Wednesday, February 11, 2026
Google search engine
HomeChhattisgarhछत्तीसगढ़ के इस गांव में लगा "स्टडी कर्फ्यू", शाम 6 बजे

छत्तीसगढ़ के इस गांव में लगा “स्टडी कर्फ्यू”, शाम 6 बजे

धमतरी/रायपुर, 11 फरवरी 202। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का बिरेतरा गांव इन दिनों शिक्षा और सामाजिक अनुशासन के अनोखे प्रयोग के कारण पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बन गया है। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा (2026) से पहले गांव ने ऐसा निर्णय लिया है, जिसे ग्रामीण “भविष्य बचाओ अभियान” का नाम दे रहे हैं।

गांव की सामूहिक बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि शाम 6 बजे के बाद कोई भी स्कूली छात्र सड़क, चौक-चौराहे, दुकान, ठेला, खेल मैदान या चौपाल पर नजर नहीं आएगा।

नियम तोड़ने की स्थिति में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि उसके अभिभावकों को भी जिम्मेदार माना जाएगा और जुर्माना लगाया जाएगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में युवाओं में मोबाइल की लत, देर शाम तक बाहर घूमने की आदत और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति ने पढ़ाई को प्रभावित किया है।

शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बिरेतरा में आयोजित बैठक में शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन समिति, महिला समूहों, युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर चर्चा की। निष्कर्ष निकला कि यदि सामूहिक अनुशासन लागू किया जाए, तो बोर्ड परीक्षा में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

बैठक में स्पष्ट लक्ष्य तय किए गए—

•कक्षा 10वीं में कम से कम 80% पास प्रतिशत

•कक्षा 12वीं में 100% परिणाम

ग्रामीणों का मानना है कि यदि छात्र नियमित रूप से शाम का समय पढ़ाई को दें, तो यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

नियमों की विस्तृत सूची

गांव में लागू किए गए नियम केवल कर्फ्यू तक सीमित नहीं हैं। यह एक व्यापक सामाजिक अनुशासन व्यवस्था है—

1. शाम 6 बजे के बाद पूर्ण अध्ययन समय

•कोई भी छात्र सार्वजनिक स्थान पर नहीं मिलेगा।

•खेल, घूमना-फिरना और अनावश्यक बाहर बैठना प्रतिबंधित।

2. मोबाइल और टीवी पर नियंत्रण

•पढ़ाई के समय मोबाइल फोन का उपयोग वर्जित।

•टीवी देखने पर सख्त रोक, विशेषकर परीक्षा तक।

 3. अभिभावकों की जवाबदेही

•हर पालक को बच्चों के होमवर्क और पढ़ाई की निगरानी करनी होगी।

•अनुपालन न करने पर पालकों पर भी जुर्माना।

4. नशा मुक्ति पर सख्ती

•धूम्रपान, शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन व बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध।

•नशा करते या बेचते पाए जाने पर 5,000 से 50,000 रुपये तक जुर्माना, कुछ मामलों में इससे अधिक राशि का भी उल्लेख।

5. अनुशासनहीनता पर कार्रवाई

•गाली-गलौज, आपसी विवाद और असामाजिक व्यवहार पर भी दंड।

शाम ढलते ही बदल जाता है गांव का दृश्य

स्थानीय लोगों के अनुसार, नियम लागू होने के बाद बिरेतरा की शाम का दृश्य पूरी तरह बदल गया है। जहां पहले चौपालों और गलियों में युवाओं की भीड़ दिखती थी, अब वहां सन्नाटा नजर आता है।

एक ग्रामीण महिला ने बताया,

“अब बच्चे घर में बैठकर पढ़ाई करते हैं। माहौल पहले से ज्यादा शांत और सकारात्मक हो गया है।”

एक शिक्षक ने कहा,

“यह सिर्फ परीक्षा का मामला नहीं है, यह बच्चों के भविष्य का सवाल है।”

क्या कहता है शिक्षा विशेषज्ञों का नजरिया?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड परीक्षा से पहले नियमित अध्ययन का समय तय करना लाभकारी होता है। हालांकि वे यह भी कहते हैं कि अनुशासन के साथ संतुलन जरूरी है, ताकि बच्चों पर मानसिक दबाव न बढ़े।

बिरेतरा में यह पहल सामूहिक सहमति से लागू की गई है, इसलिए इसे सामाजिक सहयोग का मॉडल माना जा रहा है।

नशा मुक्त गांव की ओर कदम

यह पहल केवल परीक्षा परिणाम सुधारने तक सीमित नहीं है। ग्रामीण इसे “नशा मुक्त बिरेतरा” अभियान का आधार मान रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि नशे की रोकथाम और पढ़ाई के माहौल से आने वाले वर्षों में अपराध और सामाजिक समस्याओं में भी कमी आएगी।

क्या बनेगा प्रदेश के लिए मॉडल?

बिरेतरा का यह प्रयोग अब अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। यदि परिणाम सकारात्मक रहे, तो यह पहल शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में एक उदाहरण बन सकती है।

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में सामुदायिक अनुशासन के जरिए शिक्षा सुधार की यह पहल दिखाती है कि जब गांव एकजुट होता है, तो बड़े बदलाव संभव हैं।

वार्ड निगरानी समिति कर रही है निगरानी

गांव में वार्ड निगरानी समितियों का गठन किया गया है, जो सुबह और शाम बच्चों पर नजर रखती हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अब कोई भी बच्चा बाहर दिखता है तो पड़ोसी भी टोक देते हैं. आसपास के लोग भी बच्चों से कहते हैं कि घर जाइए और पढ़ाई कीजिए.

बिरेतरा ने यह संदेश दिया है कि

“सिर्फ सरकार नहीं, समाज भी चाहे तो शिक्षा में क्रांति ला सकता है।”

अब सबकी नजरें बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम पर टिकी हैं—क्या ‘स्टडी कर्फ्यू’ बिरेतरा को नया रिकॉर्ड दिलाएगा?

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments