भानुप्रतापपुर। CG NEWS: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दुर्गुकोंदल के ग्राम सुखई से मिचेसूखई के बीच बनाई गई सड़क को बने अभी डेढ़ साल भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन सड़क की हालत देखकर किसी को भी हैरानी हो सकती है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह सड़क आज जगह-जगह से उखड़ चुकी है और पूरी तरह जर्जर हो गई है। यह सड़क अब ग्रामीणों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि मजबूरी बन चुकी है।

रोज़ाना इसी मार्ग से गुजरने वाले किसानों, स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जब गड्ढों में भरे पानी से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

इस पूरे मामले पर ग्राम सुखई के उप सरपंच मुकेश गावड़े ने साफ शब्दों में आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वपूर्ण योजना के तहत भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण सही तरीके से किया गया होता, तो सड़क डेढ़ साल में इस हालत में नहीं पहुँचती। उप सरपंच ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर संबंधित विभाग को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक किसी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि
क्या सड़क निर्माण की गुणवत्ता की कभी जांच हुई?
और क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी?
ग्रामीणों की मांग है कि सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में विकास कार्यों के नाम पर इस तरह की लापरवाही दोहराई न जाए।




