गरियाबंद। CG Breaking : 02 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दुतकैया गांव में पुराने विवाद को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें आगजनी की घटनाएं सामने आईं। एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घरों पर हमला किया और आग लगा दी, साथ ही तीन से चार वाहनों को भी जलाया गया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति अब नियंत्रण में है। यह घटना रविवार (01 फरवरी 2026) को हुई, जब एक सीरियल अपराधी अरिफ और उसके दो साथियों ने कुछ लोगों पर हमला किया, जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने उनके घरों को घेर लिया और आग लगा दी।
कब और कहां हुआ मामला?
घटना छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दुतकैया गांव में रविवार दोपहर को हुई। गरियाबंद जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित दुतकैया ग्राम अंतर्गत आता है। सूत्रों के अनुसार अरिफ नामक एक व्यक्ति, जो पहले से कई अपराधों में संलिप्त है, ने अपने दो साथियों के साथ कुछ ग्रामीणों पर हमला किया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने अरिफ और उसके साथियों के घरों को घेर लिया और आग लगा दी। इसमें कम से कम 11 घर प्रभावित हुए, साथ ही कई वाहनों को भी जला दिया गया। घटना के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। शाम तक स्थिति नियंत्रण में आ गई और अतिरिक्त पुलिस बल रायपुर से भेजा गया।
कैसे हुआ यह हादसा?
मामले की शुरुआत पुराने विवाद से हुई। पुलिस के अनुसार, अरिफ और उसके साथी पहले से ही क्षेत्र में लूटपाट, मारपीट और अन्य अपराधों में शामिल रहे हैं। लगभग चार महीने पहले, उनके द्वारा किए गए लूट और हमले के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसके अलावा, तीन महीने पहले उन्होंने एक शिव मंदिर में तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था लेकिन बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। रविवार को अरिफ और उसके साथियों ने फिर से कुछ लोगों पर हथियारों से हमला किया, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीणों ने उनके घरों को घेरा, पथराव किया और आग लगा दी। पुलिस के पहुंचने पर ग्रामीणों ने पुलिस पर भी हमला किया। कुल मिलाकर, यह एक सांप्रदायिक झड़प का रूप ले लिया, जहां एक समुदाय के लोगों ने दूसरे पर हमला किया। पुलिस ने अरिफ और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
कारण क्या हैं?
मुख्य कारण पुराने विवाद और अपराधी तत्वों की सक्रियता है। अरिफ और उसके साथी लंबे समय से क्षेत्र में लूट, मारपीट और धमकी देने में शामिल रहे हैं। चार महीने पहले उनके वीडियो वायरल होने से ग्रामीणों में असंतोष था। शिव मंदिर में तोड़फोड़ की घटना ने सांप्रदायिक रंग दे दिया। पुलिस के अनुसार, यह समुदायों के बीच लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी का नतीजा है, जहां एक पक्ष को लगता है कि दूसरे पक्ष के अपराधियों को सजा नहीं मिल रही। विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक ध्रुवीकरण और कमजोर कानून व्यवस्था ऐसे मामलों को बढ़ावा देती है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और गांव में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। प्रशासन ने घटना पर चिंता जताई है और शांति बनाए रखने की अपील की है। आगे की जांच से और विवरण सामने आ सकते हैं।
एसपी वेदव्रत में कहा – अब स्थिति सामान्य
SP गरियाबंद वेदव्रत सिरमौर ने कहा, “दुटकैया गांव में, एक सीरियल अपराधी, आरिफ ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर कुछ लोगों पर हमला किया। गांव वाले गुस्से में आ गए, जिसके बाद उन्होंने आरिफ और उसके साथियों के घरों को घेर लिया और उनमें आग लगा दी… आरिफ और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। गांव वालों द्वारा फेंके गए पत्थरों से कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। अब स्थिति सामान्य है।




