पिंटू दुबे, बिलासपुर। CG Politics : कांग्रेस भवन में आयोजित पदभार ग्रहण समारोह में आज कांग्रेस के दिग्गजों ने न केवल नई नियुक्तियों का जश्न मनाया, बल्कि पार्टी के भीतर की कड़वी सच्चाई को भी सार्वजनिक मंच से स्वीकार किया। नेताप्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कार्यकर्ताओं को राजनीति का गुर सिखाते हुए पार्टी में अब तक चली आ रही गुटबाजी पर बड़ा बयान दिया, तो वहीं पीसीसी चीफ दीपक बैज ने नए अध्यक्षों को ‘फुल टाइम जॉब’ की नसीहत दी। कार्यक्रम में जहाँ संगठन की मजबूती पर चर्चा हुई, वहीं भाजपा की अंतर्कलह और प्रयागराज में शंकराचार्य विवाद को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने सरकार को जमकर घेरा।
मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेताप्रतिपक्ष चरणदास महंत ने पार्टी की कमजोरी की असल वजह गुटबाजी को बताया। उन्होंने बेबाकी से कहा कि हम पहले राज्य, फिर जिले और ब्लॉक स्तर पर बंट गए, जिससे कांग्रेस कमजोर हुई। महंत ने तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ ‘जिंदाबाद-जिंदाबाद’ के नारे लगाने और नेताओं की चापलूसी करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि यही हार का मुख्य कारण रहा है। उन्होंने एकजुटता का मंत्र देते हुए कहा कि “एक रहें और नेक रहें”, क्योंकि बंटवारा ही विनाश की जड़ है। वहीं पीसीसी चीफ दीपक बैज ने नए जिलाध्यक्षों को सख्त हिदायत दी कि अब “आधा पार दुकान और आधा पार मकान” वाला रवैया नहीं चलेगा; अध्यक्षों को अब संगठन के लिए समर्पित होकर काम करना होगा।
पार्टी की अंदरूनी कलह पर लगाम कसते हुए दीपक बैज ने नसीहत दी कि अनुशासन ही सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी के बीच कोई मनमुटाव है, तो उसे बंद कमरे में सुलझाएं, मीडिया या माइक के सामने बयानबाजी कर तमाशा न बनाएं। इसके साथ ही बैज ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री साय बिलासपुर में ध्वजारोहण नहीं, बल्कि भाजपा की भारी गुटबाजी को बैलेंस करने आ रहे हैं। उन्होंने अमर अग्रवाल को मंत्री न बनाए जाने और केंद्रीय राज्य मंत्री के अपमान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा में सिर फुटौव्वल की स्थिति है, जिसे ढंकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वहां कुछ भी ठीक नहीं होने वाला।
कार्यक्रम में प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ हुए व्यवहार को लेकर भी कांग्रेस के तीनों दिग्गजों—महंत, बैज और टी.एस. सिंहदेव ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने सर्वोच्च संतों का ऐसा अपमान किया है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या शंकराचार्य को गंगा स्नान का अधिकार भी नहीं है? यह कौन सा सनातन धर्म है? दीपक बैज ने तीखे लहजे में कहा कि भाजपा हिंदू होने का ढिंढोरा पीटती है, लेकिन हम हिंदू हैं या नहीं, इसके लिए हमें किसी से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने नई आबकारी नीति को लेकर भी सरकार की नियत पर बड़े सवाल खड़े किए।




