Dhurandhar Movie Review: रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर सिनेमाघरों में धमाका मचा रही है — ट्रेलर से ही जिस भौकाल का अंदाजा था, पर्दे पर वह और भी भारी देखने को मिला है। फर्स्ट हाफ धीरे-धीरे पकड़ बनाता है, किरदारों का सेट-अप, पाकिस्तान का अंडरवर्ल्ड, गैंग वॉर और कराची की सियासत से कहानी मजबूत होती जाती है,
वहीं सेकंड हाफ में फिल्म पूरी रफ्तार पकड़ लेती है और रणवीर का असली एक्शन सामने आता है। हमजा उर्फ रणवीर एक साइलेंट लेकिन खतरनाक जासूस बनकर आतंकियों की जड़ों में घुसता है, 26/11 के बाद मिशन और बड़ा हो जाता है,

रहमान डकैत से लेकर मेजर इकबाल और ‘बड़े साहब’ तक कई लेवल की लड़ाई दिखती है। लंबाई थोड़ी ज्यादा है, हिंसा व खूनखच्चर भी भरपूर, पर स्क्रीनप्ले टाइट, परफॉर्मेंस दमदार और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म को थामे रखता है।
अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल और संजय दत्त भी अपनी मौजूदगी से असर छोड़ जाते हैं। ‘A’ सर्टिफिकेट वाली यह स्पाई-ड्रामा कमज़ोर दिल वालों और बच्चों के लिए नहीं, पर मजबूत कंटेंट और पावरफुल एक्टिंग तलाशने वालों के लिए धुरंधर एक तगड़ा सिनेमाई अनुभव साबित हो रही है।
फिल्म में संगीत और गाने
फिल्म के संगीत और बैकग्राउंड स्कोर ने भी फिल्म के एक्शन और थ्रिल को और मजबूत किया है। कुछ गाने पहले ही वायरल हो चुके हैं और दर्शकों के बीच पसंद किए जा रहे हैं:
जोगी – टाइटल ट्रैक, रैप और पंजाबी बीट्स के साथ, फिल्म के जासूसी एक्शन टोन को सेट करता है।
Ez-Ez – हाई ऑक्टेन सॉन्ग, जो फिल्म के हिंसक हिस्सों के लिए उपयुक्त है।
गहरा हुआ– रोमांटिक गीत, जो कहानी में मानवीय और भावनात्मक पहलू जोड़ता है।
इन गानों और बैकग्राउंड स्कोर ने फिल्म के एक्शन, इमोशन और थ्रिल को और प्रभावी बनाया है।
फिल्म की कमियां
फिल्म की लंबाई कुछ दर्शकों को ज्यादा लग सकती है। बीच-बीच में कहानी की गति धीमी महसूस होती है। कुछ किरदारों को और अधिक स्क्रीन टाइम मिल सकता था, जिससे उनकी भूमिका और गहराई बढ़ती।





