मुंबई। Satluj Movie: अभिनेता दिलजीत दोसांझ की बहुचर्चित फिल्म ‘पंजाब 95’, जिसे बाद में ‘सतलुज’ नाम से रिलीज किया गया, एक बार फिर विवादों में आ गई है। कई वर्षों तक सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया में फंसी रहने के बाद फिल्म को हाल ही में OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया, लेकिन रिलीज के महज 48 घंटे के भीतर इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म फिलहाल भारत में उपलब्ध नहीं है।
फिल्म की रिलीज के साथ ही एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। जसवंत सिंह खालड़ा की पत्नी परमजीत कौर खालड़ा ने फिल्म का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि OTT पर रिलीज किया गया संस्करण वही ओरिजिनल वर्जन है, जिसे सबसे पहले उनके परिवार को दिखाया गया था और जिसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया।

‘यही वह फिल्म है जिसे हमने मंजूरी दी थी’
परमजीत कौर खालड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि लंबे संघर्ष और कई बाधाओं के बाद उनके पति के जीवन पर आधारित फिल्म आखिरकार दर्शकों तक पहुंची। उन्होंने लिखा कि यह वही मूल फिल्म है जिसे सबसे पहले उनके परिवार को दिखाया गया था और जिसे उन्होंने मंजूरी दी थी।
उन्होंने कहा कि कई तरह के दबाव और बदलाव की कोशिशों के बावजूद फिल्म की सच्चाई और उसकी आत्मा को बरकरार रखा गया। उनके अनुसार सबसे जरूरी बात यह थी कि जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन, संघर्ष और न्याय की लड़ाई को बिना किसी समझौते के ईमानदारी से पेश किया जाए।
25 हजार लावारिस शवों के मुद्दे का भी जिक्र
अपने बयान में परमजीत कौर खालड़ा ने दावा किया कि फिल्म में 25 हजार से अधिक लावारिस शवों के मुद्दे और जसवंत सिंह खालड़ा द्वारा लड़ी गई कानूनी लड़ाई को वास्तविकता के करीब दिखाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने निर्देशक हनी त्रेहान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने तमाम दबावों के बावजूद फिल्म के ऐतिहासिक और कलात्मक पक्ष से समझौता नहीं किया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फिल्म नई पीढ़ी को सच, इंसाफ, जवाबदेही और मानवाधिकार जैसे विषयों पर सोचने के लिए प्रेरित करेगी।
127 कट्स को लेकर लंबे समय तक विवाद
निर्देशक हनी त्रेहान की इस फिल्म को वर्ष 2022 में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पास प्रमाणन के लिए भेजा गया था। मेकर्स का दावा था कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 127 कट्स लगाने का सुझाव दिया था। इसी विवाद के चलते फिल्म को लंबे समय तक प्रमाणपत्र नहीं मिल सका।
इसके अलावा, वर्ष 2023 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में प्रस्तावित स्क्रीनिंग भी रद्द हो गई थी। निर्देशक के अनुसार फिल्म के मूल शीर्षक ‘गल्लूघारा’ पर भी आपत्ति जताई गई थी और शुरुआती क्रेडिट से “Inspired by True Events” हटाने का सुझाव दिया गया था। बाद में फिल्म का नाम बदलकर ‘सतलुज’ रखा गया।
फिल्म में कौन-कौन हैं?
फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा का किरदार निभाया है। उनके अलावा अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं।
कई वर्षों के इंतजार, सेंसर विवाद और नाम बदलने के बाद रिलीज हुई ‘सतलुज’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। हालांकि फिल्म को हटाए जाने को लेकर आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।




