राजिम। राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 के प्रथम दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। स्थानीय सांस्कृतिक मंच पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, भक्ति और परंपरा का भव्य संगम देखने को मिला। मानसगान, जगराता, रामधुनी, रामायण, लोक भजन, पंडवानी, पंथी, जस झांकी, सुगम गायन, सतनाम मंगल भजन, फाग गीत, लोक कला मंच और सुवा नृत्य की शानदार प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में लक्ष्मीनारायण भजन संध्या ग्रुप चौबेबांधा द्वारा भजनों की अविरल धारा प्रवाहित की गई। गायक दीपक श्रीवास ने भगवान राजीवलोचन पर आधारित छत्तीसगढ़ी गीत “चलो संगी दर्शन करबो राजीवलोचन धाम गा…” प्रस्तुत कर दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। वहीं कार्यक्रम के संचालक संतोष कुमार सोनकर ने अपनी शेरो-शायरी से दर्शकों का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम की कड़ी में पटेवा के अजय कुमार ने पंथी गीत, जीवतरा के संजय सेन ने मानसगान, बकली राजिम के लाकेश साहू ने जगराता में माता के भजनों की प्रस्तुति दी। हसदा नं. 1 के उत्तम कुमार साहू ने रामधुनी, परसदा (नया रायपुर) के तीरथ साहू ने रामायण, भिलाई-03 के किशन सोनी ने लोक भजन प्रस्तुत किए। राजपुर छुरा की खेमबाई निषाद ने कपालिक शैली में महाभारत के प्रसंग पर प्रभावशाली पंडवानी सुनाई।
गौकरण मानिकपुरी एवं सीता साहू ने सुवा नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति को जीवंत किया। आरंग खमतरई के तुकाराम साहू ने जस झांकी, लखौली (रीवा) के धनेश्वर प्रसाद ने सतनाम मंगल भजन तथा रजनकटा पांडुका के राकेश साहू ने फाग गीतों पर रंग-गुलाल उड़ाकर माहौल को उत्सवमय बना दिया। घटारानी के गौकरण मानिकपुरी ने छत्तीसगढ़ी एवं धार्मिक गीतों की प्रस्तुति दी, वहीं आरंग के दयालुराम यादव ने राउत नाचा, बेमेतरा पेंडरी की सीता साहू ने सुवा नृत्य और बोरसी दुर्ग के मनहरण साहू ने फाग गीतों से खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम में संयोजक पुरुषोत्तम चंद्राकर, उद्घोषक निरंजन साहू, किशोर निर्मलकर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शकों की उपस्थित रही।
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