Tuesday, March 10, 2026
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हॉस्टल में न बिस्तर है, न गद्दे… खाना तो पूछो मत, असुविधाओं के बीच पढ़ने को मजबूर 64 बेटियां

Kanker: कांकेर जिले के पखांजूर स्थित पोस्ट मैट्रिक बालिका छात्रावास में 64 छात्राएं असुविधाओं के बीच पढ़ने के लिए मजबूर हैं. छात्राओं ने छात्रावास अधीक्षिका पर गंभीर लापरवाही और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं.

Kanker News (तामेश्वर सिन्हा): कांकेर जिला अंतर्गत पखांजूर के पोस्ट मैट्रिक बालिका छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने अधीक्षिका पर गंभीर लापरवाही और उत्पीड़न जैसे आरोप लगाए हैं. छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल को खुले कई महीने बीत गए हैं. करोड़ों की लागत से नया भवन तो बना दिया गया लेकिन सुविधाएं कुछ भी नहीं हैं. अब तक उन्हें बिस्तर भी नहीं मिला है. गद्दा, चादर और तकिया तो भूल जाइए. सभी छात्राएं बिना गद्दे जमीन पर सोने के लिए मजबूर हैं. वहीं, हॉस्टल के खाने के बारे में तो सोच भी नहीं सकते. आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अधीक्षिका ने पहले पैसों की मांग की और उसके बाद सामान मिलने की बात कही.

असुविधाओं के बीच पढ़ने को मजबूर 64 बेटियां

छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल में भोजन क नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी हो रही है. रोज-रोज सड़ी-गली सब्जियां दी जाती हैं. पपीता, केला, आलू, कुंदरू और पत्ता गोभी, जो ठीक से उबला भी नहीं होता है और साफ भी नहीं होता है. बीमार पड़ो तो अधीक्षिका को फर्क नहीं पड़ता. वहीं, सुरक्षा पूरी तरह ध्वस्त. यहां CCTV कैमरे तक नहीं हैं. छात्रों का कहना है कि उन्हें भी साफ-सुथरा और अच्छा खाना मिलने का अधिकार है. उन्हें भी तो सुरक्षित वातावरण और सभी आवश्यक सुविधाएं मिलने का अधिकार है. छात्राओं ने प्रबंधन में सुधार के लिए अधीक्षिका को हटाने की भी मांग की है.

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शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं

इसे लेकर पहले भी छात्राएं शिकायत कर चुकी हैं. इससे पहले 28 अगस्त 2025 को भी शिकायत हुई थी. यह शिकायत छात्राओं ने इलाज नहीं कराने सहित अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर की थी. जानकारी के मुताबिक तब मंडल संयोजक व छात्रावास निगरानी समिति अध्यक्ष ने मामला शांत कराया था, लेकिन उसके बाद भी हॉस्टल के हालात जैसे के तैसे बने हुए हैं.

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