रायपुर। GRAND NEWS : जब भी होली की बात आती है, तो हमारे मन में रंगों की बौछार, गुलाल और मिठाइयों की छवि उभरती है। लेकिन भारत जैसे विविधता से भरे देश में, हर पर्व की अपनी एक अलग पहचान होती है। ‘होला मोहल्ला’ इसी विविधता का एक अनोखा उदाहरण है। यह पर्व पारंपरिक होली से बिलकुल अलग होता है और खासतौर पर सिख समुदाय के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। होला मोहल्ला न केवल वीरता और शौर्य का प्रतीक है, बल्कि यह सिखों की बहादुरी, आत्मरक्षा और सांस्कृतिक धरोहर को भी दर्शाता है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से नांदेड़ गुरुद्वारा तीर्थ के लिए सिख समाज के 1500 से ज्यादा श्रद्धालु रविवार को रवाना हुए। छत्तीसगढ़ सिख फेडरेशन के नेतृत्व में स्टेशन रोड स्थित गुरुद्वारे के सामने अरदास करके 15 बसों को रवाना किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व विधायक गुरुमुख सिंह होरा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, कांग्रेस महामंत्री मलकीत सिंह गेंदु, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, कांग्रेस राष्ट्रिय प्रवक्ता सुबोध हरितवाल, संचार प्रमुख सुशिल आनंद शुक्ला, कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह छाबड़ा, गुरुद्वारा गुरुसिंघ सभा स्टेशन रोड के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छाबड़ा, हरपाल सिंह भांबरा संस्थापक सिख संघठन, पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह छाबड़ा, कमलजीत सिंह होरा शामिल हुए। बस रवाना होने से पहले अरदास करते हुए सभी की सुख, शांति की कामना की।

वहीं छत्तीसगढ़ सिख संगठन लेडीज विंग की नई कार्यकारिणी से प्रदेश अध्यक्ष श्वेता डी अरोड़ा, प्रदेश सयोजक गुरजीत कौर छाबड़ा (निम्मी), प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष, गुरदीप कौर सिद्दू (पूजा), प्रदेश उपाधयक्ष, रशमिंदर कौर चावला (सिम्मी), तरणजीत कौर अरोड़ा (तरन), इंद्रजीत कौर होरा, बसना, गुरनिश कौर होरा (चिकी), प्रदेश महासचिव, दविंदर कौर सलूजा (रूमी), प्रदेश कोषाध्यक्ष, हरजीत कौर गांधी (रूबी), प्रदेश सचिव, सोनिया सलूजा, नवजोत कौर चावला, रश्मीत कौर सेठी, गुरशिट चावला, आकांक्षाप्रीत अरोरा समेत बड़ी संख्या में सिख समाज से जुड़े लोग शामिल हुए।
जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल के जयकारे के साथ रवाना
रविवार दोपहर जो बोले सो निहाल का जयकारा लगाने के साथ ही जैसे ही नांदेड़ जाने वाली बसों को रवाना किया गया, बस में सवार महिला, बच्चे, युवतियां, बुजुर्गों के चेहरे खिल उठे। सभी ने जयकारा लगाते हुए हाथ हिलाकर अभिनंदन किया।
रायपुर स्थित गुरुद्वारा स्टेशन रोड के प्रवक्ता ने बताया कि छत्तीसगढ़ सिख फेडरेशन के नेतृत्व में हर साल सिख समाज के 1000 से अधिक श्रद्धालुओं का दल नांदेड़, महाराष्ट्र स्थित गुरु गोविंद सिंह के तीर्थस्थल सचखण्ड साहेब का दर्शन करने जाता है। पिछले 14 साल से लगातार राजधानी से श्रद्धालु नांदेड़ जा रहे हैं।
होला महला उत्सव की धूम
नांदेड़ गुरुद्वारा में देशभर से सिख समाज के लोग होली के मौके पर अरदास करने पहुंचते हैं। होली के दिन होला महला उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है।राजधानी के अलावा दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, धमतरी आदि शहरों से भी श्रद्धालु रवाना हुए हैं।
श्रद्धालुओं की सेवा के लिए सेवादल
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से नांदेड़ के बीच अनेक शहरों में श्रद्धालुओं के चाय, नाश्ता, भोजन और ठहरने की व्यवस्था करने के लिए अनेक सेवादार भी दूसरे वाहनों से साथ में चलेंगे। वे बस पहुंचने से पहले उस शहर में पहुंचकर व्यवस्था संभालेंगे। होला महला उत्सव मनाने के बाद श्रद्धालु होली के बाद 6 फरवरी को वापस राजधानी लौटेंगे।
बता दें कि होला मोहल्ला त्यौहार की शुरुआत सिखों के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी ने की थी, इस त्यौहार को मनाने का मकसद एकता बंधुत्व वीरता पारस्परिक प्रेम सिखों के शारीरिक और मानसिक रूप मजबूत बनाना है।





