रायपुर। CG VIDHANSABHA : छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज अरपा भैंसाझार परियोजना में अनियमितता का मामला गूंजा। सत्ता पक्ष के विधायक ने ही इसके मुआवजा वितरण में करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दोषी लोगों पर सरकार द्वारा किए गए कार्रवाई की जानकारी मांगी। विभागीय मंत्री ने सदन में बताया कि दोषी अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा गलत तरीके से जो अधिक मुआवजा राशि बांटी गई है उसे वसूलने की प्रक्रिया जारी है।
प्रश्नकाल के दौरान आज विधानसभा में भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने यह मामला उठाते हुए अपने सवालों से राज्स्व मंत्री टंकराम वर्मा को घेरा। उन्होंने पूछा कि बिलासपुर के अरपा भैंसाझार परियोजना में प्रभावित 10 लोगों को 46 करोड़ का मुआवजा बांटा गया था जिसमे 26 करोड़ से अधिक की अनियमितता पाई गई थी । इसमें अधिकारियों ने नहर से बाहर की जमीन का भी मुआवजा बांट दिया गया । इसमें से 23.46 करोड़ की वसूली आज तक नहीं हो पाई है। इस अनियमितता के लिए दोषियों पर क्या कार्रवाई की गई और जिन्होंने अधिक मुआवजा लिया उनसे वसूली की वर्तमान स्थिति क्या है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में स्वीकार किया कि कम जमीन को अधिक बताकर मुआवजा बांटा गया था, जांच के बाद दोषी अफसरों को निलंबित किया गया है। जिसने अधिक मुआवजा लिया है उनसे वसूली की प्रक्रिया जारी है इसमें से कुछ लोगों ने हाईकोर्ट से स्थगन ले लिया है। विभागीय मंत्री ने सदन को आश्वस्त कराया कि अधिक मुआवजा लेने वालों से पूरी वसूली की जाएगी।



