रायपुर । CG NEWS: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्यभर में भाजपा के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। कांग्रेस के निर्देशानुसार 12 मार्च 2026 को राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भारतीय जनता पार्टी के कार्यालयों का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी का आरोप है कि राज्य में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और भाजपा सरकार इस पर कार्रवाई करने के बजाय संरक्षण दे रही है। कांग्रेस का कहना है कि दुर्ग जिले के समोदा गांव में लगभग 10 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश में नशे का कारोबार बढ़ रहा है और सरकार इस पर सख्त कार्रवाई करने में विफल रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में गांजा, अफीम और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों का नेटवर्क प्रदेश में तेजी से फैल रहा है, जिसके कारण युवाओं में नशे की लत बढ़ती जा रही है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार नशे के इस कारोबार को रोकने में असफल रही है और इससे प्रदेश के युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा कार्यालयों के घेराव का निर्णय लिया है।
कांग्रेस ने अपने सभी जिला, शहर, नगर और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों तथा प्रदेश पदाधिकारियों को इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सांसदों, पूर्व सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और पार्टी के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों से भी इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है। पार्टी ने कहा है कि यह विरोध प्रदर्शन राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार के खिलाफ जनता की आवाज उठाने के लिए किया जा रहा है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि सभी जिलों में होने वाले इस कार्यक्रम की जानकारी और तस्वीरें प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजी जाएंगी ताकि आंदोलन की रिपोर्ट तैयार की जा सके। इस पत्र पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू के हस्ताक्षर हैं और इसे प्रदेश के सभी पदाधिकारियों तथा कांग्रेस नेताओं को भेजा गया है।
कांग्रेस के इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि 12 मार्च को होने वाला यह घेराव कार्यक्रम प्रदेश में सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा सकता है। अब देखना होगा कि भाजपा इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया देती है और कांग्रेस का यह आंदोलन किस तरह का राजनीतिक असर छोड़ता है।




