गरियाबंद। ग्राम दुतकैया (खपरी) में हाल ही में दो समुदायों के बीच हुए तनावपूर्ण विवाद तथा कुछ घरों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटना के बाद स्थिति को सामान्य बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार पहल की जा रही है। इसी क्रम में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर बीएस उइके एवं पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर की उपस्थिति में शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों समुदायों के निवासी, पंचायत प्रतिनिधि तथा जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान ग्रामवासियों ने घटना से उत्पन्न तनाव, नुकसान और वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा की। ग्रामीणों ने कहा कि दुतकैया में वर्षों से हिंदू-मुस्लिम सभी समुदाय आपसी सद्भाव, भाईचारा और सहयोग के साथ रहते आए हैं। उन्होंने कहा कि वे गांव में शांति की पुनर्स्थापना चाहते हैं तथा ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों इसके लिए वे प्रशासन के साथ पूरा सहयोग करेंगे।
पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई, नियमित पेट्रोलिंग की गई और उपद्रवियों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। साथ ही कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए पुलिस प्रशासन गाँव में मुस्तैद है। ग्रामीणों ने बताया कि उपद्रवियों को सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया गया है, जिसकी जानकारी बैठक में दी गई। समिति ने इस बात की भी सामूहिक निंदा की कि कुछ लोगों ने शांति भंग कर गांव के सौहार्द को ठेस पहुंचाई। ग्रामीणों ने अनुरोध किया कि प्रशासन ऐसे पीड़ित परिवारों को अस्थायी आवास प्रदान करे और नुकसान का आकलन कर उचित सहायता उपलब्ध कराए। ग्रामिणों ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों के कारण वे गांव गाँव छोड़कर चले गए थे वे आना चाहते हैं। कलेक्टर एवं पुलिस अधिक्षक ने प्रतिनिधिमंडल को कहा कि गांव में स्थायी शांति वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक धिरेन्द्र पटेल, करण उइके, एसडीएम राजिम विशाल महाराणा, एसडीओपी निशा सिन्हा, राजिम थाना प्रभारी अमृत लाल साहू सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





