बिलासपुर। AIDS Cases in CG : छत्तीसगढ़ में एड्स को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। हर साल बढ़ते आंकड़े अब खतरे की घंटी बन चुके हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि एड्स का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है और इसके नए कारण सामने आ रहे हैं। अकेले बिलासपुर जिले में 9 हजार से ज्यादा एड्स पीड़ितों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। आंकड़े साफ बता रहे हैं कि यह बीमारी अब सिर्फ एक वर्ग तक सीमित नहीं रही। एड्स के बढ़ते खतरे और बदलते ट्रेंड पर देखिए हमारी ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।
जैसे-जैसे शहर का दायरा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे एड्स का खतरा भी तेजी से फैलता जा रहा है। बिलासपुर संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सिम्स के एआरटी सेंटर के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। वर्ष 2010 से 2025 तक यहां कुल 9 हजार 423 एड्स पीड़ित रजिस्टर्ड किए जा चुके हैं। इनमें 5 हजार 492 पुरुष, 3 हजार 295 महिलाएं, 74 ट्रांसजेंडर, 302 पुरुष बच्चे और 260 बालिकाएं शामिल हैं।इनमें से 4 हजार 472 मरीज फिलहाल एक्टिव हैं, जो एआरटी सेंटर की निगरानी में नियमित इलाज और दवाइयां ले रहे हैं। कई मरीज इलाज के लिए दूसरे जिलों में ट्रांसफर हो चुके हैं, जबकि कुछ फॉलोअप से बाहर हैं, जिनकी स्थिति को लेकर आशंका बनी हुई है। ये आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि एड्स का खतरा लगातार बढ़ रहा है।अब तक आम धारणा यही थी कि एड्स सिर्फ महिला और पुरुष के असुरक्षित यौन संबंधों से फैलता है, लेकिन बदलते ट्रेंड ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है।
MSM यानी मैन सेक्स विद मैन अब एड्स फैलने का एक बड़ा कारण बनकर सामने आ रहा है। इसके साथ ही इंजेक्शन से नशा करने वाले लोग भी तेजी से एचआईवी की चपेट में आ रहे हैं।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 12 साल से लेकर 65 साल तक के लोग, जिनमें मजदूर, ड्राइवर, दुकानदार से लेकर व्हाइट कॉलर प्रोफेशनल्स तक शामिल हैं, MSM के कारण संक्रमित हो रहे हैं। यह ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है।एड्स नियंत्रण और जागरूकता के लिए सामाजिक संस्थाएं भी लगातार काम कर रही हैं। उनके आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। बिलासपुर में 4 हजार 462 फीमेल सेक्स वर्कर्स रजिस्टर्ड हैं, जिनमें 1 हजार 585 एक्टिव और 104 एचआईवीपॉजिटिव हैं। इनमें ज्यादातर की उम्र 25 से 35 साल के बीच है। MSM में भी 1300 से ज्यादा लोग चिन्हांकित हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
नशीले इंजेक्शन के कारण फैलता संक्रमण भी एक बड़ी वजह बन रहा है। आर्थिक मजबूरी के चलते एक ही इंजेक्शन को कई लोग इस्तेमाल करते हैं, जिससे संक्रमण तेजी से फैलता है।तमाम प्रयासों के बावजूद एड्स को लेकर स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। बढ़ते आंकड़े और बदलता ट्रेंड छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ा अलार्म है। अब जरूरत है सतर्कता जागरूकता और सुरक्षित व्यवहार की, ताकि इस खतरनाक बीमारी की रफ्तार को रोका जा सके।
HIV News CG : नशेड़ियों में बढ़ा एड्स का खतरा, पुरुषों का पुरुषों से संबंध भी बन रही बड़ी वजह




