Friday, June 5, 2026
Google search engine
HomeEntertainmentमीडिया ट्रायल और सिस्टम के शिकंजे

मीडिया ट्रायल और सिस्टम के शिकंजे

ENTRETENMENT: आज के डिजिटल दौर में डेटिंग ऐप्स पर रिश्ते बनाना जितना आसान हो गया है, उतना ही खतरनाक भी। एक साधारण-सी बातचीत कब जुनून, बदले और बर्बादी की कहानी बन जाए, कोई नहीं जानता। निर्देशक Anurag Kashyap की नई नियो-नॉयर क्राइम थ्रिलर Bandar इसी खौफनाक हकीकत को बड़े पर्दे पर उतारती है। फिल्म की कहानी समीर मेहरा के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार Bobby Deol ने निभाया है। समीर एक ढलते करियर वाला कलाकार है, जिसकी जिंदगी तब तबाह हो जाती है जब उसकी पूर्व प्रेमिका उस पर गंभीर आरोप लगा देती है। गिरफ्तारी, मीडिया ट्रायल, पुलिस पूछताछ और न्याय व्यवस्था के बीच वह खुद को साबित करने की जंग लड़ता है।

अनुराग कश्यप की वापसी

– Advertisement –

Ad image

कई वर्षों बाद अनुराग कश्यप अपने उस अंदाज में नजर आते हैं, जिसने कभी गैंग्स ऑफ वासेपुर और रमन राघव 2.0 जैसी फिल्में दी थीं। फिल्म का माहौल अंधेरा, बेचैन करने वाला और लगातार तनाव पैदा करने वाला है। कहानी धीरे-धीरे खुलती है और दर्शक को अंत तक बांधे रखती है। सोशल मीडिया ट्रायल, झूठ-सच की लड़ाई और न्याय व्यवस्था की खामियों पर फिल्म तीखा सवाल उठाती है।

बॉबी देओल का करियर-बेस्ट प्रदर्शन?

– Advertisement –

Ad image

अगर फिल्म की सबसे बड़ी ताकत किसी को कहा जाए तो वह बॉबी देओल हैं। उन्होंने समीर के डर, टूटन, गुस्से और बेबसी को बेहद नियंत्रित और प्रभावशाली तरीके से निभाया है। कई शुरुआती समीक्षाओं में इसे उनके करियर की सबसे परिपक्व और भावनात्मक परफॉर्मेंस बताया गया है।

बाकी कलाकार भी शानदार

Sanya Malhotra अपने सीमित लेकिन प्रभावी किरदार में प्रभावित करती हैं। Sapna Pabbi कहानी के सबसे रहस्यमयी हिस्से को मजबूती देती हैं, जबकि Saba Azad, Indrajith Sukumaran, Raj B Shetty और Jitendra Joshi कहानी को विश्वसनीय बनाते हैं।

संगीत और तकनीकी पक्ष

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी कहानी के अंधेरे और घुटन भरे माहौल को बेहतरीन तरीके से कैद करती है। बैकग्राउंड स्कोर तनाव को लगातार बनाए रखता है और कई दृश्यों में संवादों से ज्यादा असर पैदा करता है। एडिटिंग भी कसी हुई है, हालांकि दूसरे हाफ में कुछ हिस्से थोड़े लंबे महसूस हो सकते हैं।

अगर आपको मसाला मनोरंजन, बड़े-बड़े हीरोइक मोमेंट्स और हल्की-फुल्की फिल्में पसंद हैं तो बंदर आपके लिए नहीं है। लेकिन अगर आप ऐसी फिल्में पसंद करते हैं जो आपको सोचने पर मजबूर करें, समाज के असहज सवालों को सामने रखें और अंत तक सस्पेंस बनाए रखें, तो यह फिल्म जरूर देखी जानी चाहिए।

‘बंदर’ सिर्फ एक क्राइम थ्रिलर नहीं है, बल्कि आरोप, मीडिया ट्रायल, डिजिटल रिश्तों और न्याय व्यवस्था के बीच पिसते एक इंसान की दर्दनाक कहानी है। अनुराग कश्यप ने एक बार फिर साबित किया है कि जब वे अपने रंग में होते हैं, तो हिंदी सिनेमा को सबसे अलग और बेचैन कर देने वाली कहानियां देते हैं। बॉबी देओल इस फिल्म की आत्मा हैं और उनकी परफॉर्मेंस लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

वन लाइनर:
“एक आरोप, एक जिंदगी और सच तक पहुंचने की खतरनाक सुरंग — यही है ‘बंदर’।”

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments