नई दिल्ली, रायपुर। CG NEWS: रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को लोकसभा में बजट चर्चा पर कहा कि मोदी जी के सब का साथ सबका विकास की धारणा को रखे हुए बजट 2025-26, 2047 तक विकसित भारत की नींव रखने वाला है, और इसकी विपक्ष के द्वारा निंदा घोर निराशाजनक है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष की करतूतों पर करारे प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हर मामले में धोबी पछाड़ लगाते हैं। उनकी निंदा करना घोर निराशाजनक हैं। उल्लेखनीय है कि राहुल गाँधी ने कहा था कि मार्शल आर्ट में एक स्पेशल ग्रिप होती है, और इसी आधार पर मोदी जी ने भाजपा को जकड़ रखा है।
राहुल गाँधी के इसी बयान पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मोदी जी के सर्वांगीण विकास और चौतरफा विकास पर बात करते हुए विपक्ष को घेरते हुए कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कोई भी विज़न पेश करने की बजाए अब तक सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोसा है। जो पिछले 12 सालों से लगातार मेहनत करते हुए देश की तसवीर बदलते जा रहे हैं। राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राहुल गांधी को खुद पता नहीं कि उन्हें क्या कहना है। उनके अभी तक के सरकार पर सभी तरह के आरोप निराधार हैं।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अनुसार मोदी जी के बजट में सभी वर्गों के हितों का ख्याल रखा गया है। कस्टम ड्यूटी घटाने (Custom Duty Cut)से तमाम सामानों के दाम घट जाएंगे, तो वहीं इसके अलावा 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, 1000 क्लीनिकल ट्रायल साइट्स की घोषणा भी की गई। इसके अलावा सरकार का पूरा फोकस किसानों की समृद्धि पर है।मिडिल क्लास को कुछ ऐलानों से फायदा होता भी नजर आ रहा है। इनमें जरूरी दवाओं पर ड्यूटी से छूट दिए जाना शामिल है।
बजट में कैंसर और शुगर समेत 17 दवाओं पर सीमा शुल्क खत्म कर दिया है। इसके अलावा कई प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाए जाने से जूते, चप्पल, स्मार्टफोन समेत कई मिडिल क्लास के उपयोग की चीजें सस्ती हो जाएंगी। बजट में MSMEs चैंपियन पर फोकस,लघु एवं सूक्ष्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बड़े फंड की घोषणा की गई है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अनुसार सरकार ने 10,000 करोड़ एमएसएमई ग्रोथ फंड(MSMEs Growth Fund) के लिए आवंटित किया है और सरकार का उद्देश्य चैंपियन एमएसएसई तैयार करना है। 5 मेडिकल हब में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी होगी, वहां आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक सर्विसेज, पोस्ट-केयर और रिहैब सेंटर विकसित किए जाएंगे, जिससे हेल्थ सेक्टर में रोजगार बढ़ेगा।
इसके अलावा हाई क्वालिटी के आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। बायो फार्मा स्कीम का भी ऐलान किया गया है। पशुपालन क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। दुग्ध, पोल्ट्री और पशु व्यवसायों का आधुनिकीकरण किया जाएगा और वैल्यू चेन से किसान संगठनों को बढ़ावा मिलेगा।
रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसमें सेना के आधुनिकीकरण पर सरकार का फोकस दिखा है। डिफेंस फोर्सेज के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च का प्रावधान है। बीते साल ये 1.80 लाख करोड़ रुपये था। स्पोर्ट्स सेक्टर का भी बजट में ध्यान रखा है और इसके तहत खेलो इंडिया मिशन को अगले 10 साल के लिए मजबूत करने के ऐलान किया है। ग्रामीण महिलाओं के लिए शी-मार्ट्स का ऐलान किया गया है।
ऐसी महिलाओं की अगुआई वाले तमाम बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए SHE (सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर) मार्ट्स शुरू किए जाएंगे, जहां महिलाएं अपने उत्पाद आसानी से बेच सकेंगी। इस दौरान वित्त मंत्री ने लखपति दीदी योजना की सफलता का भी जिक्र किया। इसके अलावा करीब 800 जिलों में छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे. हर जिले में कम से कम एक हॉस्टल बनाने का टारगेट है।
विदेश में मेडिकल और पढ़ाई पर होने वाले खर्च को लेकर बजट में बड़ा ऐलान किया गया है।
सरकार ने TCS के तहत खर्च पर इंटरेस्ट रेट को 5% से घटाकर 2% कर दिया है। यानी आप विदेश में अपना पैसा खर्च करते हैं तो कम ब्याज देना होगा। 40000 करोड़ सेमीकंडक्टर निर्माण पर अधिकतर भारतीयों को उनकी सहभागिता के साथ शामिल करने का आह्वान किया गया है।
हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में दिल्ली वाराणसी सिलीगुड़ी मुंबई पुणे बेंगलुरु चेन्नई आदि शामिल है।
मोदी जी के बजट से छत्तीसगढ़ हर तरफ से विकसित होगा
आम बजट 2026-27 विकसित भारत के लिए एक सफ़ल नींव साबित होगा। साथ ही इससे खुशहाल छत्तीसगढ़ के लिए भी हर तरफ़ से रास्ता निकलेगा। आधारभूत संरचना के विकास के लिए इस साल 12 लाख करोड़ रुपये प्रस्तावित है। जो रोज़गार के नए द्वार खोलेंगे समूचे बजट में पिछ्ली बार के 49 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले इस साल 53 लाख करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान किया गया है।
खर्च प्रस्ताव में 10 फ़ीसदी की ऐसी बढ़ोतरी युवाओं को अधिक से अधिक रोज़गार उपलब्ध करायेगी। छत्तीसगढ़ को भी इस साल 42 हजार करोड़ की बजाए 52 हजार करोड़ रुपये प्राप्त होंगे जिससे राज्य में विकास के नये रास्ते निकलेंगे। युवाओं और महिला बाल विकास पर भी और बेहतर ढंग से कार्य हो सकेगा।
केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल के लिए माइनिंग कॉरिडोर विकसित करने का ऐलान किया गया है। इससे खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। ऐसे कदम छत्तीसगढ़ की अपार खनिज संपदा से खुशहाली के अनेक रास्ते निकालेंगे। राज्य की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और कनेक्टिविटी बढ़ेगी। रेल्वे कॉरिडोर से भी छत्तीसगढ़ में विकास बढ़ेगा। बजट से छत्तीसगढ़ में शिक्षा क्रांति आएगी।
आईआईटी भिलाई अब देश के 11 प्रमुख आईआईटी संस्थानों में अपना स्थान बनाएगा। छत्तीसगढ़ बजट की घोषणाओं से तकनीकी शिक्षा का नया केंद्र बनेगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विकास के नए पंख लगेंगे। छत्तीसगढ़ में कोसा सिल्क उद्योग, कोक और काजू उत्पादन को नए आयाम मिलेंगे। वैश्विक स्तर पर इसकी ब्रांडिंग होगी।
दानकुनी सूरत फ्रेट कॉरिडोर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की नई जीवन रेखा बनेगा। रायगढ़ से राजनांदगांव तक उद्योगों की किस्मत बदल जाएगी। यह औद्योगिक गलियारा राज्य के संपूर्ण विकास में सहायक होगा। पर्यावरण और उद्योग को ध्यान में रखते हुए कार्बन कैप्चर के लिए 20000 करोड़ का प्रावधान राज्य में भारी उद्योगों को एक नया आधुनिक आधार देगा। इसके अलावा राज्य में जनजातीय समुदायों के लिए समर्पित नई योजनाओं से विकास की मुख्य धारा में नए जुड़ाव आएंगे। नारी शक्ति शी स्मार्ट और महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना से ग्रामीण महिलाओं और शिल्पकारों को भी नया आर्थिक संबल मिलेगा।
यह बजट कर्तव्य भवन से निकला पहला बजट है जो विकास की गति और जन आकांक्षाओं को समर्पित है। बजट युवा महिला किसान मजदूर छोटे मध्य कुटीर और लघु उद्योगों के लोगों के लिए जीवनदाई साबित होगा। यह बजट रेवड़ी संस्कृति का भी अंत है।
नए बजट में 15000 स्कूलों और 500 कॉलेज में एवीजीसी लैब खुलेंगे जो समूचे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी बच्चों को जीवन तरक्की के लिए नई तकनीकी देंगे बच्चे सर्फ गेम खेलेंगे ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए गेम भी बनाएंगे। सीसी यूएस फंड 20000 करोड़ के निवेश से छत्तीसगढ़ के स्टील और पावर क्लस्टर को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाया जाएगा। मोदी जी की गारंटी का मतलब है काम पूरा होने की गारंटी और यह बजट छत्तीसगढ़ के हर गरीब, हर आदिवासी और हर आदमी को सशक्त बनाने का दस्तावेज है।
बजट देश को 2047 तक विकसित करने के लिए बनाया गया है। 10 हजार करोड़ का एमएसएमई फंड देश को विकास की राह में और आगे ले जाएगा। सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यगों (एमएसएमई) की सहायता के लिए मझोले (श्रेणी-दो) और छोटे (श्रेणी-तीन) शहरों में ‘कॉरपोरेट मित्रों’ का एक दस्ता तैयार करेगी। केंद्र सरकार ने छोटे और मीडियम एंटरप्राइजेज को इंसेंटिव देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड शुरू करने की योजना की घोषणा की है। बजट रक्षा, बुनियादी ढांचे, पूंजीगत व्यय, बिजली और किफायती आवास पर केंद्रित है। इससे सामाजिक कल्याण, प्राथमिकताओं और वित्तीय विवेक के बीच सावधानीपूर्वक संतुलन बनाए रखा गया है।




