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एमएमसी जोन नक्सल संगठन ने मांगा समर्पण के लिए तीन माह का वक्त


एमएमसी जोन नक्सल संगठन ने मांगा समर्पण के लिए तीन माह का वक्त


24-Nov-2025 1:12 PM

 आईजी ने कहा- समर्पण करने पर होगा स्वागत, लेकिन लंबी मियाद देना संभव नहीं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 24 नवंबर। महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (एमएमसी) जोन के नक्सलियों ने तीनों राज्य के सरकार से पुलिस के सशस्त्र अभियान को तत्काल बंद करने तथा सरेंडर एवं अन्य विषयों पर विचार-विमर्श करने के लिए तीन माह का वक्त मांगा है।

महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के नाम एमएमसी जोन के प्रवक्ता अनंत की ओर से एक पत्र लिखकर तत्काल नक्सल आपरेशन, मुखबिरों  की गतिविधियों को रोकने, इनपुट या सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों को सक्रिय नहीं होने की मांग की है। इसके अलावा संगठन ने आगामी पीएलजीए सप्ताह के दरम्यान कोई भी अभियान नहीं चलाने का भी पत्र में उल्लेख किया है। नक्सलियों ने पत्र के माध्यम से इस साल पीएलजीए सप्ताह नहीं मनाने का भी ऐलान किया है।

 

नक्सल प्रवक्ता अनंत ने अगले वर्ष 15 फरवरी 2026 तक समय भी मांगा है। एमएमसी जोन के सक्रिय नक्सलियों से पत्र को एक संदेश के रूप में जन-जन तक पहुंचाने की अपील की गई है। पत्र में यह लिखा है कि तीनों राज्यों की सरकारों से नक्सलियों ने कुछ जनप्रतिनिधियों और कुछ पत्रकारों से मुलाकात करने के लिए मौका देने की भी मांग की है, ताकि नक्सल ऑपरेशन के नाम पर हत्या के अनवरत सिलसिले को बंद किया जा सके। इसके अलावा एमएमसी जोन के प्रवक्ता ने केंद्रीय कमेटी के सदस्य  व पोलिथ ब्यूरो के मेम्बर सोनू दादा और सीसीएम कामरेड चंद्रन्ना से भी इस मामले में दखल देने की मांग की है।

 इस संबंध में राजनांदगांव आईजी अभिषेक शांडिल्य ने ‘छत्तीसगढ़’  से चर्चा में कहा कि समर्पण करने वाले नक्सलियों का राज्य सरकार की ओर से हम स्वागत करेंगे, लेकिन उनकी समय की मांग पर विचार करना  संभव नहीं है, क्योंकि मार्च 2026 तक नक्सल समस्या के सफाए का एक डेट लाईन है। उन्होंने नक्सलियों से तत्काल हथियार छोडक़र मुख्यधारा में वापसी की अपील की है।

इस बीच एमएमसी जोन के नक्सल संगठन की ओर से जारी पत्र की पुलिस जांच पड़ताल भी कर रही है। बताया जा रहा है कि हाल ही में बोरतलाव क्षेत्र में हुए मुठभेड़ में एक निरीक्षक की शहादत की घटना से तीनों राज्य की पुलिस ने आक्रामक रूख अख्तियार कर लिया है। सूत्रों का कहना है कि संयुक्त रूप से तीनों राज्य के सुरक्षा बल एक बड़े नक्सल अभियान के लिए जंगल में तैनात है। माना जा रहा है कि पुलिस के आक्रामक कदम के कारण नक्सलियों ने पत्र जारी किया है।



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