भारतेन्दु कौशिक, बिलासपुर। CG News : न्यायधानी से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। नगर निगम में शासन के स्पष्ट आदेशों के बावजूद ठेका कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिल रहा है। हालात ऐसे हैं कि मेहनतकश कर्मचारी आज भूखमरी के कगार पर खड़े हैं।
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शासन का साफ आदेश है कि नियमित कर्मचारियों को हर महीने की 5 तारीख तक और दैनिक, टास्क व ठेका श्रमिकों को 7 तारीख तक वेतन या पारिश्रमिक का भुगतान किया जाए। लेकिन बिलासपुर नगर निगम में इस आदेश की खुलेआम अनदेखी हो रही है। ठेका कर्मचारियों को तीन-तीन और चार-चार महीनों से भुगतान नहीं किया गया है। हैरानी की बात यह है कि तत्कालीन निगम आयुक्त यह स्वीकार कर चुके हैं कि ठेकेदारों को हर महीने बिल का भुगतान किया जा रहा है।
मेयर भी ठेकेदारों को हड़काने की बात कह चुकी हैं। इसके बावजूद सवाल यह है कि जब ठेकेदारों को पैसा मिल रहा है, तो फिर गरीब ठेका श्रमिकों तक उनका हक क्यों नहीं पहुंच रहा? महज 8 से 9 हजार रुपए मासिक कमाने वाले ये कर्मचारी अपने परिवार का पेट पालने, मकान का किराया देने, बच्चों की स्कूल फीस और इलाज के खर्च के लिए वेतन का इंतजार कर रहे हैं। स्वायत्त सासी कर्मचारी संघ लगातार इस मुद्दे को लेकर शासन और प्रशासन से पत्राचार कर रहा है।
आरोप है कि निगम में अफसरों की मनमानी के चलते कर्मचारियों को एक जोन से दूसरे जोन भेज दिया गया, जिससे कईकर्मचारियों का वेतन अटक गया। कुछ के नाम तो काम देने के नाम पर सूची से ही काट दिए गए। मजबूर कर्मचारी रोज जोन कार्यालय और निगम दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यही है।क्या नगर निगम प्रशासन इन कर्मचारियों को उनका हक दिलाएगा, या फिर ठेका श्रमिकों की यह पीड़ा यूं ही अनसुनी रह जाएगी?
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