बीजापुर। CG Breaking : राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति, तथा शांति, संवाद एवं विकास पर आधारित सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप आज 12 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। जिसमें धारित हथियार सहित रूपये 54 लाख के 08 महिला कैडर और 04 पुरुष कैडर शामिल हैं, जिन्होंने सशस्त्र और हिंसक विचारधारा से स्वयं को अलग कर शांति और प्रगति के मार्ग को अपनाया है ।
इन 12 कैडरों में डीव्हीसीएम -01, सदस्य बटालियन नम्बर 01,कंपनी नम्बर 02 – 02, पीपीसीएम-01, एसीएम -02, पार्टी सदस्य- 02, पीएलजीए सदस्य-04 शामिल हैं, जिन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया है ।
05 फरवरी 2026 को सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से साउथ सब जोनल ब्यूरो के धारित हथियार समेत कुल 54.00 लाख रूपये के ईनामी 03 आटोमैटिक हथियार एवं कारतूस के साथ कुल 12 माओवादी कैडर्स पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, सुंदरराज पी, उप पुलिस महानिरीक्षक केरिपु ऑप्स बीजापुर सेक्टर बी0एस0नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ0 जितेन्द्र कुमार यादव, अति0 पुलिस अधीक्षक ऑप्स अमन कुमार झा, अति0 पुलिस अधीक्षक बीजापुर युलैण्डन यार्क, उप पुलिस अधीक्षक ऑप्स सुदीप सरकार, उप पुलिस अधीक्षक, रोशन आहुजा एवं उप पुलिस अधीक्षक विशाल गर्ग के समक्ष निम्नलिखित माओवादी समाज की मुख्यधारा से जुड़े :-
01. सोमडू मड़कम पिता स्वा. हिड़मा मड़कम उम्र 42 वर्ष जाति मुरिया साकिन यमपुर सेण्ड्राबोरपारा थाना पामेड़ जिला बीजापुर छ0ग0 पद – दरभा डीविजन डीव्हीसीएम(कटेकल्याण एरिया कमेटी इंचार्ज), घोषित ईनाम राशि 08.00 लाख रूपये , एके-47 हथियार एवं 01 मैग्जीन के साथ पुनर्वास
02. हुंगी कुंजाम उर्फ सोनी पिता मंगू कुंजाम उम्र 19 वर्ष जाति मुरिया साकिन बडेसुंकनपल्ली स्कूलपारा थाना बासागुडा जिला बीजापुर छ0ग0, पद – बटालियन न0 01 पार्टी सदस्या, घोषित ईनाम राशि 08.00 लाख रूपये ।
03. पायकी कुंजाम पिता रमेश कुंजाम उम्र 22 वर्ष जाति मुरिया साकिन टेकमेटा ओड़सापारा थाना उसूर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – कंपनी न0 02 पार्टी सदस्य, घोषित ईनाम राशि 08.00 लाख रूपये ।
04. आयती मड़कम ऊर्फ पुन्नी पति सुरेश मड़कम उम्र 24 वर्ष जाति मुरिया साकिन पेद्दापाल पुरानापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – उत्तर सब जोनल ब्यूरो पीपीसीएम, घोषित ईनाम राशि 05.00 लाख रूपये ।
05. चमनलाल कुडियम ऊर्फ छोटू पिता बिच्चेम उम्र 20 वर्ष जाति मुरिया साकिन मुक्कावेली थाना फरसेगढ़ जिला बीजापुर छ0ग0, पद – पश्चिम बस्तर डीविजन सदस्य (एसीएम), घोषित ईनाम राशि 05.00 लाख रूपये, एसएलआर हथियार एवं 02 मैग्जीन के साथ पुनर्वास
06. पार्वती पुनेम ऊर्फ राघो पिता सुक्कू पुनेम उम्र 22 वर्ष जाति मुरिया साकिन हिरोली सरपंचपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – गंगालूर एरिया कमेटी सदस्या (एसीएम), घोषित ईनाम राशि 05.00 लाख रूपये ।
07. सन्ना माड़वी पिता बण्डी माड़वी उम्र 19 वर्ष जाति मुरिया साकिन पंगुड़ स्कूलपारा थाना मोदकपाल जिला बीजापुर छ0ग0, पद – पश्चिम बस्तर डीविजन, घोषित ईनाम राशि 02.00 लाख रूपये, एसएलआर हथियार एवं 02 मैग्जीन के साथ पुनर्वास
08. शांति कुडियम पिता विज्जा कुडियम उम्र 28 वर्ष जाति मुरिया साकिन एलीगेण्ड्रा थाना फरसेगढ जिला बीजापुर छ0ग0, पद – नेशनल पार्क एरिया कमेटी पार्टी सदस्या, घोषित ईनाम राशि 01.00 लाख रूपये ।
09. छोटी तेलम पिता बुधरू तेलम उम्र 18 वर्ष जाति मुरिया साकिन मदपाल स्कूलपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – भैरमगढ एरिया कमेटी पीएलजीए सदस्या, घोषित ईनाम 01.00 लाख रूपये ।
10. जिम्मो उईका ऊर्फ अंकिता पिता जोगा उईका उम्र 18 वर्ष जाति मुरिया साकिन बेलमनेण्ड्रा कड़तीपारा थाना बासागुड़ा जिला बीजापुर छ0ग0, पद – मद्देड़ एरिया कमेटी पीएलजीए सदस्या, घोषित ईनाम राशि 01.00 लाख रूपये ।
11. शमीला मड़कम पिता लक्खू मड़कम उम्र 18 वर्ष जाति मुरिया साकिन मदपाल मड़कमपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – भैरमगढ एरिया कमेटी पीएलजीए सदस्या, घोषित ईनाम राशि 01.00 लाख रूपये ।
12. हिड़मा माड़वी पिता हुंगा माड़वी उम्र 28 वर्ष जाति मुरिया साकिन कमलापुर थाना उसूर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – दरभा डीविजन पीएलजीए सदस्य, घोषित ईनाम राशि 01.00 लाख रूपये ।
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इसके अतिरिक्त पुनर्वासित माओवादियों के द्वारा जिलेटीन स्टीक- 250 नग, डेटोनेटर 400 नग, गन पावडर 01 प्लास्टिक ड्रम, कार्डेक्स वायर-01 बंडल स्वेच्छा से पुनर्वास के दौरान सुपुर्द किया गया ।
इन 12 कैडरों के समाज में पुनर्वास और पुनर्समावेशन के लिए आवश्यक विधिक प्रक्रिया जारी है ।
राज्य शासन द्वारा अपनाई गई व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से क्षेत्र में स्थायी शांति की सशक्त नींव स्थापित हुई है । पुलिस, विभिन्न सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों तथा क्षेत्र के जागरूक नागरिकों के सतत, सामूहिक एवं समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप हिंसा और भय की संस्कृति को क्रमशः संवाद, विश्वास एवं विकास की संस्कृति में परिवर्तित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है।
मुख्यधारा में लौटने वाले प्रमुख माओवादी कैडरों ने भारतीय संविधान में आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन जीने का संकल्प लिया है ।
पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रत्येक कैडर को प्रोत्साहन स्वरूप 50,000 रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई ।
सुरक्षा बलों की सक्रियता और टीमवर्क: आत्मसमर्पण की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में DRG, जिला बल, छसबल, STF, कोबरा- 201, 204, 210 तथा केरिपु- 85, 170, 196, 199, 218, 228 एवं 229 बटालियन एवं जिले में तैनात केरिपु बलों का विशेष योगदान रहा है । इन सभी बलों ने लगातार क्षेत्र में अपनी सक्रियता, विश्वास निर्माण और संवेदनशील व्यवहार से माओवादियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया है।
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने माओवादियों से अपील करते हुए कहा कि—
“माओवादी भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को त्यागकर निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटें। शासन की ‘पूना मारगेम’ नीति उनके भविष्य को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वावलंबी बनाने के लिए हर संभव सुविधा प्रदान कर रही है।”
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी. पट्टलिंगम ने कहा कि दिनांक 05/02/2026 को जिला बीजापुर क्षेत्र में ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान के अंतर्गत सक्रिय माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का मार्ग त्यागकर छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति को अपनाया जाना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि माओवादी संगठन अब तेजी से अपने अंत की ओर अग्रसर है।
सुदूर एवं दुर्गम अंचलों में स्थापित सुरक्षा कैम्प, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, लगातार सफल नक्सल विरोधी अभियानों तथा शासन की विकास योजनाओं की प्रभावी पहुँच के कारण माओवादी संगठन का आधार क्षेत्र लगातार सिमटता जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप आम नागरिकों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और सहभागिता मजबूत हुई है। पुलिस महानिरीक्षक ने शेष बचे माओवादी कैडरों से भावनात्मक एवं मानवीय अपील करते हुए कहा कि – हिंसा के मार्ग में केवल विनाश, पीड़ा और अंधकार है, जबकि ‘पूना मारगेम’ अभियान शांति, सम्मानजनक जीवन और सकारात्मक भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा— “हथियार छोड़िए, मुख्यधारा में लौटिए। आपके सुरक्षित भविष्य और नए जीवन निर्माण की जिम्मेदारी शासन और समाज दोनों की है।”




