दिनेश नथानी / भानुप्रतापपुर। CG NEWS : दुर्गूकोंदल खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से माइंस प्रभावित पंचायतों में विकास कार्यों की स्वीकृति नहीं मिलने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को दुर्गूकोंदल मुख्य चौक में सरपंच संघ और ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी रहा। आंदोलनरत सरपंचों ने जिला प्रशासन और जिला पंचायत व्यवस्था पर भेदभावपूर्ण रवैये का आरोप लगाया।
सरपंचों का कहना है कि दलाल और बिचौलिए ठेकेदार बनकर पंचायत प्रस्ताव उठाते हैं और सप्ताह भर में स्वीकृति आदेश हासिल कर लेते हैं, जबकि दुर्गूकोंदल विकासखंड के निर्वाचित सरपंच पिछले छह माह से जिला पंचायत और कलेक्ट्रेट के चक्कर काटने को मजबूर हैं। केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई विकास कार्य स्वीकृत नहीं हो रहा। धरना स्थल पर आरोप लगाया गया कि “टेबल के नीचे” लेन-देन के जरिए स्वीकृतियां बांटी जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इससे न सिर्फ पंचायत प्रतिनिधियों की गरिमा आहत हो रही है, बल्कि ग्रामीण विकास भी बाधित हो रहा है। सरपंचों ने बताया कि क्षेत्र से खनन के जरिए प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये की रॉयल्टी डीएमएफ में जमा होती है, लेकिन माइंस प्रभावित पंचायतों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा। सड़क, पेयजल, नाली और भवन निर्माण जैसे मूलभूत कार्य लंबे समय से लंबित हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। सरपंच संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक डीएमएफ से विकास कार्यों को स्वीकृति नहीं दी जाती और दलाल प्रथा पर रोक नहीं लगाई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन को उग्र रूप देने की बात कही गई है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



