डेस्क। ब्रिटेन ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है. प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि सोशल मीडिया की लत बच्चों की मानसिक सेहत, नींद, पढ़ाई और पारिवारिक जीवन पर बुरा असर डाल रही है. स्टार्मर ने कहा कि बच्चों को उनका बचपन वापस देना जरूरी है. ब्रिटेन का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जापान और अन्य देश भी नाबालिगों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्ती की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं.
मोबाइल स्क्रीन, रील्स और घंटों तक अंतहीन स्क्रॉलिंग के दौर में ब्रिटेन ने कम उम्र के लड़के-लड़िकयों को इस लत से बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. ब्रिटेन की सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने सोमवार को इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों का बचपन बचाने और उनकी मानसिक सेहत की रक्षा के लिए यह कदम उठाना जरूरी हो गया था.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में स्टार्मर ने कहा कि आज के बच्चे ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जहां तकनीक उनके जीवन के हर हिस्से में दखल दे रही है. हजारों अभिभावकों से बातचीत और व्यापक परामर्श के बाद सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची कि सोशल मीडिया की लत बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, नींद, खेलकूद और पारिवारिक जीवन पर गंभीर असर डाल रही है.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में माता-पिता ने शिकायत की कि उनके बच्चे सोशल मीडिया के आदी हो चुके हैं. घंटों तक चलने वाली स्क्रॉलिंग की आदत बच्चों को खेल, पढ़ाई, परिवार और वास्तविक सामाजिक जीवन से दूर कर रही है. उन्होंने कहा कि यह केवल स्क्रीन टाइम का मामला नहीं है, बल्कि बच्चों की मानसिक और भावनात्मक सुरक्षा का भी प्रश्न है.




