RCB WPL Champion 2026 : “ई साला कप नम्दे” का नारा एक बार फिर हकीकत में बदल गया है। विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के चौथे सीजन के हाई-वोल्टेज फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने दिल्ली कैपिटल्स को पटखनी देते हुए दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। 204 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी ने वह कर दिखाया जो अब तक नामुमकिन लग रहा था। फाइनल मैच में आरसीबी को जीत दिलाने में उनकी कप्तान स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वॉल ने बल्ले से अहम भूमिका अदा की जिसमें दोनों के बीच में दूसरे विकेट के लिए 165 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी देखने को मिली, जिसने इस मुकाबले को पूरी तरह से एकतरफा कर दिया।
स्मृति मंधाना के बल्ले से 87 तो वहीं जॉर्जिया वॉल ने 79 रनों की पारी खेली। आरसीबी ने इस टारगेट को 19.4 गेंदों में हासिल कर लिया। दिल्ली कैपिटल्स इसी के साथ विमेंस प्रीमियर लीग के इतिहास में लगातार चारों सीजन फाइनल मुकाबले में पहुंचने के बाद भी ट्रॉफी जीतने में सफल नहीं हो सकी।
फाइनल मुकाबले में आरसीबी महिला टीम की शुरुआत 204 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए अच्छी नहीं रही, जिसमें उन्होंने अपना पहला विकेट दूसरे ओवर की पहली गेंद पर ग्रेस हैरिस के रूप में 9 के स्कोर पर गंवा दिया। आरसीबी महिला टीम ने 6 ओवर्स का खेल खत्म होने पर एक विकेट के नुकसान पर 59 रन बना लिए थे। यहां से मंधाना और वॉल ने रनों की गति धीमे नहीं पड़ने दी और तेजी के साथ रन बनाने का सिलसिला जारी रखा।
जॉर्जिया वॉल और स्मृति मंधाना के बीच दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 92 गेंदों में 165 रनों की साझेदारी देखने को मिली, जो WPL के इतिहास में अभी तक किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी भी थी। वॉल इस मैच में 54 गेंदों में 14 चौके लगाने के साथ 79 रनों की पारी खेलने के बाद पवेलियन लौटी। वहीं स्मृति मंधाना टीम को जीत दिलाने से थोड़ा पहले 41 गेंदों में 12 चौके और तीन छक्के लगाकर 87 रन बनाकर अपना विकेट गंवा बैठी।
आखिरी ओवर का रोमांच
मैच तब रोमांचक मोड़ पर पहुँच गया जब जीत के लिए आखिरी ओवर में 10 रनों की जरूरत थी। दबाव के पलों में राधा यादव ने अपना धैर्य नहीं खोया। पहली दो गेंदों पर केवल 2 रन आने के बाद, राधा ने लगातार दो शानदार चौके जड़कर 19.4 ओवर में ही आरसीबी को ‘क्वीन’ बना दिया।
दिल्ली कैपिटल्स: चार फाइनल, फिर भी खाली हाथ
दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है। लीग के इतिहास में लगातार चारों सीजन के फाइनल में पहुंचने वाली दिल्ली की टीम एक बार भी ट्रॉफी उठाने में सफल नहीं हो सकी है। 203 रन बनाने के बावजूद उनकी गेंदबाज मंधाना-वॉल की जोड़ी को रोकने में नाकाम रहीं।




