MOVIE REVIEW: शाहिद कपूर की मचअवेटेड गैंगस्टर रोमांस फिल्म ‘O Romeo’ 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और रिलीज के साथ ही इसने अपने वायलेंट लव स्टोरी ट्रीटमेंट से दर्शकों पर असर डालना शुरू कर दिया है।
विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शाहिद कपूर उस्तरा नाम के खूंखार गैंगस्टर के रोल में नजर आते हैं, जिन्हें करियर का सबसे धमाकेदार इंट्रो मिला है।
उस्तरा का किरदार जितना हिंसक है, उतना ही भावनात्मक भी, और इसी दोराहे पर खड़ी है फिल्म की कहानी। नाना पाटेकर खान साहब के रोल में आईबी अफसर बने हैं, जो उस्तरा को अपने इशारों पर इस्तेमाल करते हैं, जबकि तृप्ति डिमरी अफशां के किरदार में बदले की आग और इश्क के जज्बात दोनों को मजबूती से निभाती हैं।
फिल्म का फर्स्ट हाफ बेहतरीन फिल्ममेकिंग, 90 के दशक के गानों की गार्निश और सधी हुई कहानी के साथ दर्शकों को बांधे रखता है। कहानी को विकसित होने का पूरा वक्त मिलता है और इंटरवल से पहले अविनाश तिवारी की विलेन के रूप में एंट्री कहानी को नई धार दे देती है।
सेकंड हाफ में एक बड़ा ट्विस्ट कहानी को नई दिशा देता है, जहां उस्तरा और अफशां के रिश्ते की असली परीक्षा शुरू होती है। शाहिद कपूर ने इमोशनल और एक्शन दोनों हिस्सों में दमदार परफॉर्मेंस दी है, वहीं तृप्ति डिमरी ने साबित किया है कि उनका किरदार सिर्फ खूबसूरती तक सीमित नहीं बल्कि कहानी की असली ताकत है। नाना पाटेकर हर बार स्क्रीन पर आकर यादगार पल छोड़ते हैं।
हालांकि सेकंड हाफ में ज्यादा एक्शन होने से कुछ दर्शकों का ध्यान भटक सकता है और स्पेन में फिल्माया गया क्लाइमेक्स थोड़ा अलग महसूस होता है, लेकिन एक्शन को विजुअल पोएट्री में बदल देने की विशाल भारद्वाज की शैली फिल्म को खास बनाती है।
कुल मिलाकर ‘O Romeo’ एक इमोशनल, खूनी और स्टाइलिश लव स्टोरी है, जिसकी जान उसकी कास्ट की परफॉर्मेंस और म्यूजिक है। छोटी-मोटी कमियां होने के बावजूद फिल्म का एक्सपीरिएंस असरदार बना रहता है।



