकायत के बाद शुरू हुई थी जांच
गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि मठपारा निवासी रोशन तिवारी की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 25 जनवरी को ओमेगा टोप्पो के घर में बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा कर धर्मांतरण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा था।
मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार थी। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि वे अपने घर लौटी हैं। पुलिस टीम जब गिरफ्तारी के लिए पहुंची तो उन्होंने कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया, हालांकि बाद में गिरफ्तारी नोटिस जारी कर उन्हें हिरासत में लिया गया।
रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर की गिरफ्तारी
यह मामला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि सरगुजा संभाग में पहली बार किसी रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी को धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
CG Big News : जिसे मिला था टॉप का ताज, वही निकली दोषी, पोरा बाई केस में बड़ा न्यायिक मोड़




