रायपुर। Chhattisgarh : गीता शर्मा (वर्ल्ड रिकार्ड होल्डर) 15 वर्षों से अध्ययन और शोध विषय को अपना लक्ष्य बनाकर अनवरत भाषा की सेवा कर रहीं हैं। अनुवाद पर विशेष काम रहा जिसमें ईशादि नौ उपनिषद (छत्तीसगढ़ी) शिव महापुराण (छत्तीसगढी) और पंचतंत्रका अनुवाद किया है। जिसे छत्तीसगढ़ शासन ने प्रकाशित किया। छत्तीसगढ़ी भाषा में अनेकों शोधपत्र / शोधग्रंथों में प्रकाशित हुआ है।
छत्तीसगढ़ भाषा से संबंधित केंद्रीय भाषा संस्थान ( सी.आई आई .एल) के मोबाइल एप में 26 भाषाओं के साथ छत्तीसगढ़ी भाषा में काम किया है केंद्रीय भाषा संस्थान के विभिन्न प्रोजेक्ट में अपना सहयोग अनवरत दें रहीं हैं।

तिरुवल्लुवर कृत तिरुक्कुरल तमिल वेद है जिसमें बेहद गंभीर और आध्यात्मिक चिंतन है। तिरुक्कुरल में 1330 कुरल हैं । प्रत्येक कुरल में शिक्षाप्रद सीख है। महान ग्रंथ का अनुवाद विश्व की अनेकों भाषाओं के साथ लोक भाषा में भी अनुवाद का कार्य केन्द्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान के द्वारा किया जा रहा है। इस संस्थान के द्वारा छत्तीसगढ़ी में तिरुक्कुरल के तमिल से छत्तीसगढ़ी अनुवाद के लिए गीता शर्मा को चयनित किया गया।
श्री सुब्रमण्यम भारती जी 144 अवतरण दिवस, भाषा दिवस पर महामहिम राज्यपाल थिरु आर एन रवि के द्वारा तिरुक्कुरल का तमिल से छत्तीसगढ़ी अनुवाद पर लोक भवन में गीता शर्मा का भव्य आयोजन में सम्मान किया गया।
गीता ने केन्द्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान और तमिलनाडु शासन का इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए हार्दिक आभार प्रकट किया है। साथ ही केन्द्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान के डायरेक्टर थिरु चंद्रशेखरन, रजिस्टार भुवनेश्वरी और प्रोजेक्ट आफिसर अलगुमुथु का हार्दिक आभार प्रकट किया है।




