CG News : बिलासपुर में पहली बार मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ सख़्त कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बुलडोजर एक्शन लिया है। शहर में शोर मचाने वाले वाहनों पर नकेल कसते हुए पुलिस ने साफ कर दिया है कि अब हुड़दंग और नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अलग-अलग थाना क्षेत्रों से ज़ब्त किए गए 100 से अधिक मॉडिफाइड साइलेंसरों को आज बिलासागुड़ी पुलिस लाइन के पास बुलडोजर के ज़रिये नष्ट किया गया।
बिलासपुर पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत लंबे समय से मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर तेज़ आवाज़ फैलाने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान जप्त किए गए साइलेंसरों को आज सार्वजनिक रूप से बुलडोजर से कुचलकर नष्ट किया गया। यह पहली बार है जब शहर में इस तरह का सख़्त और प्रतीकात्मक एक्शन लिया गया, ताकि इन साइलेंसरों का दोबारा इस्तेमाल पूरी तरह रोका जा सके।
इस कार्रवाई के दौरान जिले के एसएसपी रजनेश सिंह, ट्रैफिक विभाग के एडिशनल एसपी सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने इसे जनहित से जुड़ी ज़रूरी कार्रवाई बताते हुए कहा कि मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली आवाज़ अक्सर 85 डेसीबल से अधिक होती है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद ख़तरनाक है। इससे सुनने की शक्ति पर असर, ब्लड प्रेशर बढ़ना, मानसिक तनाव और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
पुलिस के मुताबिक तेज़ शोर का सबसे ज़्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों, छात्रों और बीमार लोगों पर पड़ता है। साथ ही सड़क पर यह आवाज़ अन्य वाहन चालकों का ध्यान भटकाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है और कई बार एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन सायरन भी दब जाते हैं। पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत मॉडिफाइड साइलेंसर लगाना अपराध है और आगे भी अभियान जारी रहेगा। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना, वाहन जब्ती और लाइसेंस निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




